इशारों में उद्धव ठाकरे का कांग्रेस पर बड़ा वार- कोई अकेले चुनाव लड़ने की बात करेगा तो लोग जूतों से पीटेंगे

हम लोगों की समस्याओं के समाधान की पेशकश नहीं करते हैं और केवल राजनीति में अकेले लड़ने की बात करते हैं, तो लोग हमें जूते से पीटेंगे- उद्धव ठाकरे, चाहे ये मुद्दा महाराष्ट्र की साख का हो या शिवसेना के अस्तित्व का हो, अगर हमें लड़ना होगा तो हम लड़ेंगे- संजय राउत

कोई अकेले चुनाव लड़ने की बात करेगा तो लोग जूतों से पीटेंगे
कोई अकेले चुनाव लड़ने की बात करेगा तो लोग जूतों से पीटेंगे

Politalks.News/Maharashtra. देश में इन दिनों सियासी पारा अपने चरम पर है जिसके कारण कई राज्यों की सियासी तपिश बड़ी हुई है. हाल ही में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले के अकेले चुनाव लड़ने के बयान के बाद से कांग्रेस शिवसेना के निशाने पर आ गई है. वहीं शनिवार को शिवसेना के 55वें स्थापना दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के बयान के बाद से सूबे की गठबंधन सरकार में खटास की अटकलें और तेज हो गई हैं. उद्धव ठाकरे ने कहा कि जो लोग आज अकेले चुनाव लड़ने की बात कर रहे हैं, उन्हें जनता चप्पलों से मारेगी. तो वहीं राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहा कि जिसे अकेले चुनाव लड़ना है वो लड़े.

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कांग्रेस का नाम लिए बिना इशारों में कहा कि अगर हम लोगों की समस्याओं के समाधान की पेशकश नहीं करते हैं और केवल राजनीति में अकेले लड़ने की बात करते हैं, तो लोग हमें जूतों से पीटेंगे. वे हमारी अकेले चुनाव लड़ने की पार्टी केंद्रित महत्वाकांक्षी बात नहीं सुनेंगे. उद्धव ठाकरे ने आगे कहा कि सभी राजनीतिक पार्टियों को अपनी आकांक्षाएं अभी अलग रखनी चाहिए और अर्थव्यवस्था और हेल्थ पर फोकस करना चाहिए.

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उद्धव ठाकरे ने आगे कहा कि अब समय आ गया है कि सभी राजनीतिक दल यह तय करें कि वे सत्ता के लिए राजनीतिक सफलता चाहते हैं या आर्थिक मोर्चे पर समाधान खोजने के लिए. सामाजिक अशांति इसका वर्णन करने के लिए एक कठोर शब्द होगा, लेकिन देश निश्चित रूप से सामाजिक अशांति की ओर बढ़ रहा है. ठाकरे ने आगे कहा कि अगर कोई पार्टी यह कहना चाहती है कि वह दूसरों से हाथ मिलाए बिना चुनाव लड़ना चाहती है, तो उसे लोगों को आत्मविश्वास और साहस देना चाहिए. अन्यथा लोग पूछेंगे कि पार्टी के पास उन्हें आजीविका, नौकरी देने की क्या योजना है. अब हमारे यह तय करने का भी समय आ गया है कि क्या हम लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए राजनीतिक ताकत चाहते हैं या फिर किसी और चीज के लिए. अगर हम अपने सामने आर्थिक और स्वास्थ्य चुनौतियों के समाधान खोजने के तरीकों पर विचार किए बिना आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति में लिप्त रहते हैं, तो हम सभी एक गंभीर संकट से घिरे हुए हैं.

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वहीं सत्ता में आने के बाद शिवसेना पर लगातार आरोप लगाए जा रहे हैं कि उनके कार्यकर्ता गुंडागर्दी कर रहें हैं. हाल ही में दादर इलाके में शिवसेना और भाजपा समर्थकों के बीच हुई झड़पों के स्पष्ट संदर्भ में सीएम उद्धव ठाकरे ने किसी घटना का नाम लिए बिना कहा कि जब कोई शोर करता है तो उनकी पार्टी के कार्यकर्ता धमाकेदार जवाब देते हैं. मुझे यकीन है कि आप जानते हैं कि यह संदेश पिछले कुछ दिनों में क्यों प्रसारित हो रहा है.’ ठाकरे ने कहा कि सड़कों पर खूनखराबा शिवसेना कार्यकर्ताओं की असली पहचान नहीं है. लेकिन एक सच्चा शिवसेना कार्यकर्ता अन्याय का सामना करने वालों की मदद करने के लिए दौड़ता है. जिन्होंने हमारे खिलाफ आरोप लगाए, क्या वे ऐसे काम के लिए जाने जाते हैं?

उद्धव ठाकरे के इस बयान के बाद शिवसेना से राज्यसभा सांसद संजय राउत ने भी साफ़ शब्दों में कहा कि जिसे अकेले चुनाव लड़ना है वह लड़े. संजय राउत ने कहा कि क्या हम चुपचाप बैठकर देखेंगे? जो लोग अकेले चुनाव लड़ना चाहते हैं, वो लड़ सकते हैं. शिवसेना ने अपने बल पर राजनैतिक युद्ध लड़ा है. राउत ने आगे कहा कि चुनाव के समय भले ही गठबंधन हो सकता है लेकिन चुनाव अपने बल पर लड़ा जाता है. चाहे ये मुद्दा महाराष्ट्र की साख का हो या शिवसेना के अस्तित्व का हो, अगर हमें लड़ना होगा, तो हम लड़ेंगे.

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बता दें कि कुछ दिन पहले महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा था कि ‘कांग्रेस महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव अकले लड़ेगी. अगर आलाकमान फैसला लेता है तो मैं मुख्यमंत्री का चेहरा बनने को तैयार हूं.’ पटोले के इस बयान के बाद से ही महाराष्ट्र की राजनीति में हड़कंप मचा हुआ है. हालांकि कहा ये भी जा रहा है कि नाना पटोले का ये बयान कांग्रेस कार्यकर्ताओं में स्फूर्ति पैदा करने के लिए दिया गया था.

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