सदन में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बयान के बाद पार्टी सांसद शशि थरूर ने एआई समिट को लेकर जाहिर की अपनी प्रतिक्रिया, कहा – छोटी मोटी बातें होती रहती हैं..
एक तरफ दिल्ली में चल रहे AI समिट में गलगोटिया यूनिवर्सिटी विवाद के चलते कांग्रेस इस इवेंट के जरिए मोदी सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है. दूसरी तरफ कांग्रेस सांसद शशि थरूर एक बार फिर पार्टी की पटरी से अलग हटते नजर आ रहे हैं. उन्होंने न केवल AI समिट की तारीफ की, बल्कि गलगोटिया यूनिवर्सिटी विवाद को ‘सामान्य घटना’ कहते हुए मामले को तूल न देने की बात मीडिया के सामने कही. थरूर का यह बयान तब सामने आया है, जब राहुल गांधी ने AI समिट को तमाशा वाला इवेंट कहकर संबोधित किया था. पीएम नरेंद्र मोदी ने 16 फरवरी को नई दिल्ली के भारत मंडपम में दुनिया के सबसे बड़े टेक्नोलॉजी इवेंट में से एक ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ का उद्घाटन किया था.
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ऐसा पहली बार नहीं है जब पार्टी सांसद शशि थरूर ने कांग्रेस की सोच और विचारधारा के विपरीत जाकर मोदी सरकार की तारीफ में कसीदे कसे हों. दिल्ली में केरल के महान समाज सुधारक संत श्री नारायण गुरु पर लिखी अपनी किताब की लॉन्चिंग पर पहुंचे थरूर ने समिट की तारीफ करते हुए कहा, ‘जो बात प्रभावशाली रही वह राष्ट्रपतियों, प्रधानमंत्रियों और दुनिया के नेताओं की मौजूदगी थी. वे सभी AI डेवलपमेंट में नई इंटीग्रेटेड दुनिया देखने की इच्छा के एक मजबूत संदेश के साथ आए थे.’
थरूर ने ये भी कहा कि समिट में पहले कुछ दिन बहुत अच्छे रहे, कुछ गड़बड़ियां हुई हैं, लेकिन बड़े इवेंट्स में ऐसी चीजें होती रहती हैं.
क्या है गलगोटिया यूनिवर्सिटी विवाद
दिल्ली में जारी AI समिट के दौरान गलगोटिया यूनिवर्सिटी की स्टाफ ने चीनी रोबोट और कोरियन ड्रोन को अपना प्रोजेक्ट बताकर पेश किया था. इसका वीडियो वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हो गया था. विवाद बढ़ने के बाद गलगोटिया यूनिवर्सिटी को इंडिया AI इम्पैक्ट समिट एक्सपो से बाहर निकाल दिया गया था. आयोजकों ने पहले यूनिवर्सिटी के पवेलियन की बिजली काटी, फिर ताला लगाकर बेरीकेडिंग कर दी. इस पूरे मामले पर कांग्रेस ने कहा कि कांग्रेस ने इस मामले पर कहा कि मोदी सरकार ने AI के मामले में दुनिया भर में भारत का मजाक बनवाया है. AI समिट में चीन के रोबोट्स को हमारा बताकर दिखाया जा रहा है. चीनी मीडिया ने हमारा मजाक उड़ाया है. यह भारत के लिए वाकई शर्मिंदगी की बात है. सरकार ने देश की इमेज खराब की है.
थरूर की प्रतिक्रिया पर विवाद संभव
एआई समिट पर विधानसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि भारत के टैलेंट और डेटा का सही इस्तेमाल करने के बजाय, यह AI समिट एक ‘डिसऑर्गनाइज्ड पीआर स्पेक्टेकल’ बनकर रह गया है. एक ऐसा इवेंट जिसे बड़ी इमेज बनाने (PR) के लिए बहुत बढ़ा-चढ़ाकर आयोजित किया गया हो, लेकिन खराब मैनेजमेंट की वजह से वह तमाशा बन जाए. इस प्रतिक्रिया के बाद पार्टी सांसद शशि थरूर का पीएम मोदी और एआई समिट के बचाव में बयान देना विवाद को तूल जैसा लग रहा है. हालांकि अभी तक किसी की खुलकर प्रतिक्रिया सामने नहीं आयी है लेकिन इस मामले पर विवाद का बढ़ने संभव है.










