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राजेन्द्र गुढ़ा ने खोला मंत्री धारीवाल के खिलाफ मोर्चा, लगाए 4000 करोड़ से ऊपर के भ्रष्टाचार के आरोप

27 सितंबर 2022
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राजेन्द्र गुढ़ा ने खोला मंत्री धारीवाल के खिलाफ मोर्चा, लगाए 4000 करोड़ से ऊपर के भ्रष्टाचार के आरोप

Politalks.News/Rajasthan. राजस्थान में रविवार को हुए सियासी घटनाक्रम ने प्रदेश की सियासत को गरमा दिया है. सत्ताधारी पार्टी कांग्रेस में जारी आंतरिक खींचतान अब खुलकर सामने आ गई है. इसी बीच सोमवार देर शाम शांति धारीवाल ने प्रदेश प्रभारी अजय माकन पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि, ‘वे दिल्ली से ही अशोक गहलोत को मुख्यमंत्री से हटाने का षड्यंत्र रच के आए थे.’ तो वहीं धारीवाल के बयान पर अब गहलोत सरकार में ही मंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने पलटवार किया है. अक्सर अपने बयानों को लेकर चर्चाओं में रहने वाले गुढ़ा ने कहा कि, ‘शांति धारीवाल के विभाग में सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार है. अगर 400 करोड़ में एक बिंदु … Read more

Politalks.News/Rajasthan. राजस्थान में रविवार को हुए सियासी घटनाक्रम ने प्रदेश की सियासत को गरमा दिया है. सत्ताधारी पार्टी कांग्रेस में जारी आंतरिक खींचतान अब खुलकर सामने आ गई है. इसी बीच सोमवार देर शाम शांति धारीवाल ने प्रदेश प्रभारी अजय माकन पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि, ‘वे दिल्ली से ही अशोक गहलोत को मुख्यमंत्री से हटाने का षड्यंत्र रच के आए थे.’ तो वहीं धारीवाल के बयान पर अब गहलोत सरकार में ही मंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने पलटवार किया है. अक्सर अपने बयानों को लेकर चर्चाओं में रहने वाले गुढ़ा ने कहा कि, ‘शांति धारीवाल के विभाग में सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार है. अगर 400 करोड़ में एक बिंदु और लगा दी जाए तो वो भी कम पड़ जाएगी. इनके आवास पर लक्ष्मी का निवास ज्यादा हो गया इसलिए सरस्वती इनके घर से चली गई तो इनकी बुद्धि खराब हो गई और इनसे गलती हो गई.’

प्रदेश में आए सियासी घटनाक्रम के बाद से बयानवीरों के बयान तेजी से प्रदेश की सियासी हवाओं में गर्माहट पैदा कर रहे हैं. लेकिन इन सबके बीच सैनिक कल्याण और पंचायत राज राज्यमंत्री राजेंद्र गुढ़ा अपने बयानों से चर्चाओं में बने हुए हैं. मंगलवार को पत्रकारों से बात करते हुए राजेंद्र गुढ़ा ने कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम के शांति धारीवाल पर पूर्व में लगा गए आरोपों का जिक्र करते हुए जमकर निशाना साधा और कहा कि, ‘आचार्य प्रमोद कृष्णम को जानकारी नहीं है उन्होंने 400 करोड़ के भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था, लेकिन वो गलत है अगर इस 400 कार्ड में एक बिंदु और लगा दें तो वो भी कम पड़ जाएगी. उनके विभाग में सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार है. आज उनके यहां बहुत सारी लक्ष्मी विराजमान हो गई है और सरस्वती वहां से निकल गई है. प्रताप सिंह खाचरियावास और धारीवाल दोनों ने मिलकर विधायकों को बहकाने का काम किया.’

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पार्टी आलाकमान के फैसले का बहिष्कार करने वाले नेताओं पर बड़ा आरोप लगाते हुए राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि, ‘ये लोग इसलिए विरोध कर रहे हैं, क्योंकि यदि मुख्यमंत्री बदला तो इन सब की भ्रष्टाचार की दुकानें बंद हो जाएंगी. वहीं राजेंद्र गुढ़ा से जब सवाल पूछा गया कि, ‘भ्रष्टाचार का जो आरोप आपने लगाया, क्या उसकी जानकारी सरकार के अन्य मंत्री और सरकार को थी,’ तो गुढ़ा ने कहा कि, ‘क्या बात करते हो आप. आप भी शहर में घूमते हो, किसे क्या पता है ये सबको पता है.’ राजेंद्र गुढ़ा ने आगे कहा कि, ‘जो विधायक शांति धारीवाल के आवास पर पहुंचे थे उन्हें झूठ बोलकर और बहला फुसलाकर बुला लिया. आप कहते हो सभी विधायकों से ग्रुप में बात हो लेकिन वन टू वन बात करने में दिक्कत क्या है.’

वहीं सचिन पायलट को मुख्यमंत्री बनाए जाने से जुड़े सवाल पर गुढ़ा ने कहा कि, ‘जिस दिन विधायकों से वन टू वन संवाद किया जाएगा सभी लोग एक स्वर में बोलेंगे कि जो आलाकमान कहेगा वो हमें मंजूर है. सचिन पायलट को ही बनना चाहिए राजस्थान का मुख्यमंत्री क्योंकि उन्हें 36 कौम के नेता पसंद करते हैं और वो राजस्थान में सरकार रिपीट करा सकते हैं.’ प्रदेश सरकार में खाद्य मंत्री प्रताप सिंह खरियावास के बयानों का जिक्र करते हुए राजेंद्र गुढ़ा ने कहा कि, ‘प्रताप सिंह खाचरियावास तो शोले पिक्चर के गब्बरसिंह बन गए हैं. कह रहे हैं कि हम खून की नदियां बहा देंगे लेकिन क्या सोनिया गांधी ने ऐसा करने के लिए कहा है की किसी को. क्या सोनिया जी ये कहेगी कि आप खून की नदियां बहा दो, तलवार चला लो दोनों हाथों से, कुछ नहीं है इनके पास बोलने को ये लगता है अमरीश पुरी बन गए हैं. इन लोगों ने आलाकमान और प्रयवेक्षकों का खुलकर अपमान किया है और ये घोर अनुशासनहीनता है.’

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राजेंद्र गुढ़ा ने आगे कहा कि, ‘आज जो विधायक विरोध कर रहे हैं, उनसे पूछा जाए कि पायलट के साथ जो 19 विधायक थे जब उनमें से 5 विधायकों को सरकार में मंत्री बना दिया गया तो फिर मुख्यमंत्री बनाए जाने में किसी को क्या आपत्ति होना चाहिए.’ वहीं आलाकमान का जिक्र करते हुए राजेंद्र गुढ़ा ने कहा कि, ‘जब पार्टी आलाकमान ने तय कर दिया था कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनेंगे तो उसके बाद राजस्थान में मुख्यमंत्री का फेस एकमात्र सचिन पायलट ही बचता था. राजस्थान में कांग्रेस की सरकार तभी रिपीट हो सकती है, जब मुख्यमंत्री का चेहरा सचिन पायलट हो.’

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