चट मंगनी पट ब्याह की तर्ज पर जयपुर-अलीगढ़ वोल्वो बस शुरू

अगर कोई यह कहे कि गहलोत सरकार ठीक से काम नहीं कर रही है, तो वह गलत है. सरकार कोई सी भी हो, यह आरोप आम तौर पर लगता रहता है कि वह मांगें मंजूर नहीं करती या बहुत ही धीमी गति से उसके फैसले होते हैं. लेकिन कई बार कुछ मांगें आश्चर्यजनक रूप से विद्युत गति से पूरी की जाती है, यह उदाहरण जयपुर में मंगलवार को दिखा. परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने सुबह अलीगढ़ के लिए वोल्वो शुरू करने के आदेश दिए और दोपहर करीब ढाई-तीन बजे उन्होंने सिंधी कैंप पहुंचकर बस को हरी झंडी दिखा दी. यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि अलीगढ़ के लिए … Read more

पायलट ने मंत्री धारीवाल और मेयर लाटा पर कसा तंज

पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 75वीं जयंती पर मंगलवार को एक कार्यक्रम में राजस्थान के डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने यूडीएच मिनिस्टर शांति धारीवाल और जयपुर मेयर विष्णु लाटा पर तंज कसते हुए वहां बैठे तमाम नेताओं को चौंका दिया. धारीवाल पर तंज कसते हुए डिप्टी सीएम ने कहा कि पायलट ने यूडीएच मिनिस्टर पर निशाना साधते हुए कहा, ‘धारीवालजी, आज भाषण के दौरान पूरे मूड में थे. आप इतना जोर अगर एक-डेढ साल पहले लगाते तो हाडौती में पांच से सात सीटें ज्यादा जीत लेते.’ उसके तुरंत बाद पायलट ने जयपुर शहर के महापौर विष्णु लाटा को लेकर कहा, ‘लाटाजी बहुत एक्टिव है. लाटा ने आज जोरदार और लंबा भाषण दिया है. चुनाव आ रहे है. आपका लंबा भाषण तो बनता है. परिसीमन में पता नहीं कब महिला सीट आ जाए.’

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डिप्टी सीएम और प्रदेशाध्यक्ष पायलट के बदले सुर देखकर वहां मौजूद सभी नेता और कार्यकर्ता एक दूसरे का मुंह ताकने लगे. दरअसल पायलट बिडला सभागार में दो दिवसीय कार्यक्रम ‘सूचना क्रांति एवं स्टार्ट अप’ में पंचायतीराज एवं स्वायत्त शासन विभाग द्वारा एक संगोष्ठी कार्यक्रम में कांग्रेसी नेता और कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे. बता दें, राजस्थान सरकार ने राजीव गांधी की जयंती पूरे सालभर मनाने का निर्णय लिया है. इसके तहत पूरे राज्य में विभिन्न कार्यक्रम सालभर में आयोजित कराए जाएंगे. इस दौरान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, यूडीएच मंत्री शांति धारिवाल, जयपुर मेयर विष्णु लाटा सहित अन्य नेता मौजूद रहे.

जनता के सुझावों के लिए द्वार हमेशा खुले
समारोह को संबोधित करते हुए सचिन पायलट ने कहा कि आने वाला समय राजस्थान की जनता का है. जनता ने जो मेंडेट विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को दिया, उस पर सरकार खरा उतरेगी. राजस्थान की जनता अगर कोई सुझाव हमें देना चाहती है तो हम तक पहुंचाए. हमारे दरवाजे प्रदेश की जनता के लिए हमेशा खुले हुए है.

सीएम गहलोत ने साधा पीएम मोदी पर निशाना
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि पंडित जवाहर लाल नेहरू देश की आजादी के लिए कई सालों तक जेल में रहे लेकिन सत्ता में बैठे लोग आज नेहरू के लिए क्या—क्या बोल रहे है? देश में सोशियल मीडिया के माध्यम से षडयंत्र रचा जा रहा है. लोगों को गुमराह किया जा रहा है. इंदिरा गांधी ने पाकिस्तान के दो टुकडे कर दिए. 93 हजार पाकिस्तानी सैनिकों को सरेंडर करवाया. वाजपेयी जब प्रधानमंत्री थे तो हमने कारगिल युद्ध जीता, इस पर हमें गर्व है. आज सैनिकों के नाम राजनीति की जा रही है जो गलत है. देश में ऐसा माहौल बनाया जा रहा है कि जैसे जो कुछ देश में हुआ वो 2014 के बाद ही हुआ. पीएम मोदी ने कभी भी नहीं कहा कि नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी ने देश के लिए क्या किया लेकिन जनता सब जानती है. इतिहास गवाह है, जब जब जनता चाहती है सत्ता पलट जाती है. इस दौरान गहलोत ने राजीव गांधी को डिजिटल क्रांति का जनक बताया.

शैक्षणिक योग्यता पर वसुंधरा सरकार को घेरा
सीएम गहलोत ने पिछली सरकार को घेरते हुए कहा कि पिछली सरकार ने सरपंच चुनाव के लिए जो शैक्षणिक योग्यता तय की, वो गलत थी. अगर योग्यता तय करनी ही थी तो बड़े चुनावो में करते. जब अनपढ़ विधायक बन सकता है तो सरपंच क्यों नहीं. हमने सरकार बनते ही इसको हटाया. साथ ही निकाय चुनावों के लिए एक अहम फैसला लिया जिसमें निकाय अध्यक्ष का चुनाव अब सीधे जनता करेगी.

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह ने समझायी पानी की महत्ता

मुंबई में 15वें एनुअल ग्लोबल इनवेस्टर कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह ने कहा कि देश में अंडरग्राउण्ड वाटर का रेशो तेजी से खत्म होता जा रहा है. इसके बारे में देशवासियों को ही नहीं बल्कि राज्यों को भी मिलकर सोचना पड़ेगा और साथ आना पडेगा. उन्होंने पंजाब के बारे में कहा कि जहां सबसे ज्यादा अंडरग्राउण्ड वॉटर मौजूद था, वहां सबसे तेजी से पानी खत्म होता जा रहा है. पुणे में रहने वाली शर्मिला ओसवाल का जिक्र करते हुए गजेंद्र सिंह ने कहा कि ओसवाल ने कंबोडिया में बहुत अच्छा काम किया है. उनके जैसे प्रयास देश में भी करने चाहिए.

गजेंद्र सिंह ने राजस्थान के बारे में भी बात करते हुए कहा कि प्रदेश में मध्यप्रदेश की तुंग नदी का पानी लाने की कोशिशें चल रही हैं. एमपी में सरकार बदलने से थोड़ी परेशानी जरूर आ रही है लेकिन जल्दी ही इसे निष्तारित कर लिया जाएगा. साथ ही जवाई बांध को जल्दी से जल्दी फिर से लबालब करने का भरोसा दिलाया.

केंद्रीय मंत्री ने कॉन्फ्रेंस में जयपुर में द्रव्ययती नदी प्रोजेक्ट का भी जिक्र करते हुए बताया कि प्रदेश की पूर्ववर्ती बीजेपी सरकार एक अच्छी सोच के तहत ये कार्य अपने हाथ में लिया था. दो हजार करोड़ की लागत का ये प्रोजेक्ट एक नदी के तौर पर न होकर एक रिवर फ्रंट चैनल के तरीके से काम करेगा. अगर ये पूरा होता है और निर्धारित योजना के अनुसार चरणबद्ध तरीके से काम किया जाता रहा तो प्रदेश के अन्य जिलों और देश के अन्य शहरों में भी इस ओर ध्यान दिया जा सकता है. इससे न केवल पानी की बचत हो सकेगी बल्कि अंडर वाटर डेप्थ को भी नियंत्रित किया जा सकेगा.

जब वाजपेयी बिमार पड़े तो राजीव गांधी ने उन्हें ईलाज के लिए भेजा अमेरिका – पायलट

पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न राजीव गांधी की 75वीं जयंती मंगलवार को देशभर में मनायी गयी. कांग्रेस पार्टी द्वारा स्व.राजीव गांधी को याद कर विभिन्न कार्यक्रमों का देशभर में आयोजन किया गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ट्वीट कर राजीव गांधी को श्रद्धांजलि दी. राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी तथा राजस्थान सरकार ने राजीव गांधी जयंती का कार्यक्रम पूरे वर्ष आयोजित करने का निर्णय लिया है. इन कार्यक्रमों के तहत राजीव गांधी की युवाओं तथा देश की उन्नति के प्रति जो सोच व दृष्टिकोण था, उसे जनता के मध्य पहुंचाया जाएगा. इसके तहत प्रदेश में वर्षभर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन होगा.

इसी क्रम में राजस्थान सरकार द्वारा राजीव गांधी जयंती के उपलक्ष में दो दिवसीय कार्यक्रम प्रदेश की राजधानी जयपुर के बिडला आडिटोरियम में आयोजित हुआ. समारोह के दूसरे दिन मंगलवार को सुबह जयपुर में ऊर्जा विभाग की ओर से अक्षय ऊर्जा दौड का आयोजन हुआ. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत रहे. ऊर्जा दौड को हरी झंडी दिखाने से पहले सीएम गहलोत ने दौड में हिस्सा ले रहे सभी प्रतिभागियों को ऊर्जा बचत करने की शपथ दिलाई. इस मौके पर मुख्य सचिव डीबी गुप्ता, राज्यमंत्री अशोक चांदना, मंत्री बीडी कल्ला, मुख्य सचेतक महेश जोशी, विधायक कृष्णा पूनियां और जयपुर महापौर विष्णु लाटा सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे.

पीसीसी में पुष्पांजली सभा
प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पर राजीव गांधी की स्मृति में पुष्पांजली कार्यक्रम का आयोजन रखा गया. साथ ही राजीव गांधी के जीवन से जुडी फोटो प्रदर्शनी का भी उदघाटन हुआ. इस दौरान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पीसीसी चीफ एवं डिप्टी सीएम सचिन पायलट, पूर्व पीसीसी चीफ डॉ. चंद्रभान, मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास, चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा, प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता अर्चना शर्मा, वरिष्ट कांग्रेस नेता गिरिजा व्यास, कांग्रेसी विधायक, पीसीसी सदस्य सहित कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे.

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राजीव गांधी की बदौलत इंदिरा गांधी कैनाल का पानी प्रदेश में आया: गहलोत
जयंती समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राजीव गांधी अगर आज जिंदा होते तो 75 वर्ष के होते. उनके राज में ही मुझे मंत्री बनने का मौका मिला. गहलोत ने कहा कि राजीव गांधी ने 21वीं शताब्दी का सपना देखा, जिसमें आज हम खड़े हैं. नई पीढ़ी को ये मालूम नहीं कि राजीव गांधी के देश के लिए क्या किया. सबके हाथ में मोबाइल, गली-गली में कम्प्यूटर और एसटीडी बूथ सब उनकी ही सोच थी. आज सोशल मीडिया के नाम पर केवल देश को गुमराह करने का षड्यंत्र रचा जा रहा है. एक घटना को याद करते हुए उन्होंने कहा कि एक बाद राजीव गांधी जोधपुर आए. उनकी स्वागत स्पीच में मैने कहा कि जोधपुर को इंदिरा गांधी कैनाल का पानी मिलना चाहिए. स्पीच के बाद राजीव गांधी ने मुझे कहा कि मुझे याद दिलाना. मैने माथुर से बात कर ली है. कुछ दिन बाद गांधी प्रधानमंत्री बने और इस प्रोजेक्ट की मॉनेटरिंग पीएमओ से होने लगी. आज उन्हीं की बदौलत प्रदेश के कई जिले पानी पी रहे हैं. उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि देश की रक्षा के लिए पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने अपनी जान दे दी लेकिन आज सैनिकों के पीछे छिपकर राजनीति हो रही है.

डिजिटल इंडिया की नींव राजीव गांधी ने रखी: पीसीसी सचिव
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव विवेक बंसल ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि हमें स्व. गांधी पर गर्व होता है. उनको याद कर हमारा सीना चौड़ा हो जाता है. राजीव गांधी दूरदर्शी सोच के धनी थे. कंप्यूटर उनकी देन थी. डिजिटल इंडिया की नींव भी राजीव गांधी ने रखी. आज जो मोबाइल हमारे हाथ में है, वो भी राजीव गांधी की देन है.

जब वाजपेयी बिमार पड़े तो राजीव गांधी ने उन्हें अमेरिका भेजा: पायलट
डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने कहा कि आज का समय राजीव गांधी के किए हुए कामों को याद करने का है. उन्होंने कहा कि मुझे खुशी है कि सरकार ने सालभर तक राजीव गांधी की जयन्ती मनाने का निर्णय लिया है. पायलट ने बताया कि 1989 के चुनाव में सबसे ज्यादा बहुमत कांग्रेस को मिला. फिर भी राजीव विपक्ष में बैठे और कहा कि देश की जनता से हमें बहुमत नहीं मिला. इस हार के बाद राजीव गांधी देशभर में घूमे. उनका मानना था सत्ता आती-जाती है. जब अटल बिहारी वाजपेयी बीमार पड़े तो राजीव गांधी ने ही उन्हें ईलाज के लिए अमेरिका भेजा. वाजपेयी ने ऑन रिकॉर्ड कहा भी था कि अगर आज मैं जिंदा हूं तो राजीव गांधी की वजह से. डिप्टी सीएम ने कहा कि राजीव गांधी एक मिलनसार व्यक्तिव के धनी थे. एक बार जो उनसे मिल लेता था, उनको भूल नहीं पाता था. वो पूरी पार्टी को अपना परिवार मानते थे और सभी कार्यकर्ताओं से आत्मीयता से मिलते थे. देश में टेक्नोलॉजी की नींव भी उन्होंने ही रखी थी. सचिन पायलट ने आगामी विधानसभा चुनाव के लिए कार्यकर्ताओं से एकजुट हो देशभर में कांग्रेस का प्रचार करने का आव्हान किया.

गहलोत और पायलट के बीच की खींचतान एक बार फिर उजागर

पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी की 75वीं जयंती मंगलवार को देश भर में मनायी गयी. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी टवीट कर पूर्व पीएम स्व. राजीव गांधी को श्रद्धांजली दी. राजस्थान सरकार पूर्व प्रधानमंत्री की जयंती को पूरे साल भर मनायेगी. वहीं मंगलवार को राजस्थान प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पर पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी की 75 वी जयंती समारोह के मौके पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच की कड़वाहट एक बार फिर सामने आई.

राजस्थान में राजीव गांधी जयंती के मौके पर दो दिवसीय कार्यक्रम प्रदेश सरकार की तरफ बिड़ला सभागार में किया गया, जिसका उद्घाटन सोमवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने किया. लेकिन सचिन पायलट इस कार्यक्रम में गैरहाजिर रहे. अगले दिन मंगलवार को संगठन की तरफ से प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में पुष्पांजलि का कार्यक्रम आयोजित हुआ, जो प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने आयोजित किया था. इस कार्यक्रम में अशोक गहलोत भी पहुंचे.

हुआ यूं कि पीसीसी में आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए सीएम गहलोत ने कहा कि एक बार स्व0 राजीव गांधी के जोधपुर दौरे के दौरान मैंने अपनी स्पीच में कहा जोधपुर को इंदिरा गांधी कैनाल का पानी मिलना चाहिए. मेरी स्पीच के बाद राजीव गांधी ने बोला मुझे याद दिलाना. फिर कुछ दिन बाद गांधी बने प्रधानमंत्री और इस प्रोजेक्ट की मोनेटरिंग पीएमओ से होने लगी और आज वो पानी प्रदेश के कई जिलों के लोग पी रहे हैं.

इसके बाद जब सचिन पायलट की बारी आई तो उन्होंने सीधे मंच से ही अशोक गहलोत पर तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्रीजी, जिस तरह राजीव गांधी ने आपकी बात मानी थी, उसी तरह से आप भी कभी-कभी विधायकों की बात मान लिया कीजिए. उन्होंने कहा कि राजीव गांधी भी संगठन को महत्व देते थे. उनके पास विशाल बहुमत था, फिर भी उन्होंने लोकतंत्र का सम्मान किया और विपक्ष में बैठना भी मंजूर किया. वह कार्यकर्ताओं को इक्कीसवीं सदी की चुनौतियों का सामना करने की प्रेरणा देते थे.

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सचिन पायलट ने कहा कि राजीव गांधी संगठन को महत्वपूर्ण मानते थे और पार्टी कार्यकर्ताओं के प्रति उनके मन में बहुत सम्मान था. मुख्यमंत्रीजी आप कार्यकर्ताओं और विधायकों की भी सुनिए. जब विधायक आपके पास काम लेकर जाएं तो आप डीपीआर बनाने की बात नहीं कहकर तुरंत उसकी घोषणा कर दिया कीजिए. राजीव गांधी का जिक्र करते हुए उन्होंने इशारों-इशारों में कहा कि हमें पार्टी को दलालों से दूर रखना चाहिए. उन्होंने कहा, मुंबई अधिवेशन में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने कहा था कि हमारी पार्टी में भी अगर दलाल हैं तो उन्हें बाहर निकालना होगा. राजीव गांधी कहा करते थे कि हमेशा सरकार से ज्यादा संगठन को तवज्जो देनी चाहिए.

गौरतलब है कि राजस्थान में कांग्रेस के दो गुट बने हुए हैं और प्रदेश में सरकार बनने के बाद से ही दोनों में खींचतान चल रही है. एक गुट अशोक गहलोत का है और दूसरा गुट सचिन पायलट का. अशोक गहलोत मुख्यमंत्री हैं और सचिन पायलट उपमुख्यमंत्री होने के साथ-साथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भी हैं. गहलोत जहां सत्ता संभाले हुए हैं, वहीं पायलट का संगठन पर नियंत्रण है. बातों-बातों में उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि सरकार में संगठन को ज्यादा महत्व नहीं मिल रहा है.

प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में सचिन पायलट का भाषण सुनने के बाद अशोक गहलोत का मूड ठीक नहीं दिखा और वह तत्काल वहां से चले गए. जिस तरह वे लोगों से बात करते हुए हंसते-मुस्कुराते गाड़ी तक जाते हैं, वैसा नहीं दिखा. उन्होंने किसी पत्रकार से भी बात नहीं की, सीधे चले गए, जबकि सचिन पायलट काफी देर तक संवाददाताओं के सवालों का जवाब देते रहे.

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बता दें, प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पर पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी की 75 वी जयंती पर पुष्पांजली कार्यक्रम और स्व. राजीव गांधी के जीवन से जुडी फोटो प्रदर्शनी का उदघाटन किया गया जिसमें मुख्यमंत्री के अलावा पीसीसी चीफ सचिन पायलट, पूर्व पीसीसी चीफ डॉ. चंद्रभान, मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास, रघु शर्मा, प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता अर्चना शर्मा, वरिष्ट कांग्रेस नेता गिरिजा व्यास सहित अनेकों विधायक एवं पीसीसी सदस्यों सहित कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे.

मोबाइल और कंप्यूटर क्रांति राजीव गांधी की देन: गहलोत

मंगलवार, 20 अगस्त को भारत रत्न और पूर्व प्रधानमंत्री स्व.राजीव गांधी की 75वीं जयन्ती के अवसर पर राजस्थान की कांग्रेस सरकार द्वारा जयपुर में दो दिवसीय कार्यक्रम ‘सूचना क्रांति एवं स्टार्ट अप‘ का आयोजन किया जा रहा है. सोमवार को बिड़ला सभागार में आयोजित राजीव गांधी जयंती समारोह के शुभारंभ के मौके पर सीएम अशोक गहलोत ने संबोधित करते हुए कहा कि राजीव गांधी कहते थे कि भारत एक प्राचीन देश और एक युवा राष्ट्र है. आज जो मोबाइल हाथ में है और ये कंप्यूटर, ये सब राजीव गांधी ने उसी समय सोच लिया था.

गहलोत ने कहा कि राजीव गांधी की देश को आगे बढ़ाने की सोच थी. वे विकसित राष्ट्रों के सामने भारत देश को खड़ा करना चाहते थे. उस समय कंप्यूटर के लिए लोग कहते है इससे बेरोज़गारी आएगी. उस समय भाजपा के सांसद कंप्यूटर का विरोध करने बैलगाड़ी से आये थे. अशोक गहलोत ने कहा कि मेरा सौभाग्य था कि मैंने राजीव गांधी और इंदिरा गांधी के साथ केंद्र में काम किया और केंद्रीय मंत्री रहा. सोनिया गांधी ने राजस्थान सरकार के इस कार्यक्रम को जम कर सराहा.

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राजीव गांधी की सोच बहुत दूरदृष्टि वाली थी. पुरानी यादों को याद करते हुए गहलोत ने कहा कि प्रदेश में जब 1988-87 में भयंकर अकाल पड़ा था तब 3 दिन तक राजीव गांधी ने प्रदेश का दौरा किया और अपनी की हुई घोषणाओं पर मोनिटरिंग करते रहे कि काम हुए या नहीं. उन्होंने कहा कि देश के बड़े-बड़े बांध, कारखाने, आइआइएम, आइआइटी और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (आइएसआरओ, इसरो) जैसे संस्थानों की नींव भारत में देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने रखी, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी ने देश को आगे बढ़ाया.

मोबाइल इंटरनेट की क्रांति गांधी की देन

सीएम गहलोत ने कहा कि मोबाइल और इंटरनेट के माध्यम से जो क्रांति आई है, ये राजीव गांधी की देन है. सोलर पावर के लिए हमने काम करना शुरू कर दिया है. BSNL, MTNL जैसी बड़ी संस्थाएं राजीव गांधी के समय बन गयी थी. राजीव गांधी का सपना था कि आईटी प्रोद्योगिकी का सही इस्तेमाल होना चाहिए पर कुछ लोग दुरुपयोग भी करते है. उन्होंने कहा कि आने वाले समय मे राजस्थान का फ्यूचर ब्राइट होगा, सरकार आपके साथ है. राजस्थान को आईटी हब बनाएंगे. यहां के युवाओं को सरकार का पूरा सहयोग मिलेगा.

भाजपा पर साधा निशाना

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि आज जो आधुनिक भारत दिख रहा है, उसके पीछे कांग्रेस के 70 साल का इतिहास और नेताओं का विजन था. भाजपा के शीर्ष नेतृत्व (नरेन्द्र मोदी) पर तंज कसते हुए अशोक गहलोत ने कहा कि देश मे ऐसा माहौल बना रखा है कि देश मे जो भी काम हुआ है वो पिछले 5 साल में ही हुआ है, जबकि ऐसा नहीं है. भाजपा के लोगों ने देश को गुमराह करने का ठेका ले रखा है. सोशल मीडिया के माध्यम से वार करने से देश खराब हो रहा है. चुनाव जीतना हारना अलग बात है. ये लोकतंत्र की खूबसूरती है.

देश का लोकतंत्र कांग्रेस की देन

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि देश का लोकतंत्र कांग्रेस की देन है. राजीव गांधी के बारे में जितना कहे, उतना कम है. उन्होंने 93 हज़ार पाकिस्तानी सैनिकों को सरेंडर करवाया था.

जयपुर राजघराना, मेवाड़ राजघराना, करणी सेना, राजस्थान कांग्रेस प्रवक्ता, के बाद अब परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास का दावा- ‘हम भी हैं भगवान राम के वंशज’

संस्कृत दिवस पर ये बोले अशोक गहलोत

संस्कृत दिवस पर जयपुर के रविंद्र मंच पर आयोजित एक कार्यक्रम में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शिरकत की. मंच को संबोधित करते हुए सीएम गहलोत ने कहा कि संस्कृति भाषा कई भाषाओं की जननी है. हमें गर्व होना चाहिए कि कई भाषाओं की जननी संस्कृत भाषा का उद्गम हमारे देश में हुआ है. संस्कृत एक ऐसी भाषा है जो न केवल समृद्ध है बल्कि इसका डिजिटलाइलेशन भी हो रहा है. संस्कृत भाषा कभी खत्म न होने वाला ज्ञान का एक अथाह भंडार है.

जयपुर में दंगा भड़काने की साजिश नाकाम

राजस्थान की राजधानी जयपुर में पिछले तीन दिनों से सांप्रदायिक दंगा भड़काने के प्रयास चल रहे हैं. सोमवार 12 अगस्त को रामगंज इलाके में कुछ कांवड़ियों के माध्यम से उपद्रव शुरू हुआ. कांवड़ियों के जयकारों से भड़ककर कुछ शरारती तत्वों ने पत्थर फेंके. झड़प हुई. मामला शांत हो गया. रात साढ़े दस बजे के बाद ईदगाह के पास सड़क पर कुछ उपद्रवी प्रकट हुए और उन्होंने दिल्ली जाने वाली बसों और अन्य वाहनों पर पथराव शुरू कर दिया. वे राहगीरों को रोककर नाम पूछकर मारपीट करने लगे. इसके बाद मंगलवार रात गंगापोल इलाके में सोमवार रात की तरह साढ़े दस बजे रावलजी चौराहे पर दंगा फैलाने का प्रयास शुरू हो गया. दो पक्ष आमने-सामने हुए. झगड़ा हुआ, पथराव हुआ, वाहनों में तोड़फोड़, दुकानों में लूटपाट शुरू हो गई.

सोमवार रात और दूसरे दिन मंगलवार को उसी तय समय पर गंगापोल में यह अचानक हुआ घटनाक्रम था. जबकि कहीं से कोई उकसावा नहीं था. सोमवार को ईद का त्योहार था. दिन भर सांप्रदायिक सद्भाव के साथ परंपरागत तरीके मनाया गया. राजस्थान में धारा 370 जैसा कोई लफड़ा भी नहीं है. तनाव जैसी कोई बात ही नहीं थी. सुबह कांवड़ियों पर पथराव के घटना के बाद पुलिस को सतर्क रहना चाहिए था, वह नहीं रही और दोनों रात अपनी आदत के मुताबिक घटनाक्रम प्रारंभ होने के एक घंटे बाद मौके पर पहुंची. इस दौरान शहर के ज्यादातर जन प्रतिनिधियों का रवैया हास्यास्पद और शर्मनाक रहा. चुनाव के समय जनता के सामने गिड़गिड़ाने वाले ये नेता सूचना मिलते ही मौके पर पहुंच सकते थे, लेकिन आदर्श नगर विधायक रफीक खान के अलावा और कोई नहीं पहुंचा.

सोमवार रात एक ही जगह उपद्रव हुआ था. मंगलवार रात दो अलग-अलग गुटों ने दो जगह उपद्रव शुरू किया. 10.30 बजे रावलजी के चौराहे पर और 11.20 बजे बदनपुरा में. दोनों जगह दंगे भड़काने का एक ही तरीका था. पांच उपद्रवी दस-पंद्रह स्थानी उपद्रवियों को साथ में लेकर हंगामा शुरू करते हैं. भीड़ जुट जाती है और वह भीड़ उकसावे के बाद बर्बर हो जाती है. सोमवार रात ईदगाह रोड पर दंगाइयों के निशाने पर राहगीर थे. दिल्ली बाईपास से गुजरने वाले वाहनों को उन्होंने निशाना बनाया. मंगलवार रात गंगापोल में उन्होंने उपद्रव को विस्तार देते हुए वाहनों में तोड़फोड़ के साथ ही दुकानों को निशाना बनाया. दंगाइयों की भीड़ रावजी चौराहे पर अनियंत्रित हुई और देखते ही देखते गंगापोल, सुभाष चौक की तरफ फैल गई. पुलिस ने पहुंचकर आधा घंटे में भीड़ को तितड़ बितर कर दिया. इसके लिए लाठीचार्ज करना पड़ा और आंसू गैस के गोले भी छोड़ने पड़े.

बड़ी खबर: हज कमेटी के अध्यक्ष अमीन पठान के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला

जब दंगाई गंगापोल में दंगा भड़काने में सफल नहीं रहे तो नजदीकी इलाके बदनपुरा के शांति कालोनी, जयंती कालोनी आदि मोहल्लों में उपद्रव शुरू हो गया. अब तक दंगाई पथराव और तोड़फोड़ ही कर रहे थे. जयंती कालोनी में दंगाइयों ने धारदार हथियार भी निकाल लिए. शांति कालोनी में एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हुआ. कई लोग मामूली रूप से घायल हुए. यह दिल्ली बायपास से सटा इलाका है और नजदीक ही खोले के हनुमानजी का मंदिर है. हालांकि पुलिस ने दंगाइयों पर काबू करने में काफी मशक्कत की और देर रात पूरा इलाका छावनी में तब्दील हो चुका था, लेकिन आम लोगों में दहशत का आलम पसर चुका था. बहरहाल शहर के 15 थाना क्षेत्रों में धारा 144 लागू कर दी गई है. अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है. गश्त जारी है. इस तरह जयपुर में लगातार दूसरे दिन दंगा भड़काने का प्रयास विफल रहा.

सोमवार रात के बाद मंगलवार रात को भी दंगा भड़कने से साफ था कि कुछ लोग शहर का माहौल खराब करने में जुटे हैं, फिर भी यहां के तमाम जनप्रतिनिधि लापरवाह और उदासीन दिखे, जैसे कि उनका इस घटनाक्रम से कोई लेना देना ही न हो. एक अखबार के संवाददाता ने छह लोगों को फोन किया था. हवामहल विधायक महेश जोशी को रात 12.28 बजे फोन किया, तो उन्होंने नहीं उठाया. दूसरी बार फोन करने पर कहा कि तबीयत ठीक नहीं थी, सो गया था. बताओ क्या हुआ? दंगा भड़कने की सूचना दी तो उन्होंने कहा कि पुलिस फोर्स लगा तो रखी है. चिंता न करें. इसके बाद शायद वह सो गए होंगे.

किशनपोल के विधायक अमीन कागजी को फोन किया तो बोले, खास मीटिंग में हैं. फिर फोन किया तो बताया कि सुभाष चौक थाने पर हैं. इसके बाद 15 बार फोन नहीं उठाया. 16वीं बार उन्होंने कहा कि इस बारे में कोई बात नहीं करनी. वहीं पूर्व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी को रात 11.21 बजे फोन किया और हालात बताए तो उन्होंने कहा, हां, सूचना मिली है. जैसी सरकार वैसा माहौल है. मैं कमिश्नर से बात करता हूं. 11.46 बजे फोन कर बताया कि पुलिस अब तक नहीं पहुंची, तो चतुर्वेदी ने कहा, एसपी जल्दी ही पहुंचेंगे.

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रात 11.27 बजे सिविल लाइंस क्षेत्र के विधायक प्रताप सिंह खाचरियावास को फोन किया तो उन्होने कहा कि चिंता मत करो, सब्र करो. मेरी पुलिस कमिश्नर से बात हो गई है. कुछ ही देर में पुलिस पहुंच रही है. तो वहीं विधायक अशोक लाहोटी तो दो कदम आगे निकले, अशोक लाहोटी को 11.23 बजे फोन किया, तो उन्होंने पहले घटनाक्रम की जानकारी प्राप्त की, फिर कहा, चिंता मत करो, मैं अभी पुलिस से बात करता हूं. फोर्स भेजने को कहता हूं. इसके बाद उनसे फोन पर बात नहीं हो पाई. शायद मोबाइल ऐरोप्लेन मोड ओर चला गया होगा.

इन सबसे अलग आदर्श नगर विधायक रफीक खान को जब 11 बजे उपद्रव की सूचना मिली तो वह तत्काल दिल्ली बाईपास पहुंच गए थे. उन्होंने पुलिस और दोनों समुदायों के लोगों से बातचीत की. लोगों को घर लौट जाने के लिए समझाते रहे. रात दो बडे शांति व्यवस्था बहाल होने के बाद वह घर लौटे. रफीक खान के अलावा शहर के पांच नेता, जिनमें एक भाजपा के और चार कांग्रेस के हैं, टालमटोल करते ही दिखे. क्या इन जन प्रतिनिधियों के मन में नहीं आया कि दंगा भड़क रहा है तो उन्हें तुरंत मौके पर पहुंचना चाहिए? क्या आजकल के जन प्रतिनिधि सिर्फ बयानबाजी और विरोधी पार्टी की आलोचना के दम पर ही राजनीति करेंगे? इन्हें जनता के सुख-दुख से कोई लेना-देना है या नहीं?

अब प्रताप सिंह खाचरियावास का दावा “हम भी है श्री राम के वंशज”

राजस्थान सरकार के परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने मंगलवार को राजस्थान विधानसभा में मीडिया से रूबरू होते हुए कहा कि हम भी भगवान राम के वंशज है. मैं कछवाहा हूं और हम कुश की संतान है. इससे पहले जयपुर की दीया कुमारी ने दावा किया था कि हम भगवान राम के वंशज हैं. जयपुर की गद्दी भगवान राम के पुत्र के कुछ वंशजों की राजधानी है. राजपरिवार के पोथी खाने में इससे संबंधित दस्तावेज मौजूद हैं. वहीं मेवाड़ के पूर्व राजघराने ने दावा किया है कि वे कुश के भाई लव के वंशज हैं, महेन्द्र सिंह ने कहा कि श्रीराम के पुत्र लव ने लव-कोट (लाहौर) की स्थापना की थी, जो कि अब पाकिस्तान में है, समय गुजरने के साथ ही लव के वंशज आहाड़ पहुंचे थे, जो मेवाड़ का पुराना नाम है. बता दें, राम-जन्म भूमि अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई में जज साहब ने शुक्रवार को रामलला के वकील से पूछा था कि क्या भगवान राम का कोई वंशज अयोध्या में है या नहीं. उसके बाद ये दावे आने शुरू हो गए हैं.