लापता चल रहे श्रीलंका के राष्ट्रपति राजपक्षे ने हालातों पर काबू पाने के लिए अधिकारियों को दिए ये निर्देश

president gotabaya rajpaksha revoked the state of emergency
10 Jul 2022
Politalks.News/InternationalPolitics/SriLanka. हमारा पड़ोसी देश श्रीलंका किस आपात स्थिति से गुजर रहा है, किसी से छुपा नहीं है. वहीं देश की गुस्साई जनता के डर से श्रीलंका के राष्ट्रपति अपने सरकारी आवास को छोड़कर कहीं अंडरग्राउंड हो गए हैं. इसी बीच लापता राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने कहां अपना डेरा जमाया हैं, अभी तक इस बात की तो कोई जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन उनका अधिकारियों को दिया गया एक निर्देश जरूर सामने आया है. शनिवार को राष्ट्रपति भवन पर प्रदर्शनकारियों के कब्जे के बाद रविवार को गोटबाया राजपक्षे ने अधिकारियों के देश में गैस की सप्लाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है. आपको बता दें कि आर्थिक संकट की मार झेल रहे श्रीलंका को 3700 मीट्रिंक टन एलपीजी मिल गई है जिसके बाद राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने रसोई गैस का सुचारू वितरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है. दरअसल, श्रीलंका में हाल के दिनों में लोग सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं ताकि सरकार को देश में गैस की गंभीर किल्लत के मुद्दे को हल करने के लिए मजबूर किया जा सके. जानकारी के मुताबिक श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने अधिकारियों को गैस की अनलोडिंग और उसकी सप्लाई का काम तेजी से करने का निर्देश दिया है क्योंकि रविवार को केरावलपिटिया में पहला जहाज गैस लेकर पहुंचा है. श्रीलंकाई मीडिया के अनुसार, 3,740 मीट्रिक टन गैस लेकर आने वाला दूसरा जहाज 11 जुलाई को पहुंचेगा और तीसरा 3,200 मीट्रिक टन गैस 15 जुलाई को आएगा. यह भी पढ़ें: ‘सुप्रीम’ सुनवाई से पहले आदित्य ठाकरे को छोड़कर शिवसेना के 53 विधायकों को मिला नोटिस, जानें क्यों वहीं दूसरी तरफ श्रीलंका में हजारों प्रदर्शनकारियों के एक बड़े तबके ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के प्रतिष्ठित भवनों पर कब्जा कर लिया है. यहां तक कि प्रदर्शनकारी वहीं डेरा डाले हुए हैं. हालांकि, रविवार को हिंसा की कोई सूचना नहीं मिली है. जबकि शनिवार को जब भीड़ ने राष्ट्रपति भवन पर धावा बोला तो राजपक्षे उससे पहले ही भवन को छोड़ चुके थे और तब से लेकर अभी तक यह जानकारी सामने नहीं आई है कि राष्ट्रपति कहां से बैठक अधिकारियों को निर्देश दे रहे हैं. आपको बता दें, मात्र दो करोड़ से अधिक की आबादी वाला अपना पड़ोसी देश श्रीलंका अभूतपूर्व आर्थिक उथल-पुथल की चपेच में है, जो कि सात दशकों में सबसे खराब स्थिति है. विदेशी मुद्रा भंडार में तेजी से कमी आने के बाद देश में ईंधन और अन्य वस्तुओं की सप्लाई बाधित हुई जिसने देश में नया संकट पैदा कर दिया है.