2019 के वीडियो ने करवाई अखिलेश यादव की ‘छीछालेदर’, सोशल मीडिया पर लगी क्लास तो डिलीट कर काटी कन्नी

अखिलेश यादव की 'छीछालेदर'
1 Mar 2022
Politalks.News/Uttrapradesh. सोशल मीडिया (social media) दो धारी तलवार है. जानकार इसका इस्तेमाल समझदारी से करने की सलाह देते रहे हैं. लेकिन जल्दबाजी और आपाधापी में हम कुछ ऐसा कर देते हैं जिससे छिछालेदर हो ही जाती है. ऐसा ही एक मामला सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव (SP supremo Akhilesh Yadav) के साथ हुआ है. दरअसल अखिलेश यादव ने एक वीडियो पोस्ट कर अपनी किरकिरी करवाली है. कुंडा के विधायक और जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) के प्रत्याशी रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया (Raja Bhaiya) और इसी सीट से सपा प्रत्याशी गुलशन यादव के बीच का विवाद दिनों दिन बढ़ता ही जा रहा है. कुंडा में दोनों दलों की ओर से एक दूसरे पर लगाए गए आरोपों के बीच सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सोमवार को फर्जी मतदान का एक वीडियो ट्वीट किया, जिसको लेकर अब उनकी जमकर किरकिरी हो रही है. हालांकि, कुछ देर बाद ही अखिलेश ने इस ट्वीट को डिलीट कर दिया (Akhilesh deleted this tweet), लेकिन तब तक यूजर्स इसका स्क्रीनशॉट ले चुके थे, जिस वायरल करते हुए उन पर सवाल दागे जा रहे हैं. https://www.youtube.com/watch?v=bfgtNWm80Ec आखिर क्या था अखिलेश यादव का ट्वीट? सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार शाम एक वीडियो शेयर करते हुए दावा किया कि यह कुंडा का है. अखिलेश ने आरोपी शख्स की गिरफ्तारी की मांग के साथ चुनाव रद्द करने की मांग की. अखिलेश ने ट्वीट में लिखा कि, 'कुंडा में जिस तरह बूथ पर उपस्थित किसी दल के अवांछित व्यक्ति द्वारा सरेआम महिलाओं के वोटों का बटन दबाया जा रहा है, उसके वीडियो का संज्ञान लेते हुए चुनाव पर्यवेक्षक चुनाव आयोग से कुंडा का चुनाव रद्द करने की अपील करें. साथ ही दोषी व्यक्ति को चिह्नित कर तत्काल गिरफ्तार करवाएं'. यह भी पढ़ें- छठे चरण में भरे नजर आएंगे समाजवादी पार्टी के बूथ तो भाजपा के बूथों पर दिखाई देंगे भूत- अखिलेश रविवार शाम से वायरल था वीडियो, प्रशासन ने बताया था फेक रविवार की पांचवे चरण के मतदान के बाद से यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. इस वीडियो में मतदान कक्ष में बैठा एक व्यक्ति मतदाता के आने पर खुद ही उठकर ईवीएम का बटन दबा रहा था. वीडियो सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने रविवार शाम ही इस वीडियो का यह कहते हुए खंडन किया था कि वीडियो कुंडा का नहीं है. प्रशासन की ओर से जानकारी दी गई थी कि जांच में पता चला कि यह वीडियो 2019 के संसदीय चुनाव का है और ये वीडियो हरियाणा के फरीदाबाद से संबंधित है. यह भी पढ़े: परिवारवादी नहीं चाहते देश का विकास, इसीलिए हर काम में अटकाते हैं रोड़े- मोदी का सपा-कांग्रेस पर वार ये है वीडियो की पूरी सच्चाई दरअसल, यह वीडियो 2019 लोकसभा चुनाव का है. फरीदाबाद में हुई इस घटना के बाद आरोपी शख्स को गिरफ्तार कर लिया गया था. यह फर्जी वीडियो बिहार चुनाव के दौरान भी वायरल हो गया था. तब इसे बिहार का बताया जा रहा था.