बीजेपी के अकेले की बस की बात नहीं है बहुमत हासिल करना: राम माधव

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह चाहें कितना भी खुद के दम पर केंद्र सरकार बनाने का दम भरें लेकिन बीजेपी के खुद के दिग्गज नेताओं को यह दूर की कोड़ी लगती है. बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव को भी यही लगता है. एक टीवी चैनल को दिए गए इंटरव्यू में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव ने कहा है कि बीजेपी अकेले दम पर बहुमत हासिल नहीं कर पाएगी. ऐसे में बीजेपी को नरेंद्र मोदी की अगुवाई में सरकार बनाने के लिए सहयोगियों की जरूरत पड़ सकती है. सत्ता वापसी की संभावनाओं पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि राजनेता के रूप में हमें ध्यान रखना … Read more

वित्त मंत्री अरूण जेटली की PC, राहुल गांधी रहे निशाना

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लोकसभा चुनाव के समर में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है. इस बयानबाजी के दंगल में दोनों राजनीतिक दलों के अलावा अन्य पार्टियों के शीर्ष नेता भी कूद पड़े हैं. इसी क्रम में बीजेपी के वरिष्ठ नेता व वित्त मंत्री अरूण जेटली ने पार्टी कार्यालय में प्रेसवार्ता कर राहुल गांधी पर बड़ा हमला बोला है. नागरिकता मामले के बाद अब बीजेपी ने राहुल को बैकॉप्स कंपनी में उनकी हिस्सेदारी और मालिकाना हक को लेकर घेरने की कोशिश की है. बीजेपी मुख्यालय दिल्ली में प्रेसवार्ता के दौरान वित्त मंत्री अरूण जेटली ने राहुल गांधी पर जमकर वार किए. इस दौरान जेटली ने राहुल को सही मुद्दे पर चुप रहने वाला बताया और … Read more

आज पूरे दिन राहुल-प्रियंका रहेंगे अमेठी में, रोड़ शो के साथ कई कार्यक्रम

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लोकसभा चुनाव का रथ धीरे-धीरे सातवें व अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है. 6 मई को होने वाले पांचवें चरण के मतदान का चुनाव प्रचार आज शाम 5 बजे बंद हो जाएगा. इसके चलते कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी आज पूरे दिन अमेठी में चुनाव प्रचार करेंगे. इस दौरान पार्टी महासचिव व उनकी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा भी उनके साथ रहेंगी. प्रियंका गांधी को पार्टी द्वारा पूर्वी यूपी का प्रभारी भी नियुक्त किया गया है. जिसके बाद से वे यहां काफी सक्रिय नजर आ रही हैं. अपने पूरे दिन के कार्यक्रम के अनुसार राहुल गांधी रोड़ शो के अलावा जनसंपर्क व चुनावी सभाओं को संबोधित भी करेंगे. राहुल … Read more

पुलवामा हमला और एयर स्ट्राइक बीजेपी का प्लान: शंकर सिंह वाघेला

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लोकसभा के चुनावी समर में आरोप-प्रत्यारोप की फेहरिस्त लगातार लंबी होती जा रही है. निर्वाचन आयोग की सख्ती के बाद भी नेता अपने विवादित बयानों को भड़काऊ के साथ-साथ बयान अश्लीलता तक ले जाने से बाज नहीं आ रहे हैं. विवादित बयानों की इस कड़ी में अब गुजरात के पूर्व सीएम व एनसीपी नेता शंकरसिंह वाघेला का नाम भी जुड़ गया है. यूएन द्वारा मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित करने के बीच वाघेला ने पुलवामा आतंकी हमले को बीजेपी की साजिश बताया है. जिसे लेकर देश में सियासी पारा चरम पर है. मीडिया से बातचीत में एनसीपी नेता शंकर सिंह वाघेला ने बीजेपी पर एक बड़ा आरोप लगाया है. … Read more

मोदी-शाह पर 6 मई तक निर्णय करे चुनाव आयोग : सुप्रीम कोर्ट

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लोकसभा चुनाव में प्रचार के दौरान आदर्श आचार संहिता की कड़ाई से पालना को लेकर निर्वाचन विभाग ने बड़े कदम उठाये हैं, सुप्रीम कोर्ट में कांग्रेस की उस याचिका पर सुनवाई हुई जिसमें पीएम नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह द्वारा अपने चुनावी सभाओं के भाषणों में आचार संहिता का उल्लंघन करने की बात कही है और इस संबध में निर्वाचन आयोग द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को 6 मई तक फैसला लेने का आदेश दिया है. वकील सिंघवी ने कोर्ट को बताया कि निर्वाचन आयोग में कुल 40 शिकायतें की थी, जिसमें से 20 के ऑर्डर पास हुए … Read more

बीजेपी को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद जैसे गूंगे-बहरे दलित चाहिए : उदित राज

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उत्तर-पश्चिमी दिल्ली से भाजपा की लोकसभा का टिकट नहीं मिलने पर नाराज उदित राज के कांग्रेस में आते ही सुर बदल गए हैं. जयपुर में प्रेसवार्ता के दौरान उदित राज ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को लेकर विवादास्पद बयान दिया है. सांसद राज ने कहा कि भाजपा को सिर्फ दलित चाहिए, लेकिन दलित नेता नहीं चाहिए. भाजपा को रामनाथ कोविन्द जैसे गूंगे-बहरे दलित चाहिए, जो ना तो बोल सके और ना दलितों की आवाज उठा सके. बताइए कोविंद में कौन सी योग्यता है? इससे आगे बढ़ते हुए उदित राज ने कहा कि यदि मैं जुबान नहीं खोलता तो शायद मैं भी भाजपा में प्रधानमंत्री बन जाता. उन्होंने सीधे तौर पर राष्ट्रपति … Read more

राजस्थान: दूसरे चरण के लिए पीएम मोदी-शाह की चुनावी रैली व सभाएं

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लोकसभा चुनाव का रथ चरण-दर-चरण आगे बढ़ता जा रहा है और राजनीतिक पार्टियों जोर-शोर से चुनाव प्रचार में डटी हैं. पार्टी के शीर्ष नेता धुंआधार रैलियों और चुनावी सभाओं में जुटे हैं. कल 29 अप्रैल को राजस्थान की 13 सीटों पर मतदान संपन्न हो चुके हैं बाकी रही 12 सीटों पर अब 6 मई को वोट डाले जाएंगे. जिसके लिए प्रचार की रणनीति बनाते हुए बीजेपी ने दोनों शीर्ष नेताओं पीएम नरेन्द्र मोदी व अमित शाह की रैली व चुनावी सभा की तैयारी की है. जिसमें पीएम मोदी 4 जनसभाएं करेंगे व अमित शाह का भी 3 बड़ी चुनावी सभाएं करने का कार्यक्रम है. प्रदेश में 29 अप्रैल को संपन्न … Read more

मोदी-शाह पर SC सुनवाई को तैयार, आचार संहिता का मामला

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आचार संहिता उल्लंघन मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व अमित शाह की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. दरअसल सुप्रीम कोर्ट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के खिलाफ दर्ज याचिका पर सुनवाई के लिए तैयार हो गया है. मामले पर 30 अप्रैल को सुनवाई होगी. कांग्रेस सांसद सुष्मिता देव ने इस मामले को लेकर कोर्ट में याचिका दायर की है. सुप्रीम कोर्ट आदर्श आचार संहिता का कथित रूप से उल्लंघन करने के मामले पर सुनवाई करेगा. न्यायालय में लगाई गई याचिका में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट चुनाव आयोग को मोदी और शाह के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दें. सुप्रीम कोर्ट में याचिका को लेकर कांग्रेस सांसद सुष्मिता … Read more

चुनाव नहीं लड़ रहे राज ठाकरे ने बीजेपी की नाक में दम क्यों कर रखा है?

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एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे इन दिनों अपनी चुनावी सभाओं को लेकर चर्चा में हैं. बीजेपी ने चुनाव आयोग ने इनकी शिकायत की है. बीजेपी ने राज ठाकरे पर आरोप लगाया है कि उनकी पार्टी प्रदेश की एक भी लोकसभा सीट पर चुनाव नही लड़ रही है तो वे इतनी बड़ी सभाएं क्यों कर रहे हैं. इसके लिए पैसा कहां से आ रहा है.

आपको बता दें कि राज ठाकरे की पार्टी ने लोकसभा चुनाव में एक भी प्रत्याशी नही उतारा है, लेकिन वे महाराष्ट्र में बीजेपी के खिलाफ लगातार सभाएं कर रहे हैं. इनमें ठाकरे प्रधानमंत्री मोदी पर जमकर निशाना साध रहे हैं. यह कोई नहीं बात नहीं है, लेकिन उनका तरीका एकदम नया है. एमएनएस प्रमुख सभाओं में प्रधानमंत्री मोदी के 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान दिए गए भाषणों के वीडियो दिखाते हैं और इसमें उठाए गए मुद्दों पर इस चुनाव में चुप्पी पर सवाल खड़े करते हैं.

राज ठाकरे की यह तरीका सोशल मीडिया पर गदर मचा रहा है. विपक्ष के किसी नेता ने बीजेपी और प्रधानमंत्री मोदी को इतनी तैयारी के साथ नहीं घेरा है, जितना ठाकरे घेर रहे हैं. बीजेपी की महाराष्ट्र इकाई राज ठाकरे की सभाओं में आ रही भीड़ से चिंतित है. स्थानीय नेताओं ने इसकी रिपोर्ट शीर्ष नेतृत्व को दी है. कई दौर के मंथन के बाद तय हुआ कि मामले की शिकायत चुनाव आयोग में की जाए. पार्टी ने ऐसा कर भी दिया है.

बीजेपी को उम्मीद है कि चुनाव आयोग उनकी शिकायत पर संज्ञान लेगा और राज ठाकरे की सभाओं पर रोक लगाएगा. इस बीच एक चैनल के इंटरव्यू में यह पूछे जाने पर कि एमएनएस की रैलियों से कांग्रेस-एनसीपी को फायदा हो रहा है, राज ठाकरे ने कहा कि मेरे भाषण पूरे देश में लोकप्रिय हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि मेरे भाषणों के क्लिप दूसरी भाषाओं में दिखाई जा रही हैं, सभी पार्टियों को इसका फायदा हो रहा है.

गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव से पहले यह चर्चा थी कि एमएनएस और एनसीपी का गठबंधन हो सकता है, लेकिन बाद में एनसीपी और कांग्रेस के बीच गठजोड़ हो गया. एनसीपी और कांग्रेस ने एमएनएस के साथ गठबंधन इसलिए भी नहीं किया क्योंकि दोनों दलों को ये डर था कि राज ठाकरे के साथ आने से प्रदेश में रह रहे बाहरी राज्यों के लोग उनसे दूर छिटक सकते हैं, जिसका सीधा फायदा बीजेपी को होगा. यही नहीं, बीजेपी इस मुद्दे को बिहार और उत्तर प्रदेश में भी जमकर उछालेगी.

महाराष्ट्र की राजनीति के जानकारों की मानें तो राज ठाकरे की सभाओं के पीछे आगामी विधानसभा चुनाव है. एमएनएस प्रमुख नरेंद्र मोदी का विरोध कर शिवसेना से नाराज धड़े को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रहे हैं. उनका मानना है कि शिवसेना के अनेक नेता और कार्यकर्ता लोकसभा चुनाव में भाजपा से गठबंधन करने से खफा हैं, ये सब विधानसभा चुनाव में उनके साथ आ सकते हैं.

दरअसल, एमएनएस महाराष्ट्र में अपना वजूद बचाने के लिए जूझ रही है. वर्तमान में विधानसभा में उसका एक भी विधायक नहीं है. 2014 के विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी ने एक सीट जीती थी, लेकिन वे भी शिवसेना में शामिल हो गए. बता दें कि 2006 में राज ठाकरे शिवसेना से अलग होकर एमएनएस का गठन किया था. 2009 के चुनाव में पार्टी को 13 सीटों पर सफलता मिली थी.

राजस्थान: राष्ट्रवाद और कर्जमाफी के बीच फंसे झुंझुनूं के सियासी समीकरण

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राजस्थान के शेखावाटी की झुंझुनूं लोकसभा सीट, वही संसदीय क्षेत्र है जहां विधानसभा चुनाव से पहले ‘मोदी तुझसे बैर नहीं-वसुंधरा तेरी खैर नहीं’ का नारा सियासी फिजा में तैरा था. यहां के मतदाताओं ने इस नारे को सही साबित करते हुए वसुंधरा राजे से बैर निकाल लिया. झुंझुनूं की आठ विधानसभा में से सिर्फ दो पर कमल खिला. बीजेपी का आकलन है कि वसुंधरा से नाराज लोगों का गुस्सा निकल चुका है. लोकसभा चुनाव में मोदी के नाम से वोट मिलेंगे.

बीजेपी ने झुंझुनूं की सांसद संतोष अहलावत का टिकट काटकर मंडावा विधायक नरेंद्र खींचड़ को मौका दिया है. खींचड़ विशेष रूप से तैयार करवाए गए ‘मोदी रथ’ पर सवार होकर जनता से वोट मांग रहे हैं. प्रचार के दौरान बीजेपी प्रत्याशी वोटर्स से कह रहे हैं कि पीएम भी नरेंद्र हैं और तुम्हारा प्रत्याशी भी नरेंद्र है. यदि दिल्ली में मोदी की सरकार बनानी है तो झुंझुनूं में नरेंद्र को चुनिए.

आपको बता दें कि झुंझुनूं सैनिक, कारोबारी, किसान और सरकारी कर्मचारी बाहुल्य वाला जिला है. लिहाजा रिटायर्ड सैनिक और उनका परिवार मोदी, राष्ट्रवाद और वन रैंक-वन पेंशन के आधार पर बीजेपी के पक्ष में झुका दिखाई दे रहा है. हालांकि कई रिटायर्ड फौजी मोदी के सर्जिकल स्ट्राइक पर सियासत करने से खुश भी नहीं हैं, लेकिन फिर भी वो मोदी को हीरो मान रहे हैं. झुंझुनूं की सियासत किसान और जवानों की धुरी पर ही घुमती है, जहां राष्ट्रवाद औऱ कर्ज माफी दो बड़े चुनावी मुद्दे बनते दिखाई दे रहे हैं.

भीतरघात दोनों दलों के लिए सिरदर्द
बात करें अंदरूनी कलह की तो झुंझुनूं सीट पर भीतरघात दोनों प्रत्याशियों के लिए सिरदर्द साबित हो रही है. बीजेपी ने मौजूदा सांसद संतोष अहलावत का टिकट काटकर नरेंद्र खीचड़ को मैदान में उतारा है. ऐसे में अहलावत और उनके संबंधी पूर्व विधायक शुभकरण चौधरी नरेंद्र की राह में रोड़ा साबित हो सकते हैं. उधर कांग्रेस ने पहली बार ओला परिवार को दरकिनार करते हुए 5 बार विधायक रहे श्रवण कुमार को इस बार टिकट दिया है. इससे विधायक बृजेंद्र ओला और फतेहपुर विधायक हाकिम अली पर सबकी नजरें बनी हुई हैं.

जानकारों की मानें तो बृजेंद्र ओला ने अपने समर्थकों को गुपचुप जो संदेश देना था, वो दे दिया है. हाकिम अभी चुप हैं. वे चाहकर भी मुस्लिम वोट कांग्रेस से दूर नहीं करवा पाएंगे. उनकी एक मजबूरी यह भी है कि ऐसा करने का प्रयास करते ही अगले चुनाव में उनके टिकट और जीत, दोनों पर संकट के बादल मंडरा जाएंगे. हालांकि फतेहपुर से बाकी जातियों के वोट बटोरना भी श्रवण कुमार के लिए चुनौती है. मंडावा से खुद नरेंद्र विधायक हैं इसलिए उनको लीड मिलने की पूरी संभावना है.

इसके अलावा, यहां यह भी चर्चा है कि नरेंद्र से हारने वाली कांग्रेस प्रत्याशी रीटा चौधरी भी चाहती हैं कि नरेंद्र चुनाव जीत जाए क्योंकि फिर उपचुनाव होने से रीटा को मौका मिल सकता है. पूर्व पीसीसी चीफ चंद्रभान भी अभी तक श्रवण के समर्थन में प्रचार करते नहीं नजर आए हैं. सूरजगढ़ से श्रवण कुमार चुनाव हारे थे. यहां से बीजेपी विधायक सुभाष पूनिया के लिए बढ़त बनाए रखना जरूरी हो गया है. बाकी सभी विधायक जेपी चंदेलिया, जितेंद्र कुमार और राजकुमार पूरी तरह से श्रवण के लिए दिन-रात एक किए हुए हैं. वहीं, बसपा विधायक राजेंद्र गुढा भी अंदरखाने कांग्रेस के साथ दिखाई दे रहे हैं.

बीजेपी एक बार खोल सकी खाता
शेखावाटी की झुंझुनूं सीट वैसे तो कांग्रेस का मजबूत किला रही है, लेकिन पिछली बार मोदी लहर में यहां पहली बार बीजेपी का कमल खिल गया. संतोष अहलावत ने शीशराम ओला की पुत्रवधू राजबाला ओला को करीब 2 लाख 34 हजार वोटों से चुनाव हराया. इस बार भी बीजेपी की यहां से जीत होती है तो सिर्फ मोदी मैजिक के बलबूते ही होगी जहां मुकाबला फिलहाल काफी रोचक होने की उम्मीदें है. श्रवण कुमार ने विधायक के तो चुनाव खूब लड़े हैं, लेकिन सांसद का चुनाव पहली बार लड़ रहे हैं इसलिए उन्हें जीतने के लिए बहुत ज्यादा जोर लगाना होगा. सियासी उठापठक में माहिर श्रवण कुमार के दांव-पेंचों पर सबकी नजर है.

झुंझुनूं के अन्य सियासी समीकरण
झुंझुनूं भी राजस्थान की राजनीति का जाट लैंड है, इसीलिए दोनों ही दलों ने जाट उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं. ऐसे में जाटों के वोट आधे-आधे दोनों उम्मीदवारों के जाने के आसार है. मुस्लिम मतदाता यहां पर काफी निर्णायक है लेकिन एससी और जनरल वर्ग का झुकाव बीजेपी के पक्ष में दिखाई दे रहा है. जानकार मानते है कि जातियों के आधार पर किसी का पलड़ा भारी होने का अनुमान नहीं लगाया जा सकता क्योंकि यहां कि जनता बेहद समझदार और पढ़ी-लिखी है. यहां का मतदाता सोच-समझ कर अपना वोट इस्तेमाल करता है.

एक नज़र पिछले आंकड़ों पर भी
बात करें साल 2014 के लोकसभा चुनावों की तो झुंझुनूं सीट पर बीजेपी के संतोष अहलावत 4 लाख 88 हजार 182 वोट लेकर विजयी रहे. कांग्रेस प्रत्याशी राजबाला ओला को 2 लाख 54 हजार 347 वोट मिले और वे चुनाव हार गईं. 2009 के चुनावों में कांग्रेस के शीशराम ओला ने जीत दर्ज की थी. ओला को 3 लाख 6 हजार 330 वोट मिले. बीजेपी के दशरथ शेखावत को 2 लाख 40 हजार 958 मतों के साथ हार का सामना करना पड़ा. 2018 में हुए विधानसभा चुनाव के परिणामों पर नज़र डालें तो यहां की कुल 8 सीटों में से 5 पर कांग्रेस का कब्जा है और दो सीटें बीजेपी के पास है जबकि 1 सीट बसपा के खाते में गई. झुंझुनूं, नवलगढ़, पिलानी, खेतड़ी व फतेहपुर पर कांग्रेस प्रत्याशी विजयी रहे तो सूरजगढ़ व मंडावा सीट पर बीजेपी ने बाजी मारी. उदयपुरवाटी सीट पर बसपा प्रत्याशी जीतकर विधानसभा पहुंचे.