लोकसभा के शपथ ग्रहण समारोह में क्यों भड़के ओम बिरला? प्रियंका ने भी जताया गुस्सा

prio
28 Jun 2024
लोकसभा सत्र में नव निर्वाचित सांसदों के शपथ ग्रहण के दौरान लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला भड़क गए और उन्होंने कांग्रेसी सांसद को फटकार लगाई. उनके इस व्यवहार पर कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने नाराजगी जाहिर की है. प्रियंका ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर एक पोस्ट के जरिए अपना गुस्सा जाहिर किया है. उन्होंने इशारों इशारों में आरोप लगाया है कि सदन में विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है. हालांकि इस बात पर स्पीकर या बीजेपी की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आयी है. https://www.youtube.com/watch?v=PJElGqm6d3M दरअसल हुआ कुछ यूं कि सदन में चुने गए नए सांसदों के शपथ ग्रहण के दौरान ज्यादातर विपक्षी सांसदों ने 'जय संविधान' के नारे लगाए. जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने भी शपथ के बाद 'जय संविधान' कहा तो कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने उनका साथ दिया. हुड्डा ने सदन में खड़े होकर कहा कि इस पर किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए, लेकिन इस बात पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला भड़क गए. इसी बात पर स्पीकर ने हुड्डा को ऐसा करने पर फटकार लगायी. यह भी पढ़ें: पेपर लीक पर दलगत राजनीति से ऊपर उठकर काम करने की है जरूरत- मुर्मू कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने इसी बात पर नाराजगी जताते हुए लोकसभा अध्यक्ष पर निशाना साधा है. प्रियंका ने पूछा कि फिर सत्ताधारी पार्टी के सदस्यों को असंसदीय और असंवैधानिक नारे लगाने से क्यों नहीं रोका गया. एक सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने लिखा, 'क्या भारतीय संसद में 'जय संविधान' का नारा नहीं लगाया जा सकता. क्या संसद में 'जय संविधान' नहीं कहा जा सकता. प्रियंका ने संविधान को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए स्पीकर पर हमला बोला. प्रियंका ने कहा, 'सत्ता में बैठे लोगों को संसद में असंसदीय और असंवैधानिक नारे लगाने से नहीं रोका गया, लेकिन जब एक विपक्षी सांसद ने 'जय संविधान' का नारा लगाया. चुनाव के दौरान उभरी संविधान विरोधी भावना ने अब एक नया रूप ले लिया है, जो हमारे संविधान को कमजोर करना चाहता है.' यह भी पढ़ें: 10 सीटों पर उपचुनाव: NDA-INDIA में होगी सीधी टक्कर, कौन मारेगा बाजी? कांग्रेस महासचिव ने आगे लिखा, 'जिस संविधान की तरफ से संसद चलती है, जिस संविधान के द्वारा प्रत्येक सदस्य शपथ लेता है, जिस संविधान के द्वारा प्रत्येक नागरिक को जीवन और आजीविका की सुरक्षा मिलती है, क्या अब विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए उसी संविधान का विरोध किया जाएगा.' बता दें कि लोकसभा में डिप्टी स्पीकर की नियुक्ति के चलते पहले ही सदन में हंगामा चल रहा है. ओम बिरला को पक्ष विपक्ष की आपसी सहमति से लगातार दूसरी बार स्पीकर बनाया गया है. डिप्टी स्पीकर का पद विपक्ष को न देने पर पहले से ही तनानती चल रही है. NEET और आपातकाल ने सदन को पहले से ही हंगामेदार बनाया हुआ है. ऐसे में ओम बिरला की इस फटकार पर विपक्ष एक बार फिर शोर कर सकता है.