उन्नाव कांड पर भड़कीं मायावती ने सपा-पुलिस को बताया जिम्मेदार, बोलीं- दोषियों पर हो सख्त कार्रवाई

उत्तरप्रदेश चुनाव के बीच उन्नाव कांड पर सियासत
14 Feb 2022
Politalks.News/Uttrapradesh.  उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव (Uttar Pradesh Assembly Elections 2022) के बीच उन्नाव में बीते दिनों दलित समुदाय की एक युवती की कथित हत्या का मामला (Cops recover body of missing woman in Unnao) गर्माया हुआ है. बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती (Mayawat) ने समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के एक स्थानीय नेता की भूमिका सामने आने का आरोप लगाते हुए इस मामले में पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए हैं. मायावती ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर परिजनों को भरोसा दिलाया है कि संकट की इस घड़ी में BSP उनके साथ खड़ी है. मायावती ने सोमवार को सोशल मीडिया के माध्यम से यह जानकारी दी. हालांकि अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) इस मामले से पूरी तरह से पल्ला झाड़ चुके हैं. अखिलेश ने कहा था कि, 'जिस पर आरोप है वो समाजवादी पार्टी से जुड़ा नहीं है. उसके पिताजी सपा में थे, लेकिन चार साल पहले उनकी मौत हो चुकी है. पुलिस ने कार्रवाई क्यों नहीं की. कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो और दोषी लोगों को जेल भेजा जाए'. सियासी गलियारों में चर्चा है कि मायावती उन्नाव केस में तलाश रहीं है संजीवनी! https://www.youtube.com/watch?v=9eoI_rjl2mE सपा नेता के बेटे और लोकल पुलिस पूरी तरह जिम्मेदार- मायावती बसपा प्रमुख मायावती ने पीड़ित परिपार से रविवार को हुई मुलाकात की अपनी तस्वीर साझा करते हुए बताया कि, 'उन्नाव में दलित युवा लड़की का अपहरण कर उसकी नृशंस हत्या के संगीन मामले में पीड़ित परिवार के लोग समुचित न्याय की तलाश में कल रात लखनऊ आकर मुझसे मिले और अपनी दुःख भरी व्यथा सुनाई, जिससे स्पष्ट है कि सपा नेता के बेटे सहित लोकल पुलिस भी पूरी तरह से इसके लिए जिम्मेदार है'. यह भी पढ़ें- खुले आम हिंदू वोट बांटने की बात करने वालों की राजनीति को दफनाने का मौका- SP-TMC पर मोदीवार दोषी पुलिस वालों को करें बर्खास्त- मायावती मायावती ने ट्वीट कर सरकार से लापरवाही के लिए जिम्मेदार पुलिसकर्मियों को बर्खास्त करने की मांग करते हुए कहा कि, 'उन्नाव पुलिस अगर पीड़ित परिवार की शिकायत का समय से संज्ञान ले लेती तो यह घटना नहीं होती. सरकार दोषी पुलिस वालों को बर्खास्त करे तथा उनके खिलाफ सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज करके उन्हें जेल भेजे. साथ ही गरीब पीड़ित परिवार की उचित कानूनी पैरवी की व्यवस्था करे, बीएसपी की यह मांग है'. मायावती ने लखनऊ स्थित आवास पर की पीड़ित परिवार से मुलाकात बसपा की ओर से जारी बयान के अनुसार मृतका के माता, पिता और भाई बहन सहित अन्य परिजनों ने मायावती के लखनऊ स्थित आवास पर मुलाकात की है. मायावती ने पीड़ित परिवार से घटना की पूरी जानकारी ली. मायावती ने इस घटना को बेहद गंभीर बताते हुए आश्वासन दिया कि संकट की इस घड़ी में बसपा उनके साथ है. पार्टी का कहना है कि, 'पीड़ित परिजनों को बसपा प्रमुख से मिलने के बाद न्याय की उम्मीद जगी है'. यह भी पढ़े: सियासी चर्चा: पीएम मोदी ने खुद बोया था ‘बेअदबी’ की प्रथा का बीज, अब काट रहे हैं कांटेदार बबूल! पूर्व सपा मंत्री के बेटे पर आरोप मालूम हो कि, उन्नाव पुलिस ने एक लड़की का शव बरामद किया था, वो बीते 2 महीने से लापता थी. उस लड़की की हत्या का आरोप समाजवादी पार्टी के मंत्री रहे फतेह बहादुर सिंह के बेटे राजोल सिंह पर लगा है. जहां से लड़की का शव बरामद हुआ, वह प्लॉट भी फतेह बहादुर द्वारा बनवाए गए आश्रम के पास ही था. पुलिस ने यहां जमीन खोकर शव बाहर निकाला था. यह भी पढ़े: सियासी चर्चा: पीएम मोदी ने खुद बोया था ‘बेअदबी’ की प्रथा का बीज, अब काट रहे हैं कांटेदार बबूल! अखिलेश की गाड़ी के आगे आत्मदाह की कोशिश आपको यह भी बता दें, 8 दिसंबर को पीड़ित परिवार ने लड़की के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज की थी. इसके बाद अब आरोपी राजोल सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया. इस मामले ने तूल तब पकड़ा जब मृतक पीड़िता की मां ने अखिलेश यादव की गाड़ी के आगे आकर आत्मदाह करने की कोशिश की. मां का आरोप था कि उसकी बेटी को पूर्व सपा मंत्री फतेह बहादुर सिंह के बेटे राजोल सिंह ने बेटी को अगवाह किया था. मामले सामने आए के बाद अब सपा सुप्रीमो अखिलेश ने कहा कि, 'जिस पर आरोप है वो समाजवादी पार्टी से जुड़ा नहीं है. उसके पिताजी सपा में थे, लेकिन चार साल पहले उनकी मौत हो चुकी है. पुलिस ने कार्रवाई क्यों नहीं की. कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो और दोषी लोगों को जेल भेजा जाए'.