



इंस्टेंट नूडल्स की तरह लोग करते हैं तुरंत इंसाफ की उम्मीद, इससे रियल जस्टिस का होगा नुकसान- CJI रमना: मद्रास हाइकोर्ट के एक कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश एनवी रमना ने कहा- न्याय देना न केवल एक संवैधानिक कर्तव्य है, बल्कि है एक सामाजिक दायित्व भी, इसलिए जजों के लिए सामाज की वास्तविकताओं से अवगत होना है जरूरी, साथ ही उन्हें बदलती सामाजिक जरूरतों और उम्मीदों पर भी देना चाहिए ध्यान, दुनिया बहुत तेजी से बढ़ रही है आगे और जीवन के हर क्षेत्र में हम देख रहे हैं इस बदलाव को, इस दौर में हम पांच दिवसीय टेस्ट मैच से 20-20 फॉर्मेट में चले गए हैं, हम 3 घंटे की लंबी फिल्म की तुलना में कम अवधि के मनोरंजन को दे रहे हैं प्रॉयरिटी, जमाना फिल्टर कॉफी से बढ़ रहा है इंस्टेंट कॉफी की ओर, इंस्टेंट नूडल्स के इस दौर में लोग करते हैं तुरंत इंसाफ की उम्मीद, लेकिन उन्हें नहीं है इस बात का एहसास की अगर हम तत्काल न्याय के लिए प्रयास करते हैं तो रियल जस्टिस का होगा नुकसान, जजों को सलाह दी कि फैसला सुनाने से पहले मापदंडों पर करें गौर








