महारैली में जमकर बरसे राहुल- मैं हिन्दू हूं लेकिन हिन्दुत्ववादी नहीं हूं, हमें हिंदुओं का राज लाना है फिर से

राहुल गांधी के नए अवतार ने सभी को चौंकाया, राहुल ने हिंदु और हिंदुत्व की बताई परिभाषा
12 Dec 2021
Politalks.News/Rajasthan-Delhi. देश की आजादी के बाद दिल्ली के बाहर पहली बार जयपुर में हुई कांग्रेस की राष्ट्रव्यापी 'महंगाई हटाओ महारैली' (Mahangai Hatao MahaRally) में आज राहुल गांधी (Rahul gandhi) केंद्र की नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) सरकार और भाजपा (BJP) पर जमकर बरसे. राहुल का भाषण हिंदु, (Hindu) हिंदुत्व (Hindutva), आरएसएस और अंबानी-अडानी के आसपास घुमता रहा. राहुल ने कहा कि, 'मैं हिन्दू हूं लेकिन हिन्दुत्ववादी नहीं हूं. महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) हिंदू थे और नाथूराम गोडसे हिंदुत्ववादी थे और हमें फिर से हिंदुओं का राज लाना है'. राहुल गांधी ने मोदी सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर निशाना साधा. इससे पहले रैली में प्रियंका गांधी ने अपने संबोधन में राजस्थान की अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) सरकार की तारीफ की. वहीं मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जयपुर की आज की रैली से 2024 में भाजपा और NDA सरकार के पतन के शुरुआत होने की बात कही. इससे पहले सचिन पायलट (Sachin Pilot) ने मोदी सरकार पर जमकर हमला किया. पायलट ने कहा कि, 'काठ की हांडी दोबारा नहीं चढ़ती है'. इधर सियासी गलियारों में चर्चा है कि भीड़ जुटा कर सीएम गहलोत ने आलाकमान के सामने नंबर बढ़ा लिए, तो वहीं इस सफल रैली से सबसे ज्यादा गदगद पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा दिखे. वहीं रैली में पायलट के संबोधन के दौरान सबसे ज्यादा उत्साह देखने को मिला और जब-जब पायलट का नाम लिया गया रैली में जमकर नारेबाजी हुई. वहीं रैली में राहुल गांधी और सोनिया गांधी के आने के बाद CDS बिपिन रावत और किसान आंदोलन में शहीद हुए 700 किसानों की मौत पर 2 मिनिट का मौन रखकर श्रद्धांजलि भी दी गई. सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि, रैली के मंच पर रहने के बावजूद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का संबोधन नहीं हुआ. जो की चौंकाने वाला है. वहीं बिना किसी पद के सचिन पायलट को मुख्य मंच पर जगह दिया जाना भी चर्चाओं में हैं. यह भी पढ़ें- कांग्रेस की महारैली की तैयारियों के बीच चार जिलों में पंचायत चुनाव के लिए मतदान शुरू, वोटिंग होगी प्रभावित 'मैं हिन्दू हूं लेकिन हिन्दुत्ववादी नहीं हूं' कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को जयपुर में कांग्रेस की 'महंगाई हटाओ' महारैली में मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला. राहुल गांधी ने कहा कि, 'दो शब्दों का एक मतलब नहीं हो सकता, हर शब्द का अलग मतलब होता है. देश की राजनीति में आज दो शब्दों के मतलब अलग हैं. एक शब्द हिन्दू दूसरा शब्द हिन्दुत्ववादी. ये एक चीज नहीं है, ये दो अलग शब्द हैं और इनका मतलब बिल्कुल अलग है'. राहुल गांधी ने कहा कि, 'मैं हिन्दू हूं लेकिन हिन्दुत्ववादी नहीं हूं. महात्मा गांधी हिंदू थे और नाथूराम गोडसे हिंदुत्ववादी थे और हमें हिंदुओं का राज फिर से लाना है'. 'हिंदू का रास्ता सत्याग्रह होता है और हिंदुत्ववादी का रास्ता सत्ताग्रह होता है' राहुल गांधी ने कहा कि, 'महात्मा गांधी हिन्दू, गोडसे हिन्दुत्ववादी, फर्क क्या होता है. चाहे कुछ भी हो जाए, हिन्दू सत्य को ढूंढता है. मर जाए, कट जाए हिन्दू सच को ढूंढता है, उसका रास्ता सत्य रहा, पूरी जिन्दगी वो सच को ढूंढने में निकाल देता है, जबकि हिंदुत्ववादी पूरी जिंदगी सत्ता को ढूंढने और सत्ता पाने में निकाल देता है. वह सत्ता के लिए किसी को भी मार देगा. हिंदू का रास्ता सत्याग्रह होता है और हिंदुत्ववादी का रास्ता सत्ताग्रह होता है' . 'मोदी ने किसानों के पीठ पर छुरा मारा' राहुल ने कहा कि, 'आप सब हिन्दू हो, हिन्दुत्वादी नहीं. ये देश हिन्दुओं का देश है, हिन्दुत्ववादियों का नहीं. आज देश में दर्द है, महंगाई है तो ये काम आज हिन्दुत्ववादियों ने किया है. उन्हें किसी भी हालत में सत्ता चाहिए'. राहुल ने कहा कि, '700 किसान शहीद हुए, यहां हमने दो मिनट मौन रखा, संसद में मौन रखने नहीं दिया. हम खड़े हुए मौन नहीं किया, चन्नी जी से पूछिए, चार सौ किसानों को पंजाब की सरकार ने 5 लाख रुपए दिए. उनमें से 152 को रोजगार दिला दिया है, बाकी को देने जा रहे हैं. नरेंद्र मोदी ने पीछे से छुरा घोंपा है. आगे से नहीं पीछे से छुरा मारा. हिन्दुत्वादी हैं इसलिए पीछे से छुरा मारा. हिंदू आगे से मारता है, पीछे से नहीं मारता. यह भी पढ़ें- ‘महारैली’ पर बरसे भाजपाई दिग्गज, पूनियां ने राहुल गांधी से पूछे सवाल तो कटारिया-राठौड़ ने भी साधा निशाना 'पहले छुरा मारा, फिर माफी मांगी, फिर बोले कि मुआवजा नहीं दे सकता' राहुल गांधी ने कहा कि, 'पूरा देश चार-पांच उद्योगों के हाथ में है. हर संस्थान एक संगठन के हाथ में है. मंत्रियों के ऑफिस में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के ओएसडी हैं. देश को जनता नहीं चला रही है, तीन-चार पूंजीपति चला रहे हैं और हमारे प्रधानमंत्री उनके काम कर रहे हैं'. राहुल ने कहा कि, 'देश की सरकार कहती है कि कोई किसान शहीद ही नहीं हुए. मैंने पंजाब के लिए, हरियाणा से नाम लिए, पांच सौ लोगों की लिस्ट संसद में दी. उनसे कहा कि पंजाब की सरकार ने कंपनसेशन दिया है, आप भी दीजिए', मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए राहुल ने कहा कि, 'पहले छुरा मारा, फिर माफी मांगी, फिर बोले कि मुआवजा नहीं दे सकता, किसान शहीद ही नहीं हुए, ये हिंदुत्वादियों की सोच है'. 'अच्छे दिन किसके आए, हम दो-हमारे दो के आए हैं' राहुल गांधी ने बड़े उद्योगपतियों को रियायत देने को लेकर भी मोदी पर तंज कसा. राहुल ने कहा कि, ' अच्छे दिन किसके आए, हम दो-हमारे दो के आए हैं, मोदीजी 24 घंटे यानी सुबह उठते ही कहते हैं, आज अडानी को क्या देना है. ऐसे देश नहीं चलाया जाता है. देश गरीबों, किसानों, छोटे दुकानदारों का है, ये ही लोग इस देश को रोजगार दे सकते हैं. अडानी अंबानी की जगह है लेकिन वो रोजगार पैदा नहीं कर सकते. रोजगार छोटे बिजनेस वाले, किसान पैदा कर सकते हैं.' पीएम पर्यटन में व्यस्त है, उन्होंने दुनिया घूम ली, लेकिन दिल्ली में किसानों से बातचीत करने नहीं आए- प्रियंका महारैली में प्रियंका गांधी ने केंद्र सरकार, यूपी की योगी सरकार और भाजपा की रीति-नीति पर जमकर हमला बोला. प्रियंका ने कहा कि 'केंद्र सरकार जनता के लिए काम नहीं कर रही है, यह सिर्फ गिने, चुने उद्योगपतियों के लिए काम कर रही है. केंद्र की सरकार झूठ, लालच और लूट वाली सरकार है. गोवा में एक उद्योगपति के कोयल को इधर से उधर ले जाने के लिए लोगों की मर्जी के खिलाफ सड़क बना रहे हैं'. प्रियंका ने कहा कि, 'पीएम मोदी पर्यटन में व्यस्त है, उन्होंने दुनिया घूम ली, लेकिन दिल्ली में किसानों से बातचीत करने नहीं जा पाए. भाजपा कहती है कि 70 साल में कुछ नहीं हुआ. मैं चुनौती देती हूं कि एक कोई संस्थान ऐसा बता दे, जो शिक्षा के लिए भाजपा ने इन सात सालों में बनाया है'. प्रियंका गांधी ने कोरोना काल में अच्छे काम के लिए गहलोत सरकार की जमकर तारीफ की. यह भी पढ़ें- पहले बेटियां घर से निकलने में सोचती थीं 100 बार, अब अपराधी सोचते हैं- यूपी में बरसे पीएम मोदी महारैली NDA और भाजपा के पतन की शुरुआत- गहलोत मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया. सीएम गहलोत ने जयपुर में राष्ट्रीय रैली करने के लिए प्रदेशवासियों की ओर से सोनिया जी और राहुल जी को धन्यवाद दिया. सीएम गहलोत ने कहा कि, ' ये रैली NDA के पतन की शुरुआत होगी, ये लाखों लोग देश की भावना को प्रदर्शित कर रहे हैं. महंगाई की मार सबसे ज्यादा गरीबों पर पड़ती है. पूरे देश में आज जनता त्रस्त है. मोदी सरकार का 7 साल का कुशासन आपके सामने है. इन्होने वादे बड़े किए, अब गुमराह कर रहे हैं. मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों से देशवासी दुखी हैं'. वहीं राहुल गांधी तारीफ करते हुए सीएम गहलोत ने कहा कि, 'राहुल गांधी मोदी सरकार के कुशासन का मुकाबला कर रहे हैं. किसान आंदोलन, GST, भूमि अधिग्रहण सहित कई मुद्दों पर राहुल देश की आवाज बने हैं. आज राहुल गांधी विपक्ष की आवाज बने हैं'. सीएम गहलोत ने कहा कि,'किसान आंदोलन ऐतिहासिक रहा, पीएम को माफी मांगनी पड़ी'. सीएम गहलोत ने कहा कि, 'केन्द्र सरकार राज्यों के साथ खतरनाक नीति अपना रही है. राज्य सरकारें वित्तीय संकट में है, लेकिन मोदी सरकार को इसकी चिंता नहीं है'. सीएम ने कहा कि, 'कोरोना के संकटकाल में राजस्थान मॉडल का देश दुनिया ने लोहा माना है. लेकिन नरेंद्र मोदी पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं, जो मुख्यमंत्री के पत्र का जवाब नहीं देते हैं. यह सरकार घमंड से चल रही है. केन्द्र सरकार की नीति और नीयत में खोट- पायलट महारैली में पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट भी जमकर बरसे. पायलट ने कहा कि, 'केन्द्र सरकार की नीति- नीयत खराब है. मोदी सरकार ने जैसे कृषि कानून वापस लिए अब महंगाई भी कम करनी पड़ेगी'. पायलट ने देश और प्रदेश से आए कार्यकर्ताओं को धन्यवाद दिया और कहा कि, 'जयपुर के संकल्प की गूंज पूरे देश में सुनाई देने वाली है. केन्द्र सरकार की नीति और नीयत दोनों खराब हैं. खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतें आम आदमी की कमर तोड़ रही है और मोदी सरकार घमंड में चल रही है. आप देश की गद्दी पर हमेशा नहीं बैठोगे, रैली को देख केन्द्र सरकार को सिर झुकाना ही पड़ेगा, जैसे किसानों के सामने सिर झुकाया है'. यह भी पढ़े: ‘चौधराहट’ बचाने के लिए सपा के साथ उतरे जयंत क्या फिर जीत पाएंगे जाट-मुस्लिम-गुर्जरों का विश्वास? सचिन पायलट ने भाजपा पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए तंज कसा कि, 'काठ की हांडी बार-बार नहीं चढ़ती, इनकी नाक के नीचे किसानों को कुचला गया, हम सरकार को मजबूर करेंगे कि देश में महंगाई कम करे'. पायलट के संबोधन के दौरान रैली में कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह दिखा. कार्यकर्ताओ ने जमकर 'पायलट ज़िंदाबाद, अगला सीएम कैसा हो सचिन पायलट जैसा हो' नारे लगाए.