भीम सिंह की जीवनी | Bhim Singh Biography in Hindi

Bhim Singh Biography in Hindi – इस लेख में हम आपको भीम सिंह की जीवनी, शिक्षा, परिवार, बच्चों और राजनीतिक करियर के बारे में बताएंगे.

भीम सिंह की जीवनी (Bhim Singh Biography in Hindi)

Bhim Singh Latest News –  डॉ. भीम सिंह बिहार भाजपा के अति पिछड़ा वर्ग से आने वाले नेता हैं और वर्तमान में, बिहार भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष है. सिंह बिहार के ऐसे नेता माने जाते है जिनके राजनीति का आधार ही जातिगत रहा है. उनकी आरम्भ से लेकर अब तक की सम्पूर्ण राजनीति जातिवाद के समीकरणों के आस-पास ही मड़राती रही है. वे बिहार में चंद्रवंशी के प्रमुख नेता है, जिनकी संख्या राज्य में बहुत अधिक है. अब यही कारण रहा है कि 2015 में ही पार्टी में शामिल होने के बाद भाजपा ने न केवल उन्हें पार्टी संघठन में इतना बड़ा पद दिया बल्कि उन्हें 2024 में बिहार से राज्यसभा के लिए भी चुना. पटना विश्वविद्यालय के एक सामान्य कर्मचारी से लेकर बिहार से राज्यसभा सांसद बनने तक की उनकी यह यात्रा बड़ी रोचक रही है. इस लेख में हम आपको भीम सिंह की जीवनी (Bhim Singh Biography in Hindi) के बारें में जानकारी देने वाले है.

भीम सिंह का जन्म और परिवार (Bhim Singh Birth & Family)

डॉ. भीम सिंह का जन्म 30 नवंबर 1962 को बिहार के गया जिले के बेदौली में हुआ था. उनके पिता का नाम स्वर्गीय बिश्वंभर सिंह और माता का नाम स्वर्गीय जसोमती देवी है.

उनकी पत्नी का नाम श्रीमती मालती सिंह है. चुनाव में दिए गए हलफनामें के अनुसार उनकी पत्नी गृहिणी हैं. उनके दो बेटियां हैं, डॉ. भीम सिंह धर्म से हिन्दू है जबकि जाति से वे कहार (अत्यंत पिछड़ा वर्ग) है. उनपर 0 आपराधिक मामलें दर्ज है.

भीम सिंह की शिक्षा (Bhim Singh Education)

डॉ. भीम सिंह ने पटना विश्वविद्यालय, पटना, बिहार से बीएससी (मैकेनिकल इंजीनियरिंग), सुरक्षा प्रबंधन में डिप्लोमा, एलएलबी, एमए (श्रम और समाज कल्याण), एमए (समाजशास्त्र) किया. फिर वर्ष 2002 में ‘श्रम और समाज कल्याण’ बिषय पर डॉक्टरेट (पीएच.डी.) किया.

भीम सिंह का का शुरुआती जीवन (Bhim Singh Early Life)

राजनीति में आने से पहले डॉ. भीम सिंह शिक्षा के शीर्ष स्थल कहे जाने वाले ‘पटना विश्वविद्यालय’ में एक सामान्य कर्मचारी हुआ करते थे. चूँकि विश्वविद्यालय शिक्षा और छात्र राजनीति का गढ़ भी होता है, तो यही से उन्होंने छात्र राजनीति में प्रवेश किया. नीतीश कुमार, रामविलास पासवान, लालू प्रसाद यादव जैसे नेताओ से निकटता हुई और फिर इसी के बाद नौकरी छोड़ उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रख दिया.

भीम सिंह का राजनीतिक करियर (Bhim Singh Political Career)

बिहार में जाति की राजनीति का एक अपना पुराना इतिहास रहा है, नेताओ के लिए अपना राजनीतिक करियर बनाने का यह एक अचूक हथियार भी माना जाता रहा है. राज्य में कई बड़े नेता, दशकों से इसी पद्धति को अपनाकर राज्य और केंद्र में बड़े-बड़े पद पा चुके है, पद के साथ साथ राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर नाम हासिल कर चुके है. लालू प्रसाद यादव, रामविलास पासवान, नीतीश कुमार, जीतनराम मांझी इन्ही के उदाहरण है. ऐसे ही एक नेता है, जिनका नाम है भीम सिंह. भीम सिंह बिहार के कहार जाति से आते है, जो राज्य में अत्यंत पिछड़े वर्ग वाली श्रेणी में आती है. भीम सिंह राज्य में चंद्रवंशी समाज के बड़े नेता माने जाते है. यद्यपि उन्होंने आज तक जनता के बीच जाकर कभी भी प्रत्यक्ष चुनाव का सामना नहीं किया, बावजूद इसके अपनी जाति संख्या के बल पर हर पार्टी संघठन में बड़े पद पाते रहे है.

भीम सिंह के राजनीतिक करियर की शुरुआत पटना विश्वविद्यालय में छात्र और कर्मचारी नेता रहते हुई थी. उन्ही दिनों वे बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पुरी ठाकुर के सम्पर्क में आये और उनके साथ उनके अच्छे तालमेल बन गए. राजनीति में आने के बाद उन्हें राज्य के तब के कई बड़े नेताओ से निकटता होती चली गई, जिनमें लालू प्रसाद यादव, राम विलास पासवान और नीतीश कुमार का नाम प्रमुख है. उन्होंने जनता दल के गठन में महासचिव की भूमिका निभाई. भीम सिंह नीतीश कुमार के साथ समता पार्टी के गठन में भी सह-संस्थापक रह चुके है. हालांकि बाद में उन्होंने लालू यादव से अधिक निकटता के कारण राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ज्वाइन कर ली. जबकि इसका असल कारण तब के दौर में लालू यादव का राज्य में चमकता सितारा के रूप में उभरना माना जाता है. लालू यादव बिहार में छोटी जातियों की राजनीति करके ही अपनी कुर्सी पायी थी. कहते है, जहाँ सत्ता है, ताकत है लोग उसी को सलाम करता है, भीम सिंह भी अपनी राजनीतिक करियर चमकाने के लिए लालू यादव के साथ जुड़ गए. बदले में आरजेडी ने उन्हें पार्टी संघठन में बड़ा पद दिया. उन्हें राजद का राज्य महासचिव बना दिया गया.

2005 के बाद से बिहार में लालू यादव का राजनीतिक पतन शुरू हो गया था. लोग जंगल राज से त्रस्त थे. राज्य की हर ओर बदनामी हो रही थी, परिणाम यह हुआ कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में जनता दल (यूनाइटेड) बिहार में एक मजबूत विकल्प के रूप में उभरा और सत्ता हासिल करने में सफल भी रहा. राजद की सत्ता गई, प्रभाव गया तो फिर कई नेता भी पार्टी छोड़ गए. उनमें एक नाम भीम सिंह का भी था. 2009 में राजद को अलविदा कहके वे जेडीयू में शामिल हो गए.

भीम सिंह 2006 से लगातार 2024 तक तीन कार्यकाल के लिए बिहार विधान परिषद के सदस्य रहे है. वे बिहार में मंत्री भी रह चुके है. उन्होंने 2012 से 2015 में अपने इस्तीफे तक नीतीश कुमार और जीतन राम मांझी के मंत्रिमंडलों के तहत कैबिनेट मंत्री के रूप में कार्य किया. बाद में, वर्ष 2015 में वे भाजपा में शामिल हो गए. भाजपा ने उन्हें 2024 में बिहार से राज्यसभा के लिए टिकट दिया और वे जीतकर पहली बार देश की ऊपर सदन में पहुंचे. वर्तमान में, वे राज्यसभा सांसद होने के साथ ही बिहार भाजपा के उपाध्यक्ष भी है.

भीम सिंह की संपत्ति (Bhim Singh Property)

2024 में राज्यसभा चुनाव में दाखिल किये गए घोषणापत्र के अनुसार भीम सिंह की कुल संपत्ति 3.37 करोड़ रूपये हैं, जबकि उनपर कोई कर्ज नहीं हैं.

इस लेख में हमने आपको भीम सिंह की जीवनी (Bhim Singh Biography in Hindi) के बारे में जानकारी दी है. अगर आपका कोई सुझाव है तो हमें कमेंट करके जरूर बताएं.