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जानबूझकर छेड़ा जा रहा है हमें, प्रधानमंत्री तो सबके होते हैं, क्या उन्हें हमारे जज्बातों कि कद्र नहीं?- अब्दुल्ला

30 अप्रैल 2022
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जानबूझकर छेड़ा जा रहा है हमें, प्रधानमंत्री तो सबके होते हैं, क्या उन्हें हमारे जज्बातों कि कद्र नहीं?- अब्दुल्ला

Politalks.News/JammuKashmir/UmarAbdullah. केंद्र सरकार अपना मैनिफेस्टो लागू करे, हिंदुओं के लिए कुछ करे, उससे हमें कोई दिक्कत नहीं है, राम मंदिर बनाने की इजाजत कोर्ट ने दी, उस पर हमने कभी कोई हल्ला नहीं मचाया है, लेकिन प्रधानमंत्री तो पुरे देश का होता है और उसे सबको साथ लेकर चलना ही होगा, हमें जानबूझकर छेड़ा जा रहा है और हमारे जज्बातों से खेलकर हमें दबाया जा रहा है, ये कहना है जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का. देश भर के कई राज्यों में हुई साम्प्रदायिक घटनाओं को लेकर सियासत अब जारी है. विपक्षी दलों का आरोप है कि हिंसा के बाद सरकार के द्वारा की गई कार्यवाही समुदाय विशेष … Read more

Politalks.News/JammuKashmir/UmarAbdullah. केंद्र सरकार अपना मैनिफेस्टो लागू करे, हिंदुओं के लिए कुछ करे, उससे हमें कोई दिक्कत नहीं है, राम मंदिर बनाने की इजाजत कोर्ट ने दी, उस पर हमने कभी कोई हल्ला नहीं मचाया है, लेकिन प्रधानमंत्री तो पुरे देश का होता है और उसे सबको साथ लेकर चलना ही होगा, हमें जानबूझकर छेड़ा जा रहा है और हमारे जज्बातों से खेलकर हमें दबाया जा रहा है, ये कहना है जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का. देश भर के कई राज्यों में हुई साम्प्रदायिक घटनाओं को लेकर सियासत अब जारी है. विपक्षी दलों का आरोप है कि हिंसा के बाद सरकार के द्वारा की गई कार्यवाही समुदाय विशेष के लोगों को देखकर की गई है. ऐसे ही कई मुद्दों पर एक मीडिया हाउस से बात करते हुए जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार पर भेदभाव का आऱोप लगाया है. वहीं देश भर में उपजे बिजली संकट को लेकर भी उमर अब्दुल्ला ने सरकार पर निशाना साधा है.

मीडिया हाउस ABP न्यूज़ से बात करते हुए जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने जम्मू कश्मीर में लगातार हो रही बिजली कटौती को लेकर सरकार पर निशाना साधा. अब्दुल्ला ने कहा कि, ‘रमजान के इस पाक महीने में जरूरी वक्त पर बिजली न काटी जाए ये मेरी केंद्र सरकार से मांग है. ये पहली बार ऐसा हो रहा है कि रमजान के मौके पर इतनी कटौती हो रही है इसके लिए मैं ये कहना चाहूंगा कि या तो इसमें लापरवाही है या जानबूझकर ऐसा किया जा रहा है. मान लीजिए दिनभर बिजली रहती है, लेकिन सहरी और इफ्तारी के दौरान ही बिजली कैसे गुल हो जाती है, ये हमारी समझ से परे है.’

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वहीं हाल ही देश के कई राज्यों में हुई सांप्रदायिक हिंसा और उसके बाद आरोपियों के घरों पर चले बुलडोजर पर भी उमर अब्दुल्ला ने खुलकर अपनी बात कही. अब्दुल्ला ने कहा कि, ‘जहांगीरपुरी में हिंदू-मुसलमान के बीच दंगे हुए. लेकिन अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई सिर्फ जहांगीरपुरी में ही हुई. क्या दिल्ली में सिर्फ यहीं पर अवैध अतिक्रमण हैं? क्यां कहीं और दिल्ली में अवैध निर्माण नहीं हुआ है? मस्जिदों के पास से जुलूस निकलता है तो ये कहा जाता है कि इस देश में रहना है तो जयश्रीराम कहना है. इस तरह के नारे पर कार्ऱवाई क्यों नहीं होती है. बीजेपी के शासन में देश में मुसलमानों को निशाना बनाया जा रहा है.’

उमर अब्दुल्ला ने कहा कि, ‘आज पुरे देश का मुसलमान डरा हुआ है. कश्मीर में हम बहुसंख्यक हैं इसलिए माहौल ठीक है, लेकिन इस रियासत के बाहर मुसलमानों में डर है. उदेश के मुसलामानों को विश्वास देने की जरूरत है.‘ वहीं पाकिस्तान से जुड़े मुद्दे पर उन्होंने कहा कि ‘पड़ोसी देश मेरा दोस्त नहीं है और मैं अपने देश के लिए बात करता हूं. मुझे दिक्कत अपने देश के लोगों को हो रही तकलीफ से है, मैं चाहता हूं कि जो यहां हैं वो ठीक से रहें.’ अब्दुल्ला ने कहा कि, ‘केंद्र सरकार अपना मैनिफेस्टो लागू करे, हिंदुओं के लिए कुछ करे, उससे हमें कोई दिक्कत नहीं है. आप देखिये राम मंदिर बनाने की इजाजत कोर्ट ने दी, उस पर हमने कभी कोई हल्ला नहीं मचाया  लेकिन पीएम को सबको साथ लेकर चलना होगा. प्रधानमंत्री पुरे देश का होता है.

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वहीं नवरात्र के समय देश भर में मीट की दुकानों को बंद करने की मांग उठी थी. इसे लेकर भी उमर अब्दुला ने निशाना साधा और कहा कि, ‘नवरात्र में मीट की दुकान बंद करा दी जाती हैं, ऐसा क्यों हो रहा है. अगर देश के कई अन्य राज्यों में रह रहे बहुसंख्यकों का ध्यान रख कर ऐसा हो रहा है तो कश्मीर में हम भी बहुसंख्यक हैं, लेकिन हम ऐसा नहीं करते. हमारा रोजा चल रहा है, लेकिन अब भी टूरिस्ट के लिए कश्मीर में सबकुछ खुला है.’ वहीं तल्ख़ अंदाज में उमर अब्दुल्ला ने कहा कि, ‘हमें जानबूझकर छेड़ा जा रहा है और हमारे जज्बातों से खेलकर हमें दबाया जा रहा है. हम किसी हुकुमत को हटाकर ही किसी समस्या का समाधान क्यों चाहते हैं? जब पीएम ने कहा है कि वह सबके प्रधानमंत्री हैं, किसी खास धर्म के नहीं, तो फिर हमारे जज्बातों की उन्हें कद्र क्यों नहीं? मैं प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार से उम्मीद रखता हूं कि हमारे जज्बातों की कद्र हो. हमारे डर को देखा जाए और उसका हल निकाला जाए. ‘

महाराष्ट्र में हनुमान चालीसा को लेकर जारी सियासत पर भी उमर अब्दुल्ला ने खुल कर अपनी बात रखी. अब्दुल्ला ने कहा कि, ‘अमरावती से जो निर्दलीय विधायक है उन पर और उनके पति पर देशद्रोह लगाना गलत है. अगर कोई भी इंसान मुख्यमंत्री के घर के बाहर हनुमान चालीसा पढ़ना चाहता है तो क्या दिक्कत है. आप मेरे घर के बाहर आकर हनुमान चालीसा पढ़िए, जयश्रीराम के नारे लगाइए, मुझे इससे कोई दिक्कत नहीं है.’

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