राहुल गांधी ने की मेरे धैर्य की प्रशंसा, इसके बाद कुछ नहीं है बोलने को, चूक तो हुई हमसे जोधपुर में- पायलट

पायलट का जोरदार पलटवार
27 Jun 2022
Politalks.News/SachinPilot. राजस्थान के सियासी गलियारों में फिलहाल पायलट ही पायलट हैं. सत्ताधारी पार्टी कांग्रेस के नेताओं की बात कहें या फिर विपक्षी दलों के नेताओं की सभी की जुबान पर पायलट का नाम छप सा गया है लेकिन इस छाप को और भी पुख्ता करने का काम खुद सचिन पायलट ने आज कर दिया. भले ही सचिन पायलट को नेताओं ने अलग अलग कारणों से याद किया हो लेकिन पायलट ने आज मीडिया में जो बयान दिया है उसकी गूंज शायद अब आगे भी सुनाई देगी. केंद्र सरकार द्वारा लाई गई अग्निपथ योजना के विरोध में कांग्रेस ने आज विधानसभा स्तर पर सत्याग्रह किया. इसी सत्याग्रह में शामिल होने के लिए टोंक पहुंचे राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने राहुल गांधी के धैर्य वाले बयान पर कहा कि, 'राहुल गांधी जी ने मन से मेरे धैर्य की प्रशंसा की थी. किसी को भी राहुल गांधी के बयान से अनावश्यक परेशान नहीं होना चाहिए. राहुल गांधी जी के कहने के बाद कुछ और रहा नहीं बोलने के लिए.' यहीं नहीं इस दौरान सचिन पायलट ने कई बड़े बयान भी दिए. सोमवार को सचिन पायलट ने टोंक में केंद्र की अग्निपथ योजना के विरुद्ध आयोजित सत्याग्रह कार्यक्रम में शिरकत की. टोंक पहुंचे सचिन पायलट का उनके समर्थकों ने जगह जगह पर जोरदार स्वागत भी किया. वहीं टोंक पहुंचे सचिन पायलट ने आख़िरकार अपनी लंबी चुप्पी तोड़ ही दी. टोंक में जब पत्रकारों ने सचिन पायलट से सवाल पुछा कि देश और प्रदेश की जनता ये जानना चाहती है कि आखिर सचिन पायलट के धैर्य की परीक्षा कब ख़त्म होगी. इस सवाल पर सचिन पायलट ने कहा कि, 'राहुल गांधी जी ने मन से मेरे धैर्य की प्रशंसा की थी. किसी को भी राहुल गांधी के बयान से अनावश्यक परेशान नहीं होना चाहिए. राहुल गांधी जी के कहने के बाद कुछ और रहा नहीं बोलने के लिए.' https://youtu.be/QLmzs8lg9_c यह भी पढ़े: आखिर CM गहलोत और उनके खेमे को क्यों आई सियासी संकट की याद, क्या आलाकमान ने कही कोई बात? सचिन पायलट ने आगे कहा कि, 'जब से सरकार बनी है तब से मैं एक ही बात को बोलता आ रहा हूं, कि हमारी कांग्रेस सरकार जो पहले थी उसने 5 साल काम किया लेकिन परिणाम जब आए तो सिर्फ हम 21 विधायक रह गए थे. अगर एक दो विधायक कम होते तो हम सदन में नेता प्रतिपक्ष का पद भी खो देते. उसके बाद हम सबने मेहनत करी और 5 साल के बाद सत्ता में वापसी की.' वहीं मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सचिन पायलट पर दिए गए बयान कि उनकी रगड़ाई नहीं हुई है पर तंज कस्ते हुए पायलट ने कहा कि, 'पूर्ववर्ती वसुंधरा जी की सरकार ने जो कुछ करना था हमारे साथ वो किया, उनकी लाठी भी हमने खाईं, संघर्ष भी किया और खूब रगड़ाई करने के बाद खूब रगड़ाई करने के बाद हम सत्ता में वापस आए. अब अगले चुनाव में महज 1 से डेढ़ साल बचा है अगर पार्टी और सरकार मिलकर अगर पूरा काम करेगी तो मुझे पूरा विश्वास है कि हम प्रदेश में सरकार रिपीट करेंगे.' इस दौरान सचिन पायलट ने सीएम गहलोत के नकारा निक्कमा वाले बयान का जवाब दिया. पायलट ने कहा कि, 'आज से पहले भी मुख्यमंत्री ने मेरे बारे में नाकारा, निकम्मा जैसी बातें कही थीं, अब अशोक गहलोत जी बुजुर्ग हैं, अनुभवी और पिता तुल्य हैं ऐसे में मैं उनकी बातों को अन्यथा नहीं लेता हूं.' सियासी गलियारों में चर्चा है कि सचिन पायलट का ये बयान इस लिए आया है क्योंकि हाल ही में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सीकर में पत्रकारों से बात करते हुए कहा था कि, 'केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने सचिन पायलट का नाम लेकर चूक कर दी अब तो और प्रूफ हो गया, ठप्पा लगा दिया आपने खुद ने कि आप उनके साथ हॉर्स ट्रेडिंग में शामिल थे.'  यह भी पढ़े: युवा हूंकार रैली में उमड़ा सैलाब, बोले बेनीवाल- केंद्र ने TOD को नहीं लिया वापस तो होगा दिल्ली कूच पत्रकारों से बात करते हुए सचिन पायलट ने अपनी सरकार को घेरा और कहा कि, 'राजस्थान में लोकसभा चुनाव के दौरान हमारी सरकार सत्ता में होते हुए भी हम जोधपुर से चुनाव हार गए. ये हमारी सबसे बड़ी चूक थी. अगर गजेंद्र सिंह शेखावत लोकसभा चुनाव हार जाते तो मंत्री भी नहीं बन पाते. लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव में इस बार चूक नहीं होगी और हमारी पार्टी शेखावत को चुनाव हराएगी.' सत्याग्रह के दौरान विशाल सभा को संबोधित करने के बाद सचिन पायलट ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि, 'केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना को लेकर आज कांग्रेस पार्टी ने पुरे देश में विधानसभा स्तर पर सत्याग्रह किया. केंद्र सरकार द्वारा देश के युवाओं पर यह योजना जबरदस्ती थोपी जा रही है. कांग्रेस पार्टी पहली ही देश के युवाओं से कह चुकी है वे उग्र एवं हिंसात्मक प्रदर्शन ना करें. केंद्र की इस योजना के खिलाफ पूरी कांग्रेस पार्टी देश के युवाओं के साथ खड़ी है. हमारी पार्टी की ये पूरी कोशिश है कि सरकार इस योजना को वापस ले. इस योजना को बनाने के लिए केंद्र ने किसी से भी चर्चा नहीं की.' राजस्थान में एक बार फिर साल 2020 में हुई सियासी उठापटक पर सियासी बयानबाजी का दौर चरम पर है. जब से केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने एक सभा में सचिन पायलट की चूक शब्द का इस्तेमाल किया, उसके बाद से पायलट को लेकर सियासी बयानबाजी जारी है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत तो सचिन पायलट के सरकार गिराने में शामिल होने की बात कही ही लेकिन यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल ने तो एक कदम आगे बढ़ते हुए यहां तक कह दिया कि ,'मुख्यमंत्री ने सही कहा है और हमने तो देखा भी है.'