‘ऐसा कुछ नहीं है..’ विकल्प वाले विवाद के बीच शशि थरूर ने दी सफाई

कांग्रेस के चार बार के सांसद और राहुल गांधी के बीच नाराजगी की अटकलों के बीच शशि थरूर ने सोशल प्लेटफार्म पर किए एक के बाद एक कई पोस्ट, प्रतिक्रिया का किया जा रहा इंतजार

shashi tharoor
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बीते दिनों राष्ट्रीय राजनीति में चर्चा थी कि कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद शशि थरूर अपने लिए नया विकल्प तलाश रहे हैं. पार्टी और राहुल गांधी से मनमुटाव की खबरें भी जोरों पर थी. इसके बाद जैसे ही केंद्रीय वाणिज्य व उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के साथ उनकी एक सेल्फी सामने आयी, सियासी हलकों में हलचल मचा गयी. वहीं मीडिया के समक्ष थरूर ने कई अन्य विकल्प वाली बात कही तो कांग्रेस बैचेन हो उठी. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए लोकसभा सांसद ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है.

कांग्रेस नेता शशि थरूर ने सोशल मीडिया पर एक के बाद एक कई पोस्ट कर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि मैंने विकल्प शब्द का इस्तेमाल समय बिताने के संदर्भ में किया था, न कि राजनीतिक विकल्पों के लिए. इससे पहले एक अंग्रेजी दैनिक से बातचीत में कहा था कि ‘अगर पार्टी को जरूरत नहीं है, तो मेरे पास करने के लिए कई चीजें हैं. आपको नहीं सोचना चाहिए कि मेरे पास दूसरे विकल्प नहीं हैं.’ अपने इस बयान पर उन्होंने अब सफाई देते हुए कहा कि वह साहित्यिक गतिविधियों में अपना समय बिताने की बात कर रहे थे.

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 लोकसभा सांसद ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा, ‘मैंने कहा था कि मेरे पास साहित्यिक गतिविधियों में अपना समय बिताने के कई विकल्प हैं, जिसका गलत अर्थ निकाला गया. हमेशा की तरह मीडिया ने इस पर हेडलाइन बनाई और राजनीतिक वर्ग ने टिप्पणी की.’ उन्होंने कहा कि इन सबके बाद मुझे इस गड़बड़ी से जूझना पड़ा. एक सवाल उठाते हुए कहा कि एक पब्लिक फिगर के पास इस तरह की गैर जिम्मेदाराना पत्रकारिता से बचने के लिए क्या प्रोटेक्शन है?

शशि थरूर किसी ने भी उन दिनों के दुर्व्यवहार, अपमान, निंदा के बारे में नहीं सोचा जो मुझे मिला, वह भी उस सभी चीजों के कारण जो मैंने नहीं कहा था. हमारा लोकतंत्र स्वतंत्र प्रेस के बिना नहीं चल सकता. एक आश्वस्त लोकतंत्रवादी के रूप में, मैं कभी भी मीडिया पर अधिक रेगुलेशन या नियंत्रण की मांग नहीं करूंगा. लेकिन क्या हमारे देश में पत्रकारिता के बेहतर मानकों की आशा करना पूरी तरह से व्यर्थ है? कम पत्रकारिता नहीं – बस बेहतर पत्रकारिता?

थरूर ने लिखा कि इसने कई मुद्दों को सामने ला दिया है. मुझे अचानक पता चला कि बहुत सारे लोग वास्तव में मेरे बारे में क्या सोचते थे और मैंने उन विकल्पों के बारे में दूसरों की अटकलों से सीखा, जिन पर मैंने कभी विचार नहीं किया था.

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गौरतलब है कि शशि थरूर तिरुवनंतपुरम से चार बार के सांसद और कांग्रेस सरकार में केंद्रीय मंत्री रहे हैं. उनके विकल्प वाले बयान के सामने आने के बाद कांग्रेस ने प्रतिक्रिया देने से इंकार कर दिया था. थरूर ने भारत और ब्रिटेन के बीच मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) की वार्ता फिर से शुरू होने का स्वागत किया था. उन्होंने राज्य में निवेश के माहौल को बढ़ावा देने के लिए वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार की प्रशंसा की थी. इसके लिए केरल के कुछ कांग्रेसी नेताओं सहित राहुल गांधी से उनसे नाराज होने की अटकलें लगाई जा रही थी. हालांकि थरूर की सफाई पर अब कांग्रेस चैन की एक सांसद तो कम से कम लेने वाली है.

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