हरियाणा में विधानसभा चुनाव से पहले पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा से लड़ाई में अशोक तंवर को बड़ा झटका लगा है. कांग्रेस ने प्रदेश में बड़ा बदलाव करते हुए कुमारी शैलजा को हरियाणा कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है. इसके साथ ही पार्टी आलाकमान ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को हरियाणा विधानसभा चुनाव में चुनाव अभियान कमेटी का चेयरमैन बनाया है.
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‘अब तो जेल में जाना पड़ेगा, जेल का पानी पीना पड़ेगा’
INX मीडिया मामले में पूर्व वित्त मंत्री पी.चिदंबरम (P. Chidambaram) को बड़ा झटका लगा है. चिदंबरम को राउज एवेन्यू कोर्ट (Rouse Avenue Court) ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत (judicial custody) में तिहाड़ जेल (Tihar Jail) भेजने के आदेश दिए हैं. गुरुवार शाम हुई सुनवाई के अनुसार पूर्व गृहमंत्री को 19 सितम्बर तक जेल में रहेंगे. उन्हें बैरक नंबर सात में रखा जाएगा. चिदंबरम की पैरवी करते हुए उनके वकीलों ने तिहाड़ जेल में एक अलग सेल और वेस्टर्न टॉयलेट देने की गुहार लगायी है. साथ ही उन्हें अतिरिक्त सुरक्षा देने की मांग भी की गयी है. वकीलों ने सेल में चिदंबरम के साथ किसी अन्य कैदी को साथ न … Read more
सचिन पायलट के खिलाफ किसने रची साजिश
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस (Rajasthan Congress) में एक व्यक्ति एक पद की मांग तेज हो रही है. निशाने पर सचिन पायलट (Sachin Pilot) हैं, जो प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष होने के साथ ही उप मुख्यमंत्री पद भी संभाले हुए हैं. अगर दबाव बढ़ा तो पायलट को प्रदेश अध्यक्ष पद छोड़ना पड़ सकता है. इस संभावना के मद्देनजर कुछ नेताओं ने प्रदेशाध्यक्ष पद के लिए लॉबिंग भी शुरू कर दी है.
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ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कमलनाथ सरकार को दी चेतावनी
मध्यप्रदेश कांग्रेस (Madhya Pradesh Congress) के कद्दावर नेता और ग्वालियर महाराज के नाम से मशहूर पूर्व लोकसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) ने अवैध खनन को लेकर कमलनाथ सरकार (Kamalnath Government) पर बोला हमला. सिंधिया ने सरकार को चेतावनी (Warned) देते हुए कहा कि अगर अवैध खनन का कारोबार नहीं रुका तो वह आगे आने को मजबूर होंगे. उन्होंने रेत के अवैध खनन पर अपनी ही सरकार को घेरा और इस कारोबार में लगे लोगों पर सख्त कार्रवाई की मांग की. बड़ी खबर: मध्यप्रदेश में भाजपा के सहयोग से ज्योतिरादित्य सिंधिया बन सकते हैं मुख्यमंत्री! बता दें, पूर्व केन्दीय मंत्री और पार्टी महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने दो दिवसीय बहुप्रतीक्षित ग्वालियर … Read more
पहलू खान मॉब लिंचिंग मामले में कभी भी आ सकती SIT की रिपोर्ट, होगी कार्रवाई: गहलोत
राजस्थान (Rajasthan) की कानून व्यवस्था को लेकर आईजी एवं जिला पुलिस अधीक्षकों की दो दिवसीय कॉफ्रेंस (Confrense) बुधवार को प्रदेश पुलिस मुख्यालय (Police Headquarter) में शुरु हुई. इस कांफ्रेंस में गृहमंत्री का जिम्मा संभाल रहे प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने डीजीपी, आईजी, एसपी सहित गृह सचिव से प्रदेश की कानून व्यवस्था की जानकारी ली. पुलिस मुख्यालय पर आयोजित इस दो दिवसीय कांफ्रेंस में मुख्यमंत्री गहलोत ने बुधवार को पत्रकारों से रूबरू होते हुए कहा कि आज सभी से जिले वार चर्चा की हैं. कल सभी पुलिस अधिक्षकों से वन टु वन चर्चा की जायेगी. सीएम गहलोत ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सरकार की मंशा प्रदेश … Read more
तंवर और हुड्डा की लड़ाई में शैलजा को मिला प्रदेश अध्यक्ष का पद
हरियाणा (Haryana) में विधानसभा चुनाव (Assembly Election) से पहले पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा (Ex CM Bhupendra Singh Hudda) से लड़ाई में अशोक तंवर (Ashok Tanwar) को बड़ा झटका लगा है. कांग्रेस ने प्रदेश में बड़ा बदलाव करते हुए कुमारी शैलजा (Kumari Shailja) को हरियाणा कांग्रेस (Congress) का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है. इसके साथ ही पार्टी आलाकमान ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को हरियाणा विधानसभा चुनाव में चुनाव अभियान कमेटी का चेयरमैन बनाया है.
हरियाणा विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस ने प्रदेश में पार्टी की कमान कुमारी शैलजा को सौंपी है. शैलजा पार्टी का दलित चेहरा हैं. हरियाणा में करीब 19 फीसदी दलित मतदाता हैं. इस तरह से कांग्रेस ने दलित समुदाय से आने वाले अशोक तंवर को हटाकर दलित समुदाय को ही पार्टी की कमान देने की रणनीति बनाई है. साथ ही कुमारी शैलजा गांधी परिवार की भी बहुत नजदीकी मानी जाती हैं. सोनिया गांधी के करीबी नेताओं में वो गिनी जाती हैं.
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा चुनाव कमेटी के प्रधान के साथ-साथ किरण चौधरी की जगह कांग्रेस विधायक दल के प्रधान भी होंगे. बुधवार को यह घोषणा कांग्रेस के हरियाणा प्रभारी गुलाम नबी आजाद ने की. इससे पहले पूर्व सीएम हुड्डा की सोनिया गांधी के साथ नई दिल्ली में 10 जनपथ पर बैठक हुई. हरियाणा कांग्रेस के प्रभारी गुलाम नबी आजाद सहित कई वरिष्ठ नेता भी इस बैठक में मौजूद थे. करीब दो घंटे तक चली बैठक के बाद हरियाणा कांग्रेस संगठन में बदलाव का ऐलान किया गया. पूर्व सीएम हुड्डा ने अपनी नियुक्ति पर खुशी जताते हुए पत्रकारों से बातचीत में कहा, पार्टी ने जो निर्णय किया है उसका मैं सम्मान करता हूं. मैं समझता हूं सोनिया जी ने मेरे ऊपर भरोसा जताया है और जिम्मेदारी दी है.
कांग्रेस हाईकमान के इस फैसले से पार्टी के वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर को बड़ा झटका लगा है. भूपेंद्र सिंह हुड्डा लम्बे समय से अशोक तंवर को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाने के लिए कांग्रेस आलाकमान पर दबाव बना रहे थे. उन्होंने इसके लिए बागी तेवर भी दिखाए थे. इसके साथ ही बताया जा रहा है कि पार्टी में कुछ कार्यकारी अध्यक्ष भी हो सकते हैं. पार्टी के वरिष्ठ नेता कुलदीप बिश्नोई, अजय सिंह यादव और किरण चौधरी को भी अहम जिम्मेदारी दिए जाने की संभावना है.
बता दें कि हरियाणा कांग्रेस में अशोक तंवर और हुड्डा खेमे में अरसे से घमासान मचा हुआ है. इसे समाप्त कराने के लिए पार्टी नेतृत्व द्वारा किए लेकिन सभी प्रयास विफल रहे. भूपेन्द्र हुड्डा की मांग थी कि अशोक तंवर को हटाया जाए. हुड्डा की मांग नहीं मानने पर बगावती तेवर दिखाते हुए हाल ही में हुड्डा ने रोहतक में परिवर्तन रैली की थी और सोनिया गांधी से भी मिले थे. जबकि अशोक तंवर चाहते थे कि राज्य की कमान किसी भी सूरत में भूपेंद्र सिंह हुड्डा को न मिले. ऐसे में कांग्रेस ने दोनों बीच का रास्ता निकालने के लिए कुमारी शैलजा को पार्टी की कमान सौंपनी की रणनीति बनाई है.
कुमारी शैलजा अम्बाला व सिरसा दोनों जगह से लोकसभा की सांसद रही हैं. वह पार्टी के नेता चौधरी दलवीर सिंह की बेटी हैं. दलवीर सिंह भी हरियाणा कांग्रेस के अध्यक्ष और केंद्र में कई बार मंत्री रह चुके हैं. कुमारी शैलजा यूपीए सरकार में मंत्री भी रह चुकी हैं और हरियाणा की सियासत में बड़ा चेहरा मानी जाती हैं. हरियाणा कांग्रेस का अध्यक्ष नियुक्त किए जाने के बाद कुमारी सैलजा ने कहा, यह बहुत बड़ी जिम्मेदारी है. मेरे कंधे पर पार्टी को राज्य में आगे बढ़ाने का बड़ा दायित्व है. पार्टी को खड़ा करने के लिए हम सभी को मिलकर काम करना होगा. हम पार्टी की विचारधारा के लिए प्रतिबद्ध हैं.
चिदम्बरम और शिवकुमार के बाद अब हरीश रावत का नम्बर!
हाल में पूर्व वित्तमंत्री और गृहमंत्री रहे पी.चिदंबरम (P.Chidambaram) को CBI ने और उसके बाद मंगलवार को कर्नाटक सरकार में मंत्री रहे डीके शिवकुमार (DK Shivkumar) को ED ने गिरफ्तार कर लिया. एक महीने में कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी की ये दूसरी घटना है. चर्चा चल रही है कि अगला नंबर उत्तराखंड के पूर्व सीएम हरीश रावत का आ सकता है. 2017 में उत्तराखंड के तत्कलीन मुख्यमंत्री हरीश रावत द्वारा विधायकों की खरीद-फरोख्त मामले का स्टिंग सामने आया था. इसके बाद उत्तराखंड में कांग्रेस सरकार गिरी और सरकार गिरने के बाद सीबीआई ने हरीश रावत के खिलाफ जांच शुरू कर दी थी.
CBI द्वारा मंगलवार को नैनीताल हाई कोर्ट में मॉडिफिकेशन एप्लीकेशन दायर की गई, जिसमें कहा गया कि इस मामले में सीबीआई की प्रारंभिक जांच पूरी हो चुकी है. इस मामले में सीबीआई हरीश रावत (Harish Rawat) की गिरफ्तारी करना चाहती है. हाईकोर्ट ने सीबीआई की एप्लीकेशन स्वीकार कर ली है. इसके बाद साफ हो गया है कि रावत पर गिरफ्तारी की गाज कभी भी गिर सकती है.
डीके शिवकुमार की गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस के आला नेताओं के बयान आने शुरू हो गए हैं. पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने ट्वीट करते हुए कहा, ‘डीके शिवकुमार की गिरफ्तारी ED/CBI और एक मीडिया को चुनिंदा व्यक्तियों को निशाना बनाने वाली एजेंसियों का उपयोग करके सरकार द्वारा निकाले गए प्रतिशोध की राजनीति का एक और उदाहरण है.’ राहुल गांधी ने पूर्व मंत्री पर की गयी कार्रवाई को बदले की कार्यवाही बताया.
The arrest of DK Shivakumar is another example of the vendetta politics unleashed by the Govt, using agencies like the ED/CBI & a pliant media to selectively target individuals.
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) September 4, 2019
वहीं कांग्रेस के पार्टी प्रवक्ता मनीष तिवारी (Manish Tiwari) ने केंद्र की मोदी सरकार पर आर्थिक संकट और अपनी विफलताओं से ध्यान भटकाने के लिए विरोधी नेताओं खासकर कांग्रेस नेताओं को निशाना बनाने का आरोप लगाया. तिवारी ने कहा, ‘सरकार के कुशासन और विफलता पर से ध्यान भटकाने के लिए विपक्षी नेताओं की गिरफ्तारी की जा रही है. शिवकुमार की गलती सिर्फ इतनी थी कि उन्होंने कर्नाटक में विधायकों को खरीद-फरोख्त से बचाने की कोशिश की. पिछले पांच साल में विपक्ष के एक भी नेता को अदालत ने दोषी नहीं ठहराया है.’
It’s been 96 days since the second BJP-NDA Govt assumed office. Three words that characterise this time period- tyranny, chaos and anarchy: @ManishTewari#EconomyParAdeRahenge pic.twitter.com/2VoQFJ8I88
— Congress (@INCIndia) September 4, 2019
तिवारी ने पटलवार करते हुए कहा कि कांग्रेस (Congree) इस दमन से डरने वाली नहीं है. भारत के लोकतंत्र को बरकरार रखने के लिए एक प्रमुख विपक्षी पार्टी की तरह हम आवाज उठाते रहेंगे. उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार को बने 96 दिन हो गए हैं लेकिन दमन, अत्याचार और अराजकता इस सरकार की कहानी बयां करते हैं. देश की अर्थव्यवस्था की बुनियाद कमजोर हो चुकी है और मुद्रा योजना ऐतिहासिक रूप से विफल रही है. वहीं कश्मीर मुद्दे पर अपने विचार रखते हुए कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि जम्मू-कश्मीर एक ज्वालामुखी की तरह है जो फटने को है लेकिन सरकार के बाद इस ‘मैन मेड डिजास्टर’ को हल करने की कोई नीति नहीं है.
सूत्रों के अनुसार सरकार पर कटाक्ष करते हुए हरीश रावत ने कहा, ‘वैसे तो सीबीआई की जांच में अभी तक हमने हर तरीके से सपोर्ट किया है. उन्होंने जब भी बुलाया है हम गए है. फिर भी सीबीआई से हमारा अनुरोध है कि अगर हमें गिरफ्तार करना है तो हमें यहां (उत्तराखंड) से पकड़कर और हथकड़ी लगाकर ले जाए. उत्तराखंड की जनता को भी पता चल सके कि हरीश रावत ने कौन सा अपराध किया है, जिसके चलते पूरी सत्ता उनके पीछे पड़ी है. सीबीआई के दुरुपयोग का हमारा मामला उदहारण बन सकता है.’
राजस्थान कांग्रेस में एक व्यक्ति एक पद की मांग तेज
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस (Rajasthan Congress) में एक व्यक्ति एक पद की मांग तेज हो रही है. निशाने पर सचिन पायलट (Sachin Pilot) हैं, जो प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष होने के साथ ही उप मुख्यमंत्री पद भी संभाले हुए हैं. अगर दबाव बढ़ा तो पायलट को प्रदेश अध्यक्ष पद छोड़ना पड़ सकता है. इस संभावना के मद्देनजर कुछ नेताओं ने प्रदेशाध्यक्ष पद के लिए लॉबिंग भी शुरू कर दी है. प्रदेश के प्रभारी अविनाश पांडे पहले ही कह चुके हैं कि प्रदेश में पूर्णकालिक अध्यक्ष होना चाहिए. मंगलवार को राजस्व मंत्री हरीश चौधरी (Harish Choudhary) ने भी यही मांग उठाई.
गौरतलब है कि 29 अगस्त को अविनाश पांडे ने कांग्रेस की कार्यवाहक अध्यक्ष सोनिया गांधी के साथ लंबी बैठक की थी. उसके बाद उन्होंने कहा था कि प्रदेश में पूर्णकालिक अध्यक्ष की मांग आ रही है. उनके इस बयान के बाद कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति करवट लेने लगी है और एक बार फिर एक व्यक्ति एक पद की मांग चल पड़ी है. सोनिया से पांडे की मुलाकात के बाद हरीश चौधरी दिल्ली जाकर पांडे से मिले थे.
हरीश चौधरी ने कहा कि एक व्यक्ति को एक ही पद संभालना चाहिए. हालांकि हरीश चौधरी खुद दो पदों पर हैं और AICC के सचिव होने के साथ ही कैबिनेट मंत्री भी बने हुए हैं. चौधरी ने कहा कि उन्होंने मंत्री बनने के बाद हाईकमान के सामने AICC सचिव का पद छोड़ने की पेशकश कर दी थी. प्रदेश में जिन नेताओं के पास भी दो पद हैं, उन्हें स्वविवेक से एक पद छोड़ने का फैसला करना चाहिए. दो पदों पर रहते हुए किसी भी पद के साथ न्याय करना संभव नहीं है.
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हरीश चौधरी ने इस सवाल को टाल दिया कि क्या वह खुद प्रदेश अध्यक्ष पद की दौड़ में हैं? उन्होंने कहा कि एक सोची-समझी साजिश के तहत जाट प्रदेशाध्यक्ष की मांग उठाई जा रही है. पहले किसानों के नाम पर और अब जाति का नाम पर जाटों को पार्टी से दूर रखने का प्रयास किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि पार्टी के सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय अध्यक्ष को फैसला लेने का अधिकार दिया है. सोनिया गांधी जो भी फैसला लेंगी, वही सर्वमान्य होगा.
इस बीच AICC के मीडिया पैनलिस्ट संदीप चौधरी (Sandeep Choudhary) ने कहा है कि राजस्थान में युवा जाट नेता को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाया जाना चाहिए. इसके साथ ही चार कार्यकारी प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति होनी चाहिए. इसी तरह सरकार में भी सोशल इंजीनियरिंग का फार्मूला अपनाने की जरूरत है. इसके तहत किसी दलित नेता को उप मुख्यमंत्री बनाना चाहिए, जिससे निकाय और पंचायत चुनावों में पार्टी को लाभ मिलेगा.
संकटमोचक पर आया संकट तो बिफर पड़े समर्थक, शिवकुमार ने गिरफ्तारी को बताया राजनीतिक प्रतिशोध
कांग्रेस के चाणक्य या कहें संकटमोचक माने जाने वाले वरिष्ठ नेता डीके शिवकुमार (DK ShivKumar) की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली से कर्नाटक तक कोहराम मच गया. कर्नाटक में जगह-जगह प्रदर्शन शुरू हो गया है. बैंगलुरु में गिरफ्तारी की खबर आते ही डीके शिवकुमार के समर्थक सड़क पर उतर आए. मंगलवार देर रात बेकाबू समर्थकों ने सड़क जाम कर सरकारी बसों को आग के हवाले कर दिया. रामनगर मंडल में करीब 10 बसों पर पथराव किया गया है. बसों के शीशे टूट गए हैं. रामनगर पुलिस ने बसों के संचालन पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है. इसी के चलते बुधवार को रामनगर के सभी स्कूल-कॉलेज बंद हैं. बता दें, प्रवर्तन … Read more
गहलोत सरकार की शिकायत पहुंची हाईकमान तक, सोनिया ने दिये निर्देश
राजस्थान कांग्रेस (Rajasthan Congress) में गुटबाजी अपने चरम पर है. सरकार और संगठन में चल रही खिंचतान अब जगजाहिर है. राजस्थान कांग्रेस में आपसी खींचतान की खबर हाईकमान को भी लग गई है. हाल ही में पार्टी के कई पदाधिकारियों व नेताओं ने संगठन महासचिव वेणुगोपाल के जरिये कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) से सरकार के मंत्रियों की शिकायत की है. सोनिया गांधी ने अविनाश पांडे (Avinash Pandey) को वास्तविक रिपोर्ट देने के निर्देश दिए है. राजस्थान में कांग्रेस की सरकार बने 8 माह से अधिक का समय हो चुका है. सरकार के मुखिया अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) हैं और संगठन के मुखिया हैं सचिन पायलट (Sachin Pilot).
गौरतलब है कि राजस्थान में चुनाव के पहले से अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर चली तनातनी अभी तक मतलब सरकार बनने के बाद तक भी बदस्तूर जारी है. इसके अनेकों उदाहरण हैं जो कि कई मौकों पर साफ देखे गए हैं. फिर चाहे वो टिकट विरतण के समय की खींचतान हो या चुनाव जीतने के बाद कि मुख्यमंत्री की कुर्सी के लिए चली लम्बी तनातनी. या फिर पिछले 8 माह में सरकार या संगठन का कोई कार्यक्रम हो. ऐसा कोई अवसर नहीं गया होगा जहां पार्टी की अंदरूनी खींचतान को सबने महसूस नहीं किया हो.
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सूत्रों ने बताया राजस्थान (Rajasthan) में कांग्रेस का शासन आने के बाद से ही कांग्रेस का आम कार्यकर्ता ही नहीं बल्कि पार्टी के पदाधिकारी भी सार्वजनिक तौर पर मंत्रियों के नहीं मिलने और काम नहीं करने को लेकर नाराज चल रहे थे. स्थानीय स्तर पर कई बार शिकायत किये जाने के बावजूद मंत्रियों का रवैया नहीं बदला तो पार्टी के कुछ नाराज पदाधिकारियों ने सरकार और मंत्रियों की आलाकमान से जुड़े नेताओं और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल से मिलकर शिकायत की. वेणुगोपाल ने इसकी जानकारी पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को दी.
बता दें, राजस्थान में कांग्रेस पार्टी की सरकार बनने के बाद कांग्रेस के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा था कि मंत्रियों के दरवाजे कार्यकर्ताओं के लिए हमेशा खुले रहेंगे. जबकि प्रदेश में सरकार बनने के 8 माह बाद भी बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं की सरकार से नाराजगी अब कांग्रेस के आलाकमान को भी बहुत खल रही है. सोनिया गांधी ने इस संबंध में पार्टी के प्रभारी महासचिव अविनाश पांडे से वास्तविक रिपोर्ट मांगी है.
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पार्टी के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट के मुलाकात कर उन्हें भी यह रिपोर्ट दी थी कि सरकार के मंत्री न तो जिलों में जाते है और यदि जाते भी हैं तो सरकारी या निजी कार्यक्रम के बाद वापस आ जाते हैं. ये मंत्री कांग्रेस कार्यालय जाना तो दूर वहां के नेताओं से भी नहीं मिलते हैं. यही वजह थी कि हाल ही में राजीव गांधी के 75वें जन्मोत्सव के दो दिवसीय कार्यक्रम के दौरान सचिन पायलट ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से कार्यकर्ता को तवज्जो देने और मंत्रियों को जिले में जाने, कांग्रेस कार्यकर्ताओं से मिलने के साथ ही उनकी समस्याएं दूर करने की बात कही थी.
सचिन पायलट ने कहा था कि राजीव गांधी संगठन को महत्वपूर्ण मानते थे और पार्टी कार्यकर्ताओं के प्रति उनके मन में बहुत सम्मान था. मुख्यमंत्रीजी आप कार्यकर्ताओं और विधायकों की सुनिए. जब कार्यकर्ता और विधायक आपके पास काम लेकर जाएं तो आप डीपीआर बनाने की बात नहीं कहकर तुरंत उसकी घोषणा कर दिया कीजिए. राजीव गांधी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा था कि राजीव गांधी कहा करते थे कि हमेशा सरकार से ज्यादा संगठन को तवज्जो देनी चाहिए. अब यह बात भी आलाकमान के पास पहुंची है कि सरकार न तो प्रदेश कांग्रेस को तवज्जो दे रही है और ना ही कार्यकर्ताओं को.
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प्रदेश में सरकार ने अभी अपने एक वर्ष का कार्यकाल भी पूरा नहीं किया है और सरकार के प्रति इतनी जल्दी कार्यकर्ताओं में बढ़ती नाराजगी से अब पार्टी हाईकमान भी चिंता में है. हाईकमान कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की शिकायतों को इसलिए भी सही मान रहा है कि यदि सरकार का कामकाज अच्छा होता और कार्यकर्ता तथा जनता खुश होती तो लोकसभा चुनावों में राजस्थान की सभी 25 सीटों पर करारी हार का मुंह नहीं देखना पड़ता. इसीलिए अब सोनिया गांधी ने प्रभारी महासचिव अविनाश पांडे से स्थिति की वास्तविक रिपोर्ट तैयार करने को कहा है. जिससे कार्यकर्ताओं और आम जनता से दूरी बनाने वाले मंत्रियों के बारे में तथ्यात्मक रिपोर्ट सामने आ सके और उसी के अनुसार उन ओर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जा सके.