‘आतंकवादियों के पास धर्म पूछने का टाइम कहां..’ कांग्रेस के एक और नेता के बिगड़े बोल

vijay wadettiwar controversial statement on pahalgam
28 Apr 2025
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और कांग्रेस के नेता रॉबर्ट वाड्रा के बाद पार्टी के एक और नेता के पहलगाम हमले पर बिगड़े बोल सामने आए हैं. पहलगाम आतंकी हमले पर विवादित बयान देते हुए इन्होंने कहा कि न तो आतंकवादियों के पास धर्म पूछने का वक्त है और न ही मजहब पूछने का... उनके बयान पर अब विवाद खड़ा हो गया है. हालांकि उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं को कोई अन्य रंग एवं मोड देना गलत होगा लेकिन उनके बवाल पर हंगामा हो रहा है. ये बयान महाराष्ट्र कांग्रेस के विधायक विजय वडेट्टीवार ने दिया है. मामला बढ़ता देख कांग्रेस नेता ने अपने बयान पर सफाई पेश की है. महाराष्ट्र विधानसभा में ब्रह्मपुरी निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं. कांग्रेस नेता वडेट्टीवार के इस बयान को लेकर लोगों में भी काफी गुस्सा है. महाराष्ट्र सीएम देवेंद्र फडणवीस ने इस बयान की निंदा की है. https://www.youtube.com/watch?v=J7Ok6icvBMs यह भी पढ़ें: पहलगाम हमला: सीएम ​ने यूटर्न पर बीजेपी बोली- पाकिस्तान रत्न हैं ये महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने कहा, 'यह बहुत ही असंवेदनशील और मूर्खतापूर्ण बयान है. वह मृतकों के परिजनों पर नमक छिड़कने का काम कर रहे हैं और उनके परिजन कभी भी उन्हें माफ नहीं करेंगे. कांग्रेस नेता का यह बयान एक तरह के हमारे दुश्मनों को बढ़ावा देने वाला है.' वहीं, बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता पाकिस्तान को क्लीन चिट देने की होड़ में लगे हुए हैं.  पूनावाला ने कहा, 'आरोप लगाया कि अब विजय वडेट्टीवार कहते हैं कि सरकार जिम्मेदार है, पाकिस्तान जिम्मेदार नहीं है और क्या कोई सबूत है कि आतंकवादियों ने धर्म के आधार पर लोगों को मारा है. सर्वदलीय बैठक में वे कहेंगे कि पाकिस्तान जिम्मेदार है, पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई करो, आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई करो और हम आपके साथ हैं. और सर्वदलीय बैठक के बाद वे कहते हैं कि पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई मत करो.' यह भी पढ़ें: ‘हिंदू खरीददारी करने से पहले धर्म पूछें..’ फड़णवीस के मंत्री के विवादित बोल बयान पर हंगामा होते देख कांग्रेस नेता वडेट्टीवार ने अपने बयान पर सफाई दी. उन्होंने कहा, 'मूल रूप से, आतंकवादी आए और लोगों की जान ले ली, और किसी ने जाति या धर्म के बारे में नहीं पूछा. अगर धर्म पूछा गया, तो इसका मतलब है कि उनका इरादा देश को अस्थिर करना, समुदायों और धर्मों के बीच विभाजन पैदा करना और देश को नुकसान पहुंचाना हो सकता है. जब भारत में आतंकवादियों ने लोगों से कलमा पढ़ने के लिए कहा, तो यह साफ तौर से इसके पीछे पाकिस्तान के राजनीतिक इरादों को दर्शाता है. आतंकवादियों की कोई जाति नहीं होती, कोई धर्म नहीं होता. इसे देखते हुए, हमें देश को विभाजित नहीं करना चाहिए. उनका मकसद देश को नष्ट करना है.' उन्होंने ये भी कहा कि कांग्रेस इस मामले में सरकार के साथ खड़ी है. इससे पहले दिया था विवादित बयान इससे पहले महाराष्ट्र कांग्रेस विधायक विजय वडेट्टीवार ने कहा था, 'क्या आतंकवादियों के पास लोगों को गोली मारने से पहले उनका मजहब पूछने का वक्त है? वे (सरकार) कह रहे हैं कि आतंकियों ने लोगों से (उनके धर्म के बारे में) पूछकर उन्हें मार डाला. क्या आतंकियों के पास यह सब करने का वक्त है?... कुछ लोग कहते हैं कि ऐसा नहीं हुआ. आतंकियों की कोई जाति या धर्म नहीं होता. जो लोग इसके लिए जिम्मेदार हैं, उन्हें पकड़ो और कार्रवाई करो. यह देश की भावना है.' उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार को पहलगाम आतंकी हमले की जिम्मेदारी लेनी चाहिए. कांग्रेस के कई नेता दे चुके ऐसे बयान ये पहली बार नहीं है कि कांग्रेस के किसी नेता ने पहलगाम आतंकी हमले पर विवादित बयान दिया है. वडेट्टीवार से एक दिन पहले ही कर्नाटक सरकार में आबकारी मंत्री आरबी तिम्मापुर ने भी इससे मिलता जुलता बयान दिया था. तिम्मापुर ने कहा था कि जिस आदमी को गोली चलानी होगी, वह जाति या धर्म पूछेगा? वह बस गोली चलाएगा और चला जाएगा. कांग्रेसी नेता ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि पहलगाम में जो हमला हुआ, तो आतंकियों ने वहां मौजूद पर्यटकों से उनके धर्म के बारे में पूछा होगा. मंत्री ने इस पूरे मामले को धार्मिक रूप में चित्रित करने का आरोप लगाया. वहीं कर्नाटक सीएम सिद्धारमैया ने भी विवादित टिप्पणी करते हुए कहा था कि हम पाकिस्तान से युद्ध के पक्ष में नहीं हैं. विवाद बढ़ता देख उन्होंने भी बयान पर सफाई पेश की थी. इससे पहले कांग्रेसी नेता रॉबर्ट वाड्रा भी इसी मुद्दे पर बयान देकर विवादों में आ चुके हैं. वहीं कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने पहलगाम मामले में सरकार के साथ खड़ा होने की बात कही है.