राहुल गांधी का बीजेपी पर ‘चक्रव्यूह’ अटैक! बजट का हलवा भी सदन में बांटा

rahul gandhi
30 Jul 2024
राहुल गांधी जब से लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष बने हैं, उनका हर वार विपक्ष पर भारी पड़ता​ दिख रहा है. वे कभी तो पीएम नरेंद्र मोदी तो कभी बजट को लेकर निर्मला सीतारमण पर हमला कर रहे हैं. हाल में उन्होंने महाभारत की तर्ज पर भारतीय जनता पार्टी पर चक्रव्यूह अटैक किया. यहां उन्होंने पीएम मोदी, अमित शाह, अजित डोवाल, अडाणी-अंबानी और मोहन भागवत तक को लपेट लिया. हालांकि सदन की कार्रवाई के दौरान डोवाल, अडाणी-अंबानी और भागवत के नामों को हटा दिया गया. वहीं बजट को लेकर वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण पर भी ऐसे जोरदार जुबानी फायर किया कि उन्होंने अपना चेहरा ही छिपा लिया. बजट की चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष के तौर पर राहुल गांधी के दूसरे भाषण के केंद्र में 'चक्रव्यूह' रहा. राहुल गांधी ने महाभारत युद्ध की चक्रव्यूह संरचना का जिक्र करते हुए करते हुए कहा कि इसमें डर, हिंसा होती है और अभिमन्यु को फंसाकर छह लोगों ने मारा. उन्होंने चक्रव्यूह को पद्मव्यूह बताते हुए कहा कि ये एक उल्टे कमल की तरह होता है. राहुल गांधी ने आगे कहा कि अब देश में एक नया चक्रव्यूह तैयार हुआ है, वो भी लोटस की शेप में है, जिसको आजकल पीएम मोदी छाती पर लगाकर घूमते हैं. अभिमन्यु को 6 लोगों ने मारा था, जिनके नाम द्रोण, कर्ण, कृपाचार्य, कृतवर्मा, अश्वस्थामा और शकुनी थे. आज भी चक्रव्यूह के बीच में 6 लोग हैं. चक्रव्यूह के बिल्कुल सेंटर में, लोग कंट्रोल करते हैं, जैसे उस टाइम 6 लोग कंट्रोल करते थे, वैसे आज भी 6 लोग कंट्रोल  कर रहे हैं. इसमें पीएम नरेंद्र मोदी, अमित शाह, अजित डोवाल, अडाणी-अंबानी और मोहन भागवत शामिल हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि देश की जनता को मोदी सरकार ने चक्रव्यूह में फंसा दिया है, इसमें किसान और युवा सबसे ज्यादा पीड़ित हैं. यह भी पढ़ें: कांवड़ यात्रा में नो हिंदू-मुसलमान, यूपी में खुल रही मोहब्बत की दुकान! हालांकि राहुल गांधी के इस बयान पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला उन्हें टोकते हुए याद दिलाते हैं कि जो शख्स इस सदन का सदस्य नहीं है, उसका नाम न लिया जाए. इस पर राहुल गांधी ने कहा कि अगर वो चाहते हैं कि वो अजित डोभाल, अडानी और अंबानी का नाम न लें तो वो नहीं लेंगे. स्पीकर ने नेता प्रतिपक्ष को सदन के नियमों का हवाला देते हुए ऐसा करने को कहा और सदन की कार्रवाई से ये शब्द हटाने का निर्देश दिया. देश की जनता को 'हलवा' नहीं मिल रहा वहीं राहुल गांधी ने सोमवार को सदन में केंद्रीय बजट से पहले होने वाली 'हलवा सेरेमनी' की फोटो का हवाला देते हुए हुए सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि 'बजट का हलवा बंट रहा है लेकिन देश को हलवा मिल ही नहीं रहा'. राहुल गांधी का भाषण सुन सामने बैठीं केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हंसते हुए अपना माथा पकड़ लिया. यह भी पढ़ें: मोदी 3.0 सरकार का पहला बजट: नया विकास या साथियों को खुश करने का प्रयास! राहुल गांधी ने तस्वीर का हवाला देते हुए कहा, 'मैं ये फोटो समझाना चाह रहा हूं. ये बजट का हलवा बंट रहा है. इस फोटो में मुझे कोई ओबीसी अफसर नहीं दिख रहा, कोई आदिवासी अफसर नहीं दिख रहा, कोई दलित अफसर नहीं दिख रहा. ये क्या हो रहा है. देश का हलवा बंट रहा है. हालांकि स्पीकर ओम बिरला ने राहुल गांधी को फोटो दिखाने की अनुमति नहीं दी. इसके बाद भी राहुल गांधी ने कैमरे में एक बार तो इस फोटो को दिखा ही दिया. नेता प्रतिपक्ष ने वित्तमंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि वित्त मंत्री मुस्कुरा रही हैं, कमाल की बात है. ये हंसने की बात नहीं है मैडम. जाति जनगणना से देश बदल जाएगा. राहुल ने आगे कहा कि आप लोग हलवा खा रहे हो और बाकी देश को हलवा मिल ही नहीं रहा है. हमने पता लगाया है, 20 अफसरों ने बजट को तैयार किया है, उनके नाम मेरे पास हैं मतलब हिंदुस्तान को जो हलवा है वो 20 लोगों ने बांटने का काम किया है. उन 20 लोगों में 90 फीसदी में से सिर्फ दो हैं, एक अल्पसंख्यक और एक ओबीसी और इस फोटो में एक भी नहीं है. मतलब फोटो में आपने पीछे कर दिया. फोटो में आने ही नहीं दिया. इस बात का हवाला देते हुए राहुल गांधी ने जातिगत जनगणना कराने जाने पर सभी का ध्यान खींचा.