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अबकी बार पूर्वी राजस्थान को मिले कमान, पायलट बनें मुख्यमंत्री- फिर खुलकर बोले खिलाड़ी और सोलंकी

06 सितंबर 2022
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अबकी बार पूर्वी राजस्थान को मिले कमान, पायलट बनें मुख्यमंत्री- फिर खुलकर बोले खिलाड़ी और सोलंकी

Politalks.News/Rajasthan/Pilot. वैसे तो 7 सितंबर से शुरू हो रही राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा के चलते प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री और पूर्व पीसीसी चीफ सचिन पायलट 6 सितंबर यानी आज ही अपना जन्मदिन मना रहे हैं. लेकिन बीते रोज सोमवार को दौसा जिले की सिकराय तहसील के निहालपुरा में आयोजित धार्मिक मेले में शिरकत करने पहुंचे सचिन पायलट का जलवा देखते ही बन रहा था, कुछ सुधीजनों का कहना था कि पायलट के जन्मदिन मनाने के एक दिन पहले का ये तो सिर्फ ट्रेलर है. आपको बता दें, दिल्ली से दौसा तक में पायलट का जगह जगह स्वागत तो हुआ ही, पायलट के निहालपुरा पहुंचने पर युवा, बच्चे, बूढ़े … Read more

Politalks.News/Rajasthan/Pilot. वैसे तो 7 सितंबर से शुरू हो रही राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा के चलते प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री और पूर्व पीसीसी चीफ सचिन पायलट 6 सितंबर यानी आज ही अपना जन्मदिन मना रहे हैं. लेकिन बीते रोज सोमवार को दौसा जिले की सिकराय तहसील के निहालपुरा में आयोजित धार्मिक मेले में शिरकत करने पहुंचे सचिन पायलट का जलवा देखते ही बन रहा था, कुछ सुधीजनों का कहना था कि पायलट के जन्मदिन मनाने के एक दिन पहले का ये तो सिर्फ ट्रेलर है. आपको बता दें, दिल्ली से दौसा तक में पायलट का जगह जगह स्वागत तो हुआ ही, पायलट के निहालपुरा पहुंचने पर युवा, बच्चे, बूढ़े और महिलाओं की भारी भीड़ ने पायलट का जोरदार जयकारों से स्वागत किया. इस दौरान कार्यक्रम में पहुंचे विधायकों ने पायलट को मुख्यमंत्री बनाए जाने पर जोर दिया. तो वहीं खुद सचिन पायलट ने भी अपने ही अंदाज में कहा कि रास्ता लंबा और कठिन जरूर है लेकिन मिलकर मेहनत करोगे तो कोई ताकत नहीं जो हमें रोक दे.

आपको बता दें कि दौसा जिले के निहालपुरा गांव में बीते रोज सोमवार को बाबा रामदेवरा की जयंती के अवसर पर बाबा रामदेव का मेला आयोजित किया गया. इस मेले को लक्खी मेला भी कहा जाता है. मेले में लाखों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए. लक्खी मेले में शिरकत करने पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट दिल्ली से अपने साथी विधायकों के साथ निहालपुरा पहुंचे और बाबा रामदेव के दर्शन किए. इसके बाद वहां आयोजित सभा में भी उन्होंने शिरकत की. धार्मिक मेले पर आयोजित की गई सभा पूरी तरह सियासी नजर आई. हर वक्ता शुरू में बाबा रामदेव की जय बोलता और उसके बाद राजस्थान की राजनीति पर चर्चा करने लगता. कार्यक्रम में सचिन पायलट के अलावा कृषि विपणन मंत्री मुरारी लाल मीणा, विधायक वेद प्रकाश सोलंकी, खिलाड़ी लाल बैरवा, जीआर खटाणा सहित अनेक जनप्रतिनिधि मौजूद थे.

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इस दौरान करीब करीब सभी नेता और विधायकों ने अपने सम्बोधन में सचिन पायलट को प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने की मांग की. धार्मिक मेले में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए चाकसू विधायक वेद प्रकाश सोलंकी ने कहा कि आने वाले समय में नौजवान चाहते हैं कि राजस्थान के मुख्यमंत्री सचिन पायलट बनें. सोलंकी ने कहा कि आगामी चुनाव में राजस्थान के नौजवान सचिन पायलट का साथ दें. इसके साथ ही सोलंकी ने यह भी कहा कि 36 कौम के लोग पायलट को पसंद करते हैं और लोग जो चाहते हैं वह होकर रहता है, उसे टाला नहीं जा सकता है.

अब की बार पूर्वी राजस्थान से बने मुख्यमंत्री
वहीं हाल ही में थोड़े दिनों पहले ही सीएम अशोक गहलोत को पार्टी अध्यक्ष बनाने और सचिन पायलट को प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाने की खुलकर पैरवी कर चुके एससी आयोग के अध्यक्ष खिलाड़ी लाल बैरवा ने एक बार फिर अपने संबोधन में कहा कि युवाओं की बात आलाकमान तक पहुंचाई है. खिलाड़ी ने कहा कि पार्टी के लिए बहुत कुछ दिया है और पिछले 4 साल से पार्टी का साथ दिया है लेकिन अब नौजवान चाहता है कि पायलट मुख्यमंत्री बनें. खिलाड़ी ने आगे कहा कि राजस्थान के हर क्षेत्र के नेता मुख्यमंत्री बन चुके हैं लेकिन पूर्वी राजस्थान से कोई मुख्यमंत्री नहीं बना है. ऐसे में अब पूर्वी राजस्थान को मौका मिलना चाहिए और सचिन पायलट को मुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए. कार्यक्रम को कृषि विपणन मंत्री मुरारी लाल मीणा और विधायक जीआर खटाणा ने भी संबोधित किया.

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रास्ता कठिन है…सब मिलकर करेंगे मेहनत तो मिलेगी सफलता
वहीं अपने सम्बोधन में पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कहा कि हमें सभी को जोड़ कर चलना है और किसी की भी टांग खींचने के बजाय उसका साथ देना चाहिए. पायलट ने कहा कि किसी का भला नहीं कर सकते हो तो बुरा भी मत करो. सभी का सम्मान करना चाहिए. किसी के जयकारे नहीं लगा सकते तो खिलाफत भी नहीं करनी चाहिए. इस दौरान सचिन पायलट ने अपने अंदाज में बड़ा बयान देते हुए कहा कि, ‘रास्ता लंबा है और कठिन है, लेकिन सब मिलकर मेहनत करेंगे तो दुनिया की कोई ताकत नहीं जो हमें रोक दे.’ पायलट के इस बयान के कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं.

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