RCA विवाद: नाराज डूडी के तेज हुए बगावती तेवर तो वहीं बीजेपी ने खोले दरवाजे

राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) में बुधवार को चले बड़े नाटकीय घटनाक्रम के बाद अध्यक्ष पद के लिए नामांकन खारिज होने के बाद पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी (Rameshwar Dudi) के बगावती तेवर तेज हो गए हैं. डूडी ने चुनाव अधिकारी आरआर रश्मि के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की बात कहते हुए कहा कि ये सारा खेल केवल ‘उसके लिए’ रचा जा रहा है. अपने बयान में डूडी ने इशारों-इशारों में अशोक गहलोत के सुपुत्र वैभव गहलोत का जिक्र किया जो आरसीए अध्यक्ष बनने के सपने देख रहे हैं.

मुख्यमंत्री गहलोत (CM Ashok Gehlot) के पुत्र वैभव गहलोत (Vaibhav Gehlot) को लेकर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कांग्रेस के दिग्गज़ नेता रामेश्वर डूडी ने आरसीए की चुनाव प्रक्रिया को तानाशाही बताया. डूडी ने कहा कि इन चुनावों में न केवल कानून और नियमों की धज्जियां उड़ाई गई हैं, साथ ही हाईकोर्ट के आदेशों को रद्दी के टोकरे में डाला गया है. अब आगे पावर और सरकारी मशीनरी का दुरूपयोग किया जाएगा और फर्जी तरीके से चुनाव परिणाम निकाले जाएंगे. उन्होंने कहा कि हम सभी को पता है कि आरसीए चुनाव का क्या परिणाम आ सकता है.

बता दें, बुधवार को आरसीए चुनाव (RCA Election) के लिए नामांकन का अंतिम दिन रहा. अध्यक्ष पद के लिए दो, उपाध्यक्ष के लिए चार, सचिव के लिए तीन और कोषाध्यक्ष पद के लिए चार आवेदन दर्ज हुए. नागौर जिला क्रिकेट संघ (Nagaur District Cricket Association) पर RCA ने पहले से ही बैन लगा दिया था लेकिन उसके बाद भी संघ के अध्यक्ष रामेश्वर डूडी, जिला एसोसिएशन के सचिव राजेंद्र नांदु और विनोद सहारण पर्चा दाखिल करने पहुंचे. स्टेडियम के बाहर हनुमान बेनीवाल के कहने पर आरएलपी के समर्थकों की भीड़ यहां मौजूद रही. भारी हंगामे के बीच डूडी सहित नांदु और सहारण ने पर्चा दाखिल कर दिया लेकिन चुनाव अधिकारी आरआर रश्मि के सूची न बदलने की बात कहते हुए तीनों का नामांकन रद्द कर दिया गया.

बड़ी खबर: RCA में जबरदस्त विवाद के बीच डूडी का नामांकन रद्द, सुप्रीम कोर्ट जा सकते हैं डूडी

कांग्रेस नेता रामेश्वर डूडी के बगावती तेवरों को उस समय और बल मिल गया जब महात्मा गांधी के जयंती पर मीडिया से बातचीत के दौरान भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया (Satish Poonia) ने कहा कि बीजेपी के दरवाजे सभी के लिए खुलें हैं, अगर डूडी बीजेपी में आते हैं तो उनका स्वागत है. इससे पहले बुधवार सुबह सोशल मीडिया पर RLP अध्यक्ष हनुमान बेनीवाल (Hanuman Beniwal) ने डूडी का स्पोर्ट कर उनका उत्साहवर्धन किया. इसकी झलक एसएमएस स्टेडियम के बाहर भी देखने को मिली जब आरएलपी और डूडी के समर्थकों ने डूडी को कंधों पर उठाकर उनके समर्थन में नारे लगाए.

RCA चुनाव दो दिन बाद यानि 4 अक्टूबर को होने हैं. परिणाम भी उसी दिन घोषित हो जाएंगे. ऐसे में डूडी गुट के पास चुनाव अधिकारी के फैसले को बदलने के लिए केवल एक दिन शेष है. अगर गुरुवार को इस मुद्दे पर कोई फैसला आता है तो संभावना यही बनती है कि आरसीए के चुनाव कुछ समय के लिए या लंबे समय के लिए रद्द कर दिए जाएं. अगर कल कोई फैसला नहीं आता है तो वैभव गहलोत का आरसीए अध्यक्ष बनना करीब-करीब तय है. जोधपुर सचिव राम प्रकाश चौधरी अध्यक्ष पद के लिए वैभव को चुनौती दे पाएं, इसकी संभावना कम है. वैभव गहलोत के आरसीए का नया कप्तान बनने के बाद सुप्रीम कोर्ट का उनके विपरित फैसला आने की उम्मीद भी नहीं के बराबर ही होगी.

RCA में जबरदस्त विवाद के बीच डूडी का नामांकन रद्द, सुप्रीम कोर्ट जा सकते हैं डूडी

RCA में बुधवार सुबह से हो रहे घमासान के बीच शाम होते होते एक के बाद एक नाटकीय मोड़ आते गए. चुनाव अधिकारी द्वारा नागौर जिला क्रिकेट एसोसिएशन (Nagaur District Cricket Association) को अयोग्य ठहराए जाने के बाद हाईकोर्ट की मोनिटरिंग कमेटी में आवेदन कर रामेश्वर डूडी (Rameshwar Dudi) अपने समर्थकों के साथ आरसीए अध्यक्ष पद के लिए नामांकन भरने पहुंचे. जहां भारी पुलिस बल और डूडी समर्थकों के बीच काफी धकामुक्की हुई. कांग्रेस के दिग्गज नेता रामेश्वर डूडी, सचिव राजेंद्र नांदु और विनोद सहारण ने नामांकन दाखिल किए लेकिन चुनाव अधिकारी आरआर रश्मि ने डूडी समेत तीनों के नामांकन खारिज कर दिये. ऐसे में अब डूडी ने सुप्रीम कोर्ट … Read more

वीडियो खबर: डंके की चोट पर बसपा विधायकों को पद न देने की बात कहे गहलोत- कटारिया

राजस्थान विधानसभा (Rajasthan Assembly) में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया (Gulab Chand Kataria) ने खींवसर में जबरदस्त भाषण देते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) पर करारे प्रहार किए. कटारिया ने कहा कि छोटे-मोटे बहुमत से पार्टी बनाने के बाद गहलोत ने बसपा के विधायकों को कांग्रेस में शामिल कर लिया. ये राजनीतिक भ्रष्टाचार नहीं तो क्या है. बसपा अपनी हाथी पर बैठकर आई और सबको रोंदकर चली गयी. उस समय तो गहलोत कुछ नहीं कर पाया. कटारिया ने कहा कि अगर गहलोत में दम है और कहीं कोई भ्रष्टाचार नहीं हुआ तो डंके की चोट पर कहकर बताए कि शामिल हुए सभी 6 विधायकों को कोई राजनीतिक पद नहीं दिया जाएगा. नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि गहलोत हर बार जोड़तोड की राजनीति करता है. पिछली बार भी ऐसा ही किया था.

वीडियो खबर: गहलोत और पायलट का भविष्य तय करेंगे खींवसर-मंडावा उपचुनाव- पूनिया

भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया (Satish Poonia) ने खींवसर (Khivnsar) में सभा को संबोधित करते हुए गहलोत सरकार और यहां की कानून व्यवस्था पर जमकर निशाना साधा. पूनिया ने कहा कि लोग मुझसे पूछते हैं कि ये बसपा की बैसाखियों पर चलने वाली सरकार कब गिरेगी. मैं कहना चाहता हूं कि 24 अक्टूबर को ये सरकार गिर जाएगी, इसका मुझे विश्वास है. बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि खींवसर और मंडावा विधानसभा उप चुनाव प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot), सचिन पायलट (Sachin Pilot) और राजस्थान (Rajasthan) का भाग्य तय करेगा.

मुख्यमंत्री गहलोत अपना राज बचाने के लिए दिल्ली-जयपुर के बीच अप-डाउन में व्यस्त: गजेंद्र सिंह

खींवसर में RLP प्रत्याशी नारायण बेनीवाल (Narayan Beniwal) की सभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत (Gajendra Singh Shekhawat) ने कहा कि ये उपचुनाव हनुमान बेनीवाल (Hanuman Beniwal) की प्रतिष्ठा से जुड़ा हुआ है. पहले हनुमान यहां से चुनाव लड़ते आ रहे हैं लेकिन अबकी बार नारायण के लिए समर्थन मांग रहे हैं. ये उनकी प्रतिष्ठा और सम्मान से जुड़ा है. गहलोत सरकार पर मोर्चा संभालते हुए गजेंद्र सिंह ने कहा कि पिछले 6 महीनों में प्रदेश सरकार की कानून व्यवस्था गर्त में समा गई. प्रतिदिन मासूमों से बलात्कार की खबरें आ रही हैं लेकिन राजस्थान में सरकार इन बलात्कारियों को इस तरह से संरक्षण दे रही है कि पुलिस मामलों की रिपोर्ट तक दर्ज नहीं कर रही.

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अपना राज बचाने के लिए अपना पूरा समय दिल्ली और जयपुर के बीच अपडाउन करने में निकाल रहे हैं. ऐसे में प्रदेश में कानून व्यवस्था का हाल तो ऐसा ही होगा. गजेंद्र शेखावत ने कहा कि लोकसभा चुनावों के बाद खींवसर की जनता के पास मौका है कि यहां जीत की गूंज प्रधानमंत्री मोदी के साथ-साथ प्रदेश सरकार के कानों में भी पहुंचे ताकि अलग कुछ गलत हो रहा हो तो सरकार के कानों में जनता की आवाज पहुंच सके.

बड़ी खबर: ‘अगर कांग्रेस खींवसर-मंडावा हारी तो जोधपुर जैसी होगी गहलोत की विदाई’

केंद्रीय मंत्री ने प्रदेश के बेरोजगार युवा और किसानों के बारे में कहा कि राजस्थान की गहलोत सरकार ने युवाओं और किसानों के साथ धोखा किया है. उन्होंने चुनाव से पहले किसानों की ऋण माफी, खातों में 6 हजार रुपये और बेरोजगारों को रोजगार भत्ता देने का वायदा किया था जो अब तक पूरा नहीं हो पाया.

 

 

अगर कांग्रेस खींवसर-मंडावा हारी तो जोधपुर जैसी होगी गहलोत की विदाई: बेनीवाल

नागौर सांसद और RLP चीफ हनुमान बेनीवाल (Hanuman Beniwal) ने खींवसर (Khivnsar) में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए जमकर गहलोत सरकार पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि राजस्थान के खींवसर और मंडावा में होने वाले उपचुनाव असल में एक सेमीफाइनल मैच है. अगर कांग्रेस इन दोनों विधानसभा सीटों पर चुनाव हारती है तो गहलोत की विदाई ठीक वैसी ही होगी, जैसी जोधपुर से हुई थी. उन्होंने कहा कि गहलोत अपने सुपुत्र वैभव को लोकसभा चुनाव के सहारे सदन में पहुुंचाना चाहते थे लेकिन गजेंद्र सिंह शेखावत ने उनकी इस मंशा को खत्म कर दिया. अब खींवसर-मंडावा में जीत के साथ गहलोत के दांत खट्टे करने हैं. हनुमान अपने भाई नारायण बेनीवाल के समर्थन में चुनावी सभा को संबोधित कर रहे थे. नारायण बेनीवाल उपचुनाव में खींवसर विधानसभा सीट से RLP के उम्मीदवार हैं.

उन्होंने कहा कि हमें खुशी है कि हनुमान के अलावा एक और किसान का बेटा बीजेपी का अध्यक्ष बना है. खींवसर और मंडावा में जीत की गूंज न केवल सतीश पूनिया का कद दिल्ली में और बढ़ाएंगी बल्कि प्रधानमंत्री मोदीजी तक भी पहुंचेगी. बेनीवाल ने कहा कि आपका भाई हनुमान चाहे सांसद बन गया है लेकिन आपको हकों की लड़ाई हमेशा लड़ता रहेगा.

हनुमान बेनीवाल ने कहा कि खींवसर की जनता पर मुझे पूरा भरोसा है. पहले विधानसभा और फिर लोकसभा चुनावों में मैंने यहां दो या चार सभाएं ही की थी लेकिन आपने मुझे ​जिताया. इस बार मुझे मंडावा भी जाना है और गहलोत के दांत खट्टे करने हैं.

बड़ी खबर: मंडावा विधानसभा से बीजेपी ने सुशीला सिंगड़ा को प्रत्याशी बना सबको चौंकाया

उन्होंने जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह का यहां आने पर धन्यवाद करते हुए कहा कि अंग्रेजों के समय से ही नागौर और जोधपुर की धरती अकालग्रस्त का दंश छेल रही है लेकिन वो दिन दूर नहीं जब आपका भाई हनुमान मंत्रीजी और प्रधानमंत्री मोदी से मिलकर मारवाड़ की धरती पर सिंचाई का पानी लाकर देगा.

सांसद बेनीवाल ने कहा कि मोदीजी ने जिस तरह धारा 370 हटाई, विकास के कार्यों को गति दी, उसे देखते हुए हनुमान खींवसर-मंडावा तो क्या, जरूरत पड़ी तो हरियाणा और महाराष्ट्र भी बीजेपी के प्रचार के लिए जाएगा. नागौर सांसद ने खींवसर की जनता का धन्यवाद देते हुए कहा कि शरीर में जब तक खून का आखिरी कतरा रहने तक हनुमान अपने छोटे भाईयों के लिए जयपुर और दिल्ली की सड़कों पर हूंकार भरता रहेगा.

इस मौके पर नारायण बेनीवाल, नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया, गजेंद्र सिंह शेखावत, बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया, उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़, अरूण चतुर्वेदी, केंद्रीय मंत्री अर्जुन मेघवाल, गजेंद्र सिंह खींवसर, राम नारायण डूडी, जसवंत सिंह विश्नोई, विधायक मोहन, विधायक रूपाराम, इंद्रा बावरी और पुखराज गर्ग सहित कई नेता और गणमान्य लोग मौजूद रहे.

वीडियो खबर: जब पूनिया ने गहलोत पर किया पलटवार

राजस्थान (Rajasthan) के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) की ‘Howdy Modi’ कार्यक्रम में पीएम मोदी पर की गई टिप्पणी पर राज्य के भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया (Satish Poonia) ने पलटवार करते हुए कहा कि गहलोत केवल दिल्ली (Delhi) के एक परिवार को खुश करने की कोशिश करते रहते हैं. वो जनहित के मुद्दों पर बात नहीं करते बल्कि बेवजह की टिप्पणी करते रहते है.

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राजनाथ की पाकिस्तान को दो टूक- 1971 जैसी गलती मत दोहराना वरना अंजाम समझ लेना

पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 103 वी जयंती के उपलक्ष्य में बुधवार को जयपुर के धानक्या में पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्मारक पर स्मृति समारोह कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शिरकत की. समारोह में राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा कि पाकिस्तान 1971 की जैसी गलती ना दोहराए अगर हालात बिगड़े तो फिर पाकिस्तान का क्या होगा, इस बारे में पाकिस्तान पहले सोच लेना चाहिए. साथ ही राजनाथ सिंह ने यह भी कहा कि हम पाक अधिकृत कश्मीर में पाकिस्तान के वजूद को स्वीकार नहीं करते हैं, इसलिए कश्मीर विधानसभा में 24 सीट खाली रखी गयी है.

समारोह में केन्द्रीय मंत्री राजनाथ सिंह ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के बारे में बताया कि वो आदर्श पुरुष का बेहतरीन उदाहरण थे. भक्ति समन्वित, ज्ञानयुक्त, निःसंघकाम कर्मयोगी ये तीनों विशेषताएं उनमें समाहित थीं. भारत का सर्वांगीण विकास करने के लिए एक दार्शनिक अवधारणा की ज़रूरत थी और यह अवधारणा एकात्म मानववाद की थी. राजनाथ सिंह ने आगे कहा कि पंडित जी ने भारत की राजनीति के लिए नया विचार देने का काम किया था. पूंजीवाद, समाजवाद और साम्यवाद भारत का भला नहीं कर सकते बल्कि देश का भला एकात्म मानववाद ही कर सकता है. हर व्यक्ति के मन को सुख मिल जाए ऐसा काम होना चाहिए. धन मिले या न मिले लेकिन हर व्यक्ति को मान सम्मान ज़रूर मिलना चाहिए. हर बुद्धि के लिए ज्ञान मिल जाए ऐसी भी व्यवस्था होनी चाहिए. हर हाथ को काम मिलना चाहिए और इन सब पर दीनदयाल जी की कही बातों पर मौजूदा सरकार ने काम किया है.

समारोह में मुख्य अतिथि रहे राजनाथ सिंह ने आगे अपने संबोधन में कहा जब-जब भारत की सीमाएं छोटी हुई हैं तब तब देश की आवाज़ उठाने का काम राष्ट्रवादियों ने किया है. पहले यह काम जनसंघ ने किया और अब यह काम भाजपा करती है. वहीं केन्द्रीय मंत्री के रूप में राजनाथ सिंह केंद्र सरकार के कार्यों की जानकारी देते हुए कहा कि हम देश की 80 से 90 फीसदी जमीन सिंचित करना चाहते हैं. केंद्र सरकार की कोशिश साल 2022 तक बड़ा लक्ष्य हासिल करने की है. हर घर में नल और हर नल में जल हमारा लक्ष्य है इसके लिए हमनें अलग से जल शक्ति मंत्रालय बनाया है जिसको राजस्थान के ही मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत संभाल रहे है.

राजनाथ सिंह ने हाउडी मोदी कार्यक्रम का ज़िक्र करते हुए कहा कि इससे देश के लोग गौरवान्वित हुए है हर भारतीय का सीना 56 इंच चौड़ा हो गया है. वहीं जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाये जाने पर उन्होंने कहा इसका सबसे पहले विरोध पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने ही किया था. जम्मू कश्मीर में भारत सरकार के कानून मान्य नहीं होते थे. हम हर चुनावी घोषणा पत्र में 370 हटाने की बात करते थे इस पर कुछ लोग सवाल उठाने लगे थे, कहते थे कि भाजपा लोगों को धोखा देती है लेकिन हम देश के लोगों को धोखा नहीं दे सकते. हमें चुनाव हारना मंजूर है लेकिन हम देशवासियों को धोखा नहीं देंगे. आज 370 हटाये जाने के इस ऐतिहासिक कदम का मुस्लिम समुदाय ने भी स्वागत किया है.

पंडित दीनदयाल उपाध्याय की स्मृति में आयोजित हुए इस कार्यक्रम में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ केन्दीय श्रम व रोजगार राज्य मंत्री संतोष गंगवार, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सर कार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल, राजस्थान प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतीश पूनिया, जयपुर ग्रामीण संसद राज्यवर्धन सिंह राठौड़ सहित अनेक भाजपा विधायक व कार्यकर्ता मौजूद रहे.