सोनभद्र नरसंहार: अब तक 34 गिरफ्तार, भदोही स्टेशन अधीक्षक निलंबित

सोनभद्र के उम्भा गांव में हुए नरसंहार में अब तक 34 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. साथ ही गिरफ्तार आरोपी भदोही स्टेशन अधीक्षक कोमल सिंह को निलंबित कर दिया है. आरोपी स्टेशन अधीक्षक ग्राम प्रधान का रिश्तेदार है जिसे 18 जुलाई को वाराणसी से गिरफ्तार किया गया था. यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ द्वारा अपर मुख्य सचिव के नेतृत्व में गठित जांच कमेटी उम्भा गांव पहुंच गई है. इस कमेटी में मुख्य सचिव समेत अन्य अधिकारी भी शामिल हैं.  यह कमेटी जल्द ही अपनी रिपोर्ट मंत्रालय को सौंपेगी. बता दें, सोनभद्र में 17 जुलाई को दो पक्षों में हुए जमीनी विवाद में एक पक्ष ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाई जिसमें … Read more

प्रियंका गांधी का धरना समाप्त, योगी सरकार ने ली चैन की सांस

सोनभद्र में जमीनी विवाद के बाद हुए नरसंहार की घटना ने यूपी की राजनीति में भूचाल ला दिया. इस घटना ने यूपी के साथ-साथ पूरे भारत में कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी पार्टियों को बैठे बैठाए भाजपा को घेरने का मौका दे दिया. यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस मुद्दे पर पहले ही विपक्ष के निशाने पर हैं ऐसे में उनकी चिंताओं को और हवा दे दी प्रियंका गांधी ने. कांग्रेस महासचिव और उत्तरप्रदेश की प्रभारी प्रियंका गांधी कल सोनभद्र नरंसहार के पीड़ित परिवारों से मिलने सोनभद्र पहुंची. ट्रॉमा सेंटर में घायलों से मुलाकात करने के बाद जैसे ही प्रियंका गांधी पीड़ित परिवारों से मिलने घोरावल कस्बे के उभ्भा गांव के … Read more

सोनभद्र नरसंहार: पीड़ित परिजनों से मिली प्रियंका गांधी, फिर धरने पर बैठी

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने आज सोनभद्र नरसंहार के पीड़ितों के परिजनों से मुलाकात की. सोनभद्र के 15 पीड़ित परिजन प्रियंका गांधी से मिलने गेस्ट हाउस पहुंचे. पीड़ितों से मिलकर और उनके दर्द को सुनकर प्रियंका गांधी भावुक हो गईं. सूत्रों के मुताबिक सिर्फ दो लोगों को ही प्रियंका गांधी से मिलने की इजाजत दी गई है. इससे नाराज होकर प्रियंका गांधी गेस्ट हाउस में ही फिर से धरने पर बैठ गईं. दरअसल, प्रियंका गांधी इस बात से नाराज हैं कि उनसे मिलने आये 15 सदस्यों में से केवल दो को ही अंदर आने दिया. बाकियों को पुलिस ने गेस्ट आउस के बाहर ही रोक लिया. प्रियंका गांधी ने कहा … Read more

सोनभद्र हत्याकांड: सीएम योगी ने नरसंहार के लिए कांग्रेस को बताया जिम्मेदार

उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में जमीनी विवाद के चलते 10 लोगों की हत्या पर यूपी सरकार की जमकर किरकिरी हो रही है. विपक्ष योगी सरकार की कानून व्यवस्था फेल होने की बात कह रहा है. साथ ही दबाव डाल रहा है कि जल्द से जल्द इस मामले में कार्रवाई होनी चाहिए. वहीं सीएम योगी आदित्यनाथ ने पलटवार करते हुए कांग्रेस को ही सोनभद्र नरसंहार का जिम्मेदार ठहरा दिया. यूपी विधानसभा में बोलते हुए योगी ने कहा, ‘1955 में आदर्श सोसायटी के नाम पर ज़मीन करने का फैसला संदिग्ध और अवैध था. आज़ादी के पहले से ही आदिवासी एवं वनवासी उस जमीन पर खेती करते थे. आदिवासी और वनवासी आदर्श सोसायटी … Read more

पीड़ित परिवार से मिलने की जिद पर अड़ी प्रियंका गांधी, वाड्रा और राहुल ने बताया अंसवैधानिक

सोनभद्र नरसंहार में मारे गए लोगों के परिजनों से मिलने जा रहीं प्रियंका गांधी को आज दोपहर मिर्जापुर जिला प्रशासन ने हिरासत में ले लिया. रोके जाने के विरोध में प्रियंका गांधी और कांग्रेसी नेता मौके पर ही धरने पर बैठ गए. हालांकि पुलिस ने उनके काफिले को सुरक्षा व्यवस्थाओं के चलते नारायणपुर के पास रोका है. वजह रही कि इलाके में धारा 144 लागू है जिससे वे उस क्षेत्र में नहीं जा सकती लेकिन प्रियंका गांधी ने इस बात का तोड़ निकाला है. उन्होंने कहा कि मैं तीन लोगों के साथ परिजनों से मिलने वहां जाऊंगी जिससे धारा 144 का उल्‍लंघन न हो सके. प्रियंका गांधी का असली ड्रामा … Read more

कांग्रेस में असमंजस के आठ हफ्ते, अनौपचारिक बैठकें जारी

राहुल गांधी को इस्तीफा दिए आठ हफ्ते हो चुके हैं, लेकिन उनकी जगह अंतरिम अध्यक्ष नियुक्त करने के लिए आम राय नहीं बन पाई है. गांधी परिवार की तरफ से भी कोई संकेत नहीं मिल रहा है कि किसे अंतरिम अध्यक्ष बनाया जाए. कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्यों के बीच अनौपचारिक बैठकें चल रही हैं. इसमें नए अध्यक्ष का चुनाव होने तक अंतरिम अध्यक्ष के साथ ही एक संचालन समिति गठित करने पर भी विचार हो रहा है. इसके बाद कांग्रेस के संगठनात्मक चुनाव की प्रक्रिया शुरू होगी. फिलहाल कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक टल रही है. सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी 4-5 दिन दिल्ली से बाहर रहेंगे, इसलिए कम से कम … Read more

अगले 6 महीनों तक कांग्रेस रहेगी नेतृत्वविहीन, अगले साल मिलेगा नया कप्तान!

इस बात में कोई शक नहीं है कि कांग्रेस पार्टी अपने कप्तान के बिना नेतृत्वविहीन होकर बिखरने लगी है. कर्नाटक और गोवा में जो होगा, इस बात के पुख्ता प्रमाण हैं. राहुल गांधी के अपने इस्तीफे को सार्वजनिक करने के बाद उनकी फिर से पार्टी की कमान संभालने की संभावनाएं एकदम क्षीण हो चुकी हैं.

कांग्रेस आलाकमान लाख कोशिशों के बाद भी संगठन को नया अध्यक्ष नहीं दिला पाया. अब कांग्रेस के सियासी गलियारों से यह खबर आ रही है कि अगले 6 माह तक कांग्रेस को नया अध्यक्ष नहीं मिलेगा. अगले साल ही इस बारे में कोई फैसला लिया जाएगा. सीड्ब्ल्यूसी की बैठक का आहूत न होना इस बात का साफ संकेत देता है.

सभी की उम्मीदों और सभी तरह की संभावनों को पीछे छोड़ अब कांग्रेस को टीम का नया कप्तान दिल्ली विधानसभा चुनाव या फिर अगले साल के केंद्रीय बजट के बाद ही मिलेगा, यह पक्का है. पता चला है की मौजूदा समय में कांग्रेस आलाकमान अध्यक्ष पद पर नहीं बल्कि कांग्रेस शासित प्रदेशों में अपनी सरकारें बचाने में लगा है. आगामी 6 महीनों में हरियाणा, महाराष्ट्र और झारखंड में विधानसभा चुनाव होने हैं. इन चुनावों में अच्छा प्रदर्शन कर लोकसभा हार को भुलाने की रणनीति पर भी काम हो रहा है.

सियासी झरोखों से खबर तो यह भी आ रही है कि एकदम से कर्नाटक और गोवा में दल बदल के बाद कांग्रेस को राजस्थान और मध्यप्रदेश में गठबंधन के पायों पर टिकी सत्ता की कुर्सी खिसकने का भय लग रहा है. ऐसे में दोनों राज्यों में चल रही गुटबाजी को समाप्त करने के प्रयासों में पार्टी जुटी हुई है. यही वजह है कि 51 दिन बाद भी पार्टी नेतृत्वविहीन है फिर भी आलाकमान चुप्पी साधे बैठा है.

दरअसल हुआ कुछ यूं कि सभी पार्टी नेताओं ने सबसे पहले राहुल गांधी को ही मनाने की जिद पकड़ी थी लेकिन इस बाद राहुल गांधी अपना फैसला नहीं बदला. इसके बाद वरिष्ठ नेताओं ने एक अन्य विकल्प सुझाया है. इसके अनुसार, संगठन के महासचिवों को विशेष अधिकार दे दिए जाएं ताकि जिन राज्यों में चुनाव हैं, वहां के फैसले वे आसानी से ले सकें. इसी बीच पार्टी के चुनाव की प्रक्रिया को भी शुरू कर दिया जाए. 4 राज्यों में जब चुनाव समाप्त हो जाएंगे, तब तक महासचिव अपने-अपने राज्यों का कार्यभार संभालते रहेंगे. उसके बाद पार्टी के नए अध्यक्ष का चुनाव भी कर लिया जाएगा.

हालांकि यह तीसरा रास्ता यूं ही नहीं निकाला गया है. इससे पहले ऐके एंटनी, सुशील कुमार शिंदे, अशोक गहलोत सहित कई नाम अध्यक्ष के तौर पर सामने आए थे लेकिन सभी ने इस जिम्मेदारी को लेने से साफ तौर पर इनकार कर दिया. इसकी वजह शायद यह रही कि सभी नेताओं को यही लगा कि पार्टी अध्यक्ष बनने के बाद भी असली कंट्रोल तो सोनिया-राहुल-प्रियंका की तिगड़ी के हाथ में ही रहेगी और शायद यह सच भी है.

हालांकि यह तो तय है कि 21 साल बाद कांग्रेस की कमान फिर से एक बार नेहरू-गांधी परिवार से बाहर किसी और नेता के हाथ में होगी. इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के बाद ‘गांधी परिवार’ से सोनिया गांधी 1998 में पार्टी अध्यक्ष बनीं और 2017 तक इस पद पर रहीं.

इस दौरान कांग्रेस 10 साल तक केंद्र की सत्ता पर काबिज रही और डॉ. मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री बने. इसके बाद राहुल गांधी की ताजपोशी हुई. अब इस पार्टी की लगाम किसी गैर गांधी नेता के हाथों में संभलाई जाएगी. इन सभी बातों पर गौर करते हुए माना यही जा रहा है कि कांग्रेस को नेतृत्वकर्ता के लिए कुछ महीने और इंतजार करना पड़ेगा.

कभी सियासत की सिरमौर रही कांग्रेस पार्टी का अस्तित्व आज खतरे में है

कांग्रेस के अस्तित्व पर ऐसा संकट कभी नहीं आया, जैसा आज दिख रहा है. कांग्रेस देश की सबसे पुरानी पार्टी है. कभी देश की सियासत की सिरमौर रही कांग्रेस, जिसकी तूती पूरब से पश्चिम और उत्तर से दक्षिण हर दिशा में बोलती थी. वही कांग्रेस आज अपने अस्तित्व को बचाने की लड़ाई लड़ रही है. 2014 के बाद 2019 के लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस बुरी तरह हारी. इसके बाद राहुल गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया तो पार्टी के नेता एक महीने से ज्यादा समय से नया अध्यक्ष चुनने की बजाय उनकी मान-मनुहार में जुटे रहे. राहुल गांधी पर इस मान-मनुहार का कोई असर नहीं हुआ और अब कांग्रेस बिना कप्तान का जहाज बन गई है.

कर्नाटक का सियासी घमासान अपने चरम पर है और गोवा में कई विधायक पार्टी छोड़ बीजेपी में शामिल हो गए हैं. कांग्रेस में नया अध्यक्ष चुनने की तैयारी भी नहीं दिख रही है. इस संबंध में कांग्रेस कार्य समिति की बैठक तक नहीं बुलाई गई. यह ढीला रवैया देखकर कई वरिष्ठ नेता ये मानने लगे हैं कि मौजूदा संकट जल्द ही नहीं सुलझा तो कांग्रेस पार्टी खत्म हो जाएगी.

देखा जाए तो यह चर्चा आधारहीन भी नहीं. राहुल गांधी के अध्यक्ष पद छोड़ने से लेकर अभी तक के घटनाक्रम और कांग्रेस नेताओं के बयान इसी तरफ इशारा कर रहे हैं कि पार्टी आजाद भारत में अपने सबसे बुरे दौर गुजर रही है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने यहां तक कह दिया कि ऐसा लग रहा है जैसे भाजपा कांग्रेस को खत्म करने के लिए ही सत्ता में आई है.

लोकसभा चुनाव हारने के बाद निराश होकर राहुल गांधी ने इस्तीफा दिया. उसके बाद पार्टी पदाधिकारियों में एक के बाद एक पद छोड़ने की होड़ लग गई. तब मौके के नजाकत को देखते हुए नए अध्यक्ष के चुनाव का सिलसिला शुरू होना चाहिए था. लेकिन पूरी पार्टी का ध्यान राहुल गांधी को मनाने पर रहा. पार्टी बगैर अध्यक्ष चलती रही और इसी का परिणाम है कि पार्टी टूटने का सिलसिला शुरू हो गया है.

कर्नाटक में कांग्रेस के 13 विधायकों ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है, जिससे वहां की जेडीएस-कांग्रेस गठबंधन सरकार संकट में आ गई है. कर्नाटक उथल-पुथल के बीच गोवा में भी कांग्रेस के 15 में से 10 विधायकों ने पार्टी छोड़ दी और बीजेपी में शामिल हो गए.

अन्य राज्यों में भी कांग्रेस नेताओं के अलग-अलग गुट बने हुए हैं. कांग्रेस शासित मध्यप्रदेश में पार्टी नेताओं की गुटबाजी जगजाहिर है. मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री कमलनाथ पर पार्टी के खराब प्रदर्शन के कारण इस्तीफा देने का दबाव है. ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक इस दिशा में सक्रिय हो गए हैं. गुरुवार को सिंधिया समर्थक तुलसी सिलावट के बंगले पर हुए भोज के बाद गुटबाजी के कयास तेज हो गए हैं. हालांकि इस भोज में कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ ही सरकार को समर्थन दे रहे सभी निर्दलीय, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के विधायक भी शामिल थे.

बताया जाता है कि कर्नाटक और गोवा के घटनाक्रम से सतर्क कांग्रेस मध्य प्रदेश में सभी विधायकों को एकजुट रखने का प्रयास कर रही है. इसीलिए सिलावट ने सभी विधायकों के लिए भोज का आयोजन किया था. लेकिन कुछ लोग यह भी कह रहे हैं कि इस भोज के जरिए ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपनी ताकत दिखाने का प्रयास किया है. सिंधिया ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि यह समय कांग्रेस के लिए गंभीर है और जल्द से जल्द कोई फैसला होना चाहिए. राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट के बीच चल रही आपसी खींचतान किसी से छुपी हुई नहीं है.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जनार्दन द्विवेदी भी पार्टी की मौजूदा स्थिति से दुखी हैं. उन्होंने राहुल गांधी के इस्तीफे के बाद नया पार्टी अध्यक्ष चुनने के लिए अब तक कांग्रेस कार्य समिति की बैठक नहीं होने पर नाराजगी जाहिर की है. संकेत यही है कि कांग्रेस का नया अध्यक्ष नहीं चुना गया तो आगे पार्टी का अस्तित्व बनाए रखना मुश्किल हो जाएगा.

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बनेंगे कांग्रेस अध्यक्ष!

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से सार्वजनिक तौर पर राहुल गांधी इस्तीफा दे चुके हैं. कल उन्होंने अपना इस्तीफा ट्वीटर पर शेयर कर दिया था. हालांकि, कांग्रेसी दिग्गजों की तरफ से राहुल को मनाने की कई बार कोशिशे की गई. लेकिन राहुल आखिर तक अपने फैसले पर अड़े रहे. राहुल के इस्तीफे के बाद अब पार्टी के भीतर नए अध्यक्ष को लेकर चर्चा शुरु हो गई है. यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी के साथ पार्टी के तमाम वरिष्ठ नेता इस पद के लिए उपयूक्त चेहरे की तलाश में लग गए हैं. वहीं कांग्रेस के नए अध्यक्ष को लेकर कयासों का बाजार भी गर्म है. कांग्रेस के नए अध्यक्ष को लेकर कई नामों … Read more