क्या यूपी में बीजेपी के वोट काटने के लिए चुनाव लड़ रही है कांग्रेस?

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पिछले दिनों कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के बयान पर बड़ा बवाल हुआ. बयान ये था कि हमने यूपी में जो उम्मीदवार खड़े किए हैं, वो इस रणनीति पर किए है – या तो वे जीतने में सक्षम होंगे या बीजेपी का नुकसान करेंगे. प्रियंका ने यह भी कहा कि सपा-बसपा-रालोद गठबंधन के उम्मीदवारों को कांग्रेस से नुकसान नहीं होगा. प्रियंका के इस बयान के बाद बवाल तो मचना ही था. आनन-फानन में बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने इस मामले में प्रेस कांफ्रेस करते हुए कांग्रेस को वोट-कटवा पार्टी करार दे दिया. उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस पार्टी यूपी में जीतने के लिए नहीं बल्कि बीजेपी के वोट काटने के … Read more

पीएम मोदी ने झूठे वादे कर दिया धोखा, नहीं दी दो करोड़ नौकरी: राहुल गांधी

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प्रदेश में 6 मई को होने जा रहे दूसरे चरण के मतदान के लिए प्रचार-प्रसार जोरों पर है. पार्टी के शीर्ष नेता हर हाल में अपने उम्मीदवारों को जिताने की जद्दोजहद में लगे हैं. कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी भी भरतपुर संसदीय सीट से पार्टी प्रत्याशी अभिजीत जाटव के समर्धन में चुनावी सभा को संबोधित करने पहुंचे. राहुल की रैली का उत्साह सभा स्थल पर उपस्थित लोगों में साफ देखा जा सकता था. इस अवसर पर उनके साथ प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी उपस्थित रहे. चुनावी सभा में पीएम मोदी और बीजेपी उनके निशाने पर रही. राहुल गांधी ने चुनावी सभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी पर … Read more

राजस्थान में गरजे पीएम मोदी, सर्जिकल स्ट्राइक पर कांग्रेस को घेरा

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को प्रदेश में तीन चुनावी सभाओं को संबोधित करने पहुंचे. पीएम मोदी ने करौली-धौलपुर संसदीय सीट से मनोज राजौरिया, सीकर से स्वामी सुमेधानंद सरस्वती व बीकानेर से अर्जुन राम मेघवाल के समर्थन में चुनावी सभाओं को संबोधित किया. इस दौरान पीएम ने विपक्ष को आड़े हाथों लिया. साथ ही कांग्रेस सर्जिकल स्ट्राइक के मुद्दे पर उनके निशाने पर रही. अपने संबोधन में कटाक्ष करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि कभी सर्जिकल स्ट्राइक का मजाक बनाने वाले अब कहते हैं ‘मी टू, मी टू’. पीएम मोदी ने चुनावी रैली में संबोधन के दौरान केंद्र सरकार के काम और उपलब्धियां गिनाईं. साथ ही कहा कि देश को … Read more

राजस्थान: जयपुर में कलह में डूबी ज्योति तो मोदी लहर पर सवार बोहरा

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जयपुर शहर लोकसभा सीट पर जीत का सूखा समाप्त करने के लिए कांग्रेस ने 48 साल बाद महिला उम्मीदवार को उतारने का मास्टर स्ट्रोक खेला है. कांग्रेस ने जयपुर की पूर्व महापौर ज्योति खंडेलवाल को तमाम अटकलों पर विराम लगाते हुए चौंकाने वाला टिकट थमा दिया लेकिन ज्योति का विवादों से हमेशा से गहरा नाता रहा है. लिहाजा कांग्रेस का कोई भी नेता ज्योति के टिकट मिलने से दिल से खुश नहीं है. ज्योति ने अपने तेवरों से कांग्रेस में दुश्मनों की लंबी फौज खड़ी रखी है जो दिखावे के लिए तो ज्योति के साथ मंच पर खड़े नजर आते हैं लेकिन बंद कमरों में अपनी पुरानी अदावत का हिसाब निपटाने में जुटे हुए हैं. उधर बीजेपी ने पिछले चुनाव में रिकॉर्ड तोड़ जीत दर्ज करने वाले रामचरण बोहरा पर फिर दांव खेला है. बोहरा अपने चेहरे को पीछे रखकर नरेंद्र मोदी को आगे करते हुए वोट मांग रहे हैं. कांग्रेस अभी भी गुटबाजी में उलझी हुई है जबकि बीजेपी मोदी लहर पर सवार होकर मुकाबले में बहुत आगे चल रही है.

जयपुर शहर सीट पर बीजेपी-कांग्रेस में सीधा मुकाबला है. चुनाव के पहले दिन से ही यहां एयर स्ट्राइक और माेदी फैक्टर हावी है. कांग्रेस के पास इससे निपटने के लिए कोई हथियार नहीं है. यहां तक की माहाैल बनाने के लिए न ताे कोई बड़ी रैली की गई और न ही प्रचार तेज हुआ. हालांकि प्रदेश सीएम अशोक गहलोत और डिप्टी सीएम सचिन पायलट सभाएं जरुर कर रहे हैं. माैजूदा विधायकाें का भी ज्योति को पूरा सहयाेग नहीं मिल पा रहा जिसका पूरा फायदा बीजेपी और रामचरण बोहरा काे हाे रहा है. विधायक अमीन कागजी और महेश जोशी की ज्योति से जंग जगजाहिर है लेकिन पार्टी के आदेश पर दोनों ज्योति के साथ खड़े हैं. हालांकि कागजी पर ज्योति को अब भी भरोसा है लेकिन अर्चना शर्मा के साथ ज्योति के रिश्ते अच्छे नहीं हैं. इन तीनों नेताओं की मेहनत के बिना ज्योति की नैंया पार लगना कतई संभव नहीं होगा.

पांच विधानसभा में बीजेपी भारी, तीन में कांग्रेस
वैसे जयपुर शहर हमेशा से बीजेपी का मजबूत गढ़ रहा है लेकिन विधानसभा चुनाव में कांग्रेस इस गढ़ में सेंध लगाने में कामयाब हो गई. कांग्रेस बगरु, आदर्शनगर, हवामहल, सिविल लाइंस और किशनपोल विधानसभा सीटें जीतने में कामयाब रही. वहीं बीजेपी के खाते में सांगानेर, विद्याधर नगर और मालवीय नगर सीटें आई. इसके बावजूद बगरु और सिविल लाइंस में शहरी वोटर्स होने से बीजेपी मजबूत दिखाई दे रही है. इनके अलावा, सांगानेर, मालवीय नगर और विद्याधर नगर में बढ़त मिलते दिख रही है. वहीं कांग्रेस किशनपोल और हवामहल में मजबूत दिखाई दे रही है. आदर्शनगर से भी बढ़त मिलने के आसार हैं. विधानसभा चुनाव में कम सीटें आने के बावजूद बीजेपी मोदी लहर, राष्ट्रवाद और शहरी वोटर्स के फैक्टर के चलते कांग्रेस से आगे दिख रही है.

जीत का क्या रह सकता है फार्मूला
रामचरण बोहरा के ब्राह्मण होने के चलते बीजेपी के पास ब्राह्मण सबसे बड़ा वाेट बैंक है. दूसरी जातियाें का वाेट भी माेदी के नाम पर बीजेपी के खाते में जाएगा. कांग्रेस वैश्य-मुस्लिम समाज के सहारे मैदान में है. मुस्लिम समाज का कांग्रेस के पक्ष में जाते ही ध्रुवीकरण हाे सकता है. धरातल पर चौंकाने वाली बात यह भी आ रही है कि मोदी लहर के चलते वैश्य समाज का वाेट भी बीजेपी की ओर जा सकता है. ऐसे में कांग्रेस को इससे सीधा नुकसान हाेगा वहीं कुछ वोटर्स खंडेलवाल के महापौर रहने के दौरान उनकी कार्यशैली से खफा भी नजर आ रहे है.

पिछले दो चुनाव के नतीजे
पिछला चुनाव बीजेपी ने मोदी लहर में पांच लाख 39 हजार वोटों से जीता था. पूरे देश में बोहरा की यह टॉप 5 में पांचवीं बड़ी जीत थी. बोहरा ने मौजूदा सांसद कांग्रेस के महेश जोशी को पटकनी दी थी. 2009 में महेश जोशी ने बीजेपी के घनश्याम तिवाड़ी को करीबी मुकाबले में करीब 16 हजार वोटों से शिकस्त दी थी. विधानसभा चुनाव में भले ही कांग्रेस आठ में से पांच सीटें जीतने में कामयाब रही हो लेकिन उसे बीजेपी से आठ हजार वोट कम मिले थे. कांग्रेस को कुल 6 लाख 34 हजार 24 वोट मिले जबकि बीजेपी को 6 लाख 42 हजार 486 वोट हासिल हुए थे. ऐसे में बीजेपी की यह बढ़त यकीनन मोदी लहर में बरकरार रहेगी.

भितरघात का खतरा
बीजेपी प्रत्याशी रामचरण बोहरा और कांग्रेस की ज्योति खंडेलवाल के लिए सबसे अधिक चुनौती भितरघात से निपटने की है. दोनों ही पार्टियों के मौजूदा विधायकों और हारे हुए प्रत्याशियों के बीच अच्छा तालमेल नहीं है. ऐसे में प्रत्याशियों की व्यक्तिगत छवि का सबसे अधिक असर पड़ सकता है.

कांग्रेस जयपुर में जीती है सिर्फ तीन चुनाव
जयपुर शहर लोकसभा सीट कांग्रेस की जीत के लिए बेहद चुनौतीभरी है. अब तक हुए चुनावों में कांग्रेस ने केवल तीन बार यहां से जीत का स्वाद चखा है. 1952 में हुए पहले चुनाव में कांग्रेस के दौलतराम जीते थे. राजीव गांधी की हत्या के बाद सहानुभूति लहर के चलते पंडित नवलकिशोर शर्मा ने यह सीट कांग्रेस को दिला दी. तीसरी और अंतिम बार महेश जोशी यहां से जीतकर दिल्ली पहुंचे थे. यह आंकड़ा साफ बयां करता है कि यह सीट शुद्ध रुप से बीजेपी की परम्परागत सीट है. बीजेपी के गिरधारीलाल भार्गव लगातार छह बार इस सीट से चुनाव जीत चुके हैं. ऐसे में ज्योति के लिए जीत की ज्वाला जलाना बेहद टफ है.

कांग्रेस के लिए गुटबाजी सबसे बड़ी सिरदर्दी
राजस्थान में कांग्रेस के लिए अगर सबसे ज्यादा गुटबाजी है, तो वह गुलाबी नगरी में मानी जाती है. यहां छोटा सा पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी राजधानी होने के चलते खुद को बड़ा मानकर चलता है. ऐसे में किसी एक नेता के निर्देशों को मानना वह अपनी शान के खिलाफ मानता है. ज्योति ने अपनी बेबाकी और कार्यशैली से इतने विरोधी बना लिए थे कि उब उन्हें गर्ज के चलते मनाना पड़ा. दिखावे के लिए तो यह सभी साथ हैं लेकिन वोट दिलवाने में उनका क्या रोल रहेगा, यह देखना दिलचस्प रहेगा.

राहुल गांधी का अमेठी के नाम पत्र, फिर से मजबूत बनाने की अपील

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लोकसभा चुनाव के लिए देशभर में प्रचार में लगे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अमेठी से उम्मीदवार हैं. इसके अलावा उन्होंने अबकी बार केरल की वायनाड सीट से भी चुनाव लड़ा है. प्रचार की व्यस्तता को देखते हुए राहुल गांधी अमेठी में कम ही समय दे पाए हैं. यहां पार्टी महा सचिव व पूर्वी यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी उनके लिए प्रचार कर रहीं है. राहुल गांधी ने अमेठी के मतदाताओं के लिए एक पत्र लिखा है. जिसमें उन्होंने अमेठी को अपना परिवार बताते हुए फिर से मजबूत करने की अपील की है. बता दें कि बीजेपी ने यहां केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को फिर से चुनाव मैदान में उतारा है. साल … Read more

शत्रुघ्न कांग्रेस में तो आए लेकिन RSS नहीं छोड़ी: आचार्य प्रमोद कृष्णम

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राजनीति में पार्टी का रिश्ता अलग और पारिवारिक रिश्ता अलग तरह से निभाने की कोशिशें की जाती हैं लेकिन दोनों रिश्ते एक साथ निभाने की बात आए तो किसी एक में खटास लाजमी है. कुछ ऐसा ही हाल है यूपी की लखनऊ लोकसभा सीट पर, जहां हाल ही कांग्रेस में शामिल होने वाले शुत्रुघ्न सिन्हा की पत्नी एसपी टिकट पर चुनाव मैदान में है और आचार्य प्रमोद कृष्णम उनकी पार्टी के उम्मीदवार. नाराज चल रहे आचार्य ने बयान दिया है कि शत्रुघ्न कांग्रेस में शामिल तो हो गए हैं लेकिन अभी तक आरएसएस से इस्तीफा नहीं दिया है. बता दें कि शत्रुघ्न सिन्हा ने लखनऊ संसदीय सीट से एसपी प्रत्याशी … Read more

दिल्ली में केजरीवाल को झटका, आप विधायक बीजेपी में शामिल

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लोकसभा चुनाव के समर में दल बदलने का सिलसिला जारी है. दिल्ली केे गांधीनगर से आप विधायक अनिल वाजपेयी के बीजेपी में शामिल होने की अटकलें लगातार जोर पकड़े हुए थी. आखिरकार इन सब पर विराम लगाते हुए आप विधायक वाजपेयी शुक्रवार को बीजेपी में शामिल हो गए. बता दें कि आम आदमी पार्टी पिछले काफी दिनों से बीजेपी पर अपने विधायकों को खरीदने की कोशिश करने के आरोप लगाती रही है. शुक्रवार को दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल ने खुद ट्वीट कर सीधा पीएम मोदी पर हमला बोला था. जिसमें उन्होंने विधायकों को मोटी पैसे की रकम देने की बात कही थी. साथ ही पीएम मोदी से सवाल भी पूछा … Read more