स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद से मिल रही धमकियां, सुरक्षा नहीं देने पर पुलिस पर भी उठाये सवाल, कहा- अब और संघर्ष नहीं कर सकते !
शामली। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद (Swami Avimukteshwarand Saraswati) पर यौन शोषण का मुकदमा दर्ज करवाने वाले आशुतोष महाराज ने शामली में गंभीर आरोप लगाये हैं. उन्होंने कहा कि डिप्टी सीएम और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद मुझे मरवाना चाहते हैं. यूपी के शामली पहुंचे आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज (Ashutosh Brahmachari) ने मीडिया के सामने फूट-फूटकर रोते हुए अपनी जान को खतरा बताते हुए गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि उन्हें और उनके बटुकों को उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से जान का खतरा है. हालांकि, उन्होंने दोनों डिप्टी सीएम में से किसी का नाम नहीं लिया.
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आशुतोष ब्रह्मचारी ने सुरक्षा मुहैया नहीं कराने को लेकर पुलिस पर भी सवाल उठाये. उन्होंने कहा कि वे कई दिनों से छिप-छिप कर घूम रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को हाईकोर्ट से मिली राहत के बाद उनके समर्थक जश्न मना रहे हैं और उन्हें धमकियां दी जा रही है. आशुतोष महाराज ने कहा कि उन्होंने पॉक्सो एक्ट के तहत केवल सूचना देने का अपना कर्तव्य निभाया है, आगे की कार्रवाई पुलिस और न्यायालय को करनी चाहिए. लेकिन इसके बावजूद उनके ऊपर ही दबाव बनाया जा रहा है. उन्होंने बताया कि हाल ही में उनकी गाड़ी पर हमला हुआ, बच्चों को उठाने का प्रयास किया गया और सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ फर्जी सूची भी जारी की गई. उन्होंने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए. उनका कहना है कि घटना के बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की.
आशुतोष ब्रह्मचारी ने कहा कि अब वे और संघर्ष नहीं कर सकते. उन्होंने कहा कि जब वे हाईकोर्ट जाते हैं तो वहां विरोधी पक्ष के वकीलों और समर्थकों की भीड़ उन्हें डराने की कोशिश करती है. इसी कारण उन्होंने अब संघर्ष से पीछे हटने का निर्णय लिया है. उन्होंने कहा कि वे माता रानी शाकुंभरी देवी मंदिर के सामने हाथ जोड़कर न्याय की गुहार लगा रहे हैं. उन्होंने भावुक होकर कहा- इतने बड़े लोगों से नहीं लड़ सकते. उनके पास पैसा, वकील और नेता सब हैं. हमें बस इतना चाहिए कि हमें और हमारे बच्चों को नुकसान न पहुंचाया जाए. आशुतोष महाराज ने प्रशासन से सुरक्षा देने और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है.










