



चार साल में बदली 3 बार सरकारें और 4 मुख्यमंत्री
224 विधानसभा सदस्यों वाले कर्नाटक की राजनीति में एक दिलचस्प पहलू ये भी है कि यहां 2018 से लेकर अब तक
तीन बार सरकार बदली है और 4 बार अलग अलग मुख्यमंत्री बने हैं. एक साल पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा को हटाकर बसवराज बोम्मई को कर्नाटक का नया सीएम बनाया गया. मजे की बात ये है कि 2018 के विस चुनावों में अल्पमत में होने के बावजूद बीएस येदियुरप्पा ने ही सबसे पहले मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. हालांकि उनका कार्यकाल केवल 6 दिन का रहा और सरकार गिर गई. इसके बाद जेडीएस और कांग्रेस ने मिलकर सरकार बनाई. सीटें अधिक होने के बावजूद कांग्रेस ने मुख्यमंत्री सीट जेडीएस को दी और एचडी कुमारास्वामी कर्नाटक के नए सीएम बने. करीब एक साल के बाद जेडीएस के 13 व कांग्रेस के तीन विधायकों के इस्तीफे देकर बीजेपी में शामिल होने की वजह से सरकार फिर से गिर गई और येदियुरप्पा एक बार फिर मुख्यमंत्री बन गए. बाद में बीजेपी ने देशभर में एक रणनीति पर काम करते हुए येदियुरप्पा को हटा बोम्मई को कर्नाटक का नया सीएम बनाया. कर्नाटक में जिस तरह सरकार गठन में नाटकीय मोड़ आए, जनता उससे भली भांति परिचित है. दो बार को छोड़ कोई सीएम पूरा नहीं कर पाया 5 साल का कार्यकाल कर्नाटक की राजनीति में एक बात और मजेदार है कि यहां डी.देवराज (1972-77) और सिद्धारमैया (1913-18) को कोई भी लगातार 5 साल तक मुख्यमंत्री नहीं रहा है. चार बार मुख्यमंत्री बनने वाले बीएस येदियुरप्पा और दो बार सीएम पद की शपथ लेने वाले एचडी कुमारास्वामी भी अपना कार्यकाल तीन वर्ष से ज्यादा नहीं खींच पाए. कुमारास्वामी ने अधिकतम डेढ़ साल सीएम का कार्यभार संभाला है जबकि युदियुरप्पा तो दो बार 6 और 7 दिन मुख्यमंत्री पद पर रह चुके हैं. पिछले 50 सालों में यहां 5 बार राष्ट्रपति शासन भी लग चुका है. यह भी पढ़ें: त्रिपुरा में बीजेपी को रोकने के लिए कांग्रेस ने बनाया त्रिगुट, लेकिन राह में रोड़ा बनेगी दीदी की टीएमसी कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2018 में बीजेपी ने 104 और जेडीएस ने 37 सीटों पर कब्जा जमाया. कांग्रेस और जेडीएस ने अलग अलग चुनाव लड़ा था. पिछले चुनाव में 122 सीटें जीतने वाली कांग्रेस महज 80 सीटों पर सिमट गई. सबसे बड़े राजनीतिक दल होने के नाते येदियुरप्पा ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली लेकिन बहुमत साबित न कर पाने के चलते 6 दिन में सरकार गिर गई. उसके बाद, अपने से आधी से भी कम सीटें आने के बावजूद कांग्रेस ने जेडीएस के एचडी कुमारास्वामी को मुख्यमंत्री पद देकर बीजेपी के मनसूबों पर पानी फेर दिया. हालांकि बाद में नाटकीय घटनाक्रम के बीच करीब डेढ़ साल बाद फिर से बीजेपी की सरकार बन गई और येदियुरप्पा चौथी बार कर्नाटक के सीएम बन बैठे. फिलहाल बसवराज बोम्मई कर्नाटक के मुख्यमंत्री हैं. इस बार बीजेपी यहां सभी तरह के राजनीतिक पैतरे अपना रही है. यहां तक की धूर विरोधी जेडीएस से भी संपर्क साधा जा रहा है ताकि कांग्रेस की वापसी को हर तरह से टाला जा सके. हालांकि कांग्रेस की तरह बीजेपी मुख्यमंत्री सीट से समझौता कर ले, इसकी संभावना कम ही दिखती है लेकिन इससे कम में कुमारास्वामी तैयार भी नहीं होंगे, ऐसा होना भी निश्चत है. ऐसे में जेडीएस और कांग्रेस का साथ आना पक्का दिख रहा है. अगर दोनों पार्टियां एक साथ मिलकर चुनाव लड़ें (जिसकी संभावना अधिक है), तो बीजेपी की सत्ता वापसी निश्चित तौर पर मुश्किल होगी.

