Gajendra Singh Shekhawat Hit Back at Ashok Gehlot. हाल ही में बीते रविवार को अपने जोधपुर दौरे के दौरान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जोधपुर सांसद और मोदी सरकार में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत पर बड़ा हमला बोलते हुए उन्हें संजीवनी क्रेडिट सोसाइटी घोटाले का अभियुक्त बताते हुए केंद्र सरकार द्वारा दी गई Z सुरक्षा देने पर सवाल उठाया था. इस पर सोमवार शाम प्रदेश भाजपा कार्यालय पर एक प्रेसवार्ता के दौरान गजेंद्र सिंह शेखावत ने सीएम अशोक गहलोत के आरोपों पर जवाबी हमला बोला. सांसद शेखावत ने कहा अगर आप जीत नहीं पाए तो उस पर लांछन लगाने में जुट गए. सीएम गहलोत मेरी राजनीतिक हत्या करने के प्रयास के तहत मेरा चरित्र हनन कर रहे हैं. गजेंद्र सिंह ने कहा कि संजीवनी मामले में एसओजी ने 3-3 चार्जशीट पेश कर दी, मेरा या मेरे परिवार का कहीं नाम तक नहीं है, फिर भी मुख्यमंत्री ने मुझे अभियुक्त कहा.
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आपको बता दें अपने गृहक्षेत्र जोधपुर के तीन दिवसीय दौरे के दूसरे दिन रविवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत पर जमकर बोला हमला था. सीएम गहलोत ने संजीवनी क्रेडिट को ऑपरेटिव सोसाइटी के पीड़ितों से की मुलाकात के बाद हाल ही में गजेंद्र सिंह को मिली जेड सुरक्षा पर सवाल उठाते हुए कहा कि, संजीवनी क्रेडिट को ऑपरेटिव सोसाइटी ने करोड़ों रुपए की हेराफेरी की है. इससे पीड़ित लोग इस मामले में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की संलिप्तता का आरोप लगा रहे हैं. मैंने भी सदन में शेखावत को इसका अभियुक्त बताया था, लेकिन ये क्या उसके बाद उन्होंने केंद्र सरकार से Z सिक्योरिटी ले ली, आखिर ऐसी क्या परिस्थिति रही कि उन्हे जेड सिक्योरिटी दी गई. यदि उन्हें किसी से खतरा था तो इस संबंध में पहले वो हमें बताते, हम सुरक्षा मुहैया कराते उन्हें. सीएम गहलोत ने कहा कि ऐसा लगता है इस मामले में एसओजी की गिरफ्तारी के डर से गजेन्द्र सिंह शेखावत को जेड सिक्योरिटी उपलब्ध कराई गई है.
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अब सीएम अशोक गहलोत के आरोपों पर पलटवार करते हुए गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि संजीवनी क्रेडिट सोसाइटी में अभियुक्त कौन है? इस मामले में मुख्य अभियुक्त को कांग्रेस बाड़मेर के पचपदरा से चुनाव लड़ाने की जुगत में थी. संजीवनी सोसाइटी के रजिस्ट्रेशन से लेकर उसे मल्टी स्टेट करा लाइसेंस तक कांग्रेस के राज में मिला. सीएम गहलोत ने मेरी राजनीतिक हत्या करने का प्रयास किया और सार्वजनिक रूप से चरित्र हनन का अभियान चलाया. शेखावत ने कहा कि चार साल में एसओजी की तीन चार्जशीट में कहीं मेरा या मेरे परिवार का नाम नहीं फिर भी मुझे अभियुक्त कहा गया.
जवाबी हमला जारी रखते हुए गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि क्या इन आरोपों को व्यक्तिगत दुश्मनी निकालने की कोशिश के रूप में देखा जाए? क्या इसे अपने बेटे की शर्मनाक हार की खीझ मिटाने के प्रयास के रूप में देखा जाए? क्या सीएम का यह बयान पुलिस को इशारा समझा जाए? सीएम ने केवल सार्वजनिक मंचों से कीचड़ उछालने का प्रयास किया है. एसओजी का दुरुपयोग करके गजेंद्र सिंह को फंसाने का प्रयास किया जा रहा है.
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वहीं एसओजी की गिरफ्तारी से बचने के लिए जेड सिक्योरिटी लेने के सीएम अशोक गहलोत के बयान पर गजेंद्र सिंह ने कहा कि सीएम गहलोत ने इस सिक्योरिटी को भी मुझ पर बोलने के लिए हथियार बनाया. मैंने केंद्र से सुरक्षा नहीं मांगी थी, बल्कि पंजाब का प्रभारी होने के नाते सुरक्षा के आकलन के बाद सिक्योरिटी बढ़ाई गई. सीएम कहते हैं की एसओजी की गिरफ्तारी से बचने के लिए मेरी सिक्योरिटी बढ़ाई गई. मैं तो प्रदेश के हर हिस्से में जाता हूं और मैं चुनौती देकर कहता हूं, अगर किसी भी स्तर पर मैं दोषी पाया जाता हूं तो एसओजी केवल मुझे बोल दे, मैं खुद सहर्ष एसओजी के पास पहुंच जाऊंगा.
एसओजी को वॉयस सैंपल नहीं देने के आरोपों पर गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि कांग्रेस की जब घर की लड़ाई हुई तो देश में पहली बार बिना जांच किसी केंद्रीय मंत्री के खिलाफ देशद्रोह की धाराओं में केस दर्ज किया गया. मुझे लुटेरा, भगौड़ा, और न जाने क्या क्या कहा गया और बाद में अचानक वह केस वापस ले लिया गया. शेखावत ने कहा कि वॉयस सैंपल के लिए मुझे आज तक पुलिस, एसओजी या एसीबी ने एक भी नोटिस नहीं दिया है.
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आगे करारा पलटवार करते हुए केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि जनता के आशीर्वाद की जलन इस कदर नहीं होनी चाहिए कि अगर आप जीत नहीं पाए तो उस पर लांछन लगाने में जुट जाएं. सैकड़ों बादल भी अगर आ जाएं तो सूरज को उगने से कोई नहीं रोक सकता. वहीं मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खिलाफ मानहानि का केस करने का सवाल पर शेखावत ने कहा कि उन्होंने इसके लिए मुझे बहुत मौके दिए हैं लेकिन मैं उनके स्तर पर नहीं जाना चाहता.