टाइम ने नेहरू-इंदिरा के बाद तीसरे नंबर पर बताया मोदी को, अब बीजेपी के न उगलते बन रहा न निगलते!

टाइम मैगजीन ने 100 सबसे प्रभावशाली लोगों की सालाना लिस्ट की जारी, पीएम मोदी का नाम लेकिन कहीं कोई हो हल्ला नहीं? भारत से लिस्ट में मोदी के अलावा ममता और पूनावाला भी, राजनीति में हावी रहने वालों में नेहरू और इंदिरा के बाद तीसरे नंबर पर बताया मोदी को, वहीं पीएम मोदी को बताया 'कट्टर' तो मुल्ला बरादर को बताया 'उदार', मोदी की घोर विरोधी ममता को बताया भारतीय राजनीति में उग्रता का चेहरा

देश की राजनीति पर हावी होने वाले मोदी तीसरे नेता- टाइम मैग्जीन
देश की राजनीति पर हावी होने वाले मोदी तीसरे नेता- टाइम मैग्जीन

Politalks.News/Delhi. दुनियाभर में विश्वसनीय मानी जाने वाली न्यूयॉर्क की टाइम मैगजीन ने बुधवार को दुनिया के 100 सबसे प्रभावशाली लोगों की अपनी सालाना लिस्ट को जारी किया है. भारत से टाइम की इस लिस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सीईओ अदार पूनावाला का नाम भी इन 100 लोगों में शामिल है. 2021 के सबसे प्रभावशाली नेताओं की लिस्ट में सबसे चौंकाने वाला नाम तालिबान के सह-संस्थापक मुल्ला अब्दुल गनी बरादर का है. अफगानिस्तान की वर्तमान तालिबान सरकार में बरादर को उपप्रधानमंत्री का पद दिया गया है.

मजे की बात यह है कि, ‘टाइम ने पीएम मोदी को हिंदू राष्ट्र की तरफ ले जाने वाला यानी ‘कट्टर’ बताया है, वहीं तालिबान के मुल्ला बरादर को मॉडरेट चेहरा यानी ‘उदार’ बताकर ब्रांडिंग की है. साथ ही टाइम ने पीएम मोदी की प्रोफाइल में कई महत्वपूर्व तथ्य जोड़े हैं जो कि इस बार की लिस्ट को रोचक बनाते हैं. पीएम मोदी की प्रोफाइल की बातें मोदी समर्थकों को तो बिल्कुल भी पसंद नहीं आने वाली हैं. प्रभावशाली लोगों की लिस्ट में आने के बाद भी बीजेपी और मीडिया में इसका हल्ला क्यों नहीं है? जबकि अभी 2 सितंबर को एक छूटे से सर्वे में जब पीएम मोदी फर्स्ट आए थे तो बीजेपी और मीडिया तामझाम लेकर पिल पड़ी थी.

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देश की राजनीति पर हावी होने वाले मोदी तीसरे नेता
पीएम मोदी के बारे में टाइम प्रोफाइल में कहा गया है कि, ‘एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में अपने 74 वर्षों में भारत के तीन प्रमुख नेता रहे हैं. इनमें पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी के बाद पीएम नरेंद्र मोदी शामिल हैं. टाइम के अनुसार नेहरू और इंदिरा के बाद नरेन्द्र मोदी तीसरे नेता हैं जो देश की राजनीति में प्रभावी हैं. टाइम द्वारा पीएम नरेन्द्र मोदी की प्रोफाइल में नंबर तीन डाले जाने से बीजेपी के जश्न का माहौल फीका पड़ा गया. जबकि अभी हाल ही में 2 सितंबर को जारी द मॉर्निंग कंसल्ट के सर्वे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता चुने गए थे. सर्वे के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अप्रूवल रेटिंग में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन समेत दुनिया के 13 राष्ट्र प्रमुखों को पीछे छोड़ दिया था. PM मोदी की अप्रूवल रेटिंग 70% रही. नेशनल मीडिया और भाजपा आईटी सेल ने इस सर्वे को लेकर काफी हो हल्ला किया था.

लेकिन अब टाइम मैग्जीन के सर्वे पर ज्यादा प्रचार नहीं हो रहा है. क्योंकि टाइम ने पीएम मोदी को देश के राजनीतिक इतिहास में तीसरे स्थान पर रखा है. इसमें पहले नंबर पर मोदी जी के चिरप्रतिद्वंदी जवाहर लाल नेहरू हैं तो दूसरे नंबर पर इंदिरा गांधी, इन दोनों के बाद मोदी जी को सबसे प्रभावशाली बताया गया है. अब पग-पग पर नेहरू को कोसने वाली बीजेपी आईटी सेल इस तथ्य को कैसे प्रचारित करे कि नेहरू और इंदिरा के बाद मोदी जी का नाम आया है.

प्रसिद्ध सीएनएन पत्रकार फरीद जकारिया द्वारा लिखी गई प्रोफ़ाइल में पीएम मोदी पर आरोप लगाया गया है कि, ‘पीएम मोदी ने देश को धर्मनिरपेक्षता से हिंदू राष्ट्रवाद की ओर धकेल दिया है’. जकारिया ने पीएम मोदी पर भारत के मुस्लिम अल्पसंख्यकों के अधिकारों को खत्म करने और पत्रकारों को कैद करने व डराने-धमकाने का भी आरोप लगाया है’. जकारिया ने पीएम मोदी के बारे में लिखा है कि, जब मोदी चुने गए, तो कई लोगों का मानना था कि मोदी अंततः भारत को उसके समाजवादी अतीत से हटाकर एक पूंजीवादी भविष्य की ओर ले जाएंगे. उन्होंने उसमें से कुछ किया है, लेकिन अधिक दृढ़ संकल्प के साथ, उन्होंने देश को धर्मनिरपेक्षता से और हिंदू राष्ट्रवाद की ओर धकेल दिया है’. दूसरा कारण जो मोदी जी के भक्तों को परेशान करेगा वो हैं हिंदु राष्ट्रवाद की ओर धकेलने का है. पीएम मोदी खुद इस बात को लेकर सतर्क रहते हैं कि ऐसा कोई आरोप इन पर नहीं लगे. क्योंकि 2002 के गुजरात दंगों के दाग वो बड़ी मुश्किल से धो पाने में थोड़े सफल हुए हैं.
मोदी ‘कट्टर’ और बरादर ‘उदार’?

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टाइम मैगजीन ने पीएम मोदी पर मुस्लिमों के अधिकारों को खत्म करने का आरोप लगाया है और कहा है कि, मोदी ने ‘देश को धर्मनिरपेक्षता से हिंदू राष्ट्रवाद की ओर धकेल दिया है.’ इसके अलावा पत्रकारों को कैद करने और डराने-धमकाने का भी आरोप हैं. वहीं मुल्ला अब्दुल गनी बरादर को ‘शांत और गुप्त’ नेता बताया है. मैगजीन ने कहा है कि बरादार तालिबान के भीतर एक उदारवादी नेता है. दोनों नेताओं की तुलना भी इस खबर के दबने के एक कारण रहेगी.

पीएम मोदी को मात देेने वाली ममता बनर्जी को साथ चुनना भी एक वजह
भारत से पीएम मोदी के साथ पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और अदार पूनावाला को भी चुना गया है. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अगुवाई में तृणमूल कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव में 2 मई को शानदार जीत हासिल की. बीजेपी की तरफ से तमाम कोशिशों और पीएम मोदी की पूरी सरकार, भाजपा की पूरी ताकत झोंकने के बावजूद बनर्जी की अगुवाई में तृणमूल कांग्रेस ने शानदार जीत हासिल की है. इसके बाद राष्ट्रीय राजनीति के फलक पर टीएमसी का दबदबा भी बढ़ा है.

टाइम मैगजीन में 66 वर्षीय ममता बनर्जी के लिए कहा गया है कि वे, ‘भारतीय राजनीति में उग्रता का चेहरा बन गई हैं. ममता अपनी पार्टी तृणमूल कांग्रेस का नेतृत्व नहीं करती हैं वह खुद ही एक पार्टी हैं’. वहीं दूसरी तरफ बंगाल की हार को भाजपा जैसे तैसे भुलाने की कोशिश कर ही रही थी कि एक बार फिर टाइम ने उसके जख्मों को कुरेद दिया है. पीएम मोदी के विजय रथ को 2014 के बाद सबसे बड़ा डेंट ममता बनर्जी ने दिया है. मोदी समर्थक तो भारत का चेहरा केवल उन्हें ही मानते हैं, वो कैसे बर्दाश्त करेंगे जिसने मोदी को मात दी वो उनके साथ खड़ी है.

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पीएम मोदी के खिलाफ इंटरनेशनल एजेंडा?
टाइम के द्वारा जारी की गई इस लिस्ट की टाइमिंग पर भी सवाल है, क्योंकि लिस्ट ऐसे वक्त निकाली गई है, जब पीएम मोदी यूनाइटेड नेशन को संबोधित करने अमेरिका जाने वाले हैं. सितंबर 2019 में भी पीएम मोदी अमेरिका गए थे और उससे पहले भी टाइम ने मोदी को ‘India’s Divider In Chief‘ बताया था. तो क्या ये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ इंटरनेशनल एजेंडा है. जबकि, पीएम मोदी की पहचान दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के प्रधानमंत्री के रूप में है, जो आतंक के खिलाफ लड़ाई में सक्रिय हैं.

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