‘जो बात कहता है, वहीं उसके बारे में..’ किरोड़ी पर ये क्या बोल गए सतीश पूनियां

मंत्री किरोड़ी लाल मीणा द्वारा सरकार पर लगाए गए फोन टेपिंग के आरोपों पर बोले पूर्व प्रदेशाध्यक्ष, विधानसभा गतिरोध को बताया बेमानी, कांग्रेस को कहा नेतृत्वहीन..

satish poonia on kirodi lal meena
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राजस्थान में इन दिनों मंत्री किरोड़ी लाल मीणा की सरकार द्वारा फोन टेपिंग का मामला खास चर्चा में है. इसी महीने में दूसरी बार है जब किरोड़ी ने अपनी ही सरकार पर खुद का फोन टेप कराने का आरोप लगाया है. इस मुद्दे पर करीब करीब सभी बड़े एवं बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं ने चुप्पी साध रखी है. वहीं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं हरियाणा बीजेपी के प्रभारी डॉ. सतीश पूनिया ने इस संबंध में टिप्पणी करते हुए मैं बदलाव की बात नहीं करता हूं. जो भी व्यक्ति कोई बात कहता है तो उसकी बात को वही बता सकता है. पूनिया ने अलवर दौरे के दौरान मीडिया के समक्ष यह बात कही.

जब मीडिया ने पूछा कि डॉ. किरोड़ी खुद अपना फोन टेप होने की बात दोहराते हैं, तो पूनिया ने ‘​​​​​​​मैं उनके बयान पर कोई टिप्पणी नहीं करता हूं’ कहते हुए पल्ला झाड़ लिया. हालांकि बीजेपी नेता ने ये भी कहा कि  बीजेपी ने ही साहस किया है कि पहली बार विधायक बनने वालों को राजस्थान व दिल्ली में मुख्यमंत्री बनाया है. डॉ.किरोड़ी लाल मीणा पार्टी के वरिष्ठ व सम्मानीय नेता हैं. हम सबका मान और काम पार्टी के कारण है.

विधानसभा में हंगामे पर बोले पूनिया

विधानसभा में स्पीकर वासुदेव देवनानी के भावुक होने और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को ‘दादी’ कहकर संबोधित करने पर कांग्रेस के विरोध पर सतीश पूनिया ने कहा कि कांग्रेस के पास नेतृत्व का अभाव है और मुद्दे भी नहीं है. पूनिया ने आगे कहा कि शब्द कोई असंसदीय नहीं था. आपत्ति भी नहीं है. सदन चलना चाहिए था. शब्दों की लड़ाई की जरूरत नहीं है. मुझे लगता है कि स्पीकर ने पूरे प्रयास किए हैं. शब्द को पकड़ विरोध करना शुरू कर दिया. गतिरोध की एक सीमा होती है. कांग्रेस को उसे तोड़ना चाहिए. प्रदेश के और भी मुद्दे हैं. उन पर बात करनी चाहिए.

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पूनिया ने ये भी कहा कि विपक्ष का धर्म है कि तार्किक आधार पर लड़ाई लड़ें. कांग्रेस के पास नेतृत्व का अभाव है और मुद्दे भी नहीं है. उनको चाहिए था कि सदन चले. जनता की बात रख सकें. विपक्ष धारदार तरीके से बात रखें. कांग्रेस के नेता सत्ता में ज्यादा रहे हैं. उनको विपक्ष की ट्रेनिंग नहीं है. अब उनको ट्रेनिंग ले लेनी चाहिए.

नेतृत्वहीन हो गयी है कांग्रेस

पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने भ्रष्टाचार पर कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि कांग्रेस का सत्ता से बाहर जाने का मुद्दा भ्रष्टाचार ही रहा था. केंद्र में बड़े भ्रष्टाचार के मुद्दे आए तो जनता ने नकार दिया था. राजस्थान में भी सड़क, खान व पोषाहार में भ्रष्टाचार बड़ा था. इसी कारण बदलाव हुआ. किसी समय कांग्रेस मुक्त भारत का नारा अतिश्योक्ति लगता था. अब लगता है कांग्रेस नीति, व्यवहार व विचार से नकार दी गई है. उनके पास नेतृत्व नहीं है. दूर-दूर तक कोई नेता नजर नहीं आता. अब नक्शे से गायब हो जाए तो भी ताज्जुब नहीं होना चाहिए.

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