राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत का बड़ा बयान, उज्जैन में आयोजित ‘युवा धर्म संसद’ को संबोधित करते हुए RSS प्रमुख मोहन भागवत ने इंसान के अहंकार और अपनी मर्जी के मुताबिक दुनिया चलने की सोच पर बात की, मोहन भागवत ने कहा कि उदय हुआ है तो अस्त भी होगा...किसी को भी भ्रम नहीं रखना चाहिए कि सब उसके अनुसार चलता है, आरएसएस प्रमुख ने अपने बयान में कहा- कहा- मनुष्य अपने अहंकार में भरकर यह मान बैठता है कि सब ओर उसी की सत्ता चलती है और हर चीज उसकी इच्छा के अनुसार ही होनी चाहिए, लेकिन वास्तविकता में ऐसा बिल्कुल नहीं है, प्रकृति अपने शाश्वत नियमों के अनुसार चलती है और इंसान की इच्छा या अहंकार से उसके नियम नहीं बदलते, RSS प्रमुख ने कहा- इंसान अहंकार में यह सोचने लगता है कि हर चीज उसकी इच्छा के अनुसार चलनी चाहिए और उसकी सत्ता बनी रहनी चाहिए, इसी वजह से उसके मन में यह गलतफहमी हो जाती है पैदा कि दुनिया उसकी इच्छा के अनुसार चल सकती है, लेकिन वास्तविकता ऐसी नहीं है, धर्म को समझना आसान नहीं है, यह एक ऐसी व्यापक अवधारणा है, जिसके बारे में खोज और चिंतन करते-करते पूरा जीवन निकल सकता है, फिर भी उसे पूरी तरह समझ पाना मुश्किल हो सकता है, वही मोहन भागवत ने Gen Z को बड़ा संदेश देते हुए कहा- युवा धर्म संसद जब सुना तो बहुत खुश हुआ, क्योंकि युवा आजकल धर्म की बात नहीं करते हैं, आजकल ऐसी बातें सुनने को कम ही मिलती हैं, जब भी धर्म पर चर्चा होती है, लोग कहते हैं कि यह बुढ़ापे की चीज है, गीता और रामायण को रिटायरमेंट के बाद पढ़ने वाली किताबें माना जाता है, लेकिन ऐसा नहीं है, यह धर्म अस्तित्व की शुरुआत से लेकर अंत तक बना रहता है, और सब कुछ उसी के अनुसार चलता है, आप इसमें विश्वास करें या न करें, कुछ चीजें नियमों से चलती हैं, सूरज का अस्तित्व है, और आप इसके बारे में कुछ नहीं कर सकते, अगर आप इसमें विश्वास नहीं करते, तो यह आपकी मर्जी है, लेकिन उसका उगना और डूबना तय है
‘उदय हुआ है तो अस्त भी होगा…' मोहन भागवत का बड़ा संदेश, बोले- किसी को भ्रम नहीं रखना चाहिए

‘उदय हुआ है तो अस्त भी होगा’… मोहन भागवत का बड़ा बयान, बोले- किसी को भ्रम नहीं रखना चाहिए









