‘अधिकतम सदस्यता दिवस’ मनाकर दी वाजपेयी को श्रद्धांजलि

शुक्रवार को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रथम पुण्यतिथि पर श्रद्धांजली देते हुए राजस्थान की भारतीय जनता पार्टी ने इस दिन को ‘अधिकतम सदस्यता दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया. जिसमें पार्टी के सभी सदस्य, जिला संयोजक, जिला प्रवासी, प्रभारी, विभिन्न मोर्चो, इकाइयों व कार्यकर्ताओं ने पार्टी के अधिक से अधिक सदस्य बनाये. अधिकतम सदस्यता अभियान के तहत आज प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सहित पार्टी के कई वरिष्ट नेता प्रदेशभर में प्रवास पर रहे एवं विभिन्न बूथों पर जाकर पार्टी के लिए अधिकतम सदस्य बनाये. गौरतलब है कि भारतीय जनता पार्टी द्वारा इन दिनों देशव्यापी सदस्यता अभियान चलाया जा रहा है. बीजेपी ने पार्टी के … Read more

जींद में अमित शाह के तेजस्वी भाषण के साथ ही विधानसभा चुनाव का बजा बिगुल

संसद के मॉनसून सत्र के दौरान दोनों सदनों में अपनी जबरदस्त ताल ठोक चुकी बीजेपी अब साल के आखिर में होने वाले हरियाणा, महाराष्ट्र और झारखंड राज्यों के विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुट गई है. भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को हरियाणा के जींद से इसकी शुरुआत की.

केंद्रीय गृहमंत्री और भाजपा अध्‍यक्ष अमित शाह ने शुक्रवार को हरियाणा के एकलव्‍य स्‍टेडियम में आयोजित आस्‍था रैली में ‘भारत माता की जय’ के जयकारे के साथ आगामी महीनों में होने वाले हरियाणा विधानसभा चुनाव का बिगुल बजा दिया. अमित शाह के भाषण का अधिकांश हिस्सा कश्मीर से अनुच्छेद370 को हटाने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ पर रहा. शाह ने कहा कि नरेंद्र मोदी ने देश की जनता और सरदार बल्‍लभ पटेल के सपने को पूरा किया है. मोदी सरकार ने देश को एक किया और जम्‍मू-कश्‍मीर से 370 हटाकर वहां विकास की राह खोली. उन्‍हाेंने चीफ ऑफ आर्मी स्‍टाफ को देश की सुरक्षा को मजबूत करने वाला कदम बताते हुए दुश्‍मन के लिए वज्र के समान बताया.

कांग्रेस पर सीधा निशाना साधते हुये बीजेपी के चाणक्य ने कहा कि 70 साल तक कांग्रेस की सरकार वोटबैंक के लालच में जम्मू कश्मीर में ये सब नहीं कर पाई. नरेंद्र मोदी वोट बैंक की राजनीति नहीं करते और उनको बस मां भारती की परवाह है. यही कारण है कि उन्होंने जम्‍मू-कश्‍मीर से अनुच्‍छेद 370 खत्‍म करने का निर्णय किया और जो काम 70 साल में नहीं हुआ वो मोदी जी ने 75 दिनों में कर दिखाया.

बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा, ‘मैं हरियाणा में जब भी आया यहां की जनता ने हमेशा मेरी झोली कमल के फूलों स्व भरी दी. विधानसभा चुनाव में आया तो यहां पहली बार भाजपा की सरकार बना दी. लोकसभा चुनाव में आया तो जनता ने अपार प्यार दिया और मोदी जी के नेतृत्व में 300 पार की फिर से सरकार बना दी. इस बार आया हूँ तो मुझे विश्वास है कि इस बार भी जब चुनाव होंगे तो वीरभूमि के लोग 75 सीटों के साथ मनोहर लाल खट्टर को आशीर्वाद देंगे.’

गृहमन्त्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीफ ऑफ आर्मी स्‍टाफ की नियुक्ति का बड़ा कदम उठाया है. यह देश की सुरक्षा के लिए बहुत बड़ा कदम है. इससे देश की तीनों सेनाएं बेहतर तालमेल से काम कर सकेंगी. यह दुश्‍मन के लिए वज्र के समान साबित होगा. अमित शाह ने कहा, आज कश्‍मीर से कन्‍याकुमारी तक एकसूत्र में बंध चुका है. पीएम मोदी ने मां भारती का गौरव बढ़ाया है. आज पूर्व प्रधानमंत्री स्‍वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की आत्‍मा ऊपर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अनुच्‍छेद 370 को हटाने के लिए आशीर्वाद दे रही होगी.

अमित शाह ने हरियाणा के मुख्‍यमंत्री मनोहरलाल की भी जमकर तारीफ की और हरियाणा की भाजपा सरकार द्वारा किए गए कार्यों की सराहना की. उन्‍होंने कहा कि जाति व वर्ग की राजनीति करने वाले नेताओं ने हरियाणा में नफरत और भेदभाव का माहौल बना रखा था. मनोहरलाल की सरकार ने इसे खत्‍म कर पूरे राज्‍य का समान विकास कराया और जनता में उम्‍मीद की लौ जलाई. साथ ही उन्‍होंने कांग्रेस और चौटाला परिवार पर जमकर हमले किए. उन्‍होंने कहा कि कांग्रेस और चौटाला परिवार ने हरियाणा का सत्‍यानाश किया. मनोहरलाल की सरकार ने नौकरियों में भेदभाव और भ्रष्‍टाचार खत्‍म किया.

अमित शाह ने हुड्डा और चौटाला को खुले मंच से चुनौती देते हुए कहा कि वह विकास के लिए खर्च पैसों का हिसाब किताब और आंकड़े लेकर जनता के बीच जाएं, हमारे मुख्यमंत्री उनसे बहस करने को तैयार हैं. उन्‍होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा और चौटाला सरकारों पर उठाए सवाल. उन्‍होंने कहा, पूर्व सरकारों में हरियाणा जमीन के व्यापार के लिए जाना जाता था. सरकारें बिल्डरों के हाथ में कठपुतलियां बनकर खेलती थी और नौकरियां व्यवसाय थीं. लेकिन, मुख्यमंत्री मनोहर लाल की सरकार ने भ्रष्टाचार को भूतकाल बना दिया है.

अमित शाह ने कहा कि हरियाणा से सभी लालों के जाने के बाद हमारा लाल (मनोहरलाल) आया है. हरियाणा में अब जातिवाद खत्‍म हो चुका है. जाति के आधार पर नौकरियों नहीं मिलती हैं और न ही जाति व क्षेत्र के आधार पर विकास होता है. तबादलों में पारदर्शिता लाकर मुख्‍यमंत्री मनोहर लाल ने जनता को भारी राहत दी. लिंगानुपात में सुधार हो या ऑनलाइन तबादले या आशा वर्करों और आंगनबाडी वर्करों के मानदेय में इजाफा, मनोहर सरकार ने शानदार काम किया है.

इससे पहले रैली में पहुंचने पर अमित शाह का नारों से जोरदार स्‍वागत किया गया. रैली के आयोजक पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह ने अमित शाह हो ‘स्‍टील मैन’ करार दिया. अमित शाह का रैली स्‍थल पर हरियाणा के मुख्‍यमंत्री मनोहरलाल, प्रदेश भाजपा अध्‍यक्ष सुभाष बराला और बीरेंद्र सिंह ने अगवानी की. मुख्‍यमंत्री मनोहरलाल ने अमित शाह का स्‍वागत किया और उनको लौह पुरुष बताया. बीरेंद्र सिंह ने जम्‍मू-कश्‍मीर से 370 हटाने के लिए अमित शाह काे हरियाणवी लठ भेंट किया.

गौरतलब है कि इस आस्था रैली का आयोजन जींद में बीजेपी के राज्यसभा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह द्वारा करवाया गया. जींद चौधरी बीरेंद्र सिंह का गृह जिला भी है और चौधरी बीरेंद्र सिंह की पत्नी प्रेमलता जींद जिले की उचाना सीट से विधायक हैं. हिसार संसदीय क्षेत्र से उनके बेटे बृजेंद्र सिंह भी सांसद हैं. इस रैली में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, हरियाणा के प्रभारी महासचिव अनिल जैन सहित तमाम मंत्री और नेता मौजूद रहे.

पहलू खान पर मायावती ने साधा गहलोत पर निशाना, प्रियंका ने बताया चौकानें वाला फैसला

अलवर के बहरोड़ में मॉब लिंचिंग का शिकार हुए पहलू खान और हाल में आए अलवर कोर्ट के फैसले पर अब राजनीति शुरू हो गयी है. पहलू खान मामले में एडीजे कोर्ट ने इस मामले से जुड़े सभी 6 आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया. मॉब लिंचिंग को लेकर राज्य में किसी कोर्ट का पहला फैसला है. अब इस मामले में बसपा सुप्रीमो मायावती ने राजस्थान की गहलोत सरकार पर निशाना साधा है. वहीं प्रियंका गांधी ने भी इस मुद्दे को उछाला है. यह भी पढ़ें: पहलू खान मॉब लिंचिंग मामले में सभी आरोपी बरी, अलवर जिला कोर्ट ने सुनाया फैसला सोशल मीडिया पर मायावती ने लिखा, … Read more

भाजपा के संगठन चुनाव का कार्यक्रम तय

भाजपा के संगठन चुनाव का कार्यक्रम तय हो गया है. चुनाव प्रक्रिया 11 सितंबर से शुरू होगी और अगले साल की शुरूआत में भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव हो जाएगा. फिलहाल अमित शाह भाजपा अध्यक्ष हैं. उनके गृहमंत्री बनने के बाद जेपी नड्डा को अंतरिम तौर पर कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है. मंगलवार 13 अगस्त को दिल्ली में भाजपा के 33 राज्यों के चुनाव अधिकारियों की कार्यशाला हुई थी. इसमें संगठन चुनाव की रूपरेखा विस्तार से बताई गई. कार्यशाला में भाजपा के राष्ट्रीय चुनाव प्रभारी पूर्व केंद्रीय मंत्री राधामोहन सिंह, कार्यवाहक अध्यक्ष जेपी नड्डा और संगठन चुनाव के प्रभारी महासचिव बीएल संतोष मौजूद थे. भाजपा का संगठन चुनाव … Read more

कांग्रेस को अब सोनिया गांधी से फायदा कम, नुकसान ज्यादा

कांग्रेस को लेकर जो घटनाक्रम चल रहा है, उससे लगता है कि सोनिया गांधी के अलावा कांग्रेस को और कोई नहीं संभाल सकता. अब कांग्रेस बिखरेगी, क्योंकि राजनीति में सोनिया गांधी की स्थिति पहले जैसी नहीं रही. अब सोनिया की मौजूदगी से कांग्रेस को फायदा कम, नुकसान ही ज्यादा होगा. सोनिया गांधी ने बड़े जतन से कांग्रेस अध्यक्ष संभाला था, यह सोचकर कि उनके बाद उनका बेटा राहुल कांग्रेस अध्यक्ष बन जाएगा. देश पर परिवार का राज कायम रहेगा. राहुल गांधी कांग्रेस अध्यक्ष बन भी गए, लेकिन उसका कोई लाभ नहीं हुआ. कांग्रेस की हालत ‘ढाक के तीन पात’ जैसी हो गयी है. एक सोनिया गांधी, दूसरे राहुल गांधी और … Read more

मध्यप्रदेश में भाजपा के सहयोग से ज्योतिरादित्य सिंधिया बन सकते हैं मुख्यमंत्री!

Jyotiaditya Sindhiya

भाजपा सुप्रीमो अमित शाह की नजर अब मध्य प्रदेश पर है. उधर शिवराज सिंह चौहान निर्दलीय विधायकों के साथ संपर्क बनाए हुए हैं. कमलनाथ सरकार को बमुश्किल बहुमत मिला हुआ है, इसलिए उनकी चिंताएं बढ़ गई हैं. भाजपा से ही नहीं उन्हें पार्टी के भीतर से भी चुनौती है. ज्योतिरादित्य खेमा उपेक्षा से दुखी है और हाईकमान से लगातार शिकायत कर रहा है. हाल ही में जब ज्योतिरादित्य के समर्थक उन्हें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाने के लिए दबाव बढ़ा रहे थे तब मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ज्योतिरादित्य का नाम लिए बगैर उनके बारे में कोई टिप्पणी कर दी थी, जिसकी शिकायत राहुल गांधी से की गई है.

ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक लगातार बैठकें कर रहे हैं. हाल ही में ज्योतिरादित्य ने दिल्ली में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात भी की थी. इसके बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि ज्योतिरादित्य को मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री बनाने के लिए अमित शाह सहयोग कर सकते हैं. वहीं सिंधिया की दूरभाष पर भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से हुई लम्बी वार्ता भी इस बात को हवा दे रही है.

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इस घटनाक्रम से लगता है कि मध्य प्रदेश में सबकुछ ठीक नहीं है. ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थन में अगर ज्यादा विधायक जुट गए, तो वे कभी भी नेतृत्व परिवर्तन का दबाव बना सकते हैं और कमलनाथ सरकार संकट में आ सकती है. सिंधिया समर्थक मंत्री लगातार विधायकों से संपर्क बनाए हुए हैं. प्रद्युम्न सिंह तोमर का चंबल के, गोविंद सिंह राजपूत का बुंदेलखंड से और तुलसी सिलावट का मालवा के विधायकों से संपर्क बना हुआ है. इनका दावा है कि करीब 60 विधायक उनके साथ हैं. कांग्रेस में अपनी लगातार उपेक्षा से ज्योतिरादित्य भी दुखी हैं. उनके पिता माधवराव सिंधिया भी मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बनते बनते रह गए थे. ज्योतिरादित्य उस इतिहास को दोहराना नहीं चाहते, इसलिए उनकी सक्रियता बढ़ गई है. सिंधिया समर्थकों का भोपाल आना-जाना बढ़ गया है.

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गौरतलब है कि ज्योतिरादित्य के प्रति भाजपा का रवैया हमेशा से ही नरम रहा है. चुनाव प्रचार के दौरान भी भाजपा की तरफ से ज्योतिरादित्य के खिलाफ बयानबाजी नहीं हुई. ज्योतिरादित्य भी भाजपा के खिलाफ कड़े शब्दों के इस्तेमाल से बचते रहे हैं. ज्योतिरादित्य का नाम कांग्रेस अध्यक्ष की दौड़ में भी शामिल था. अगर वे कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गए होते तो भाजपा को इससे असुविधा होती.

लोकसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित साह ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और उनके परिवार पर तीखा हमला बोला था. लेकिन अगर ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेस अध्यक्ष बन जाते तो भाजपा उन पर या उनके परिवार पर सीधा हमला नहीं कर पाती, क्योंकि उनकी दादी राजमाता सिंधिया भाजपा के संस्थापक सदस्यों में शामिल रही हैं. ज्योतिरादित्य सिंधिया की बुआ यशोधरा राजे और वसुंधरा राजे भाजपा में हैं. वसुंधरा राजे राजस्थान की मुख्यमंत्री रह चुकी हैं और फिलहाल भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं. यशोधरा राजे मप्र सरकार में मंत्री रह चुकी हैं और फिलहाल शिवपुरी से भाजपा विधायक हैं.

ज्योतिरादित्य सिंधिया हमेशा विवादों से दूर रहते हैं. उनका ऐसा कोई बयान अब तक सामने नहीं आया है, जिसके आधार पर भाजपा को आलोचना का मौका मिले. उनके खिलाफ भ्रष्टाचार का भी कोई मामला नहीं है. ज्योतिरादित्य सिंधिया के खिलाफ बोलने से भाजपा के बड़े नेता भी बचते हैं. मध्य प्रदेश में प्रभात झा और जयभान सिंह पवैया के अलावा कोई भी नेता सिंधिया पर सीधा हमला नहीं करता है. विधानसभा चुनाव के दौरान अमित शाह ने ग्वालियर में सभा की थी लेकिन ज्योतिरादित्य सिंधिया पर हमला बोलने की बजाए उन्होंने अपनी रैली में सिंधिया को श्रीमंत कहकर संबोधित किया था.

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ज्योतिरादित्य सिंधिया के दूसरी पार्टी के नेताओं से भी रिश्ते अच्छे हैं. हाल ही में भाजपा के महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने बयान दिया था कि ज्योदिरादित्य सिंधिया अगर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनते हैं तो यह गौरव की बात होगी. कैलाश विजयवर्गीय 29 जुलाई को मप्र के नए राज्यपाल लालजी टंडन से मिलने पहुंचे थे. उसके बाद भाजपा कार्यालय में उन्होंने पत्रकारों से बात की. पत्रकारों ने उनसे सिंधिया के अध्यक्ष बनने की संभावना पर सवाल किया था. उन्होंने कहा, मेरी शुभकामनाएं सिंधियाजी को कि वे राष्ट्रीय अध्यक्ष बनें. यह मध्यप्रदेश के लिए गौरव की बात होगी.

सोशल मीडिया में राहुल गांधी को ट्रोल किया जाता है, लेकिन ज्योतिरादित्य सिंधिया को नहीं. ज्योतिरादित्य सिंधिया अपनी रैलियों में संतुलित भाषण देते हैं. ऐसे में अगर सिंधिया कांग्रेस अध्यक्ष बन जाते तो सोशल मीडिया के माध्यम से भाजपा को कोई विशेष फायदा नहीं होता जैसा सोशल मीडिया का फायदा बीजेपी गांधी परिवार के खिलाफ लेती है.

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इसके अलावा ज्योतिरादित्य सिंधिया युवाओं की पसंद हैं. जानकारों का कहना है कि अगर इस समय कांग्रेस में कोई नेता है जो पीएम मोदी की लोकप्रियता को टक्कर दे सकता है तो वह केवल ज्योतिरादित्य सिंधिया ही हैं. ज्योतिरादित्य सिंधिया की आक्रामक शैली युवाओं की पसंद बनती जा रही है. सिंधिया अपने भाषणों में आक्रमक नजर आते हैं, लेकिन सिंधिया अपनी चुनावी रैलियों में कभी भी अपनी बुआ वसुंधरा राजे और यशोधरा राजे पर हमला नहीं करते हैं. ऐसे में कभी कांग्रेस में सिंधिया के लिए मुश्किलें भी खड़ी हो सकती हैं.

गौरतलब है कि मध्यप्रदेश में भाजपा आज भी विजयाराजे सिंधिया के नाम पर सियासत करती है. अगर सिंधिया कांग्रेस अध्यक्ष बनते तो भाजपा को मध्यप्रदेश में सिंधिया के खिलाफ रणनीति बनाने में मशक्कत करनी पड़ती. लोकसभा चुनाव में शिवराज सिंह चौहान के अलावा भाजपा का कोई भी बड़ा नेता गुना-शिवपुरी प्रचार के लिए नहीं पहुंचा था.

सोनिया गांधी के दुबारा कांग्रेस का अंतरिम अध्यक्ष चुने जाने के कुछ दिनों पहले ज्योतिरादित्य सिंधिया ने राजधानी भोपाल का दौरा किया था. इस दौरान उन्होंने कहा था- पार्टी के लिए अभी कठिन हालात हैं. अध्यक्ष पद से राहुल गांधी के इस्तीफ़े के बाद कांग्रेस में संकट की घड़ी है. कांग्रेस अध्यक्ष बनाए जाने की मांग पर सिंधिया ने कहा कि अभी हमें कांग्रेस को मजबूत करने की जरूरत है. इस वक्त पार्टी को एक ऊर्जावान नेतृत्व की जरूरत है. सिंधिया ने कहा- राहुल जी ने जो रास्ता दिखाया है, मेरी विचारधारा है कि सभी कांग्रेसी कार्यकर्ता उसी रास्ते पर चल कर पार्टी को फिर से मजबूत करें.

कांग्रेस के पोस्टर्स में नेहरू-इंदिरा की जगह अब प्रियंका-रॉबर्ट वाड्रा

सोनिया गांधी के कांग्रेस के अंतरिम अध्यक्ष बनने पर पार्टी मुख्यालय के बाहर बधाई वाले पोस्टर लगाये गए हैं. सामान्य दिखने वाले इन पोस्टर्स में गौर करने वाली दो प्रमुख बातें है. पहली बात ये कि इन पोस्टर्स में पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी के साथ-साथ उनके पति रॉबर्ट वाड्रा की फोटो भी लगी हुई है और दूसरी बात ये कि आमतौर पर इससे पहले तक कांग्रेस के पोस्टरों पर जवाहर लाल नेहरू और इंदिरा गांधी की तस्वीरें छपी रहती थीं. इन पोस्टर्स पर श्रीमती सोनिया गांधी जी को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की अंतरिम अध्यक्ष बनाए जाने पर हार्दिक बधाई लिखा हुआ है. प्रमुख समाचार एजेंसी ANI ने यह पोस्टर्स दिखाए हैं.

गौरतलब है कि, लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद तत्कालीन अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. करीब दो महीने तक कांग्रेस अध्यक्षविहीन रही और पार्टी के कार्यकर्ता से लेकर विपक्षी दल भी आरोप लगाते थे कि जिस पार्टी का अध्यक्ष न हो वो लोगों की बातों को कैसे रखेगा. करीब ढाई महीने की कशमकश के बाद कांग्रेस को अध्यक्ष मिला लेकिन अंतरिम अध्यक्ष. सीडब्ल्यूसी की बैठक में कई नेताओं के नामों पर चर्चा हुई, लेकिन किसी भी नाम पर सब एक राय नहीं हो सके और कांग्रेस की सत्ता एक बार फिर गांधी परिवार के हाथों में आ गई. सीडब्लूसी में सर्वसम्मति से सोनिया गांधी को अंतरिम अध्यक्ष चुना गया.

बात करें कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा की तो इससे पहले हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव के दौरान उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद शहर में उन्हें चुनाव लड़ने का आग्रह करते हुए पोस्टर लगे थे. इसके अलावा राजस्थान में प्रवर्तन निदेशालय(ED) के कार्यालय के बाहर भी पोस्टर लगे थे, जिसमें प्रियंका और राहुल के साथ-साथ वाड्रा की फोटो थी. ईडी उनसे बीकानेर जमीन घोटाले में पूछताछ कर रही थी, तभी ये पोस्टर लगे थे. ठीक इसी तरह के पोस्टर दिल्ली-एनसीआर में लगे थे. इसमें लिखा था कट्टर सोच नहीं, युवा सोच. इस पोस्टर में भी प्रियंका और राहुल के साथ वाड्रा की फोटो थी.

राजस्थान से राज्यसभा में कांग्रेस का खुलेगा खाता, मनमोहन सिंह होंगे सांसद

राजस्थान में मदनलाल सैनी के निधन के बाद खाली हुई राज्यसभा की सीट पर उपचुनाव में कांग्रेस की तरफ से पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह ने आज नामांकन दाखिल किया. राजस्थान से डॉ मनमोहन सिंह का राज्यसभा जाना तय हो गया है, क्योंकि भाजपा ने अपना उम्मीदवार उपचुनाव में उतारने से मना कर दिया है. ऐसे में मनमोहन सिंह का निर्विरोध चुना जाना तय है. देश के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ.मनमोहन सिंह ने मंगलवार को राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल किया. इसके लिए वे मंगलवार सुबह जयपुर पहुंचे. राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत उनका स्वागत करने एयरपोर्ट पहुंचे. डॉ सिंह ने राजस्थान विधानसभा पहुंच कर अपना नामांकन दाखिल किया. इस अवसर … Read more

राज्यसभा उपचुनाव पर बोले सचिन पायलट

राजस्थान के उपमुख़्यमंत्री सचिन पायलट ने राज्यसभा उपचुनाव के लिए पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नामांकन भरे जाने पर खुशी जताई. राजस्थान बीजेपी के अध्यक्ष मदनलाल सैनी के निधन के चलते राजस्थान राज्यसभा की एक सीट खाली हुई है. बुधवार नामांकन की अंतिम तिथि है. बीजेपी ने अपना प्रत्याशी उतरने से इनकार कर दिया है. वैसे कांग्रेस के पास विधानसभा में 100 विधायक हैं. इसके साथ निर्दलीय, बसपा सहित अन्य 22 विधायकों का समर्थन भी मिला हुआ है. ऐसे में डॉ.मनमोहन सिंह का राज्यसभा में बिना विरोध के पहुंचना पहले से ही पक्का है. पॉलिटॉक्स ने अपनी पिछली खबरों में पहले ही यह कन्फर्म कर दिया था कि देश के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ.मनमोहन सिंह का राज्यसभा में पहुंचना निश्चित है.

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह आज भरेंगे नामांकन, बसपा ने दिया समर्थन

PoliTalks news

देश के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ.मनमोहन सिंह मंगलवार को राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल करेंगे. इसके लिए वे जयपुर पहुंच चुके हैं. राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत उनका स्वागत करने पहुंचे. राजस्थान में मदनलाल सैनी के निधन के बाद खाली हुई सीट से कांग्रेस मनमोहन सिंह को राज्यसभा भेजेगी.  डॉ.सिंह फिलहाल किसी सदन के सदस्य नहीं हैं. कांग्रेस के पास अपने 100 विधायकों के अलावा निर्दलीय, बसपा और बीटीपी सहित 122 विधायकों का समर्थन हासिल है. बसपा सुप्रीमो मायावती राजस्थान विधानसभा में अपने विधायकों के जरिए डॉ.मनमोहन सिंह का समर्थन पहले ही कर चुकी है. माना जा रहा है कि मनमोहन सिंह के सामने बीजेपी अपना प्रत्याशी नहीं उतरेगी. ऐसे में … Read more