Jharkhand Hemant Soren ED Summon: झारखंड में पिछले कुछ समय से लगातार शांत पड़ी सियासत एक बार फिर गरमा गई है. बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय ने अवैध खनन और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रदेश के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को समन भेजा है. विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक ईडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को 3 नवंबर को साढ़े 11 बजे पूछताछ के लिए बुलाया है. सीएम सोरेन को मिले ED के समन के बाद से प्रदेश में सियासी बयानबाजी अपने चरम पर है लेकिन अब इस समन को लेकर खुद हेमंत सोरेन की प्रतिक्रिया सामने आई है. हेमंत सोरेन ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि,
'विपक्ष के अनुरोध पर ईडी हमारे राज्य में कार्रवाई कर रही है. विपक्ष के ही अनुरोध पर मुझे बुलावा भेजा गया है. हमारे महामहिम बीते 2-3 महीने से एटम बम का लिफाफा लेकर घूम रहे हैं. लिफाफा तो उनसे खुल नहीं रहा है, अलबत्ता मुंह से बम फोड़ रहे हैं.'
https://youtu.be/GET7RcypvcY
अवैध खनन सहित कई मामलों में मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय ने समन भेजा है. सीएम सोरेन को कल दोपहर 11 बजे ED के समक्ष पेश होना है लेकिन वो कल जाएंगे या नहीं इसपर अभी तक संशय बरक़रार है. इसी कड़ी में ED द्वारा भेजे गए समन पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की भी प्रतिक्रिया सामने आई है. साहिबगंज में सरकार आपके द्वार कार्यक्रम में अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि,
'विपक्ष के अनुरोध पर ईडी हमारे राज्य में कार्रवाई कर रही है. विपक्ष के ही अनुरोध पर मुझे बुलावा भेजा गया है. दरअसल, भाजपा वाले ये दिखाना चाहते हैं कि ईडी कितनी ताकतवर है. ईडी जब कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी को अपने घर बुला सकती है और राहुल गांधी को समन कर 50 घंटे की पूछताछ कर सकती है तो एक मुख्यमंत्री को भी पूछताछ के लिए तलब कर सकती है. कोई बात नहीं, लेकिन हम इसका जवाब भी देंगे.'
यह भी पढ़े: मचल गया दीना का लाल…, धुंआ है तो होगी आग भी…- पायलट के एक बयान के बाद गरमाई सियासत
हेमंत सोरेन ने आगे कहा कि,
'ईडी की बुलाहट पर हमें जरा भी घबराहट नहीं है. विपक्ष के लोग सोचते हैं कि लोगों के बीच हमारी पहचान और छवि को धूमिल कर देंगे, लेकिन विपक्ष के कहने से हमारी छवि धूमिल हो गई तो फिर हो गया, कहानी खत्म. विपक्ष की ये गलतफहमी है कि राजनीतिक रूप से नहीं सके तो संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर हमें परेशान कर लेंगे.' वहीं सूबे के राज्यपाल रमेश बैस के एटम बम वाले बयान पर भी सीएम सोरेन ने तंज कसा.
सीएम सोरेन ने कहा कि, 'ह
मारे महामहिम बीते 2-3 महीने से एटम बम का लिफाफा लेकर घूम रहे हैं. लिफाफा तो उनसे खुल नहीं रहा है, अलबत्ता मुंह से बम फोड़ रहे हैं. ये सब कुछ लोगों की मिलीभगत है और सब षड्यंत्र रचा जा रहा है. इन षड्यंत्रकारियों के षड्यंत्र का जवाब राज्य की बच्चियां, नौजवान, मजदूर और महिलाएं इसका जवाब देंगी.
इस षड्यंत्र का जवाब वे मजदूर देंगे जिन्हें कोरोना त्रासदी के समय हमारी सरकार कंधे पर बिठाकर घर लाई. वे बच्चियां देंगी जो सरकार की योजनाओं से लाभान्वित होकर कल कुछ बनेंगी.'
https://twitter.com/nishikant_dubey/status/1587652491214458880?s=20&t=Jm4AkqPBQDxbLbcLWsInzw
वहीं इससे पहले जब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को मिले समन की खबर सामने आई तो बीजेपी के नेताओं ने जमकर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा. बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने ट्वीट करते हुए लिखा कि,
'लालू प्रसाद जी एवं मधु कोड़ा जी को जब CBI और ईडी ने पकड़ा केंद्र में उन्हीं की सरकार थी. यदि उस वक़्त क़ानून अपना काम कर रही थी, तो आज क़ानून राजनीति कैसे कर रही है?' वहीं सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने ट्वीट करते हुए लिखा कि,
'झारखंड कीर्तिमान बनाने वालों का प्रदेश है. हेमंत सोरेन देश के ऐसे पहले मुख्यमंत्री बनेंगे जो घपले-घोटाले और लूट के आरोप में मुख्यमंत्री पद पर रहते ईडी के यहाँ पूछताछ के लिये पेश होंगे. भगवान न करे कि ये जेल से ही राज्य चलाने वाला मुख्यमंत्री का रिकॉर्ड भी झारखंड के नाम कर दें.''
यह भी पढ़े: तिहाड़ जेल के बाहर ‘केजरीवाल मसाज पार्लर’ के लगे पोस्टर, बीजेपी नेता बग्गा ने ली आप की चुटकी
https://twitter.com/yourBabulal/status/1587709487057874945?s=20&t=Jm4AkqPBQDxbLbcLWsInzw
अपने एक अन्य ट्वीट में मरांडी ने लिखा कि, '
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी को अगर ED ने बुलाया है तो वह यूँ ही नहीं है. इन्होंने पैसे और दौलत की हवस में पूरे राज्य को गुंडे, मवालियों, दलालों, बिचौलियों और मुठठी भर चोर-बेईमान अफ़सरों के हवाले कर खुद सिर्फ़ लूट का माल बटोरने और खपाने के रास्ते खोजने का काम किया है.
https://twitter.com/yourBabulal/status/1587695373484949504?s=20&t=Jm4AkqPBQDxbLbcLWsInzw
एक अन्य ट्वीट में मरांडी ने लिखा कि,
'सीएम को समझना होगा कि जनादेश लूट का लाइसेंस नहीं होता. लूट के पाप को वोट से कवर नहीं किया जा सकता. आपने लूटा है तो सजा भी भुगतने के लिये तैयार रहिये. देश का क़ानून अपना काम कर रहा है. आप बेक़सूर होंगे तो बेदाग़ निकल जाइयेगा. वैसे पब्लिक सब देख समझ रही है.