PoliTalks News
बड़ी खबर

भागवत जी हैं कौन? वो प्रधानमंत्री, गृहमंत्री या जज हैं क्या?- अखंड भारत वाले बयान पर विपक्ष का हमला

15 अप्रैल 2022
साझा करें:
भागवत जी हैं कौन? वो प्रधानमंत्री, गृहमंत्री या जज हैं क्या?- अखंड भारत वाले बयान पर विपक्ष का हमला

Politalks.News/AkhandBharat. RSS प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर देश भर में सियासत गरमा गई है. मोहन भागवत ने बुधवार को उत्तराखंड में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अखंड भारत के निर्माण की बात कही थी. मोहन भागवत के इस बयान को लेकर सभी विपक्षी दलों ने अब बीजेपी और RSS के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. शिवसेना नेता एवं राज्यसभा सांसद संजय राउत ने मोहन भागवत के इस बयान पर निशाना साधा. संजय राउत ने कहा कि, ‘अखंड हिंदुस्तान का सपना कौन नहीं देखता है. आपको अखंड भारत बनाने से किसी ने नहीं रोका. बनाओ अखंड भारत पूर्व में भारत से अलग हुई सभी सीमाओं को जोड़ो और अखंड भारत … Read more

Politalks.News/AkhandBharat. RSS प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर देश भर में सियासत गरमा गई है. मोहन भागवत ने बुधवार को उत्तराखंड में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अखंड भारत के निर्माण की बात कही थी. मोहन भागवत के इस बयान को लेकर सभी विपक्षी दलों ने अब बीजेपी और RSS के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. शिवसेना नेता एवं राज्यसभा सांसद संजय राउत ने मोहन भागवत के इस बयान पर निशाना साधा. संजय राउत ने कहा कि, ‘अखंड हिंदुस्तान का सपना कौन नहीं देखता है. आपको अखंड भारत बनाने से किसी ने नहीं रोका. बनाओ अखंड भारत पूर्व में भारत से अलग हुई सभी सीमाओं को जोड़ो और अखंड भारत बनाओ. लेकिन उससे पहले कश्मीरी पंडितों की घर वापसी करवा दो.’ वहीं AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी भागवत के बयान पर पलटवार किया.

दरअसल बुधवार को उत्तराखंड के कनखल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मोहन भागवत ने कहा था कि, ज्योतिषियों का मानना है कि अगले 20 से 25 सालों में भारत फिर से अखंड भारत बनेगा. अगर हम सब मिलकर इस कार्य की गति को आगे बढ़ाएं तो 10 से 15 सालों में ही भारत अखंड भारत बन जाएगा. ‘सनातन धर्म’ और ‘भारत’ दोनों एक समान शब्द हैं, लेकिन जब राज्य बदलता है तो राजा भी बदल जाता है. आज भारत लगातार प्रगति पथ पर आगे बढ़ रहा है और अगर इसके रस्ते में कोई भी आएगा तो वो मिट जाएगा. सनातन धर्म ही हिंदू राष्ट्र है. आने वाले 15 सालों में भारत फिर से अखंड भारत बनेगा. हम अहिंसा की ही बात करेंगे, पर यह बात हाथों में डंडा लेकर कहेंगे. हमारे मन में कोई द्वेष, शत्रुता भाव नहीं है, लेकिन दुनिया शक्ति को ही मानती है तो हम क्या करें.’

यह भी पढ़े: हिंदुत्व की बात करते हो और ध्रुवीकरण करके जितवाते हो चुनाव- भागवत के बयान पर गहलोत का पलटवार

अब मोहन भागवत के इसी बयान पर पलटवार करते हुए शिवसेना नेता एवं राज्यसभा सांसद ने कहा कि, ‘आप अखंड भारत बना लीजिए लेकिन 15 साल का नहीं 15 दिन का वादा कीजिए और अखंड हिंदुस्तान बनाइए. अरे भाई अखंड हिंदुस्तान का सपना कौन नहीं देखता है. वीर सावरकर, बाला साहेब ठाकरे का दोनों का ये सपना था तो अब आप सबसे पहले आप वीर सावरकर को भारत रत्न दीजिए.’ संजय राउत ने कहा कि, ‘कोई अखंड हिंदुस्तान की बात करता है तो उन्हें सबसे पहले PoK और भारत से जोड़ना पड़ेगा फिर जो पाकिस्तान का विभाजन हुआ था उसे भी भारत से जोड़ना पड़ेगा.’

संजय राउत ने आगे कहा कि, ‘पहले जहां भी भारत की सीमाएं हुआ करती थी उसे भी जोड़िए. श्रीलंका को भी जोड़िए और फिर एक महासत्ता बना लीजिए. आपको किसी ने नहीं रोका, लेकिन उससे पहले कश्मीरी पंडितों की घर वापसी करवा दीजिए और अगर आप ये कर लेते हैं तो हम आपका समर्थन जरूर करेंगे.’ वहीं AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि, ‘मैं मोहन भागवत साहब को बोलना चाहूंगा कि अखंड भारत की बातें मत बोले सबसे पहले भारत के उस इलाक़े पर चीन ने कब्जा कर लिया है, जहां भारतीय सेना पेट्रोलिंग भी नहीं कर पाती है. आप केवल उसकी बातें करो.’

यह भी पढ़े: जिंदगी में अंबेडकर को नहीं माना, आज जयंती मना रहे हैं, बुलडोजर चलाने का किसने दिया अधिकार- गहलोत

वहीं कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत एक न्यूज़ चैनल से बात करते हुए कहा कि, ‘भागवत जी कौन हैं? क्या वो प्रधानमंत्री, गृहमंत्री या जज हैं?, भागवत जी अखंड भारत की बात कर रहे हैं, हिंदू राष्ट्र की बात कर रहे हैं. मैं उनसे पूछना चाहती हूँ कि चीन हमारे घर में घुस कर बैठा है. मोदी जी तो उनका नाम नहीं लेते. आप लेंगे क्या उनका नाम? क्या करेंगे चीन को बाहर निकालने के लिए.’ वहीं मोहन भागवत के इस बयान की ट्विटर पर भी कड़ी निंदा हो रही है. एक ट्विटर यूजर ने लिखा कि, ‘यदि हम सब मिलकर इस कार्य की गति बढ़ा दें तो 10-15 वर्षों में अखण्ड भारत का निर्माण होगा- मोहन भागवत.  लेकिन दोस्तों, अगर हम सब इस काम की गति बढ़ा दें, तो हम अगले कुछ वर्षों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को तिगुना सेंचुरी मारने से रोक सकते हैं. तुम्हे पता है कैसै.’

संबंधित समाचार

महत्वपूर्ण खबरें

PoliTalks News - Authoritative News Portal