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ओवैसी खुद को औरंगजेब की औलाद समझते है जो उसकी गलतियों को निशानी बताते हैं- मनोज तिवारी

30 मई 2022
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ओवैसी खुद को औरंगजेब की औलाद समझते है जो उसकी गलतियों को निशानी बताते हैं- मनोज तिवारी

Politalks.News/Delhi. देश में इन दिनों मस्जिद और मंदिर विवाद को लेकर सियासत अपने चरम पर है. देश की सत्ताधारी पार्टी जहां कई जगहों पर हो रही कार्रवाई के पक्ष में है तो वहीं विपक्षी दल इसे बदले की भावना से की जाने वाली कार्रवाई करार दे रहे हैं. इसी क्रम में AIMIM प्रमुख एवं सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है. तो वहीं ओवैसी के बयानों पर पलटवार करने में बीजेपी नेता भी पीछे नहीं है. बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने असदुद्दीन ओवैसी के लिए औरंगजेब की औलाद जैसे शब्द का इस्तेमाल करते हुए पलटवार किया है. यहीं नहीं 28 और 29 मई को उत्तरप्रदेश … Read more

Politalks.News/Delhi. देश में इन दिनों मस्जिद और मंदिर विवाद को लेकर सियासत अपने चरम पर है. देश की सत्ताधारी पार्टी जहां कई जगहों पर हो रही कार्रवाई के पक्ष में है तो वहीं विपक्षी दल इसे बदले की भावना से की जाने वाली कार्रवाई करार दे रहे हैं. इसी क्रम में AIMIM प्रमुख एवं सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है. तो वहीं ओवैसी के बयानों पर पलटवार करने में बीजेपी नेता भी पीछे नहीं है. बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने असदुद्दीन ओवैसी के लिए औरंगजेब की औलाद जैसे शब्द का इस्तेमाल करते हुए पलटवार किया है. यहीं नहीं 28 और 29 मई को उत्तरप्रदेश के देवबंद में आयोजित हुई जमीयत उलेमा-ए-हिंद की बैठक को लेकर भी मनोज तिवारी का बयान सामने आया है. उन्होंने जमीयत के अध्यक्ष मदनी के बयान का जवाब देते हुए कहा कि, ‘मैं आपको भरोसा दिलाना चाहता हूं कि कोई आपको देश से नहीं निकाल रहा क्योंकि ये देश आपका भी है और हमारा भी.’

ज्ञानवापी मस्जिद से जुड़े मामले के खुलकर सामने आने के बाद से देश की सियासत गरमाई हुई है. कोर्ट द्वारा बनाई गई जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर ये दावा किया जा रहा है कि मस्जिद के नीचे तहखाने में जो फव्वारा पाया गया है वो है असल में शिवलिंग है. फिलहाल इस पुरे मामले की कोर्ट में सुनवाई जारी है लेकिन कोर्ट के बाहर नेताओं के बीच जुबानी जंग जारी है. AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के बयान पर पलटवार करते हुए भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि, ‘औरंगजेब के द्वारा की गई गलतियों को अगर ओवैसी उसकी निशानी समझते हैं तो इसका मतलब तो वो खुद को औरंगजेब की ही औलाद समझते हैं. क्योंकि इतिहास में औरंगजेब एक आक्रांता के तौर पर ही जाना जाता है जिसने हिंदुओं के धार्मिक स्थलों को तोड़कर वहां पर मुस्लिम समुदाय से जुड़ी हुई निशानियां को स्थापित किया था.’

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आपको बता दें कि हाल ही में AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भिवंडी में आयोजित एक सभा को सम्बोधित करते हुए कहा था कि, ‘मैंने ज्ञानवापी पर बात की तो बीजेपी वालो ने कहा कि ओवैसी के पूर्वज ब्राह्मण थे. लेकिन आज मैं इसका जवाब देता हूं. मेरा अब्बा का नाम आदम है. ऊपर वाले ने आदम को अम्मी के साथ जब भेजा तो भारत में भेजा तो इस हिसाब से ये धरती मेरे बाप की है. आज जब मैं बोलूंगा तो इनको रात को नींद नहीं आएगी. हम बोलेंगे और ज़रूर बोलेंगे, तुम्हारे बाप को भी बोलेंगे.’ असदुद्दीन ओवैसी के इसी बयान पर भाजपा सांसद ने पलटवार किया है.

वहीं पत्रकारों से बात करते हुए बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने जमीयत उलेमा-ए-हिंद द्वारा पास किए गए प्रस्तावों और मौलाना मदनी के बयान पर कहा कि, ‘यह तो बहुत अच्छी बात है कि आप खुद को देश का नागरिक मानते हैं और ऐसे में मैं आपको भरोसा दिलाना चाहता हूं कि कोई आपको देश से नहीं निकाल रहा क्योंकि ये देश आपका भी है और हमारा भी.’ इससे 28 मई को देवबंद आयोजित हुई जमीयत उलेमा-ए-हिंद की बैठक में अध्यक्ष मौलाना मदनी ने कहा था कि, ‘अगर कोई हमसे देश छोड़कर जाने की बात करता है तो मैं उनसे कहूंगा कि वह देश छोड़कर खुद चले जाएं क्योंकि यह देश हमारा है.’ मदनी के बयान का जवाब देते हुए मनोज तिवारी ने कहा कि, ‘आपका खुद का यह मानना है कि देश आपका है तो इसका मतलब साफ है कि आप औरंगजेब के समर्थक नहीं हो सकते क्योंकि उसने तो देश को और उसकी निशानियों को तोड़ा था.

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मनोज तिवारी ने पत्रकारों से आगे बात करते हुए कहा कि, ‘रही बात काशी और मथुरा में जो कार्रवाई हो रही है वो कानून और संविधान के तहत ही हो रही है तो ऐसे में आपको उससे भी ऐतराज नहीं होना चाहिए. मैं अपने मुस्लिम भाइयों से हाथ जोड़ कर निवेदन कर रहा हूं कि ये देश हम सबका है और हमको कानून और संविधान का सम्मान करना चाहिए. आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के देवबंद में जमीयत-उलेमा-ए-हिंद की मीटिंग में कई अहम प्रस्ताव पारित किए गए. इसमें समान नागरिक संहिता को लेकर लाया गया प्रस्ताव भी शामिल है. जमीयत ने साफतौर पर कहा कि कॉमन सिविल कोड किसी भी कीमत पर मंजूर नहीं होगा. इसे लागू करना संविधान का उल्लंघन होगा.

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