महाराष्ट्र: पॉलिटॉक्स की खबर पर लगेगी मुहर या फिर लगेगा राष्ट्रपति शासन, अगले 48 घण्टों में होगा फैसला

PoliTalks news Maharashtra

पॉलिटॉक्स ब्यूरो. महाराष्ट्र में बुधवार को हुई एनसीपी प्रमुख शरद पवार की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद अब पिक्चर पूरी तरह से साफ हो गयी है. अब महाराष्ट्र के सियासी दंगल में या तो पॉलिटॉक्स की खबर (PoliTalks news) पर मुहर लगेगी या फिर लगेगा राष्ट्रपति शासन. पॉलिटॉक्स ने 2 नवंबर को ही ”महाराष्ट्र में शिवसेना के तेवर पड़े नरम, फडणवीस बनेंगे 5 साल के लिए CM, तो भी फायदे में शिवसेना” शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी. खबर में पॉलिटॉक्स ने स्पष्ट तौर पर लिखा है कि महाराष्ट्र में किसी और की नहीं बल्कि भाजपा-शिवसेना गठबंधन की सरकार बनेगी और फडणवीस पांच साल के मुख्यमंत्री बनेंगे. बुधवार को एनसीपी प्रमुख … Read more

महाराष्ट्र की राजनीति ने याद दिलाई ‘चक दे इंडिया’ – ’70 घंटे हैं तुम्हारे पास, जी-भरकर खेलो’

पॉलिटॉक्स ब्यूरो. ’70 मिनिट है तुम्हारे पास. जाओ और जी-भरकर खेलो’ शाहरुख खान की ‘चक दे इंडिया’ फ़िल्म का ये डायलॉग आज महाराष्ट्र में एकदम सटीक बैठ रहा है. महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के परिणाम को आए 12 दिन पूरे हो चुके है लेकिन प्रदेश में भाजपा और शिवसेना के बीच का फुटबॉल मैच खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा. ये दोनों एक दूसरे के गोल पोस्ट में गोल दागने की जी तोड़ कोशिश कर रहे है लेकिन हो नहीं पा रहा. अब शिवसेना ने मैच के गोलकीपर यानी शरद पवार से भी मैच फिक्सिंग यानी गठबंधन की गुजारिश की लेकिन इससे भी बात नहीं बनी. अब नियमों के … Read more

वीडियो खबर: क्या सच में लग जाएगा महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन

पॉलिटॉक्स ब्यूरो. भाजपा नेता सुधीर मुनगंटीवार के बयान पर शिवसेना भड़की हुई है और पलटवार करते हुए ‘सामना’ में लिखा, ‘शिवसेना ने कहा, ‘राष्ट्रपति की मुहरवाला रबर स्टैंप राज्य के बीजेपी ऑफिस में ही रखा हुआ है और बीजेपी शासन नहीं आया तो इस स्टैंप का प्रयोग करके महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन का आपातकाल लाद सकते हैं, इस धमकी का जनता ये अर्थ समझे क्या?

महाराष्ट्र में फडणवीस ने संघ प्रमुख भागवत से की मध्यस्थता की गुजारिश, एनसीपी ने बढ़ाई बीजेपी की मुश्किलें

Fadnavis and Bhagwat on Maharashtra CM

पॉलिटॉक्स ब्यूरो. महाराष्ट्र (Maharashtra) में मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर बीजेपी-शिवसेना के बीच खींचतान अपने चरम पर है. इस बीच मंगलवार देर रात मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नागपुर में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत से मुलाकात की. कयास लगाए जा रहे हैं कि फडणवीस ने मोहन भागवत से सरकार बनाने को लेकर बीजेपी और शिवसेना के बीच मध्यस्थता करने की गुजारिश की है. इससे पहले सोमवार को देवेंद्र फडणवीस ने दिल्ली में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, महाराष्ट्र प्रभारी भूपेंद्र यादव और नितिन गडकरी से उन्होंने मुलाकात की थी. तब सूत्रों ने पॉलिटॉक्स की खबर पर भरोसा जताया था कि आखिर में बीजेपी-शिवसेना की सरकार बनेगी और मुख्यमंत्री बीजेपी का … Read more

‘फडणवीस ऐसी जगह से लाइफलाइन लेने की कोशिश कर रहे हैं, जहां लोग खुद मास्क पहन रहे हैं’

Government in Maharashtra

पॉलिटॉक्स ब्यूरो. महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर जारी खींचतान अब सियासी और जुबानी जंग में बदलती जा रही है. शिवसेना और भाजपा के नेता एक दूसरे पर छीटाकशी से भी बाज नहीं आ रहे और न ही एक दूसरे के सामने झुक रहे हैं. किसी भी पार्टी को महाराष्ट्र में बहुमत नहीं मिल रहा है. अब सरकार बनाने का पूरा दोरोमदार शिवसेना और एनसीपी प्रमुख शरद पवार पर आ गया है. अगर शिवसेना अपने हितों को थोड़ा साइड में रख दे तो भाजपा के साथ सरकार बन जाएगी. वहीं अगर पवार हां कर दे तो विपक्ष मिलकर सरकार बनाएगा और भाजपा सबसे बड़ा दल होने के बाद भी विपक्ष … Read more

दिल्ली में फिर सड़कों पर उतरा ‘ऑड-ईवन का भूत’, गर्म हुई सियासत

(Aud-Even in Delhi)

पॉलिटॉक्स ब्यूरो. दिल्ली में दीपावली के बाद प्रदूषण का जहर लोगों की सांसों में घूल रहा है. इसको रोकने के लिए दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने राजधानी की सड़कों पर फिर से ‘ऑड-ईवन का भूत’ (Aud-Even in Delhi) उतारा है. फिलहाल ये फॉर्मूला 15 नवंबर के लिए चलाया गया है जो कि सोमवार से शुरु हुआ. इस अभियान में आम आदमी पार्टी सरकार ने विपक्ष सहित सरकारी कर्मचारी और आम जन का साथ मांगा लेकिन इस पर जमकर सियासी खेल चल निकला है. भाजपा और कुछ अन्य पार्टी के नेताओं ने केजरीवाल सरकार के इस ऑड-ईवन फॉर्मूले का विरोध किया. बीजेपी नेता और सांसद विजय गोयल तो सोमवार को विरोध स्वरूप ईवन के दिन ऑड नंबर वाली गाड़ी लेकर निकले और चालान कटाया.

इस पर आप नेता आशुतोष ओझा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल करते हुए कहा कि आपके अभियान में हमने साथ दिया. प्रदूषण रोकने के लिए क्या ये फैसला गलत है? अपने ट्वीट हैंडल पर उन्होंने पोस्ट किया, ‘पीएम नरेंद्र मोदीजी, जब आपने स्वच्छ भारत अभियान चलाया तो अरविंद केजरीवाल जी और हमारी पार्टी के लोगों ने झुग्गी बस्तियों में सफाई करके आपके अभियान का साथ दिया. अब क्या प्रदूषण रोकने के लिए ऑड-ईवन (Aud-Even in Delhi) अभियान चलाना गलत है? क्या विजय गोयल जी का विरोध बीजेपी और आपका आदेश पर है?’

वहीं आप सांसद संजय सिंह ने विजय गोयल पर तंज मारते हुए कहा कि अगर इस फॉर्मूले से कोई फ़ायदा नहीं तो योगीजी यूपी में इसे क्यों लागू कर रहे हैं? अब एक लाइन योगी के ख़िलाफ़ भी बोल दो या प्रदूषण से लड़ने की शिक्षा अरविंद केजरीवाल से लेते रहो.

राजधानी में बढ़ते प्रदूषण और कोहरे से पिछले कई सालों से हालत सोचनीय स्थिति में पहुंच गयी है. इससे निपटने के लिए दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने एक बार पहले भी शहर की सड़कों पर ऑड-ईवन फॉर्मूले (Aud-Even in Delhi) से कार चलाने की स्कीम चलाई थी. सरकार की रिपोर्ट के अनुसार ये कारगर रही थी और प्रदूषण में 30 फीसदी की कमी आयी लेकिन भाजपा ने हर बार इसका विरोध किया. यहां तक कि ये मामला सुप्रीम कोर्ट भी पहुंच गया. अब बोटल में बंद ऑड-ईवन का ये जिंद फिर से बाहर आ गया है जिसका फिर से भाजपा पूरजोर कर रही है.

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भाजपा सांसद विजय गोयल ने केजरीवाल सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह नियम सिर्फ नौटंकी है. केजरीवाल सरकार कहती है कि पराली जलने के कारण प्रदूषण बढ़ रहा है तो ऑड-ईवन से प्रदूषण कैसे रूक जाएगा. मैं जुर्माना भरने के लिए तैयार हूं. गोयल ने ऑड-ईवन (Aud Even in Delhi) को महज चुनावी मुद्दा बताया. जब विजय गोयल से सवाल किया गया कि केंद्र में आपकी सरकार है फिर आप क्यों नहीं इस पर काम करते तो गोयल ने कहा कि हमसे केजरीवाल सरकार मदद नहीं मांग रही है. प्रदूषण खत्म करने के प्रति उनका नजरिया चुनावी है. वे इसका लाभ लेना चाहते हैं.

वहीं दूसरी ओर, प्रदूषण को लेकर राजनीतिक पार्टियां एक-दूसरे पर आरोप लगा रही हैं. इसी क्रम में केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि दिल्ली सरकार ने केवल विज्ञापन पर 1500 करोड़ बर्बाद कर दिए. सीएम केजरीवाल ने उनके इन आरोपों को झूठ और बेबुनियाद बताया.

इससे पहले सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पड़ोसी राज्यों में फसल जलाने से निकले धुंए के कारण दिल्ली गैस चैंबर में बदल चुकी है. यह बहुत ही महत्वपूर्ण है कि हम इस जहरीली हवा से खुद को बचाएं. उन्होंने इसके लिए पराली जलाने को लेकर पंजाब व हरियाणा को जिम्मेदार बताया.

इस पर पलटवार करते हुए जावड़ेकर ने कहा, ‘दिल्ली के मुख्यमंत्री दिल्ली के प्रदूषण पर राजनीति कर रहे हैं और पंजाब व हरियाणा को पराली जलाने के लिए दोषी ठहरा रहे हैं. अगर दोषी ठहराने का खेल शुरू होता है तो बहुत-सी छिपी चीजें बाहर आएंगी. दूसरों को दोष देने के बजाय लोगों को राहत पहुंचाने के लिए सभी के बीच सहयोग का प्रयास होना चाहिए’.

राजधानी दिल्ली में फैले प्रदूषण के मसले पर सुप्रीम कोर्ट ने भी राज्य सरकारों को फटकार लगाते हुए पराली जलाने पर एक्शन लेने की बात कही. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हर साल दिल्ली चोक हो जाती है और हम कुछ नहीं कर पा रहे. सर्वोच्य न्यायालय ने ये भी कहा कि लोगों को जीने का अधिकार है. एक पराली जलाता है और दूसरे के जीने के अधिकार का उल्लंघन करता है. राज्य सरकारों को चुनाव में ज्यादा दिलचस्पी है लेकिन यहां पर लोग मर रहे हैं. किसी भी सभ्य देश में ऐसा नहीं होता. केंद्र सरकार करे या फिर राज्य सरकार, इससे हमें मतलब नहीं है. कोर्ट ने पंजाब और हरियाणा सरकार को लताड़ लगाते हुए उन लोगों के नाम मांगे हैं जो पराली जला रहे हैं. साथ ही ग्राम प्रधान और सरपंचों के खिलाफ एक्शन लेने तथा केंद्र एवं राज्य सरकार से एक्शन प्लान के बारे में पूछा है.

इस मामले में पर्यावरण विशेषज्ञ सुनीता नारायण ने सुप्रीम कोर्ट में रिपोर्ट फाइल की जिसमें उन्होंने मांग की है कि केंद्र सरकार को एनवायरमेंट डिपार्टमेंट, IIT दिल्ली के एक्सपर्ट से राय लेनी चाहिए. रिपोर्ट में सभी राज्यों को पराली जलाने पर रोक लगाने की बात भी कही गई है.

बता दें, दिल्ली और उससे सटे इलाकों में दिवाली के बाद से ही कोहरा छाया हुआ है. प्रदूषण लगातार खतरनाक हो रहा है जिसकी वजह से लोगों की मुश्किलें बढ़ी हैं. दिल्ली में AQI खतरे के निशान से काफी ऊपर हो गया था. इससे निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने ऑड-ईवन फॉर्मूला (Aud-Even in Delhi) लागू किया है जिसके तहत एक दिन ऑड और एक दिन ईवन नंबर की कारें सड़कों पर चलेंगी. दिल्ली सरकार ने ऑड-ईवन नियम के लिए अपने दफ्तरों के समय में बदलाव किए हैं. 21 विभाग सुबह 9:30 बजे से शाम 6 बजे तक और कुछ विभाग सुबह 10:30 से शाम 7 बजे तक काम करेंगे. दिल्ली में 4 नवंबर से 15 नवंबर तक ऑड-ईवन नियम लागू रहेगा. दिल्ली हाईकोर्ट ने भी ऑड-ईवन को हरी झंडी दिखा दी है.

इस बार प्राइवेट सीएनजी कारों पर भी ऑड-ईवन (Aud-Even in Delhi)लागू होगा. महिलाओं को सुरक्षा के मद्देनजर ऑड ईवन से छूट दी गई है. कोई भी गाड़ी जो महिला चला रही हो जिसमें महिला के साथ 12 साल तक का बच्चा हो, उसे भी छूट मिलेगी. सरकारी गाड़ियों को भी इस फॉर्मूले से बाहर रखा गया है. सरकार ने ऑड-ईवन योजना से दुपहिया वाहनों को छूट देने का फैसला लिया है. लोगों को परेशानी से बचाने के लिए दिल्ली सरकार ने 2 हजार बसों का इंतजाम भी किया है.

वीडियो खबर: महाराष्ट्र में शिवसेना के तेवर पड़े नरम

Shiv Sena Maharashtra

पॉलिटॉक्स ब्यूरो. सूत्रों की मानें तो महाराष्ट्र में गुरुवार को हुई शिवसेना विधायक दल की बैठक के बाद ही यह स्थिति साफ नजर आ रही थी, जब शिवसेना ने वर्ली सीट से चुनाव जीतकर आए अपने राजकुमार आदित्य ठाकरे को न चुनकर बल्कि एकनाथ शिंदे को विधायक दल का नेता चुना था.

वीडियो खबर: राष्ट्रीय नहीं बल्कि स्थानीय मुद्दों से बनेगी दिल्ली की सरकार

पॉलिटॉक्स ब्यूरो. राजधानी दिल्ली में पिछले साढ़े चार सालों में केजरीवाल सरकार (Arvind Kejriwal) के समय जो कुछ भी हुआ, उससे स्थानीय जनता खुश दिखाई दे रही है. अब देखना ये होगा कि केंद्र की सत्ता पर काबिज होने के साथ देश के अधिकांश राज्यों को जीतने वाली भाजपा दिल्ली में भगुवा पताका फहरा पाती है या फिर केजरीवाल की AAP पार्टी उनके सपनों पर झाडू फेरने में कामयाब होती है.