महाराष्ट्र में भाजपा-शिवसेना की पहली और कांग्रेस की दूसरी लिस्ट जारी

महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा और शिवसेना ने अपने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी है. बीजेपी ने अपनी लिस्ट में 125 प्रत्याशियों के नाम शामिल किए हैं. संगठन ने लिस्ट में 91 वर्तमान विधायकों पर फिर से दाव खेला है जबकि 12 विधायकों के टिकट काट दिए. प्रदेश के सीएम देवेंद्र फडणवीस नागपुर साउथ वेस्ट से चुनाव लड़ेंगे. वहीं चंद्रकात पाटिल को कोथरुड से शिवाजी परिवार के वंशज शिवेंद्र सिंह को सतारा से टिकट मिला. कांग्रेस छोड़ बीजेपी में शामिल हुए राधाकृष्ण विखे पाटिल को शिरडी जबकि जामनेर से गिरीश महाजन को टिकट मिला है. List of BJP candidates for the ensuing Bye-election to the Parliamentary … Read more

महाराष्ट्र: कांग्रेस की पहली लिस्ट जारी, 6 विधायकों ने थामा बीजेपी का ‘हाथ’

वहीं महाराष्ट्र (Maharastra) में अगले महीने होने जा रहे विधानसभा चुनावों के लिए कांग्रेेस ने रविवार को अपनी पहली सूची जारी कर दी. कांग्रेस चुनाव समिति के प्रमुख मुकुल वासनिक द्वारा जारी की गई पहली सूची में 51 उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं. जारी लिस्ट में महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण, पूर्व सीएम विलासराव देशमुख के बेटे अमित विलासराव देशमुख और पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे की बेटी प्रणिती के नाम भी हैं. अमित देशमुख महाराष्ट्र की लातूर शहर सीट और शोलापुर सिटी सेंट्रल से प्रणिती चुनाव लड़ेगी. अशोक चव्हाण (Ashok Shankarrao Chavan) भोकर सीट से किस्मत आजमाएंगे. वहीं, महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस, रांकपा और … Read more

ईडी की जांच में पवार का नाम आने के बाद शिवसेना को मिला भाजपा पर दबाव बनाने का मौका

आर्थिक घोटाले के तहत मनी लांड्रिंग (Money laundering) की एक जांच में शरद पवार (Sharad Pawar), अजित पवार (Ajit Pawar) सहित कई नेताओं के नाम दर्ज किए हैं. सोमवार को ED के एक अधिकारी के हवाले से मीडिया में खबर आने के बाद महाराष्ट्र का राजनीतिक माहौल अचानक पलट गया है. पिछले दो-तीन दिन से चल रहे घटनाक्रम को देखने के बाद शिवसेना संसदीय नेता संजय राउत (Sanjay Raut) ने ED की समझदारी पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि विधानसभा चुनाव से ठीक पहले ईडी को राज्य के इतने बड़े नेता को नामजद करने की क्या जरूरत थी? इससे कमजोर हो रही राकांपा को जनता की सहानुभूति मिलेगी और वह फिर मुकाबले में आ जाएगी.

गौरतलब है कि शिवसेना केंद्र में BJP के साथ NDA की प्रमुख सहयोगी हैं और महाराष्ट्र (Maharastra) में दोनों पार्टियों का गठबंधन है. महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा बहुत ज्यादा सीटें मांग रही है और शिवसेना को यह मंजूर नहीं है, जिससे दोनों में सीटों पर तालमेल नहीं हो पा रहा है. शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे भाजपा की शर्तों के सामने झुकने के लिए तैयार नहीं है. इस खींचतान में शिवसेना अपनी हैसियत बनाए रखने के लिए प्लान-बी पर अमल कर सकती है, जिसके तहत पवार का समर्थन करते हुए अधिकतम सीटों पर शिवसेना चुनाव लड़ सकती है. पवार के समर्थन में संजय राउत के बयान से यह संकेत मिलता है.

राउत ने मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़नवीस के इस दावे को परोक्ष रूप से मानने से इनकार कर दिया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि ईडी ने हाईकोर्ट के आदेश पर दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर मामला दर्ज किया है और इसमें राज्य सरकार की कोई भूमिका नहीं है. राउत ने कहा कि हाईकोर्ट ने जिस शिकायत के आधार पर जांच करने का आदेश दिया है, उसमें शरद पवार के नाम का उल्लेख नहीं है. इस घोटाले में पवार की पार्टी के कुछ लोगों के नाम बताए जा रहे हैं. इस आधार पर उन्हें घोटाले का सरगना बताने की कोशिश हो रही है, जो कि कानून के दायरे में नहीं आती है. जिस बैंक में हुए घोटाले की जांच हो रही है, उससे सभी पार्टियों का संबंध रहा है.

बड़ी खबर: महाराष्ट्र में ईडी के जरिए शरद पवार को घेरने का दाव पड़ा उल्टा

राउत ने कहा कि ईडी ने एक सो रही पार्टी राकांपा को चुनाव से पहले जगा दिया है. इससे राकांपा कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ेगा. जो लोग शरद पवार को जानते हैं महाराष्ट्र की राजनीति को समझते हैं, वे सभी यही कहेंगे ईडी ने बगैर किसी कारण के पवार का नाम उछालकर मामले को राजनीतिक मोड़ दे दिया है. उन्होंने कहा कि ईडी भारत सरकार के अधीन काम करने वाली संस्था है, यह कोई अमेरिकी जांच एजेंसी नहीं है. पवार के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई महाराष्ट्र की राजनीतिक संस्कृति के भी खिलाफ है.

राउत ने कहा कि बाला साहेब ठाकरे (Bala Saheb Thackeray) के समय से ही हम पवार की आलोचना करते रहे हैं. हमने उनकी पार्टी के खिलाफ चुनाव भी लड़े हैं. कभी जीते हैं तो कभी हारे भी हैं. लेकिन किसी नेता के साथ कुछ गलत होता हुआ दिखता है तो हम सभी उसके विरोध में एकजुट हो जाते हैं. यह महाराष्ट्र की राजनीतिक संस्कृति है. जब ईडी ने एक मामले में मनसे प्रमुख राज ठाकरे (Raj Thackeray) ने पूछताछ के लिए बुलाया था तो हमने उसका भी विरोध किया था. उद्धवजी उनके समर्थन में आगे आए थे. अन्ना हजारे ने भी कहा है कि पवार का किसी घोटाले में हाथ में नहीं है, जो पहले कई बार पवार की तीखी आलोचना कर चुके हैं.

दो भाईयों की लड़ाई में कहीं शरद पवार के हाथ न लग जाए छीका

महाराष्ट्र (Maharastra) में विधानसभा चुनाव की तारीख तय हो चुकी है. यहां विधानसभा की 288 सीटों पर प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला 24 अक्टूबर को हो जाएगा. मतदान 21 अक्टूबर को होगा. पिछली बार की तरह इस बार भी यहां दो भाई आपस में सीटों की लड़ाई लड़ रहे हैं. इस बार लड़ाई पहले से गहरी है. यहां सत्ता का बंटवारा भी हो रहा है जिसके लिए बड़ा भाई तैयार तो छोटा भाई नाखुश है. महाराष्ट्र के ये दोनों भाई हैं शिवसेना और भाजपा. वि.स. चुनावों को अब कुछ ही दिन शेष हैं लेकिन दोनों के बीच सीट बंटवारे को लेकिन सहमति नहीं बन पायी. साथ ही शिवसेना सत्ता में … Read more

‘किसकी मजाल जो हाथी को धकेल के तीसरे नंबर पर पहुंचा दे’

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में हमीरपुर विधानसभा सीट (Hamirpur Assembly) पर हुए उप चुनाव का परिणाम आ गया है. यहां सत्ताधारी BJP ने अपना कब्जा जमाया. अब इस जीत पर बहुजन समाज पार्टी (BSP) की मुखिया मायावती (Mayawati) गुस्से से आग बबूला हो गयी और भाजपा पर EVM में धांधली का आरोप जड़ दिया. मायावती ने ये भी लॉजिक दिया कि बसपा के वोटर्स भारी बारिश के चलते घर से बाहर निकले ही नहीं. अपने गुस्से को उन्होंने सोशल मीडिया पर जमकर निकाला और ताबड़तोड़ तीन ट्वीट करते हुए भाजपा पर बसपा के कार्यकर्ताओं का मनोबल गिराने के लिए षडयंत्र रचने का आरोप तक लगा दिया. अपने पहले ट्वीट में … Read more

महाराष्ट्र में ईडी के जरिए शरद पवार को घेरने का दाव पड़ा उल्टा

आखिर राकांपा (NCP) अध्यक्ष शरद पवार (Sharad Pawar) को प्रवर्तन निदेशालय के दफ्तर में नहीं जाने का फैसला करना पड़ा. महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव बैंक घोटाले में मनी लांड्रिंग की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जैसे ही राकांपा प्रमुख शरद पवार से पूछताछ करने के संकेत दिए, वैसे ही महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव (Maharastra Assembly Election) से ठीक पहले राकांपा ने शरद पवार के खिलाफ केंद्र की मोदी सरकार के विरोध की जमीन तैयार कर ली. मंगलवार को पवार से ED की पूछताछ की संभावना की खबर मीडिया में आई थी, उसके बाद से महाराष्ट्र की राजनीति ने नया मोड़ ले लिया और इसके दूरगामी परिणाम हो सकते हैं. बैंक … Read more

शरद पवार के खिलाफ ईडी की जांच से महाराष्ट्र में राजनीतिक तूफान

महाराष्ट्र (Maharastra) में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने महाराष्ट्र स्टेट कोऑपरेटिव बैंक घोटाले में मनी लांड्रिंग की जांच शुरू कर दी है, जिसमें NCP प्रमुख शरद पवार (Sharad Pawar), उनके भतीजे अजित पवार, राकांपा नेता ईश्वरलाल जैन, शिवाजीराव नलावडे, कांग्रेस नेता मदन पाटिल, दिलीपराव देशमुख, शिवसेना नेता आनंदराव अडसुल सहित 75 लोगों के नाम हैं. मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने इस संबंध में एफआईआर दर्ज की थी. उसी के आधार पर ईडी ने सोमवार को इन्फोर्समेंट केस इन्फॉर्मेशन रिपोर्ट (ईसीआईआर) दर्ज करते हुए प्रारंभिक जांच शुरू की है. यह मामला 2007 से 2011 के दौरान महाराष्ट्र स्टेट कोऑपरेटिव (एमएससी) बैंक में हुए करीब 1000 करोड़ रुपए के घोटाले से … Read more

महाराष्ट्र-हरियाणा विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के हालात अलग-अलग

महाराष्ट्र (Maharastra) और हरियाणा (Haryana) में विधानसभा चुनावों की तारीख तय हो गयी है. महाराष्ट्र की 288 और हरियाणा की 90 सीटों पर 21 अक्टूबर को विधानसभा चुनाव होने हैं. नतीजें 24 अक्टूबर को आएंगे. दोनों राज्यों में भाजपा की स्थिति तो पिछले बार की तरह काफी मजबूत है लेकिन कांग्रेस की दोनों प्रदेशों में स्थिति में जमीन-आसमान का फर्क है. हरियाणा में एक तरफ कांग्रेस के सभी दिग्गज, पूर्व विधायक और स्थानीय कार्यकर्ता तक चुनाव टिकट पाने की लाइन में लगे हुए हैं. वहीं दूसरी तरफ, महाराष्ट्र में कांग्रेस के पास एक इकलौती सीट को छोड़ 287 सीटों पर खड़े करने के लिए उम्मीदवार तक नहीं है.

सबसे पहले बात करें हरियाणा की तो यहां 90 सीटों पर विधानसभा चुनाव होने हैं. चुनावों की पूरी जिम्मेदारी प्रदेशाध्यक्ष कुमारी शैलजा और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के हाथों में है. यहां हुड्डा अपने करियर की अंतिम पारी खेलने के लिए कोई कोर-कसर नहीं छोड़ना चाहते इसलिए एक-एक कदम फूंक-फूंक कर रख रहे हैं. चर्चा है पार्टी आलाकमान ऐसे तमाम नेताओं को चुनाव में उतारेगी जो जीत सकते हैं. इनमें लोकसभा का चुनाव लड़ चुके करीब-करीब सारे नेता विधानसभा चुनाव लड़ सकते हैं. कांग्रेस चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा इस बार सोनीपत से लोकसभा चुनाव हारे थे लेकिन विधानसभा चुनाव में उनका टिकट पक्का है. हालांकि वे वर्तमान विधायक हैं. उनके बेटे दीपेंद्र हुड्डा रोहतक लोकसभा सीट से मामूली अंतर से हारे थे. उनका भी टिकट फाइनल ही है.

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कांग्रेस के मीडिया प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला कैथल सीट से चुनावी जंग में ताल ठोकेंगे. कांग्रेस विधायक दल की नेता रही किरण चौधरी भी चुनाव में उतरने को तैयार है. हरियाणा जनहित कांग्रेस का विलय कर कांग्रेस में शामिल हुए कुलदीप बिश्नोई और उनकी पत्नी रेणुका बिश्नोई सहित चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष और पूर्व मंत्री के.अजय यादव का विधानसभा चुनाव में उतरना करीब-करीब पक्का है. कुल मिलाकर कहा जाए तो राज्यसभा सांसद और कांग्रेस की हरियाणा ईकाई की अध्यक्ष कुमारी शैलजा को छोड़ सारे बड़े पार्टी नेता विधानसभा चुनाव में उतर रहे हैं.

अब आते हैं महाराष्ट्र पर जहां कांग्रेस के पास उम्मीदवारों का टोटा ही पूर्ण संकट है. यहां पार्टी का कोई भी बड़ा नेता विधानसभा चुनाव लड़ने का इच्छुक नहीं है. इसकी वजह है कि यहां पार्टी के अधिकतर नेता दो बार से ज्यादा लोकसभा चुनाव हार चुके हैं. शरद पवार की पार्टी एनसीपी से गठजोड़ होने के बाद भी इनके जीतने की संभावना लगभग क्षीण है. गौर करने वाली बात ये है कि यहां चुनावों से पहले ही सोशल मीडिया पर भाजपा-शिवसेना एलायंस की जीत का माहौल है. ऐसे में कांग्रेस नेता चुनावी मैदान में उतरने से घबरा रहे हैं. कांग्रेस और एनसीपी के बड़े नेताओं का भाजपा या शिवसेना में शामिल होने से स्थिति और भी बदतर हो चली है.

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बहरहाल, कांग्रेस के पास जो बड़े नेता बचे हैं, उनमें से अशोक चव्हाण को छोड़ कोई भी चुनाव लड़ने को राजी नहीं. महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण तक चुनाव नहीं लड़ना चाहते. दिग्गज़ नेता सुशील शिंदे, पूर्व सांसद राजीव सातव भी इस दंगल से बचते फिर रहे हैं. आलाकमान पूर्व सांसद रह चुके रजनी पाटिल, मिलिंद देवड़ा, संजय निरूपम और प्रिया दत्त को महाराष्ट्र चुनाव में उतारना चाहता है लेकिन इनमें से कोई भी आगे नहीं आना चाहता. कांग्रेस की इस फटे हाल हालत को देखते हुए सियासी गलियारों में ये मैसेज पहले से ही पहुंच गया है कि प्रदेश में कांग्रेस ने जंग से पहले ही हथियार डाल हार मान ली. ये स्थिति कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी, महासचिव प्रियंका गांधी और पूर्व पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी के लिए संकट की घड़ी साबित हो रही है.

वीडियो खबर: पंचायतों के पुनर्गठन एवं परिसीमन पर क्या बोले पायलट

राजस्थान (Rajasthan) के डिप्टी सीएम सचिन पायलट (Sachin Pilot) ने बताया कि पंचायतों के पुनर्गठन एवं परिसीमन को लेकर जो सब कमेटी बनाई गयी, आज उसकी पहली बैठक थी. इसमें सभी जिलों के कलेक्टर्स के यहां से जो प्रस्ताव आए, विभाग उनका अध्ययन कर रहा है. उन मापदंड़ों को लेकर नई पंचायत समितियों के गठन पर कार्य होगा. अगली बैठक शुक्रवार को रखी गई है. 2011 की जनसंख्या के आधार पर इकाईयों का गठन भी किया जा रहा है.