राजस्थान: निकाय चुनाव में टिकट की मारामारी के बीच चले लात-घूंसे

वीडियो खबर: गहलोत ने लिया मोदी सरकार को आड़े हाथ

Gehlot

पॉलिटॉक्स ब्यूरो. राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने तिहाड जेल में बंद पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम से मुकालात की. मुलाकात के बाद गहलोत ने पत्रकारों से मुखातिब होते हुए कहा कि चिदंबरम को षडयंत्र के तहत जेल में बंद किया गया है. 25 साल पहले जब में टेक्सटाइल मंत्री था तब से देख रहा हूँ, चिदम्बरम (chidambaram) ने 45 साल तक विभिन्न पदो पर रहते हुए देश की सेवा की. 45 साल देश की सेवा करने के बाद उन्हें यह इनाम मिला कि बिना कोई मुकदमे, बिना किसी आरोप के उन्हें जेल में बंद कर दिया गया.

दीवाली की शिष्टाचार मुलाकात के बाद से अचानक तेज हुई गहलोत-पूनिया के बीच जुबानी जंग

(Gehlot-Poonia)

पॉलिटॉक्स ब्यूरो. राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतीश पूनिया (Gehlot-Poonia) के बीच दिन-प-दिन जुबानी जंग तेज होतीं जा रही है. ताजे मामले के अनुसार सोमवार को पहले मुख्यमंत्री गहलोत ने भीलवाड़ा के करेड़ा में कहा कि पूनिया कुर्सी बचाने के लिए दिल्ली के इशारे पर उनके खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं. गहलोत के इस बयान पर बड़ा पलटवार करते हुए सतीश पूनिया ने कहा कि गहलोत अपने बेटे की वजह से हताश, निराश और परेशान हैं और कुर्सी बचाने के लिए उनको रोजाना दिल्ली के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं. यह भी पढ़ें:- सतीश पूनिया को सीएम गहलोत ने कहा नया-नया मुल्ला हैं इसीलिए वे जोर-जोर … Read more

आरएलपी ने की निकाय चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा, बेनीवाल ने भविष्य के लिए जिंदा रखी उम्मीदें

RLP on Local Body Elections

पॉलिटॉक्स ब्यूरो. राजस्थान में होने वाले निकाय चुनाव (Local Body Elections) में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) ने चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा की है. नागौर सांसद और RLP के राष्ट्रीय संयोजक हनुमान बेनीवाल ने इस सम्बंध में ट्वीट करते हुए जानकारी दी है. हनुमान बेनीवाल ने कहा है कि यदि कोई प्रत्याशी अच्छा होगा, तो पार्टी कार्यकर्ताओं से रायशुमारी के बाद उसको समर्थन देने पर विचार किया जाएगा. 1-वर्तमान में हो रहे निकाय चुनाव @RLPINDIAorg नही लड़ेगी मगर व्यक्तिशः कोई प्रत्याशी अच्छा होगा तो पार्टी कार्यकर्ताओं से रायशुमारी के बाद उसको समर्थन देने पर विचार करेगी !#Election2019 @pantlp @prempratap04 @babulalsharma19 @amitvajpayee — HANUMAN BENIWAL (@hanumanbeniwal) November 3, 2019 इसके बाद … Read more

वीडियो खबर: वसुंधरा राजे ने दिया प्रदेश में जल्द दुबारा चुनाव होने का चौकानें वाला राजनीतिक सन्देश

दिवाली बाद जयपुर लौंटी पूर्व मुख्यमंत्री वुसन्धरा राजे ने शनिवार को अपने निवास पर आमजन, नेता, कार्यकर्ता सबसे मिलकर दिवाली की शुभकामनाएं दीं. दिवाली की रामा श्यामा के बीच पत्रकारों से बातचीत में निकाय चुनाव से सम्बंधित एक सवाल के जवाब में वसुंधरा राजे ने कहा, “अभी तो अपन देखेंगे, मुझे तो कहा गया हैं कि प्रदेश में बहुत जल्द चुनाव होने वाले हैं”. तो क्या सच में प्रदेश में ऐसे को समीकरण बन रहे हैं कि इतनी जल्दी सत्ता परिवर्तन हो सकता हो, राजे द्वारा दिए गए इस चौकानें वाले सन्देश के बाद प्रदेश की राजनीति एकदम से गरमा गई है.  इससे पहले पूर्व सीएम राजे ने स्टेट हाइवे पर निजी वाहनों के लिए टोल फ्री करने के अपने निर्णय को गरीब जनता के हित में लिया हुआ फैसला बताया…
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राजस्थान में सत्ता और संगठन के बीच तालमेल बिठाने के लिए कोऑर्डिनेशन कमेटी बनाने के निर्देश

Coordination Committee for Gehlot and Pilot

पॉलिटॉक्स ब्यूरो. राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट के बीच की अदावत किसी से छुपी नहीं है. विधानसभा चुनाव के पहले और बाद मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर दोनों के बीच चली खींचतान आज तक किसी न किसी मुद्दे पर सार्वजनिक हो ही जाती है. दोनों के बीच की इस खिंचतान को लेकर कांग्रेस आलाकमान भी बहुत चिंतित है. सूत्रों की मानें तो नाराज कांग्रेस आलाकमान ने प्रदेश में सत्ता और संगठन के बीच तालमेल बिठाने के लिए एक कोऑर्डिनेशन कमेटी (Coordination Committee) गठित करने का फैसला लिया है. नवम्बर के दूसरे सप्ताह तक एक 21 सदस्यीय इस कोऑर्डिनेशन कमेटी का गठन कर दिया जाएगा. जिसके बाद सत्ता और संगठन से जुड़े सारे फैसले यह कमेटी ही करेगी.

प्रदेश सरकार के दस माह के कार्यकाल के दौरान कई मौकों और कई मुद्दों पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट के बीच का विवाद सार्वजनिक रूप से देखा गया है. ऐसे में सत्ता और संगठन के आमने-सामने होने, सरकार के मंत्रियों में समन्वय नहीं होने और पार्टी के विधायकों द्वारा अपनी ही सरकार के खिलाफ सार्वजनिक रूप से बयानबाजी करने को लेकर कांग्रेस आलाकमान ने गहरी नाराजगी व्यक्त की है और इसीलिए आलाकमान ने विवादों से निपटने के लिए इस कोआर्डिनेशन कमेटी (Coordination Committee) बनाने का फैसला लिया है.

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पार्टी सूत्रों की मानें तो 15 नवम्बर से पहले कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की अनुमति से प्रदेश में इस कोऑर्डिनेशन कमेटी का गठन कर दिया जाएगा. जिसके बाद सत्ता और संगठन से जुड़े सारे फैसले यह कमेटी ही करेगी. जिनमें मंत्रिमंडल विस्तार, प्रदेश में होने वाली राजनीतिक नियुक्तियां, प्रदेश कांग्रेस कमेटी में पदाधिकारियों की नियुक्ति और सरकार से जुड़े सभी महत्वपूर्ण फैसले अब से यह कोऑर्डिनेशन कमेटी (Coordination Committee) ही करेगी. इस कमेटी की माह में एक बार बैठक होगी. पार्टी आलाकमान ने मंत्रियों को निर्देश दिए हैं कि वे जिलों के दौरे पर जाते समय स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ संवाद अवश्य करें और जहां तक सम्भव हो जनसुनवाई भी जिला कांग्रेस कमेटियों के कार्यालयों में ही करें.

आलाकमान के निर्देश पर गठित होने वाली इस कोऑर्डिनेशन कमेटी में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट, प्रदेश प्रभारी राष्ट्रीय महासचिव अविनाश पांडे, सचिव विवेक बंसल, तरूण कुमार, काजी निजामुद्दीन, पूर्व केंद्रीय मंत्री भंवर जितेंद्र सिंह, कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य रघुवीर मीणा और चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा सहित 21 वरिष्ठ नेताओं को शामिल किया जाएगा.

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अब चूंकि सत्ता और संगठन से जुड़े सभी महत्वपूर्ण फैसले इस कोऑर्डिनेशन कमेटी के माध्यम से ही लिए जाने हैं, ऐसे में अब पहला विवाद इस कमेटी में शामिल होने वाले नेताओं को लेकर ही होने की पूरी संभावना है. गहलोत और पायलट अब अपने-अपने विश्वस्तों को इसमें शामिल कराने के प्रयास में जुट गए हैं. मुख्यमंत्री गहलोत चाहते हैँ कि कृषिमंत्री लालचंद कटारिया, मुख्य सचेतक महेश जोशी, स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल को इस कमेटी में शामिल किया जाए. वहीं, सचिन पायलट अपने विश्वस्त सरकार में सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्री मास्टर भंवरलाल मेघवाल, खाघ मंत्री रमेश मीणा और परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास को कोऑर्डिनेशन कमेटी (Coordination Committee) का सदस्य बनवाना चाहते हैं. इस तरह कमेटी में जिसके चाहने वाले ज्यादा संख्या में होंगे उसकी बात में वजन ज्यादा रहेगा.

गौरतलब है कि हाल ही में प्रदेश में होने वाले स्थानीय निकाय चूनावों में लिए गए हाईब्रिड फार्मूले के निर्णय को लेकर गहलोत और पायलट के बीच की अदावत एक बार फिर से खुलकर सामने आ गई थी. इस फॉर्मूले के तहत बिना पार्षद का चुनाव लड़े ही कोई भी बाहरी व्यक्ति महापौर व सभापति बन सकता था, जिसका सचिन पायलट समर्थक मंत्रियों व विधायकों ने खुलकर सार्वजनिक रूप से विरोध किया था. यह विवाद पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी तक पहुंचा था और आलाकमान ने पायलट की बात को तवज्जो देते हुए निर्देश दिए थे जिसके बाद गहलोत सरकार को अपना निर्णय बदलना पड़ा था.

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ऐसे में सत्ता और संगठन के बीच समन्वय स्थापित करने के लिए गठित की जाने वाली यह कोऑर्डिनेशन कमेटी (Coordination Committee) कितनी कारगर साबित होगी ये तो आने वाले समय में पता चलेगा लेकिन इस कमेटी में शामिल किए जाने वाले नेताओं को लेकर होने वाले सम्भावित विवाद से बचने के लिए आलाकमान के आगे क्या निर्देश होंगे यह देखना काफी दिलचस्प होगा.

वीडियो खबर: गहलोत के ‘मुल्ला’ वाले बयान पर पूनिया का पलटवार

पॉलिटॉक्स ब्यूरो. राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के मुल्ला वाले बयान पर पलटवार करते हुए भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा कि गहलोत अपनी पार्टी के नेतृत्व को स्वीकार नहीं कर पा रहे. साथ ही उन्हें भाजपा नेतृत्व से भी ऐतराज है. दरअसल, पूनिया प्रदेश सीएम के उस बयान पर तंज कस रहे थे जिसमें अशोक गहलोत ने कहा था कि पूनिया नए नए मुल्ला हैं ​इसलिए जोर जोर से बांग दे रहे हैं.

वीडियो खबर: उपचुनाव के बाद कांग्रेस की गोद में जा बैठी भाजपा-बेनीवाल

पॉलिटॉक्स ब्यूरो. RLP के चीफ हनुमान बेनीवाल (Hanuman Beniwal) ने निकाय चुनाव (Nikay Chunav) में भाजपा के गठबंधन तोड़ने पर करारा तंज कसते हुए कहा कि बीजेपी ने धोखा दिया है. खींवसर चुनावों के बाद कांग्रेस की गोद में जा बैठी है भाजपा. साथ ही उन्होंने गरजते हुए कहा कि 2023 में एक किसान का बेटा ही राजस्थान का मुख्यमंत्री बनेगा.

वीडियो खबर: दिल्ली में क्या बोले सीएम अशोक गहलोत

Gehlot

राजधानी दिल्ली में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने मीडिया से वार्ता करते हुए कश्मीर में विदेशी डेलिगेस्ट के दौरे को संविधान और जनतंत्र की हत्या बताया. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र व हरियाणा विधानसभा चुनाव में जनता ने भाजपा को सबक सिखाया है.

वीडियो खबर: पूनिया ने कांग्रेस पर लगाए सरकारी तंत्र का दुरूपयोग करने के आरोप

निकाय चुनावों की तैयारियों को लेकर आयोजित हुई इस बैठक के बाद प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतीश पूनिया (Satish Poonia) ने कांग्रेस पर सरकारी तंत्र का दुरूपयोग करने के आरोप लगाये. पूनिया ने कहा कि कांग्रेस इन निकाय चुनावों (Municipal Elections) में तिगडम बैठाने में लगी हुई है. चुनाव परिणाम आने के 7 दिन बाद अध्यक्ष पद का चुनाव होगा इससे जाहिर है कि सरकार इस दौरान अपने सरकारी तंत्र का दुरूपयोग करके तिगडम बैठाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी.