24 साल बाद चुनावी मंच पर एक साथ दिखे माया-मुलायम

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उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में आज सपा-बसपा-रालोद महागठबंधन की चौथी संयुक्त सभा है. इस सभा की खासियत यह है कि यहां मुलायम सिंह यादव और बसपा चीफ मायवती 24 साल बाद मंच सांझा करते हुए नजर आएंगे. मुलायम सिंह यादव खुद मैनपुरी संसदीय सीट से प्रत्याशी हैं. कभी मुलायम सिंह के खिलाफ वोट करने की अपील करने वाली मायावती आज फिर मुलायम सिंह के लिए वोट मांगती नजर आएगी. मुलायम सिंह ने 2014 में आजमगढ़ और मैनपुरी सीट से चुनाव लड़ा था और दोनों जगह उन्हें विजयश्री मिली. बाद में उन्होंने मैनपुरी सीट छोड़ दी जहां से तेजप्रताप यादव सांसद चुने गए.

गेस्ट हाउस कांड के बाद जुदा हो गई थी राह
मुलायम सिंह ने 1992 में समाजवादी पार्टी का गठन किया था. 1993 के विधानसभा चुनाव में सपा-बसपा ने मिलकर चुनाव लड़ा जिसमें उन्हें जीत हासिल हुई. मुलायम सिंह यादव मुख्यमंत्री बने लेकिन बसपा संस्थापक काशीराम के साथ हुए उनके विवादों के कारण बसपा ने उनकी सरकार से समर्थन वापस ले लिया. इससे मुलायम सिंह काफी नाराज थे. इसके बाद जब मायावती अपने कार्यकर्ताओं और विधायकों के साथ स्टेट गेस्ट हाउस में आगामी रणनीति पर विचार कर रही थी, तभी समाजवादी पार्टी समर्थकों ने वहां हमला बोल दिया. मायावती ने किसी तरह छुपकर अपनी जान बचाई. इस कांड ने दोनों पार्टियों के बीच एक गहरी खाई पैदा कर दी. आगामी चुनावी में बीजेपी के सर्मथन से मायावती ने सरकार बनाई और प्रदेश का पहली दलित मुख्यमंत्री बनी.

अखिलेश-मायावती में बना बुआ-भतीजे का रिश्ता
उत्तर प्रदेश में विधानसभा और बाद में लोकसभा चुनाव में करारी हार का सामना करने के बाद सपा और बसपा दोनों को ही यह आभास हो गया था कि बीजेपी को अकेले हराया नहीं जा सकता. उसके बाद सपा चीफ अखिलेश यादव और बीएसपी प्रमुख मायावती ने मिलकर गोरखपुर व फुलपुर लोकसभा उपचुनाव में गठबंधन की नींव रखी और परिणाम सकारात्मक मिला. योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री और केशव प्रसाद मोर्य के उपमुख्यमंत्री बनने के बाद खाली हुई इन दोनों सीटों पर बसपा ने अपने प्रत्याशी नहीं उतारे बल्कि सपा उम्मीदवारों को समर्थन दिया. नतीजा-दोनों सीटें सपा के खाते में आ गिरी. वर्तमान लोकसभा चुनाव में सपा-बसपा-रालोद गठबंधन में चुनाव लड रहे है. जिनमें बसपा 38 सपा 37 और रालोद 3 सीट पर चुनाव लड़ रही है. अमेठी और रायबरेली सीट पर गठबंधन ने उम्मीदवार खड़ा नहीं किया है. यहां से राहुल गांधी और सोनिया गांधी मैदान में हैं.

पत्नी के प्रचार पर घिरे शत्रुघ्न सिन्हा, कांग्रेस प्रत्याशी ने जताया एतराज

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अक्सर पार्टी विरोधी बयान देने के बाद बीजेपी छोड़ कांग्रेस का हाथ थामने वाले शुत्रुघ्न सिन्हा अब फिर पार्टी की खिलाफत पर उतर आए हैं. दरअसल, यूपी की लखनऊ लोकसभा सीट पर सपा-बसपा-रालोद गठबंधन के प्रत्याशी के रूप में सिन्हा की पत्नी पूनम सिन्हा चुनाव मैदान में हैं और गुरूवार को नामाकंन के दौरान शत्रुघ्न अपनी पत्नी के साथ दिखे और तो और उन्होंने पूनम सिन्हा के रोड़ शो में भी शामिल होकर वोट मांगे. इस पर लखनऊ कांग्रेस प्रत्याशी प्रमोद कृष्णम भड़क गए और शत्रुघ्न सिन्हा को पार्टी धर्म निभाने की सलाह दे डाली. पार्टी धर्म निभाएं सिन्हा – कृष्णम बीजेपी को अलविदा कह कांग्रेस में शामिल हुए शत्रुघ्न … Read more

सुप्रीम कोर्ट में नहीं चली माया’चाल, प्रचार पर रोक जारी

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सुप्रीम कोर्ट ने बसपा चीफ मायावती को झटका देते हुए उनकी प्रचार करने की याचिका को खारिज कर दिया. मायावती ने चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर आज रैली करने की इजाजत मांगी थी लेकिन कोर्ट ने मायावती की अर्जी पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया. मायावती ने 7 अप्रैल को देवबंद में समाज विशेष के लोगों से वोट अपील की. वहीं 13 अप्रैल को ‘बजरंग बली और अली हमारे’ बयान दिया था. इस पर कार्रवाई करते हुए चुनाव आयोग ने उनपर 48 घंटे का प्रचार बैन लगाया है. लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान के तहत आज चुनाव प्रचार करने का … Read more

बदले समीकरण के साथ बीजेपी को झटका देने की तैयारी में छतीसगढ़ !

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11 अप्रैल को लोकसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के साथ ही देश में चुनावी दंगल की शुरुआत हो चुकी है. पहले चरण में 18 राज्य और दो केंद्र शासित प्रदेशों की 91 सीटों पर वोटिंग हो चुकी है. छतीसगढ़ की नक्सल प्रभावित बस्तर लोकसभा सीट भी इसमें शामिल है. अब प्रदेश की तीन सीटों पर मतदान 18 अप्रैल और 7 सीटों पर 23 अप्रैल को वोट पड़ेंगे. 2014 के लोकसभा चुनाव में छतीसगढ़ भी पूर्णतया मोदी लहर पर सवार था. प्रदेश की 10 सीटों पर बीजेपी ने कब्जा किया था. कांग्रेस के हाथ केवल एक सीट लगी थी जिसपर ताम्रध्वज साहु ने कब्जा जमाया था. कयास लगाए जा … Read more

चुनाव आयोग का बड़ा फैसला, योगी-मायावती नहीं कर सकेंगे प्रचार

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चुनाव आयोग ने आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में बड़ा एक्शन लेते हुए यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ और बसपा सुप्रीमो मायावती पर प्रचार पर रोक लगाने को कहा है. 16 अप्रैल को सुबह 6 बजे से शुरू होने वाली चुनाव आयोग ये रोक योगी आदित्यनाथ के लिए 72 घंटे और मायावती के लिए 48 घंटे के लिए लागू होगी. आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में चुनाव आयोग ने यह सख्त कदम उठाया है. इस दौरान योगी आदित्यनाथ और मायावती ना ही कोई रैली को संबोधित कर पाएंगे, ना ही सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर पाएंगे. इसके अलावा दोनों नेता किसी को इंटरव्यू भी नहीं दे पाएंगे. बता दें … Read more

यूपी में अधपके चावल दे रहे राजनीति के मंझे खिलाड़ियों को कड़ी टक्कर

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इस बार का लोकसभा चुनाव कई मायनों में पिछले चुनावों के मुकाबले दिलचस्प होगा. इसकी वजह है कि उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में कई ऐसी सीटें हैं, जहां नए खिलाड़ी राजनीति में मंझे दिग्गजों को टक्कर देते नजर आ रहे हैं. सियासी दंगल के ये नए खिलाड़ी कहीं तो राजनीति की लंबी पारी खेल चुके खिलाड़ियों को चुनौती देंगे तो कहीं उनके आने से मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है. हालांकि चुनावी परिणाम में थोड़ा समय शेष है लेकिन मुकाबला कहीं मायनों में मजेदार हो गया है. आइए जानत हैं ऐसी ही कुछ लोकसभा सीटों के बारे में … आजमगढ़ मुलायम सिंह यादव की इस परम्परागत सीट पर फिर … Read more

बसपा ने जारी की 5 उम्मीदवारों की सूची, जयपुर ग्रामीण से विधुडी को टिकट

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बहुजन समाज पार्टी ने सुप्रीमो मायावती के निर्देश पर राजस्थान लोकसभा चुनाव के लिए नई सूची जारी की है. इस लिस्ट में 5 उम्मीदवारों के नाम दिए गए हैं. लिस्ट में बीकानेर, सीकर, चूरू, जयपुर ग्रामीण और करौली-धौलपुर के प्रत्याशियों के नाम शामिल हैं. लिस्ट में मुताबिक, बीकानेर से भैराराम मेघवाल को उतारा गया है. उनके सामने बीजेपी के अर्जुनराम मेघवाल और कांग्रेस के मदन गोपाल मेघवाल मैदान में हैं. ऐसे में बीएसपी प्रत्याशी ने मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है. सीकर से सीता देवी को टिकट मिला है. कांग्रेस के सुभाष मेहरिया और बीजेपी के सुमेधानंद सरस्वती उन्हें टक्कर दे रहे हैं. चूरू से हरिसिंह चाहर को बीएसपी चेहरा … Read more

लोकसभा चुनाव: 20 राज्यों की 91 सीटों पर वोटिंग शुरू

17वीं लोकसभा के लिए हो रहे चुनाव के पहले चरण में 20 राज्यों की 91 लोकसभा सीटों पर वोटिंग शुरू हो गई है. इन सीटों पर कुल 1279 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं. इनमें मोदी सरकार के 8 मंत्री भी शामिल हैं. गाजियाबाद से वीके सिंह, गौतमबुद्ध नगर से महेश शर्मा, बागपत से सत्यपाल सिंह, नागपुर से नितिन गडकरी, चंद्रपुर से हंसराज अहीर, बैंगलुरु उत्तर से सदानंद गौड़ा, अल्मोड़ा से अजय टमटा और अरुणाचल पश्चिम से किरण रिजिजू चुनाव लड़ रहे हैं. आपको बता दें कि पहले चरण में लोकसभा की 91 सीटों के साथ-साथ आंध्र प्रदेश, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश और ओडिशा में विधानसभा चुनाव के लिए भी वोट डाले … Read more

मायावती के ‘मुस्लिम बयान’ पर चुनाव आयोग सख्त, रिपोर्ट मांगी

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सहारनपुर के देवबंद में आयोजित महागठबंधन की चुनावी रैली में बसपा प्रमुख मायावती के ‘मुस्लिम बयान’ को लेकर चुनाव आयोग सख्त नजर आ रहा है. उन्होंने इस संबंध में जिला प्रशासन से रिपोर्ट मांगी है. चुनाव आयोग ने कहा है कि मायावती के इस बयान पर कई शिकायतें मिली थी, जिसके बाद आयोग ने यह कदम उठाया है. दरअसल देवबंद में सपा-बसपा-रालोद महागठबंधन की पहली चुनावी रैली में रविवार को मायावती ने मुस्लिम मतदाताओं का आह्वान करते हुए कहा था, ‘भाजपा को कांग्रेस नहीं हरा सकती. उसे सिर्फ महागठबंधन हरा सकता है. लिहाजा मुस्लिम मतदाता कांग्रेस को वोट देकर उसे ज़ाया करने के बजाय महागठबंधन प्रत्याशियों के पक्ष में एक तरफा मतदान करें.’ मायावती के इस बयान पर भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष जेपीएस राठौर ने चुनाव आयोग से इसकी शिकायत की है.

राठौड़ का कहना है कि मायावती द्वारा मुसलमानों से एक राजनीतिक दल को वोट न देने की अपील करना धार्मिक उन्माद फैलाने वाला है. साथ ही यह चुनाव आचार संहिता का खुला उल्लंघन भी है, लिहाजा उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए. वहीं दूसरी ओर मायावती का ऐसा बयान ध्रुवीकरण को भी बढ़ावा दे सकता है जिसका नुकसान महागठबंधन को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उठाना पड़ सकता है क्योंकि मुस्लिमों से एकतरफा वोट की अपील पर हिंदू वोटरों पर इसका उल्टा असर हो सकता है.

इस चुनावी रैली में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा, ‘हमारी सीमाएं सुरक्षित नहीं हैं. हमारे जवान मर रहे हैं बीजेपी की ज़िम्मेदारी है. ये महापरिवर्तन का चुनाव है. ये दूरियों को मिटाने का चुनाव है. हमें नफ़रत की दीवार गिरानी है. उन्होंने कहा कि जो कांग्रेस है वही बीजेपी है, जो बीजेपी है वही कांग्रेस है. कांग्रेस परिवर्तन नहीं चाहती वो अपनी पार्टी बनाना चाहती है. आपको देखना होगा कि कौन परिवर्तन लाएगा.’