करारी हार के बाद राहुल गांधी का पहला भाषण, कहा- हम फिर जीतेंगे

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लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार के बाद पार्टी के अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपने पहले भाषण में कहा कि 52 सांसद होने के बावजूद उनकी पार्टी अगले पांच वर्षों तक बीजेपी के खिलाफ इंच-इंच लड़ेगी और जीतेगी. संविधान और देश की संस्थाओं को बचाने के लिए कांग्रेस के कार्यकर्ता ‘बब्बर शेर’ की तरह काम करेंगे. गांधी ने यह बात शनिवार को नई दिल्ली में हुई कांग्रेस के संसदीय दल की बैठक में दिए भाषण में कही. राहुल गांधी ने कहा कि मुझे जरा भी संदेह नहीं है कि कांग्रेस फिर से मजबूत होगी. आगे ऐसी कोई संस्था नहीं है जो आपको सहयोग करेगी, कोई नहीं करेगी. यह ब्रिटिश … Read more

यह थी राहुल गांधी के अमेठी से चुनाव हारने की सबसे बड़ी वजह

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अमेठी से राहुल गांधी की हार की वजह से पूरी कांग्रेस सकते में आ गई है. आखिर क्या वजह रही की पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीजेपी की स्मृति ईरानी से हार गए. हार के कारणों की तह तक जाने के लिए कांग्रेस ने एक कमेटी का गठन किया है. कमेटी में राजस्थान के जुबेर खां सहित दो नेताओं को शामिल किया गया है. वहीं कमेटी ने अमेठी में डेरा डालते हुए पड़ताल भी शुरू कर दी है. प्रारम्भिक जांच में सामने आया है कि भले ही सपा-बसपा ने अमेठी से प्रत्याशी नहीं उतारा लेकिन उनका वोट बीजेपी को शिफ्ट हो गया, जिसके चलते राहुल 55 हजार वोटों से हार गए. … Read more

सोनिया गांधी को कांग्रेस संसदीय दल का नेता चुना गया

संसद के सेंट्रल हॉल में शनिवार को कांग्रेस संसदीय दल की बैठक संपन्न हुई. इस बैठक में सोनिया गांधी को कांग्रेस संसदीय दल की नेता चुना गया है. संसदीय दल की बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी व पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह समेत पार्टी के सभी बड़े नेता मौजूद रहे. सोनिया गांधी ने पुनः संसदीय दल का नेता चुने जाने पर कांग्रेस को वोट करने वाले वोटरों का धन्यवाद किया. कांग्रेस संसदीय दल का नेता चुने जाने के बाद लोकसभा में कांग्रेस नेता चुनने का अधिकार सोनिया गांधी के पास होगा. इसकी जानकारी कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर दी. Smt. Sonia Gandhi elected as the leader … Read more

कांग्रेस में कौन होगा संसदीय दल का नेता?

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17वीं लोकसभा में संसद में कांग्रेस किसके नेतृत्व में बीजेपी सरकार पर हमला बोलेगी, इसको लेकर कयासों का दौर शुरु हो गया है. यानि इस बार कांग्रेस संसदीय दल का नेता कौन होगा, इसको लेकर अब कईं नामों पर अटकलें शुरु हो गई हैं. हालांकि राहुल गांधी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की जिद्द के चलते इस मसले पर पार्टी में अभी बिल्कुल भी चर्चा नहीं हुई है. सामने आ रहा है कि राहुल गांधी खुद संसदीय दल के नेता बन सकते हैं.

अगर राहुल संसदीय दल के नेता बनते हैं तो फिर दूसरे नामों पर विचार करना ही बेमानी होगा. लेकिन अगर राहुल गांधी संसदीय दल का नेता नहीं बनते है तो फिर कांग्रेस के सामने यह सवाल होगा कि 17वीं लोकसभा में आखिर सदन में यह जिम्मेदारी उठाएगा कौन. क्योंकि ज्योतिरादित्य सिंधिया, भूपेंद्र सिंह हु्ड्डा, शीला दीक्षित और मल्लिकार्जुन खड़गे जैसे दिग्गज़ नेता चुनाव हार गए हैं. ऐसे में कांग्रेस के पास अनुभव के मामले में यूपीए की चेयरपर्सन सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, मनीष तिवारी और शशि थरूर जैसे ही नेता बचे हैं जो चुनाव जीत कर आए हैं.

इनके पास अनुभव के साथ-साथ सरकार से भी अच्छे संबंध हैं. हालांकि सोनिया गांधी की सेहत खराब रहती है. ऐसे में वो किसी भी सूरत में संसदीय दल की नेता नहीं बनेंगी. ऐसे में मनीष तिवाड़ी, शशि थरुर और गौरव गोगोई जैसे सांसद संसदीय दल के नेता बन सकते हैं.

शशि थरुर, मनीष तिवाड़ी और गौरव गोगोई ही क्यों

मोदी की सुनामी में कांग्रेस के सारे दिग्गज़ नेता उड़ गए. राहुल गांधी के बाद मनीष तिवाड़ी और शशि थरुर ही कांग्रेस के पास दो मजबूत विकल्प दिख रहे हैं. कांग्रेस के केरल से सबसे अधिक सांसद जीतकर आए हैं. वाकपटु थरूर अंग्रेजी के साथ हिन्दी भी बोल लेते हैं. केंद्रीय राज्यमंत्री रह चुके थरूर को वैश्विक कूटनीति का भी व्यापक अनुभव है. वे लगातार तीसरी बार तिरूअनंतपुरम से लोकसभा के सदस्य चुने गए हैं.

पंजाब से भी कांग्रेस को अच्छी सीटें मिली हैं और मनीष तिवाड़ी पंजाब से सांसद बनकर आए हैं. तिवाड़ी दूसरी दफा एमपी बने हैं और पहले केन्द्र में मंत्री भी रह चुके हैं. तिवाड़ी पार्टी में मीडिया की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं. तिवाड़ी संंसदीय कार्यप्रणाली संचालन से भी भली-भांति परिचित हैं. इन दोनों के अलावा असम के पूर्व सीएम तरुण गोगोई के बेटे और दूसरी बार सांसद बने गौरव गोगोई के अलावा बंगाल से जीतकर आए अधीर रंजन चौधरी के नाम भी चर्चाओं में हैं.

नेता प्रतिपक्ष के लिए 55 सीट जरूरी

देश में लोकसभा की 543 सीट हैं. नेता प्रतिपक्ष के लिए 55 सीट जरूरी है. 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के पास 51 सीट है. नियमानुसार लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष का दर्जा प्राप्त करने के लिए किसी भी राजनीतिक दल को अकेले कम से कम 10 फीसदी सीटें जीतनी होती है.

लोकसभा में कुल 543 सीटों के लिए सीधा चुनाव होता है और 2 एंग्लो-इंडियन समुदाय के लोगों को राष्ट्रपति चुनते हैं. मतलब 545 सीटों वाली लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष का दर्जा प्राप्त करने के लिए किसी भी राजनीतिक दल को कम से कम 55 सीटें जीतनी जरूरी होंगी. 2014 में भी कांग्रेस को मात्र 44 सीटें प्राप्त हुई थीं. उस समय भी पार्टी को नेता प्रतिपक्ष का दर्जा नहीं मिला था.

हालांकि, कांग्रेस लोकसभा में सबसे बड़ा विपक्षी दल था. इसलिए केंद्र की एनडीए सरकार कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खडगे को सबसे बड़े विपक्षी दल के नेता के रूप में सदन की जरूरी बैठकों में बुलाती रही है. मल्लिकार्जुन खड़गे ये कहते हुए इन अहम बैठकों का विरोध करते रहे कि जब तक उन्हें नेता प्रतिपक्ष का दर्जा नहीं दिया जाता, वह इस तरह की बैठकों में शामिल नहीं होंगे.

कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक शुरु, राहुल गांधी दे सकते हैं इस्तीफा

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दिल्ली में कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक शुरु हो चुकी है. लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद यह कांग्रेस वर्किंग कमेटी की पहली बैठक है. इसमें पार्टी को मिली करारी हार के कारणों पर चर्चा की जाएगी. इस बैठक में हिस्सा लेने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और प्रियंका गांधी एआईसीसी में साथ पहुंचे हैं. खास बात यह है कि इस बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी चुनाव में हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे सकते हैं. बैठक में हिस्सा लेने के लिए यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, अहमद पटेल, मल्लिकार्जुन खड़गे, गुलाम नबी आजाद, पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह … Read more

राजस्थान: आलाकमान ने मांगे भितरघात करने वालों के नाम, होगी कार्रवाई

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राजस्थान मेंं तमाम लोकसभा सीटों पर मतदान होने के बाद कांग्रेस आलाकमान ने भितरघात करने वालों के साथ मंत्रियों-विधायकों की परफॉर्मेंस रिपोर्ट तलब की है. प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडेय से राहुल गांधी ने फीडबैक रिपोर्ट मांगी है. आलाकमान के निर्देशों पर पांडेय ने तमाम उम्मीदवारों से जल्द रिपोर्ट देने को कहा है. रिपोर्ट में खास बात यह है कि हाईकमान ने चुनाव में पार्टी के खिलाफ काम करने वाले नेताओं की लिस्ट भी मांगी है. पहले चरण की 13 सीटों केे उम्मीदवारों ने तो भितरघात करने वाले नाम भी पांडेय को बता दिए हैं.

इन प्रत्याशियों ने सौंपे नाम
सूत्रों के मुताबिक, जालौर-सिरोही से रतन देवासी नेे निर्दलीय विधायक संयम लोढ़ा की खुलकर खिलाफत करने की शिकायत आलाकमान से की है. बाड़मेर से उम्मीदवार मानवेंद्र सिंह ने मंत्री हरीश चौधरी पर गड़बड़ी करने का आरोप लगाया है. पाली से बद्री जाखड़ ने विधायक दिव्या मदेरणा पर मदद नहीं करनेे के आरोप जड़े हैं. वहीं, उदयपुर लोकसभा प्रत्याशी रघुवीर मीणा ने गिरिजा व्यास और स्पीकर सीपी जोशी की निष्क्रियता की शिकायत की है.

इसी प्रकार, चितौड़गढ़ उम्मीदवार गोपाल ईडवा ने विधायक आरएस विधुड़ी पर मदद नहीं करने की शिकायत की है. बांसवाड़ा से प्रत्याशी ताराचंद भगौरा ने विधायक महेंद्रजीत सिंह मालवीय पर पार्टी गतिविधियों में लिप्त होने के आरोप लगाए है. बताया जा रहा है कि भीलवाड़ा प्रत्याशी रामपाल शर्मा ने विधायक रामलाल जाट और धीरज गुर्जर पर सहयोग नहीं करने की शिकायत की है. इसी तरह की शिकायतें अजमेर और झालावाड़ के प्रत्याशियों ने भी की हैं.

दूसरे चरण में ये करेंगे शिकायत
पहले चरण की तरह दूसरे चरण की स्थिति भी कुछ ज्यादा अलग नहीं है. कई कांग्रेस उम्मीदवारों को पार्टी नेताओं ने सहयोग प्रदान नहीं किया. जल्द ही ये प्रत्याशी भी हाईकमान को अहयोग करने वाले नेताओं की रिपोर्ट सौंपेंगे. बीकानेर प्रत्याशी मदन मेघवाल अपनी लिस्ट में विधायक गोविंद चौहान, वीरेंद्र बेनीवाल और मंंगालाराम गोदारा का नाम शामिल कर सकते हैं. उम्मीदवार भरत मेघवाल श्रीगंगानगर में शंकर पन्नू और विनोद गोठवाल को लेकर आपत्ति दर्ज करा सकते है. झुंझुनूं से श्रवण कुमार विधायक बृजेन्द्र ओला और हाकिम खान, वहीं जयपुर शहर से उम्मीदवार ज्योति खंडेलवाल पार्टी विधायक अमीन कागजी, महेश जोशी और अर्चना शर्मा की शिकायत कर सकती हैं.

तीन स्तर पर मांगी रिपोर्ट
कांग्रेस हाईकमान ने तीन स्तर पर पार्टी नेताओं पर सीसीटीवी की तरह निगरानी बनाए रखी. इसके लिए दूसरे राज्य के नेताओं को विधानसभा क्षेत्रों में पर्यवेक्षक नियुक्त किया था. प्रदेश प्रभारी पांडेय को भी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए थे. प्रत्याशियों से भी फीडबैक देने के लिए कहा था. तीनों की रिपोर्ट के मिलान के बाद हर लोकसभा सीट की एक विस्तृत रिपोर्ट तैयारी की जाएगी जिसे बाद में पांडेय कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को सौंपेंगे.

मंत्रियों-विधायकों के खिलाफ कार्रवाई के थे निर्देश
लोकसभा चुनाव से पहले हाईकमान ने तमाम प्रभारियों को निर्देश दिए थे कि जिस भी विधायक और मंत्री की विधानसभा में परफॉर्मेंस खराब होगी, उसके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी. कार्यवाही से मतलब मंत्री पद से छुट्टी और भविष्य में टिकट नहीं देने के सख्त निर्देश दिए गए थे. कड़े निर्देश के पीछे हाईकमान की मंंशा पार्टी के खिलाफ जाकर काम नहीं करने देने का संदेश था. अब देखना है कि विपरित परिणाम आने पर हाईकमान कड़ी कार्यवाही करते है या नहीं.

मायावती का बड़ा बयान, कहा- SP-BSP-RLD के वोट राहुल-सोनिया को

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राजनीति में किसी नेता के बयानों से उनकी मन की बात का अंदाजा लगाना मुश्किल होता है. क्योंकि सियासत में गठबंधन के इस दौर में कौन किसके साथ मिल जाए, ये तो बाद में ही पता चल पाता है. हाल ही में कांग्रेस के खिलाफ बयान देकर चर्चा में आईं बसपा सुप्रीमो मायावती ने अब यूपी में रायबरेली में सोनिया गांधी व अमेठी में राहुल गांधी के समर्थन में वोट की अपील की है. उन्होंने कहा कि सपा-बसपा-रालोद गठबंधन समर्थक वोटर्स से अपील है कि वे अपना वोट राहुल-सोनिया को दें. जिसके बाद सियासत नए रंग में रंग चुकी है. यूपी में 6 मई को 14 संसदीय सीटों पर लोकसभा … Read more