देश की सेना का अपमान करने वालों डूब मरो – पीएम मोदी

देश में विभिन्न चरणों में होने वाले लोकसभा चुनावों की तारीखें जैसे-जैसे नजदीक आती जा रहीं है, वैसे-वैसे विभिन्न राजनीतिक दलों के दिग्गज नेता और स्टार प्रचारक दम-खम लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ने चाहते. वोटरों को लुभाने के लिए बड़े नेता दे-दनादन चुनावी सभाएं और रैलियां करने में जुटे हैं. पीएम नरेन्द्र मोदी भी शुक्रवार को महाराष्ट्र और कर्नाटका के दौरे पर रहे और केन्द्र सरकार की योजनाएं व काम गिनवाते हुए कांग्रेस पर जमकर बरसे. पीएम मोदी ने सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि सेना का अपमान करने वालों को डूब मरना चाहिए. पीएम नरेन्द्र मोदी ने महाराष्ट्र के अहमदनगर में भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में आयोजित चुनावी … Read more

‘जिनके पास दो टाइम का खाना नहीं होता है, वे सेना में जाते हैं’

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लोकसभा चुनाव शुरू हो चुके हैं लेकिन राजनेताओं की तीखी नोक-झोंक और कड़वी बयानबाजी कम नहीं हो रही है. हर दिन कोई न कोई मुद्दा ऐसा होता है जिस पर नेता सुर्खियां बटौरने के लिए कमेंट पास करते हैं. फिर दूसरे नेता इसका जवाब भी उसी अंदाज में देते हैं. बयानों से सुर्खियों में आज सबसे उपर कर्नाटक के सीएम कुमार स्वामी का बयान है जिन्होंने देश की सेना के बारे में बयान दिया है. इसी बयान का उत्तर देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें डूब मरने की सलाह ​दी है. मेनका गांधी का मुस्लिमों पर बयान भी चर्चा में बना रहा. वहीं हेमा मालिनी ने द्वारका वासियों की … Read more

गुजरात: बीजेपी विधायक का चुनाव रद्द, नामांकन पत्र में थी अधूरी जानकारी

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गुजरात में एक वर्तमान बीजेपी विधायक की विधायकी को रद्द कर दिया गया है. वजह रही कि उन्होंने अपने नामांकन पत्र में अधूरी जानकारी भरी थी. इस मामले के चलते गुजरात हाईकोर्ट ने द्वारका से बीजेपी विधायक पाबुभा मानेक का चुनाव रद्द कर दिया है. कोर्ट 2017 में द्वारका विधानसभा क्षेत्र से मानेक के प्रतिद्वंद्वी और कांग्रेस उम्मीदवार मरामन अहीर की दायर याचिका पर सुनवाई कर रहा था. ऐसे में इस सीट पर उपचुनाव हो सकते हैं. मानेक ने 2017 के विधानसभा चुनावों में 5,739 वोटों से जीत हासिल की थी. कोर्ट के अनुसार, गुजरात में 2017 में हुए विधानसभा चुनावों के बाद कांग्रेस के मरामन अहीर ने बीजेपी के … Read more

पूर्व सैनिकों की चिट्ठी पर ट्विस्ट, कुछ ने भरी हामी तो कुछ ने किया किनारा

राष्ट्रपति को चिट्ठी लिखकर सेना के पराक्रम व अभियानों के राजनीतिकरण को रोकने के मामले में अब एक नया मोड़ आ गया है. पत्र में शामिल नामों में से कुछ पूर्व सैन्य अधिकारियों ने राष्ट्रपति को ऐसी कोई चिट्ठी लिखने से मना किया है. वहीं कुछ ने इसे लिखने पर हामी भरी है. बता दें कि, राष्ट्रपति को लिखी इस चिट्ठी में पीएम मोदी और यूपी सीएम योगी के बयानों का जिक्र करते हुए भारतीय सेना के राजनीतिकरण को रोकने की अपील की गई थी. इससे पहले राष्ट्रपति भवन ने भी ऐसी किसी चिट्ठी मिलने से इनकार किया था. कांग्रेस ने अपने ट्विटर हैंडल पर इस चिट्टी को शेयर कर … Read more

राजस्थान: कांग्रेस नेतृत्व को 8 से 10 सीटों पर जीत की उम्मीद

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राजस्थान में लोकसभा चुनाव के रण में प्रचार परवान पर है. चिलचिलाती धूप में उम्मीदवार जीत के लिए पसीना बहा रहे हैं. इस गहमागहमी के बीच सबके मन में एक ही सवाल है कि सूबे में कांग्रेस और बीजेपी की कितनी-कितनी सीटें आ रही हैं. वहीं, मिशन-25 में जुटी कांग्रेस के दिग्गज नेता लगातार हर सीट का लेटेस्ट फीडबैक लेने में लगे हैं. प्रचार के मौजूदा वक्त में अगर संभावित परिणाम की बात करें तो कांग्रेस को 25 में से आठ से दस सीटें ही मिलने की संभावना है.

यह दावा हम नहीं कर रहे, बल्कि कांग्रेस और उसके आलाकमान को अब तक मिली रिपोर्ट के आधार पर यह सामने आया है. जिसके तहत कांग्रेस पांच सीटों पर जीत तय, दस सीटों पर टक्कर और बाकी बची दस सीटों पर मुकाबले में अभी खुद को बाहर मानकर चल रही है. आइए अब आपको बताते है कि कांग्रेस किन सीटों पर जीत की स्थित में और किन पर कमजोर हालात में है.

पांच सीटों पर जीत लगभग तय:
बात करें कांग्रेस और उसके आलाकमान को फील्ड से मिल रहे फीडबैक की तो राजस्थान में कांग्रेस की सबसे मजबूत स्थिति सीकर लोकसभा सीट पर है. उसके बाद टोंक-सवाईमाधोपुर पर जीत मानी जा रही है. इसके बाद बाड़मेर, जोधपुर और भरतपुर में भी अच्छी जीत का फीडबैक मिला है.

10 सीटों पर आमने-सामने की टक्कर :
वहीं, बात करें प्रदेश की अन्य लोकसभा सीटों की तो झुंझुनूं, अलवर, जयपुर ग्रामीण, बीकानेर, नागौर, श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़, डूंगरपुर-बांसवाड़ा, करौली-धौलपुर, दौसा और उदयपुर सीटों पर मुकाबला रोचक और बराबरी की टक्कर का है. इन सीटों के परिणाम कह सकते है कि 25 हजार से 50 हजार के बीच रहने के पूरे आसार है. यानी जो प्रत्याशी ढंग से प्रचार और मतदाताओं को प्रभावित करने में कामयाब हो जाएगा जीत उतनी ही करीब आती जाएगी.

10 सीटों पर भाजपा मजबूत :
अब बात करें प्रदेश की बाकी बची लोकसभा सीटों की तो कांग्रेस के पसीने छूटे हुए हैं. कह सकते है कि फिलहाल इन सीटों पर मुकाबला एकतरफा बरकरार है. जिसके चलते बारां-झालावाड़, भीलवाड़ा, अजमेर, चूरू, राजसमंद, चितौड़गढ़, कोटा-बूंदी, जयपुर शहर, जालौर-सिरोही और पाली पर भाजपा मजबूत बढ़त बनाए हुए हैं.

दरअसल, जिन सीटों पर कांग्रेस पहले से कमजोर थी वहां कमजोर प्रत्याशी उतारकर और स्थिति खराब कर ली है. अजमेर और झालावाड़ में पैराशूटर को मौका देने से स्थानीय नेता साथ नहीं रहने से गणित बिगड़ गया. बाकी जगह जातिगत समीकरण और मोदी फैक्टर भारी पड़ रहा है. खैर अब देखना होगा कि कांग्रेस इस फीडबैक के आधार पर जीत के लिए अब क्या रणनीति अपनाती है. अगर कांग्रेस की सर्वे रिपोर्ट के आधार पर अगर आठ से दस सीटें आती है तो यह पहली बार होगा कि राज्य में सरकार होने के बावजूद कोई पार्टी दस के आंकड़े में सिमट जाएगी.