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छत्रपति शिवाजी के बहाने सभी विपक्षी पार्टियों को एक मंच पर लाने का संकल्प पूरा कर पाएगी शिवसेना!

30 नवंबर 2022
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छत्रपति शिवाजी के बहाने सभी विपक्षी पार्टियों को एक मंच पर लाने का संकल्प पूरा कर पाएगी शिवसेना!

Maharashtra Politics. ज्यादा पुरानी बात नहीं है जब शिवसेना ने धुर विरोधी कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिलकर महाराष्ट्र में महाविकास अघाड़ी सरकार का निर्माण किया था. इस त्रिशंकु सरकार को बनाने में सबसे बड़ा हाथ शिवसेना के राज्यसभा सांसद संजय राउत का रहा जिन्होंने इन तीनों पार्टियों के संगम को दिशा प्रदान की. हालांकि सरकार ज्यादा चली नहीं और शिंदे गुट के बागी होने के बाद एकनाथ शिंदे ने बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बना ली. शिंदे-फडणवीस की इस सरकार ने फिर से महाराष्ट्र में हिन्दुत्व का राग अलापना शुरू कर दिया है. इस बीच महाराष्ट्र के गवर्नर भगत सिंह कोश्यारी के छत्रपति शिवाजी महाराज पर दिए गए बयान … Read more

Maharashtra Politics. ज्यादा पुरानी बात नहीं है जब शिवसेना ने धुर विरोधी कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिलकर महाराष्ट्र में महाविकास अघाड़ी सरकार का निर्माण किया था. इस त्रिशंकु सरकार को बनाने में सबसे बड़ा हाथ शिवसेना के राज्यसभा सांसद संजय राउत का रहा जिन्होंने इन तीनों पार्टियों के संगम को दिशा प्रदान की. हालांकि सरकार ज्यादा चली नहीं और शिंदे गुट के बागी होने के बाद एकनाथ शिंदे ने बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बना ली. शिंदे-फडणवीस की इस सरकार ने फिर से महाराष्ट्र में हिन्दुत्व का राग अलापना शुरू कर दिया है. इस बीच महाराष्ट्र के गवर्नर भगत सिंह कोश्यारी के छत्रपति शिवाजी महाराज पर दिए गए बयान पर बवाल मचने के बाद संजय राउत ने बीजेपी पर हमला बोला है. बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने इस बयान को अधिक तूल भी दे दिया. अब ​संजय राउत इस मुद्दे पर सभी बीजेपी विरोधी संगठनों को एक बार फिर एक मंच पर लाने का प्रयास कर रहे हैं.

दरअसल महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने हाल में हुए एक कार्यक्रम में शिवाजी महाराज को पुराने समय का आदर्श बता दिया था. गवर्नर ने बीआर अंबेडकर और नितिन गड़करी जैसे लोगों को नए जमाने का आइकन बताया. राज्यपाल कोश्यारी ने कहा था, ‘पहले यह पूछा जाता था कि आपके आदर्श कौन हैं, तो आप पंडित जवाहर लाल नेहरू, सुभाष चंद्र बोस और महात्मा गांधी का नाम लेते थे, लेकिन अब महाराष्ट्र में नजर दौड़ाने की जरूरत है.’ कोश्यारी ने आगे कहा कि आपको बहुत सारे आदर्श मिल जाएंगे. छत्रपति शिवाजी महाराज अब पुराने जमाने के आइकन हो गए हैं. अब बीआर अंबेडकर और नितिन गड़करी जैसे लोग हैं.

इस बयान पर जब बवाल उठने लगा तो एक टीवी डिबेट में बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने यह कहते हुए मामले को तूल दे दिया कि शिवाजी ने 5 बार औरंगजेब से माफी मांगी थी. सांसद त्रिवेदी के इस बयान के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल आ गया है. शिवसेना सांसद संजय राउत ने इस बात को गंभीरता से लिया और बीजेपी पर जमकर हमला कर रहे हैं. संजय राउत ने शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ के संपादकीय कॉलम में नूपूर शर्मा का जिक्र करते हुए बीजेपी पर हमला बोला. राउत ने कॉलम में लिखा कि जब मोहम्मद साहब पर जब नूपूर शर्मा ने बयान दिया तो उन्हें पार्टी से निकाल दिया. अब जब बीजेपी के नेताओं ने जब छत्रपति शिवाजी महाराज पर विवादित बयान दिया गया है तो बीजेपी चुप है. बीजेपी की यह महाराष्ट्र को कमजोर बनाने की चाल है.

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अब संजय राउत ने शिवाजी को अपना आदर्श मानने वाले सभी संगठनों को एक मंच पर आने का आव्हान किया है. साथ ही साथ बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी पर भी निशाना साधते हुए राउत ने कहा कि शिवाजी महाराज ने औरंगजेब को परास्त करके अपने नियम बनाए थे. छत्रपति शिवाजी ने जिस तरह औरंगजेब को जिस तरह से चुनौती दी, वो ब्रिटिश इतिहास में आज भी दर्ज है. राउत ने ये भी कहा कि आज जिस तरह मोदी सरकार पाकिस्तान को उसी तरह की चुनौती दे रही है, तो फिर शिवाजी अप्रासंगिक कैसे हो गए.

इससे पहले राज्यपाल कोश्यारी के शिवाजी पर दिए बयान को लेकर भी संजय राउत ने काफी विरोध किया था. संजय राउत ने छत्रपति शिवाजी को अपना आदर्श मानने वाले सभी संगठनों को एक मंच पर आने और महाराष्ट्र बंद करने का आव्हान किया है. शिवसेना सांसद ऐसा करके एक बार फिर बीजेपी विरोधी संगठनों को एक साथ लाने का प्रत्यन्न कर रहे हैं. हालांकि शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी में अभी भी कोई ज्यादा मतभेद नहीं है लेकिन भारत जोड़ो यात्रा में राहुल गांधी के वीर सावरकर पर दिए बयान के बाद शिवसेना के नेताओं ने उसका विरोध किया था.

राहुल गांधी ने सावरकर के लिए कहा कि उन्होंने जेल से बाहर आने के लिए कई बार माफी मांगी थी. सावरकर को अंग्रेज सरकार द्वारा पेंशन दी जा रही थी. ऐसे में उन्हें स्वतंत्रता सेनानी गलत है. इस बार बीजेपी ने जमकर बवाल मचाया था. इस मामले पर मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने भी हाल में राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए उन्हें बेवकूफ तक कह दिया था.

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हालांकि छत्रपति शिवाजी पर दिए गए बयानों के विरोध में बीजेपी के किसी नेता की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. बल्कि राज्यपाल के बयान का समर्थन ही किया जा रहा है. इसके लिए शिवसेना सांसद फिर से सभी पार्टियों को एकजुट करने में लग गए हैं. ऐसा करके संजय राउत महाराष्ट्र में पहले लोकसभा और बाद में विधानसभा चुनाव में एक बार फिर से अन्य पार्टियों को साथ लेकर एकता की नींव रख रहे हैं. महाराष्ट्र में शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी ने मिलकर ही बीजेपी को सत्ता से दूर कर दिया था. अब संजय राउत फिर से सभी संगठनों को एक साथ लाकर बीजेपी को बैकफुट पर लाने की तैयारी कर रहे हैं. अगर ऐसा होता है तो बीजेपी के लिए इन सभी से एक साथ​ निपटना आसान नहीं होगा.

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