पहलू खान मॉब लिंचिंग मामले में पिछली वसुंधरा सरकार की भूमिका की होगी जांच- गहलोत

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक प्रेस वार्ता को सम्बोधित करते हुए बहुचर्चित पहलू खान मॉब लिंचिंग मामले में पिछली वसुंधरा राजे सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए पिछली सरकार की भूमिका की जांच करवाने की बात कही. तो उधर पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा है कि एक तरफ गहलोत सरकार पहलू खान मामले की दोबारा जांच करा रही है वहीं, दूसरी तरफ अलवर के ही हरीश जाटव मॉब लिंचिंग मामले में एक्शन नहीं ले रही है. सीएम अशोक गहलोत ने रविवार को अपने वर्तमान कार्यकाल में पहली बार सीएम आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की. सीएम गहलोत ने पत्रकारों से वार्ता शुरू करते हुए कहा कि जो बजट हमने … Read more

कांग्रेस को बडा़ झटका, हुड्डा ने पकड़ी अलग राह, बोले- आज अतीत से हुआ मुक्‍त

हरियाणा के पूर्व मुख्‍यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कांग्रेस से अलग होने का साफ संकेे‍त देते हुए कहा, “आज मैं खुद को अतीत से मुक्‍त करता हूं, कांग्रेस अब पहले वाली कांग्रेस नहीं रही और अब भटक गई है. मैं यहां सारी चीजों से मुक्‍त होकर अपनी बात कहने आया हूं. मुझे नेताओं व रैली में मौजूद लोगों द्वारा कोई भी फैसला लेने का जो अधिकार दिया है उसके लिए मैं एक कमेटी का गठन करुंगा. कमेटी की सलाह पर इस बारे में कोई भी फैसला लूंगा.”

पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा ने रविवार को रोहतक मेें आयोजित महापरिवर्तन रैली में बड़ा बयान देते हुए कहा कि, “जम्‍मू-कश्‍मीर से अनुच्‍छेद हटाने का हमारे (कांग्रेस) नेताओं ने विरोध किया, यह सही नहीं था. मैंने देशहि‍त के इस निर्णय का समर्थन किया. उन्‍होंने कहा, मेरे परिवार की चार पीढ़ियां कांग्रेस से जुड़ी रही हैं. हमने कांग्रेस के लिए जी-जान से मेहतन की, लेकिन अब कांग्रेस पहले वाली नहीं रही. अब यह बदल गई है.”

हुड्डा समर्थक 13 विधायक, कई पूर्व विधायक सहित हरियाणा के कई वरिष्‍ठ नेता महा परिवर्तन रैली में मौजूद रहे. सभी ने एक सुर में कहा कि हुड्‌डा को एक मजबूत फैसला लेना चाहिए. वह जो भी तय करेंगे, उसमें हम सभी उनके साथ हैं. इस दौरान पूर्व सीएम ने कहा कि “आज हरियाणा का किसान तबाही की ओर है और बेरोजगारी बढ़ रही है. मैं 72 साल का हो गया हूं और रिटायर होना चाहता था, लेकिन हरियाणा की हालत देखकर संघर्ष का फैसला किया. देशहित से ऊपर कुछ नहीं.”

उन्‍होंने जम्मू-कश्‍मीर से अनुच्‍छेद 370 हटाने की चर्चा करते हुए कहा कि 370 पर कांग्रेस थोड़ी राह भटक गई है. महापरिवर्तन रैली में हुड्डा ने कहा कि आज हर चीज से मुक्‍त होकर यहां आया हूं, मैं आज अतीत से मुक्‍त होकर इस मंच पर आया हूं. उन्‍होंने कहा अपने परिवार की चार पीढि़यों के पार्टी से जुड़ाव और इसके लिए योगदान की चर्चा करते हुए कहा कि अब कांग्रेस पहले वाली नहीं रही.

बड़ी ख़बर:- जींद में अमित शाह के तेजस्वी भाषण के साथ ही विधानसभा चुनाव का बजा बिगुल

बता दें कि रोहतक में रविवार को आयोजित महापरिवर्तन रैली में नेताओं के तेवर तीखे दिखे. करण सिंह दलाल ने साफ कहा कि कांग्रेस नेतृत्‍व यदि हरियाणा में पार्टी की कमान हुड्डा को नहीं दे तो अलग राह अपनाई जाए. पूर्व स्‍पीकर रघुबीर कादियान ने एक लाइन का प्रस्‍ताव रखा कि हुड्डा जो भी फैसला करेंगे उसके साथ हम सभी खड़े हैं. उन्‍होंने जनसभा में लोगों से हाथ उठवाकर इसका समर्थन भी कराया.

पूर्व सीएम हुड्डा ने आगे कहा, “मैं 72 साल का हो गया हूं और रिटायर होना चाहता था, लेकिन हरियाणा की हालत देखकर संघर्ष का फैसला किया। उन्‍हाेंने कहा कि देशहित से ऊपर कुछ नहीं. 370 पर कांग्रेस कुछ भटक गई, लेकिन देशभक्ति और स्वाभिमान का मैं किसी से समझौता नहीं करूंगा, इसीलिए मैंने 370 हटाने का समर्थन किया. उन्‍होंने कहा, उसूलों के लिए टकराना भी जरूरी है, जिंदा हो तो जिंदा दिखना जरूरी है.

हाल ही में हरियाणा सीएम मनोहरलाल खट्टर द्वारा किये गए नौकरियों के दावे पर सवाल उठाते हुए पूर्व सीएम हुड्डा ने कहा कि नौकरियां कैसी दी जा रही है, एमए पास युवाओं को चपरासी की नौकरी दी जा रही है, नौकरियां बेची जा रही है. रैली में हुड्डा ने जमकर चुनावी घोषणाएं भी कीं. उन्‍होंने कहा कि अगर मेरी सरकार बनी तो सबसे पहले अपराधियों का सफाया करूंगा. प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति बिलकुल चौपट हो चुकी है.

हुडा ने चुनावी घोषणायें करते हुए आगे कहा कि किसानों का कर्जा माफ किया जाएगा, इसमें भूमिहीन किसानों को भी शामिल किया जाएगा. आज कर्मचारी सबसे ज्यादा तकलीफ में हैं. आंगनबाड़ी, आशा वर्कर का भत्ता बढ़ाया जाएगा. पंजाब के समान कर्मचारियों को वेतनमान दिया जाएगा, पुरानी पेंशन लागू होगा. सातवां वेतन आयोग पूर्ण रूप से लागू होगा. 1 फरवरी 2016 से सबको एचआरए दिया जाएगा. जितने भी पढ़े लिखे चतुर्थ श्रेणी में भर्ती हुए हैं उन्हें क्लास बनाया जाएगा.

चुनावी घोषणाओं का क्रम आगे बढ़ाते हुए हुडा ने कहा कि गरीब महिलाओं के खाते में हर महीने दो हजार रुपये डाले जाएंगे. बीपीएल को 300 यूनिट तक बिजली फ्री, विवाह शगुन योजना एक लाख रुपये, गरीब आदमी को दो रुपये किलो चावल व गेहूं देंगे. फसल बीमा योजना की किश्त हरियाणा सरकार भरेगी. रोजगार के लिए ऐसी स्कीम बनाएंगे कि हर परिवार में योग्यता के आधार पर एक व्यक्ति को नौकरी देंगे. जब तक नौकरी नहीं मिलेगी योग्यता भत्ता देंगे. 75 प्रतिशत नौकरी हरियाणा के युवाओं को मिले इसके लिए कानून बनाएंगे.

आगे बोले हुड्डा कि बुढ़ापा पेंशन पांच हजार रुपये महीना देंगे. हरियाणा रोडवेज में महिलाओं की यात्रा फ्री करेंगे. गरीबों के लिए चार लाख घर बनाकर देंगे. दलित बच्चों को आठवीं तक 500, 12वीं तक 1000 व उससे ऊपर 1500 रुपये देंगे. हुड्डा ने कहा कि उनकी सरकार बनी तो चार उपमुख्यमंत्री बनाएंगे. एक ओबीसी, एक अनुसूचित जाति , एक ब्राह्मण व एक अन्य किसी वर्ग से.

रैली के दौरान अन्‍य नेताओं ने भी अपने संबोधन में कहा कि हुड्डा अब मजबूत फैसला करें, हम उसके साथ हैं. विधानसभा के पूर्व स्‍पीकर कुलदीप शर्मा ने कहा कि कांग्रेस कहां है, कमरों में बैठे कुछ नेता कांग्रेस की दशा नहीं बदल सकते. यदि कांग्रेस को हालत सुधारनी थी तो भूपेंद्र सिंह हुड्डा को कमान देनी चाहिए थी. दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि आज हरियाणा की राजनीति दोराहे पर है.

भूपेंद्र सिंह हुड्डा के राजनीतिक वारिस और पूर्व सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने रैली को सम्बोधित करते हुए कहा कि हरियाणा, आज भूपेंद्र सिंह हुड्डा के विकास की राजनीति और भाजपा के राजनीति के दोहारे पर खड़़ा है. उन्‍होंने जम्‍मू-कश्‍मीर से अनुच्‍छेद 370 हटाने की चर्चा करते हुए कहा कि हमने देशहित को समर्थन किया. इसे हटाने का तरीका सही नहीं था, लेकिन यह राष्‍ट्रहित में था. उन्‍होंने कहा कि इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए. उन्‍होंने भूपेंद्र सिंह हुड्डा सरकार के कार्यों की चर्चा करते हुए कहा कि उस समय हरियाणा नंबर वन था और आज हर क्षेत्र में पिछड़ गया है. उन्‍होंने कहा कि हरियाणा में परिवर्तन के लिए अब बिगुल बज गया है.

रैली में मंच संचालन पूर्व मंत्री गीता भुक्‍कल ने किया. पूर्व मुख्‍य संसदीय सचिव जिलेराम शर्मा ने कहा कि हुड्डा ने हरियाणा में अभूतपूर्व कार्य किया. रैली को जयवीर वाल्मीकी ने भी संबोधित किया. कांग्रेस विधासक आनंद सिंह दांगी ने कहा कि देश में जो भी परिवर्तन जनता के माध्‍यम से होता है. आज जितनी संख्‍या में लोग आए हैं वह परिवर्तन का संकेत दिया है. रैली को विधायक ललित नागर ने भी संबोधित किया. उन्‍होंने कहा कि राज्‍य की जनता अब परिवर्तन चाहती है. यह परिवर्तन भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्‍व में हो सकता है. हुड्डा के नेतृत्‍व में हरियाणा में अगली सरकार बनानी है.

इस महापरिवर्तन रैली में हुड्डा समर्थक विधायक, कई पूर्व विधायक सहित हरियाणा के कई वरिष्‍ठ नेता मौजूद रहे. रैली से पहले ही कयास लगाए जा रहे थे हुड्डा कांग्रेस से अलग राह की ओर कदम बढ़ा सकते हैं. इसका पता इस बात से चल जाता है कि पूरे रैली स्‍थल पर कहीं भी कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी का फोटो व कांग्रेस का चुनाव चिन्ह नजर नहीं आया.

रैली का आयोजन मेला ग्राउंड पर किया गया था और रैली के लिए बनाया गए पंडाल में काफी संख्‍या में हुड्डा समर्थक गुलाबी पगड़ी पहनकर बैठे हुए थे. रैली स्‍थल पर कहीं भी कांग्रेस का झंडा नहीं लगे होने से कयासबाजी तेज हो गई.

बता दें बीती रात पूर्व सीएम हुड्डा ने कांग्रेस की अंतरिम अध्‍यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात हुई थी और इसके बाद यह अनुमान लगाया जा रहा था कि वह फिलहाल अलग पार्टी का ऐलान नहीं करेंगे. इसके बाद हुड्डा ने रैली में एक कमेटी के गठन का ऐलान किया. यह कमेटी कांग्रेस से अलग होने के बारे में एक हफ़्ते में अपनी रिपोर्ट देगी और भविष्य की राजनीति पर जनता की भावना जानेगी. कांग्रेस विधायक और पूर्व विधानसभा अध्‍यक्ष कुलदीप शर्मा कमेटी के अध्यक्ष हो सकते हैं.

राजीव गांधी की जयंती धूमधाम से मनाने की तैयारी

राजस्थान कांग्रेस 20 अगस्त को पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती धूमधाम से मनाने की तैयारी कर रही है. सभी प्रदेश इकाइयों इस संबंध में निर्देश भेज दिए गए हैं. राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी भी धूमधाम से राजीव गांधी जयंती मनाएगी. इस मौके पर सोनिया गांधी को निमंत्रण भेजा गया है, जो उन्होंने अभी स्वीकार नहीं किया है, लेकिन पूरी उम्मीद है कि 20 अगस्त को उनका जयपुर दौरा हो सकता है. राजस्थान में कांग्रेस की सरकार होने से राजीव गांधी जन्मोत्सव समारोह बड़े पैमाने पर धूमधाम से मनाने की तैयारी है. सोनिया गांधी एक-दो दिन में फैसला करेंगी कि वह जयपुर पहुंचेंगी या नहीं. 22 अगस्त को तालकटोरा स्टेडियम … Read more

बाढ़ग्रस्त हिंडौली में राहत कार्यों में हाथ बंटाने पानी में उतरे चांदना

राजस्थान सरकार में युवा मामले एवं खेल मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), कौशल, रोजगार, परिवहन राज्यमंत्री अशोक चांदना शुक्रवार को अपने विधानसभा क्षेत्र बूंदी के हिंडौली पहुंचे. यहां भारी बारिश से कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात है. ​भीषण बाढ़ग्रस्त हालातों को देखते हुए खेल मंत्री खुद कमर तक के पानी में उतर गए और राहत कार्यों में हाथ बटाने लगे. गौरतलब है कि भारी बारिश के कारण बूंदी के हिंडौली तहसील में बाढ़ के से हालात हैं. गहलोत सरकार में खेल एवं युवा मामले मंत्री अशोक चांदना बाढ़ राहत कार्यों का निरीक्षण करने शुक्रवार को हिंडौली पहुंचे. वहां के हालात देख चांदना रूक न पाए और कमर तक के पानी में … Read more

‘अधिकतम सदस्यता दिवस’ मनाकर दी वाजपेयी को श्रद्धांजलि

शुक्रवार को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रथम पुण्यतिथि पर श्रद्धांजली देते हुए राजस्थान की भारतीय जनता पार्टी ने इस दिन को ‘अधिकतम सदस्यता दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया. जिसमें पार्टी के सभी सदस्य, जिला संयोजक, जिला प्रवासी, प्रभारी, विभिन्न मोर्चो, इकाइयों व कार्यकर्ताओं ने पार्टी के अधिक से अधिक सदस्य बनाये. अधिकतम सदस्यता अभियान के तहत आज प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सहित पार्टी के कई वरिष्ट नेता प्रदेशभर में प्रवास पर रहे एवं विभिन्न बूथों पर जाकर पार्टी के लिए अधिकतम सदस्य बनाये. गौरतलब है कि भारतीय जनता पार्टी द्वारा इन दिनों देशव्यापी सदस्यता अभियान चलाया जा रहा है. बीजेपी ने पार्टी के … Read more

जींद में अमित शाह के तेजस्वी भाषण के साथ ही विधानसभा चुनाव का बजा बिगुल

संसद के मॉनसून सत्र के दौरान दोनों सदनों में अपनी जबरदस्त ताल ठोक चुकी बीजेपी अब साल के आखिर में होने वाले हरियाणा, महाराष्ट्र और झारखंड राज्यों के विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुट गई है. भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को हरियाणा के जींद से इसकी शुरुआत की.

केंद्रीय गृहमंत्री और भाजपा अध्‍यक्ष अमित शाह ने शुक्रवार को हरियाणा के एकलव्‍य स्‍टेडियम में आयोजित आस्‍था रैली में ‘भारत माता की जय’ के जयकारे के साथ आगामी महीनों में होने वाले हरियाणा विधानसभा चुनाव का बिगुल बजा दिया. अमित शाह के भाषण का अधिकांश हिस्सा कश्मीर से अनुच्छेद370 को हटाने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ पर रहा. शाह ने कहा कि नरेंद्र मोदी ने देश की जनता और सरदार बल्‍लभ पटेल के सपने को पूरा किया है. मोदी सरकार ने देश को एक किया और जम्‍मू-कश्‍मीर से 370 हटाकर वहां विकास की राह खोली. उन्‍हाेंने चीफ ऑफ आर्मी स्‍टाफ को देश की सुरक्षा को मजबूत करने वाला कदम बताते हुए दुश्‍मन के लिए वज्र के समान बताया.

कांग्रेस पर सीधा निशाना साधते हुये बीजेपी के चाणक्य ने कहा कि 70 साल तक कांग्रेस की सरकार वोटबैंक के लालच में जम्मू कश्मीर में ये सब नहीं कर पाई. नरेंद्र मोदी वोट बैंक की राजनीति नहीं करते और उनको बस मां भारती की परवाह है. यही कारण है कि उन्होंने जम्‍मू-कश्‍मीर से अनुच्‍छेद 370 खत्‍म करने का निर्णय किया और जो काम 70 साल में नहीं हुआ वो मोदी जी ने 75 दिनों में कर दिखाया.

बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा, ‘मैं हरियाणा में जब भी आया यहां की जनता ने हमेशा मेरी झोली कमल के फूलों स्व भरी दी. विधानसभा चुनाव में आया तो यहां पहली बार भाजपा की सरकार बना दी. लोकसभा चुनाव में आया तो जनता ने अपार प्यार दिया और मोदी जी के नेतृत्व में 300 पार की फिर से सरकार बना दी. इस बार आया हूँ तो मुझे विश्वास है कि इस बार भी जब चुनाव होंगे तो वीरभूमि के लोग 75 सीटों के साथ मनोहर लाल खट्टर को आशीर्वाद देंगे.’

गृहमन्त्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीफ ऑफ आर्मी स्‍टाफ की नियुक्ति का बड़ा कदम उठाया है. यह देश की सुरक्षा के लिए बहुत बड़ा कदम है. इससे देश की तीनों सेनाएं बेहतर तालमेल से काम कर सकेंगी. यह दुश्‍मन के लिए वज्र के समान साबित होगा. अमित शाह ने कहा, आज कश्‍मीर से कन्‍याकुमारी तक एकसूत्र में बंध चुका है. पीएम मोदी ने मां भारती का गौरव बढ़ाया है. आज पूर्व प्रधानमंत्री स्‍वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की आत्‍मा ऊपर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अनुच्‍छेद 370 को हटाने के लिए आशीर्वाद दे रही होगी.

अमित शाह ने हरियाणा के मुख्‍यमंत्री मनोहरलाल की भी जमकर तारीफ की और हरियाणा की भाजपा सरकार द्वारा किए गए कार्यों की सराहना की. उन्‍होंने कहा कि जाति व वर्ग की राजनीति करने वाले नेताओं ने हरियाणा में नफरत और भेदभाव का माहौल बना रखा था. मनोहरलाल की सरकार ने इसे खत्‍म कर पूरे राज्‍य का समान विकास कराया और जनता में उम्‍मीद की लौ जलाई. साथ ही उन्‍होंने कांग्रेस और चौटाला परिवार पर जमकर हमले किए. उन्‍होंने कहा कि कांग्रेस और चौटाला परिवार ने हरियाणा का सत्‍यानाश किया. मनोहरलाल की सरकार ने नौकरियों में भेदभाव और भ्रष्‍टाचार खत्‍म किया.

अमित शाह ने हुड्डा और चौटाला को खुले मंच से चुनौती देते हुए कहा कि वह विकास के लिए खर्च पैसों का हिसाब किताब और आंकड़े लेकर जनता के बीच जाएं, हमारे मुख्यमंत्री उनसे बहस करने को तैयार हैं. उन्‍होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा और चौटाला सरकारों पर उठाए सवाल. उन्‍होंने कहा, पूर्व सरकारों में हरियाणा जमीन के व्यापार के लिए जाना जाता था. सरकारें बिल्डरों के हाथ में कठपुतलियां बनकर खेलती थी और नौकरियां व्यवसाय थीं. लेकिन, मुख्यमंत्री मनोहर लाल की सरकार ने भ्रष्टाचार को भूतकाल बना दिया है.

अमित शाह ने कहा कि हरियाणा से सभी लालों के जाने के बाद हमारा लाल (मनोहरलाल) आया है. हरियाणा में अब जातिवाद खत्‍म हो चुका है. जाति के आधार पर नौकरियों नहीं मिलती हैं और न ही जाति व क्षेत्र के आधार पर विकास होता है. तबादलों में पारदर्शिता लाकर मुख्‍यमंत्री मनोहर लाल ने जनता को भारी राहत दी. लिंगानुपात में सुधार हो या ऑनलाइन तबादले या आशा वर्करों और आंगनबाडी वर्करों के मानदेय में इजाफा, मनोहर सरकार ने शानदार काम किया है.

इससे पहले रैली में पहुंचने पर अमित शाह का नारों से जोरदार स्‍वागत किया गया. रैली के आयोजक पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह ने अमित शाह हो ‘स्‍टील मैन’ करार दिया. अमित शाह का रैली स्‍थल पर हरियाणा के मुख्‍यमंत्री मनोहरलाल, प्रदेश भाजपा अध्‍यक्ष सुभाष बराला और बीरेंद्र सिंह ने अगवानी की. मुख्‍यमंत्री मनोहरलाल ने अमित शाह का स्‍वागत किया और उनको लौह पुरुष बताया. बीरेंद्र सिंह ने जम्‍मू-कश्‍मीर से 370 हटाने के लिए अमित शाह काे हरियाणवी लठ भेंट किया.

गौरतलब है कि इस आस्था रैली का आयोजन जींद में बीजेपी के राज्यसभा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह द्वारा करवाया गया. जींद चौधरी बीरेंद्र सिंह का गृह जिला भी है और चौधरी बीरेंद्र सिंह की पत्नी प्रेमलता जींद जिले की उचाना सीट से विधायक हैं. हिसार संसदीय क्षेत्र से उनके बेटे बृजेंद्र सिंह भी सांसद हैं. इस रैली में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, हरियाणा के प्रभारी महासचिव अनिल जैन सहित तमाम मंत्री और नेता मौजूद रहे.

पहलू खान पर मायावती ने साधा गहलोत पर निशाना, प्रियंका ने बताया चौकानें वाला फैसला

अलवर के बहरोड़ में मॉब लिंचिंग का शिकार हुए पहलू खान और हाल में आए अलवर कोर्ट के फैसले पर अब राजनीति शुरू हो गयी है. पहलू खान मामले में एडीजे कोर्ट ने इस मामले से जुड़े सभी 6 आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया. मॉब लिंचिंग को लेकर राज्य में किसी कोर्ट का पहला फैसला है. अब इस मामले में बसपा सुप्रीमो मायावती ने राजस्थान की गहलोत सरकार पर निशाना साधा है. वहीं प्रियंका गांधी ने भी इस मुद्दे को उछाला है. यह भी पढ़ें: पहलू खान मॉब लिंचिंग मामले में सभी आरोपी बरी, अलवर जिला कोर्ट ने सुनाया फैसला सोशल मीडिया पर मायावती ने लिखा, … Read more

भाजपा के संगठन चुनाव का कार्यक्रम तय

भाजपा के संगठन चुनाव का कार्यक्रम तय हो गया है. चुनाव प्रक्रिया 11 सितंबर से शुरू होगी और अगले साल की शुरूआत में भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव हो जाएगा. फिलहाल अमित शाह भाजपा अध्यक्ष हैं. उनके गृहमंत्री बनने के बाद जेपी नड्डा को अंतरिम तौर पर कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है. मंगलवार 13 अगस्त को दिल्ली में भाजपा के 33 राज्यों के चुनाव अधिकारियों की कार्यशाला हुई थी. इसमें संगठन चुनाव की रूपरेखा विस्तार से बताई गई. कार्यशाला में भाजपा के राष्ट्रीय चुनाव प्रभारी पूर्व केंद्रीय मंत्री राधामोहन सिंह, कार्यवाहक अध्यक्ष जेपी नड्डा और संगठन चुनाव के प्रभारी महासचिव बीएल संतोष मौजूद थे. भाजपा का संगठन चुनाव … Read more

स्वतंत्रता दिवस पर पायलट ने किया स्वतंत्रता सेनानियों का सम्मान

देश भर में 73वां स्वतंत्रता दिवस धूमधाम से मनाया गया. पूरे देश में झंडारोहण के साथ-साथ विभिन्न कार्यक्रम भी आयोजित हुए. स्वतंत्रता दिवस के इस पावन पर्व पर आज जयपुर स्थित इंदिरा गांधी भवन स्थित राजस्थान प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पर झंडारोहण किया गया प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट द्वारा स्वतंत्रता सेनानियों का सम्मान किया गया. 73वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने प्रात: 7:30 बजे प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पर ध्वजारोहण किया. इस अवसर पर उपस्थित कांग्रेस जनों को संबोधित करते हुए पायलट ने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करते हुए समाज के कमजोर, पिछड़े व गरीब वर्ग का कल्याण करना … Read more

गहलोत सरकार को भारी पड़ेगा बिजली महंगी करने का फैसला

राजस्थान में गहलोत सरकार ने राज्य की मध्यमवर्गीय जनता पर बिजली की दरों का बोझ बढ़ाने का फैसला अगर कर ही लिया है तो उसे इसके राजनीतिक परिणामों का भी अनुमान कर लेना चाहिए. पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को पूरी तरह बहुमत भी नहीं मिला था. किसी तरह उसकी सरकार बन गई है तो उसे जनता का समर्थन समाप्त करने वाले काम नहीं करने चाहिए. दिल्ली में केजरीवाल सरकार ने मध्यम वर्ग को बिजली में राहत देकर प्रशंसनीय कार्य किया है, जिसका लाभ उसे दिल्ली विधानसभा चुनाव में मिलेगा. ऐसे में पड़ौसी राज्य राजस्थान की गहलोत सरकार के बारे में जनता क्या सोचेगी?

राजस्थान में कोई भी सरकार रही हो, मध्यम वर्गीय जनता को महंगाई के भार से दबाने में उसने कोई कंजूसी नहीं की है. अन्य राज्यों की सरकारें राजस्थान सरकार से प्रेरणा ले सकती है कि आम लोगों की जेब से ज्यादा पैसा किस तरह निकाला जाए. यहां पहले बिजली वितरण का काम बिजली बोर्ड संभालता था. उसके बाद नई नीतियां बनीं. निजी कंपनियां बिजली उत्पादन करने लगीं तो बिजली वितरण का ढांचा भी सरकार को बदलना पड़ा. 2000 में राज्य में जयपुर, अजमेर और जोधपुर में तीन विद्युत वितरण निगम कंपनी की तर्ज पर बना दिए, जिन्हें डिस्कॉम कहा जाता है.

राजस्थान के तीनों डिस्कॉम की कार्यप्रणाली में राज्यहित कम, मुनाफाखोरी ज्यादा है. राजस्थान में 2000 में जो बिजली दरें थीं, उनमें डिस्कॉम 16 साल में 99 फीसदी बढ़ोतरी कर चुके हैं. शायद राज्य सरकार यह समझती है कि राजस्थान में कमाने खाने वाले लोग ज्यादा हैं, जीवन चलाने के लिए इतना अतिरिक्त पैसा तो जेब से निकाल ही सकते हैं. इस तरह सरकार खामोशी से आवाम की जरूरियात का फायदा उठाने पर तुली हुई है. शायद इसलिए कि विधानसभा चुनाव चार साल बाद होंगे.

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दिल्ली में केजरीवाल सरकार ने मध्यमवर्गीय जनता का बोझ कम करने का सराहनीय प्रयास किया है, क्योंकि अगले साल ही दिल्ली विधानसभा चुनाव होंगे. पिछले विधानसभा चुनाव में केजरीवाल की पार्टी को छप्परफाड़ बहुमत मिला था, जिससे दिल्ली के पूरे राजनीतिक समीकरण बदल गए थे. राजस्थान में हालांकि कोई नई पार्टी नहीं है, लेकिन गहलोत सरकार से लोगों को उम्मीदें रहती हैं. लेकिन उनके सरकार चलाने में कुछ ऐसा होता है कि जनता उनसे नाराज हो जाती है और सरकार बदल देती है. गहलोत के मुख्यमंत्री रहते कांग्रेस ने दो बार विधानसभा चुनाव हारे. अब गहलोत तीसरी बार मुख्यमंत्री बने हैं. लोगों ने उन पर फिर से भरोसा किया है. उनकी सरकार ने काम संभालते ही सबसे पहले पेट्रोल-डीजल महंगा किया, और अब विधानसभा का पहला सत्र संपन्न होने के बाद बिजली महंगी होने की चर्चा जोर पकड़ रही है.

केजरीवाल सरकार ने इस बात को समझा कि मध्यमवर्गीय लोगों के लिए बिजली कितनी जरूरी है. पिछले साल उनकी सरकार ने बिजली की दरें बढ़ाई थी. जनता की परेशानियों को देखते हुए अब उन्होंने एक झटके में बिजली के बिलों में बड़ी राहत देते हुए दिल्ली के मध्यमवर्गीय परिवारों का दिल जीत लिया है. गहलोत के बारे में लोग क्या सोचेंगे? आजकल मध्यमवर्गीय परिवारों का जीवन बिजली से ही चलता है. ईंधन उपलब्ध नहीं होने पर हीटर विकल्प होता है. पंखा, टीवी, लाइटें, फ्रीज जैसे सामान हर घर में देखे जा सकते हैं. इन सबके लिए बिजली जरूरी है. बिजली महंगी होने से अनिवार्य रूप से आर्थिक बार बढ़ जाता है.

दिल्ली के डिस्कॉम ने दो किलोवाट तक बिजली की दरें 125 रुपए से घटाकर 20 रुपए प्रति किलोवाट कर दी है. 1200 यूनिट से ज्यादा खपत होने पर दरें प्रति यूनिट चार आने बढ़ाकर 7.75 से बढ़ाकर आठ रुपए प्रति यूनिट कर दी है, जिससे संपन्न लोगों पर ही थोड़ा भार बढ़ेगा, जो ज्यादा बिजली खर्च करते हैं. दो से पांच किलोवाट की खपत पर बिजली शुल्क 140 से घटाकर 50 रुपए प्रति यूनिट कर दिया गया है. पांच से 15 किलोवाट के कनेक्शन पर प्रति किलोवाट शुल्क 175 से घटाकर सौ रुपए कर दिया है. 15 से 25 किलोवाट के लिए कोई बदलाव नहीं है.

दिल्ली में चलने वाले ई-रिक्शा और विद्युत वाहनों को चार्ज करने के लिए स्टेशनों पर भी बिजली की दरें घटा दी गई हैं. एलटी लेवल पर चार्ज 5.5 से घटाकर 4.5 रुपए यूनिट और एचटी लेवल पर चार्ज पांच से घटाकर चार रुपए कर दिया गया है. दिल्ली में बिजली की ये दरें एक अगस्त से लागू हो गई हैं. इधर राजस्थान में लोग यह सोचने पर मजबूर हैं कि बिजली की खपत कैसे कम करें, क्योंकि वह जीवन चलाने के लिए जरूरी है. राजस्थान के तीनों डिस्कॉम के अधिकारियों को दिल्ली विद्युत नियामक आयोग (डीईआरसी) के प्रमुख आरएस चौहान से प्रेरणा लेनी चाहिए और संभव हो सके उनसे मिलकर यह सीखना चाहिए कि लोगों पर बिजली की दरों का भार कम कैसे किया जा सकता है.

आजकल की राजनीति मध्यमवर्गीय लोगों की भावना से चलती है. दिल्ली के लोगों के मन में केजरीवाल बैठ चुके हैं. राजस्थान के लोगों को अब तक ऐसा कोई नेता नहीं मिला, जो उनके मन में सम्मानजनक जगह बना सके. पद का सम्मान होता है. पद पर बैठे व्यक्ति का बाद में भी उसी के अनुरूप सम्मान हो तो बात बनती है. गहलोत को राजस्थान के कई लोग पसंद करते हैं. उनकी सरकार के महंगाई बढ़ाने वाले फैसलों से उन्हें नापसंद करने वालों की तादाद बढ़ेगी. महंगाई के जमाने में आर्थिक राहत बहुत बड़ी बात होती है. विधानसभा में गहलोत सरकार ने मंत्रियों, विधायकों के वेतन-भत्ते तुरत-फुरत बढ़वा लिए. राजस्थान की आम जनता ने क्या गुनाह किया है?

बहरहाल बिजली की दरें बढ़ाने का फैसला गहलोत पर बहुत भारी पड़ने वाला है. इससे गहलोत सरकार के खिलाफ जनभावना बनेगी और कांग्रेस में पहले से ही दो गुट बने हुए हैं. सचिन पायलट उप मुख्यमंत्री पद संभाले हुए हैं. जनता में सरकार का विरोध बढ़ने पर नेतृत्व परिवर्तन से भी इनकार नहीं किया जा सकता.

मध्यमवर्गीय लोग जैसे तैसे जीवन यापन कर रहे हैं. बाजार में भयंकर मंदी की आहट है. आमदनी और खर्च का संतुलन बिगड़ रहा है. ऐसे में बिजली जैसे जरूरी साधन का महंगा होना किसे पसंद आएगा? सरकार कितने ही तर्क दे कि ऐसा है, वैसा है, इसलिए जरूरी है, लेकिन वह लोगों के गले उतरने वाला नहीं है. सरकार अपना राजस्व बढ़ाने के लिए बिजली, पानी, ईंधन को महंगा करने के अलावा और कोई भी उपाय कर सकती है. लोगों को जबरन परेशान करने में सरकार का क्या लाभ है?