बिश्नोई की औकात ही क्या है, उन्हें पटखनी देने के लिए कांग्रेस का छोटा सा कार्यकर्ता ही काफी है- उदयभान

कुलदीप बिश्नोई अपनी पत्नी रेणुका के साथ बीजेपी में हुए शामिल, भूपेंद्र हूडा को बिश्नोई की तरफ से मिली चुनौती पर उदयभान ने किया पलटवार- बिश्नोई की क्या औकात कि कांग्रेस के किसी विधायक को तोड़ ले, राजनीतिक स्वार्थ, अपरिपक्तवता, आयकर-ईडी की कार्रवाई और दलित विरोधी मानसिकता के चलते कांग्रेस छोड़ने का फैसला लिया कुलदीप ने

'बिश्नोई के लिए पाला बदलना नहीं है कोई नई बात'
'बिश्नोई के लिए पाला बदलना नहीं है कोई नई बात'

Politalks.News/HaryanaPolitics. कांग्रेस आलाकमान से लंबे समय से नाराज चल रहे कुलदीप बिश्नोई आखिरकार बीजेपी में शामिल हो ही गए. हरियाणा के दिग्गज नेताओं में शुमार कुलदीप बिश्नोई ने आज प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की मौजदगी में अपनी पत्नी रेणुका बिश्नोई के साथ बीजेपी की सदस्य्ता ग्रहण की. इस दौरान कुलदीप बिश्नोई ने कहा कि, ‘हरियाणा में बीजेपी को आगे बढ़ाने के लिए पूरी मेहनत करेंगे.’ इससे पहले बुधवार को कुलदीप बिश्नोई ने कांग्रेस विधायक पद से इस्तीफा देते हुए कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हूडा को चुनौती देते हुए कहा था कि, ‘हुड्डा साहब मेरे या मेरे बेटे के खिलाफ आदमपुर से चुनाव लड़ें… यह मेरी चुनौती है.’ बिश्नोई के इस बयान पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष उदयभान की प्रतिक्रिया सामने आई है. उदयभान ने कहा कि, ‘कुलदीप बिश्नोई की औकात ही क्या है, उन्हें हराने के लिए हमारा छोटा कार्यकर्ता ही काफी है.’

आपको बता दें कि हाल ही में हुए 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली करारी हार के बाद पार्टी ने कई राज्यों के प्रदेश अध्यक्षों की छुट्टी की थी. इसी कड़ी में हरियाणा में भी कांग्रेस आलाकमान ने कुमारी सैलजा से प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी लेकर पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हूडा के खेमे के माने जाने वाले उदयभान को दे दी थी. हालांकि पूर्व कांग्रेस नेता कुलदीप बिश्नोई इसके प्रबल दावेदार माने जा रहे थे, लेकिन पार्टी का फैसला उदयभान के पक्ष में गया. प्रदेश अध्यक्ष की कमान ना सोंपें जाने के कारण कुलदीप बिश्नोई काफी समय से पार्टी आलाकमान से नाराज रहे. बिश्नोई की नाराजगी इस कदर बढ़ गई कि उन्होंने राज्यसभा चुनाव में पार्टी व्हिप से अलग हटकर बीजेपी प्रत्याशी के समर्थन में वोट किया. जिसके बाद आलाकमान ने उन्हें पार्टी के सभी पदों से निष्काषित कर दिया. ऐसे में कल अपनी विधायकी से इस्तीफा देने के बाद आज कुलदीप बिश्नोई बीजेपी में शामिल हो गए.

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कुलदीप बिश्नोई ने मंगलवार को ही घोषणा कर दी थी कि, वे बुधवार को विधायक पद से इस्तीफा दे देंगे और गुरूवार को बीजेपी में शामिल हो जाएंगे. यही नहीं कुलदीप बिश्नोई ने विधायक पद से इस्तीफा देने के बाद भूपेंद्र सिंह हूडा को खुली चुनौती देते हुए कहा था कि, ‘हुड्डा साहब मेरे या मेरे बेटे के खिलाफ आदमपुर से चुनाव लड़ें, धूल ना चटा दी तो देखना, यह मेरी चुनौती है.’ कुलदीप बिश्नोई की भूपेंद्र सिंह हूडा को दी गई चुनौती का जवाब देते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष उदयभान ने कहा कि, ‘अपनी राजनीतिक अपरिपक्वता और पार्ट टाइम राजनीति के चलते उन्होंने चौधरी भजनलाल की बड़ी राजनीतिक विरासत को एक विधानसभा हलके तक समेट दिया.’

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प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष उदयभान ने कहा कि, ‘जो अपने 6 विधायकों को नहीं संभाल पाया, उसकी क्या औकात है कि कांग्रेस के किसी विधायक को तोड़ ले. कुलदीप बिश्नोई के इसी रवैये के चलते चौधरी भजन लाल के करीबी इससे दूर हुए. कुलदीप बिश्नोई ने आज तक सड़क पर संघर्ष नहीं किया है. केवल विदेशों में जाकर आराम किया है. आने वाले समय में आदमपुर हलके से भी बिश्नोई की हार तय है. उन्हें हराने के लिए भूपेंद्र सिंह हुड्डा को चुनाव लड़ने की जरूरत नहीं है, कांग्रेस का छोटा सा कार्यकर्ता भी उन्हें पटकनी देने में सक्षम है.’

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कुलदीप बिश्नोई के भाजपा में शामिल होने पर उदयभान ने कहा कि, ‘कुलदीप ने राजनीतिक स्वार्थ, अपरिपक्तवता, आयकर-ईडी की कार्रवाई और दलित विरोधी मानसिकता के चलते कांग्रेस छोड़ने का फैसला लिया है. इस फैसले में दूर-दूर तक जनता और जनहित की विचारधारा नजर नहीं आती. बिश्नोई को आश्रय देने वाली भाजपा के लिए भी यह कदम घातक सिद्ध होगा. आदमपुर में समाज वोट की चोट से बिश्नोई व भाजपा को जवाब देगा. दोनों के बीच संगम अंदरखाने बहुत पहले हो चुका था. अब स्पष्ट हो गया है कि 2019 विधानसभा चुनाव में बिश्नोई पर भाजपा की मदद करने के आरोप सत्य हैं. उन्होंने जानबूझकर अपने कोटे से ऐसे उम्मीदवारों को टिकट दिलवाई थी, जिनकी हार सुनिश्चित थी.’

हरियाणा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष उदयभान ने आगे कहा कि, ‘पार्टी के भीतर रहकर उसे खोखला करने वाले लोग अगर बाहर जाते हैं, तो इससे संगठन को नुकसान होने के बजाय मजबूती मिलेगी. बिश्नोई के लिए पार्टी छोड़ना, पाला बदलना और अपने बयानों से पलटी मारना कोई नई बात नहीं है.’

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