कमलनाथ ने बीजेपी पर लगाया विधायकों को खरीदने का आरोप

PoliTalks news

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बीजेपी पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा प्रदेश की कांग्रेस सरकार को गिराना चाहती है. वो इसके लिए हमारे विधायकों को पद और पैसे का लालच दे रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस के 10 विधायकों को इस संबंध में फोन किए गए हैं. आगे कमलनाथ ने कहा कि मुझे अपने पार्टी के विधायकों पर पूरा भरोसा है. वें बीजेपी के बहकावे में नहीं आएंगे. याद दिला दें, कुछ समय पूर्व प्रदेश सरकार के मंत्री प्रदुम्न सिंह तोमर ने भी बीजेपी नेताओं पर 50 करोड़ रुपये देकर कांग्रेस विधायकों को खरीदने की पेशकश का आरोप लगाया था. एग्ज़िट पोल के … Read more

अगर फिर बनी पूर्ण बहुमत की मोदी सरकार तो रचा जाएगा नया इतिहास

Poli Talks News

देश में लोकसभा चुनाव के बाद आए एग्ज़िट पोल पूर्ण बहुमत की बीजेपी सरकार रच रहे हैं. अगर यह सच साबित होता है तो भारतीय राजनीति में एक बार फिर इतिहास रचा जाएगा. जवाहर लाल नेहरु और इंदिरा गांधी के बाद नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली यह तीसरी सरकार होगी जो सत्ता में वापसी करेगी. बीजेपी 2014 में भी केंद्र में विराजमान हो चुकी है.

इससे पहले जवाहर लाल नेहरु के नेतृत्व में कांग्रेस ने लगातार 15 साल तक सत्ता पर अपना कब्जा कायम रखा था. उन्होंने 1952, 1957 और 1962 में लगातार कांग्रेस की सत्ता में भारी बहुमत के साथ वापसी करायी. कांग्रेस ने नेहरु के नेतृत्व में 1952 के चुनाव में 364 सीटों पर जीत हासिल की. 1957 के चुनाव में नेहरु के दमदार नेतृत्व के दम पर कांग्रेस की सीटें 364 से बढ़कर 371 हो गई. 1962 के चुनाव में नेहरू ने अपने शासन के दम पर बहुमत की हैट्रिक लगाई. इस बार कांग्रेस को 361 सीटें मिलीं.

मई, 1964 में नेहरु का निधन हो गया. कांग्रेस के भीतर सत्ता के शीर्ष को लेकर संघर्ष शुरु हुआ. आखिरकार लाल बहादुर शास्त्री के नाम पर सहमति बनी. लेकिन डेढ़ साल के भीतर उनका भी निधन हो गया.

शास्त्री के निधन के बाद कांग्रेस में फिर से सत्ता संघर्ष स्वभाविक था. अंत में प्रधानमंत्री पद के दो दावेदार सामने आए. एक तरफ मोरारजी देसाई तो दूसरी तरफ जवाहर लाल नेहरु के बेटी इंदिरा गांधी.

यह मामला तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष कामराज के लिए कठिन परीक्षा का दौर था. उन्हें पार्टी में बगैर किसी विरोध के दोनों में से किसी एक के नाम पर सहमति बनानी थी. उन्होंने मोरारजी देसाई को समझाने की तमाम कोशिशें की लेकिन मोरारजी वोटिंग पर अड़ गए. बाद में वोटिंग पर सहमति बनी और यहां इंदिरा गांधी ने मोरारजी देसाई को पॉपुलर्टी की रेस में काफी पीछे छोड़ दिया.

1967 का संसदीय चुनाव इंदिरा गांधी के नेतृत्व में लड़ा गया. इंदिरा ने पार्टी में आंतरिक विरोध होने के बावजूद अपने नेतृत्व में दमदार वापसी की. कांग्रेस को इस चुनाव में 284 सीटों पर जीत मिली. हालांकि वह दौर कांग्रेस के लिए सुखद नहीं था. इसके बावजूद पार्टी को पूर्ण बहुमत हासिल हुआ. 1971 में इंदिरा गांधी ने फिर से सत्ता में वापसी की और अपने नेतृत्व में कांग्रेस को 352 सीटें दिलाईं.

2014 के चुनाव में मोदी के करिश्माई नेतृत्व में बीजेपी ने 282 सीटों पर फतेह हासिल की थी. उस समय नतीजे देखने वालों के लिए एक चमत्कार से कम नहीं था. देश के इतिहास में बीजेपी पहली गैर-कांग्रेसी पूर्ण बहुमत सरकार थी. कांग्रेस का इस चुनाव में लगभग सूपड़ा साफ हो गया था.

हालात यह रहे कि देश का सबसे बड़ा राजनीतिक दल केवल 44 सीटों पर सिमट कर रह गया. राजस्थान, गुजरात, उतराखंड़, गोवा और हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस का खाता तक नहीं खुला पाया. अब अगर बीजेपी फिर से सत्ता वापसी करती है तो नेहरू और इंदिरा गांधी के बाद तीसरी पूर्ण बहुमत सरकार होगी जो सत्ता में वापसी करेगी.

राजस्थान: इन 6 नेताओं और संघ की मेहनत से प्रदेश में खिलेगा कमल

तमाम एग्ज़िट पोल राजस्थान में बीजेपी को 25 में से 19 या उससे भी ज्यादा सीटें दे रहे हैं. हालांकि इस बात में कोई शक नहीं है कि बीजेपी प्रदेश में अच्छा प्रदर्शन करने जा रही है. इसका क्रेडिट जाता है बीजेपी के छह प्रमुख नेताओं को. पीएम नरेंद्र मोदी, अमित शाह, प्रकाश जावड़ेकर, वसुंधरा राजे, सुंधाशु त्रिवेदी और चंद्रशेखर ने विधानसभा चुनाव में हार होने के बावजूद राज्य में बीजेपी के पक्ष में माहौल बनाया.

मोदी ने जहां ताबड़तोड़ सभाएं करते हुए अपने भाषणों से कार्यकर्ताओं को जोश दिलाया. शाह के नेतृत्व में मजबूत रणनीति को इन नेताओं ने अंजाम दिया. वसुंधरा राजे ने टिकट वितरण से लेकर प्रचार तक कमान संभाले रखी. वहीं संघ ने कमजोर सीटों पर विशेष फोकस रखते हुए प्रत्याशियों को जीत की दहलीज पर ला खड़ा किया. अगर एग्ज़िट पोल के दावे नतीजों में तब्दील होते हैं तो बीजेपी का कम से कम 20 सीटों पर जीत तय है. पांच महीने पहले ही विधानसभा चुनाव में हारने वाली बीजेपी का कांग्रेस पर यह करारा पलटवार होगा.

आइए जानते हैं प्रदेश में कमल खिलाने में बीजेपी के किन छह नेताओं का अहम योगदान रहा …

पीएम नरेंद्र मोदी
बीजेपी की अगर एग्ज़िट पोल के तहत 20 सीटें आ रही हैं तो इसके रियल हीरो होंगे पीएम मोदी. मोदी का चेहरा और राष्ट्रवाद बीजेपी के लिए राजस्थान में संजीवनी बूंटी बन गया. हर प्रत्याशी बस ‘मोदी को ही वोट’ देने की रट लगा रहा था. जहां बीजेपी कमजोर थी, वहां मोदी ने ताबड़तोड सभाएं करते हुए अपने प्रत्याशियों को टक्कर में ला दिया. मोदी ने अपने ओजस्वी भाषण से कार्यकर्ताओं में जोश फूंक दिया. यह मोदी का ही करिश्मा था कि राजस्थान में फर्स्ट टाइमर्स वोटर्स थोक के भाव बीजेपी के पाले में गए.

अमित शाह
प्रदेश में कमल खिलाने में नरेंद्र मोदी के बाद बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का अहम रोल रहा. शाह ने विधानसभा चुनाव में हार की भनक लगते ही राजस्थान पर ध्यान देना शुरु कर दिया था. इसके लिए शाह लगातार राजस्थान में दौरे करते रहे. इस दौरान शाह ने मौजूदा सांसदों की परफॉर्मेंस जानी. शाह ने ही रणनीति के तहत प्रकाश जावड़ेकर को राजस्थान चुनाव का प्रभारी बनाने का फैसला लिया. शाह की राय से ही टिकट वितरण से लेकर प्रचार प्रसार की रणनीति को अंजाम दिया गया था.

प्रकाश जावड़ेकर
केंद्रीय मंत्री जावड़ेकर आलाकमान के चयन पर एकदम खरे साबित होते दिख रहे हैं. हर टास्क को जावड़ेकर ने बखूबी अंजाम दिया. जावड़ेकर ने कमान तब संभाली जब विधानसभा चुनाव में बीजेपी हार चुकी थी. जावड़ेकर ने हर सियासी और जातिगत समीकरण पर फोकस रखा. जातिगत समीकरण साधने के लिए नागौर की सीट हनुमान बेनीवाल को देने की चाल जावड़ेकर की ही थी. इसका फायदा बीजेपी को कईं सीटों पर मिलता दिख रहा है.

सुधांशु त्रिवेदी
सुधांशु त्रिवेदी को सहप्रभारी बनाकर चुनाव से पहले राजस्थान में भेजा गया था. त्रिवेदी ने हर जगह प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए लगातार गहलोत सरकार पर आक्रामक हमले किए. कर्ज माफी और युवाओं को बेरोजगारी भत्ता देने जैसे वादों की जमकर पोल खोली. साथ ही जमकर केंद्रीय योजनाओं के फायदे गिनाएं. त्रिवेदी ने प्रदेश सरकार पर जमकर आरोप लगाते हुए कांग्रेस के खिलाफ माहौल बनाए रखा.

वसुंधरा राजेे
पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का प्रदेश की हर रणनीति में अहम रोल रहा. राजे ने टिकटों के बंटवारों से लेकर जातिगत समीकरण साधने और तूफानी चुनाव प्रचार तक पूरी कमान संभाले रखी. प्रदेश के तमाम नेताओं को राजे ने एकजुट बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी. यहां तक की राजे नाराजगी के बावजूद राज्यवर्धन सिंह और गजेंद्र सिंह का प्रचार करने गई थी.

चंद्रशेखर
बीजेपी प्रदेश संगठन मंत्री चंद्रशेखर के प्रयास भी पार्टी के लिए काम आए. चंद्रशेखर के प्रयासों के चलते ही संघ का बीजेपी को पूरा साथ मिला. शाह के निर्देशन में चंद्रशेखर पर्दे के पीछे हर रणनीति को अंजाम देते बखूबी नजर आए. चंद्रशेखर संघ के साथ मिलकर प्रत्याशियों को जिताने में जुटे रहे. यही वजह रही कि इस बार राजस्थान में संघ ने बीजेपी के लिए जमकर पसीना बहाया.

आरएसएस का रोल
जानकारों की माने तो संघ ने पहली बार राजस्थान में सक्रिय होकर अपना रोल निभाया. इस बार वसुंधरा राजे के बजाय चुनाव की कमान केंद्रीय नेताओं के हाथ में थी इसलिए संघ ने मोदी को दोबारा पीएम बनाने के लिए जी-जान से मेहनत की. बीजेपी का जीत के लिए अन्य राज्यों के स्वयंसेवक भी राजस्थान में आए. संघ ने सबसे ज्यादा ध्यान कमजोर सीटों पर दिया. यह संघ की मेहनत का ही कमाल था कि जहां कांग्रेस लाखों से जीत का दावा कर रही थी, वहां अब जीत का टोटा पड़ रहा है. यही वजह रही कि सीएम अशोक गहलोत ने संघ को राजनीतिक पार्टी बनाने की नसीहत दे दी.

अगर एग्ज़िट पोल के दावे सही साबित होते हैं तो इन छह धुंरधंर बीजेपी नेताओं का कद बढ़ना तय है. क्योंकि भीषण गर्मी में भी इन नेताओं ने दिन-रात एक कर दिया और सत्ता में रहने के बावजूद कांग्रेस के ‘मिशन 25’ को फेल करने की दिशा में जुट गए.

ईवीएम बवाल मामले में विपक्ष लामबंद, 21 दलों की दिल्ली में बैठक

politalks.news

लोकसभा चुनाव के आखिरी चरण के साथ ही अब हर किसी को नतीजों का बेसब्री से इंतजार है. इसी बीच आए विभिन्न न्यूज चैनल्स व सर्वे एजेंसियों के एग्जिट पोल ने सियासत को गर्मा दिया है. एनडीए एग्जिट पोल में मिल रही बढ़त के चलते उत्साहित है तो वहीं यूपीए इसे नकारते हुए असल परिणामों के इंतजार में लगा है. वहीं आज सुप्रीम कोर्ट द्वारा ईवीएम व वीवीपैट की पर्चियों के मिलान की याचिका खारिज करने के बाद पूरा विपक्ष दिल्ली में जुटा है. जहां ईवीेएम से वीवीपैट पर्चियों के मिलान पर गहन चर्चा की गई. दूसरी ओर पीएम नरेंद्र मोदी की कैबिनेट मंत्रियों के साथ बैठक है. साथ ही … Read more

सातवें चरण में भी पश्चिम बंगाल में हिंसा जारी, बीजेपी उम्मीदवारों की कार तोड़ी

लोकसभा चुनाव के रण में सातवें और आखिरी चरण के वोटिंग जारी है. पहले छह चरणों की तरह इस बार भी पश्चिम बंगाल में हिंसा हो रही है. डायमंड हार्बर से बीजेपी उम्मीदवार नीलांजन रॉय ने आरोप लगाया है कि तृणमूल कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने उनकी गाड़ी हमला किया और तोड़फोड़ की. वहीं, जादवपुर से बीजेपी प्रत्याशी अनुमप हाजरा ने आरोप लगाया है कि टीएमसी के कार्यकर्ताओं ने उन पर हमला करने की कोशिश की और उनकी कार तोड़ दी. अनुपम हाजरा ने यह भी आरोप लगाया कि टीएमसी के कार्यकर्ता मुंह ढककर मतदान कर रहे हैं जिससे उनकी पहचान कर पाना मुश्किल हो रही है. हाजरा के मुताबिक … Read more

बीजेपी पर यूपी में वोटर्स की उंगलियों पर जबरन स्याही लगाने का आरोप

उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में मतदाताओं की उंगलियों पर जबरन स्याही लगाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार चंदौली के तारा जीवापुर गांव के लोगों का कहना है कि वोटिंग से एक दिन पहले तीन लोग आए और उन्होंने जबरन हमारी उंगलियों पर स्याही लगा दी और हमें 500 रुपये भी दिए. उन्होंने ऐसा इसलिए किया ताकि हम रविवार को वोट नहीं कर सकें. ग्रामीणों ने बताया कि उंगली पर जबरदस्ती स्याही लगाने वाले तीनों लोग बीजेपी से थे. मामला उजागर होने के बाद चंदौली के एसडीएम केआर हर्ष ने इसे अंजाम देने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही है. उन्होंने कहा, ‘शिकायतकर्ता … Read more

मैंने पीएम से बहस करने की कई बार मांग की, उन्होंने हर बार मना कर दिया: राहुल गांधी

politalks.news

देश में 7वें और अंतिम चरण के मतदान के लिए चुनाव प्रचार आज शाम पांच बजे समाप्त हो गया. प्रचार समाप्त होने के कुछ समय पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने प्रेस कॉन्फेंस की. वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मीडिया को उनके सवालों के जवाब दिए. एक ओर जहां पीएम मोदी ने पिछले पांच साल के कार्यकाल के दौरान पहली बार प्रेस कॉन्फ्रेंस की. हालांकि उन्होंने किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया. वहीं राहुल गांधी ने मीडियाकर्मियों के सामने मोदी और बीजेपी पर जमकर जवाबी हमले किए. प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरूआत करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि नरेंद्र मोदी … Read more

लोकसभा चुनाव: अंतिम चरण की 59 सीटों पर थम गया प्रचार का शोर

PoliTalks news

देश में आज शाम पांच बजते ही लोकसभा चुनाव के प्रचार का शोर पूरी तरह से बंद हो गया है. सातवें और आखिरी चरण में देश की 59 लोकसभा सीटों पर 19 मई को वोट डाले जाएंगे. इससे पहले पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग ने हिंसा के कारण कल रात 10 बजे चुनाव प्रचार पर रोक लगा दी थी. इस वजह से वहां तय समय से एक दिन पूर्व ही चुनाव प्रचार बंद हो गया था. बता दें, पश्चिम बंगाल के कोलकाता में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो के दौरान हिंसा भड़क गई थी. असके बाद चुनाव आयोग ने अनुच्छेद-324 का इस्तेमाल करते हुए चुनाव प्रचार के समय … Read more

प्रज्ञा को मैं कभी माफ नहीं करूंगा: मोदी

PoliTalks news

साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के ‘नाथूराम गोड़से देशभक्त’ बयान पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बड़ा बयान दिया है. पीएम मोदी ने कहा कि मैं प्रज्ञा को कभी माफ नहीं करूंगा. मोदी का यह बयान उस वक्त है जब साध्वी अपने इस विवादित बयान पर माफी मांग चुकी है. पीएम मोदी ने कहा है कि भले ही उन्होंने इस मुद्दे पर माफी मांग ली हो, लेकिन वह उन्हें अपने मन से कभी माफ नहीं कर पाएंगे. महात्मा गांधी और नाथूराम गोडसे को लेकर जो भी बातें की गईं हैं, वो भयंकर खराब हैं. उन्होंने कहा कि उनकी ये बातें पूरी तरह से घृणा के लायक हैं. सभ्य समाज के अंदर इस … Read more

‘नाथूराम देशभक्त’ बयान पर अनंत हेगड़े ने किया साध्वी प्रज्ञा का बचाव, बाद में पलटे

PoliTalks news

मध्यप्रदेश की भोपाल संसदीय सीट से बीजेपी उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा के ‘नाथूराम देशभक्त’ वाले बयान पर केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार हेगडे ने कहा कि मैं खुश हूं कि सात दशक बाद नई पीढी बदलाव के साथ इस मुद्दे पर चर्चा कर कर रही है. इस चर्चा को सुन नाथुराम गोडसे अच्छा महसूस कर रहे होंगे. सीधे तौर पर कहें तो हेगड़े ने साध्वी का बचाव किया है. गुरूवार को साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे के बारे में बयान देते हुए कहा था, नाथूराम गोडसे देशभक्त थे और हमेशा रहेंगे. साध्वी के इस बयान कांग्रेस ने जमकर हंगामा किया था. यहां तक की बीजेपी … Read more