Rajasthan Political Drama: राजस्थान में अगले साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं. सूबे के दो प्रमुख सियासी दल भले ही अपनी अपनी जीत का दम भर रहे हो लेकिन दोनों ही दलों के लिए सबसे बड़ी मुसीबत जो है वो है उनकी आंतरिक खींचतान. बात करें राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री सचिन पायलट की तो पिछले लंबे समय से सियासी बयानबाजी पर चुप्पी साधे बैठे पायलट ने बुधवार को अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत में एक बयान के जरिए अपनी चुप्पी क्या तोड़ी प्रदेश की सियासत में एकाएक उबाल आ गया. पायलट के बयान पर जहां मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की तो प्रतिक्रिया सामने आई ही है तो वहीं कांग्रेस के साथ साथ बीजेपी नेताओं की भी प्रतिक्रिया सामने आई है. प्रदेश सरकार में मंत्री महेश जोशी ने कहा कि,
'अशोक गहलोत को अपनी निष्ठा साबित करने के लिए किसी सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है.' वहीं विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि,
'कांग्रेस पार्टी में अनुशासन का संदेश देने वाले पार्टी के कई लोग विपरीत आचरण कर अनुशासन की लक्ष्मण रेखा को लांघ रहे हैं.' इसी कड़ी में मुख्यमंत्री के OSD ने भी इशारों इशारों में ट्वीट कर सचिन पायलट पर निशाना साधा है.
https://youtu.be/Br95W5pTblg
सबसे पहले आपको बताते हैं सचिन पायलट ने ऐसा क्या बयान दे दिया कि बढ़ती सर्दी के मौसम में प्रदेश की सियासत गरमा गई है. बुधवार को। मीडिया से बातचीत में सचिन पायलट ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि,
'पीएम मोदी ने कल जो तारीफ की वह दिलचस्प घटनाक्रम है. इसी तरह प्रधानमंत्री ने सदन के अंदर गुलाम नबी आजाद की तारीफ की थी, उसके बाद क्या घटनाक्रम हुआ, वह हम सबने देखा है, इसे इतना लाइटली नहीं लेना चाहिए.' सचिन पायलट के इस बयान के सामने आने के बाद से प्रदेश की सियासत में हलचल मची हुई है. सबसे पहले अलवर में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान पायलट से जुड़े सवाल पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि,
'इस तरह के बयान नहीं देना चाहिए. संगठन महामंत्री केसी वेणुगोपाल ने एडवाइजरी जारी कर कहा था कि बयानबाजी न करें.' पायलट और गहलोत की प्रतिक्रिया के बाद से अब प्रदेश में बयानबाजी का दौर चरम पर है.
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अब अशोक गहलोत गुट के अन्य नेताओं की प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं. सीएम गहलोत के करीबी माने जाने वाले प्रदेश सरकार में मंत्री एवं मुख्य सचेतक महेश जोशी ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि,
'बुत हमको कहे काफिर, अल्लाह की मर्जी है, यह अपने आप में काफी है. पार्टी आलाकमान की गाइडलाइ है. ऐसे में मैं ज्यादा बोलना नहीं चाहता. हमें नोटिस मिला है और हमने जवाब दे दिया है. पार्टी जो भी सजा मुकरर करेगी, स्वीकार करेंगे. लेकिन किसी भी सूरत में पार्टी को नुकसान नहीं होने देंगे. पीएम मोदी राजस्थान आए, उनका मान-सम्मान करना हमारा दायित्व है. हमारे यहां मेहमान के सम्मान की परंपरा है. अशोक गहलोत को अपनी निष्ठा साबित करने के लिए किसी सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है.' वहीं सीएम गहलोत के करीबी निर्दलीय विधायक और
मुख्यमंत्री के सलाहकार संयम लोढ़ा ने सियाराम शरण गुप्त की कुछ पंकितयां ट्वीट करते हुए लिखा,
'मैं तो वही खिलौना लूंगा, मचल गया दीना का लाल !'
https://twitter.com/SanyamLodha66/status/1587780451401625602?s=20&t=Jm4AkqPBQDxbLbcLWsInzw
इसी कड़ी में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के OSD लोकेश शर्मा ने ट्वीट करते हुए लिखा कि,
'ठहरे हुए पानी में कंकर ना मारे कोई, वरना हलचल सी मच जाएगी.'
https://twitter.com/_lokeshsharma/status/1587754249508618240?s=20&t=Jm4AkqPBQDxbLbcLWsInzw
यही नहीं कांग्रेस नेताओं के साथ साथ अब इस मुद्दे पर बीजेपी नेताओं की प्रतिक्रिया भी बसामने आने लगी है. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनियां ने ट्वीट करते हुए लिखा कि,
'धुआँ है तो आग भी होगी.' पूनियां ने अपने इस ट्वीट में सचिन पायलट की मीडिया को दी गई बाईट का वीडियो भी शेयर किया.
https://twitter.com/DrSatishPoonia/status/1587742244031041536?s=20&t=Jm4AkqPBQDxbLbcLWsInzw
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https://twitter.com/Rajendra4BJP/status/1587725806851489792?s=20&t=Jm4AkqPBQDxbLbcLWsInzw
राजस्थान विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने ट्वीट करते हुए लिखा कि,
'कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाने से उपजे घमासान के बाद सचिन पायलट जी ने अपनी चुप्पी तोड़ी है. यह चुप्पी क्या रंग दिखाएगी ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा. कांग्रेस पार्टी में अनुशासन का संदेश देने वाले पार्टी के कई लोग विपरीत आचरण कर अनुशासन की लक्ष्मण रेखा को लांघ रहे हैं. कांग्रेस पार्टी में गहलोत खेमे की A टीम और पायलट खेमे की B टीम एक दूसरे को ही निपटाने में लगी हुई हैं. पानी पी-पीकर केंद्र सरकार पर हर दिन अनर्गल टिप्पणी करने वाले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जी अपना घर बचाएं तो ज्यादा बेहतर होगा.'