तबादले की धमकी पर बोले जस्टिस- किसान का बेटा हूँ, खेत जोत लूंगा, तो राहुल ने साधा BJP पर निशाना

राहुल ने साधा BJP पर निशाना
5 Jul 2022
Politalka.News/Karnataka/Highcourt. कर्नाटक उच्च न्यायालय के न्यायाधीश एचपी संदेश की एक टिप्पणी सियासी गलियारों में जबरदस्त चर्चा का विषय बनी हुई है. न्यायाधीश संदेश ने बीते सोमवार को बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) को फटकार लगाने पर उन्हें तबादला करने की धमकी दी गई है. यही नहीं जज एचपी संदेश ने अपनी टिप्पणी में आगे कहा कि, 'मैं किसी से नहीं डरता, मैं एक किसान का बेटा हूं और जमीन जोतने के लिए तैयार हूं.' जस्टिस संदेश की इस टिप्पणी पर देशभर के लोगों के साथ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बीजेपी सरकार पर बड़ा हमला बोला है. पहले आपको बताते हैं कि आखिर यह सारा माजरा क्या है, दरअसल, कर्नाटक उच्च न्यायालय के जस्टिस एचपी संदेश ने बेंगलुरु के पूर्व शहरी तहसीलदार महेश पीएस की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए प्रदेश के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) कड़ी टिप्पणी की थी. बता दें, महेश पीएस को कथित तौर पर मई 2021 में 5 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया था. महेश ने एक बयान में दावा किया था कि उन्हें तत्कालीन बेंगलुरु शहरी डीसी जे मंजूनाथ के निर्देश पर रिश्वत मिली थी. https://youtu.be/5W1Y2OlUA68 इस मामले में उच्च न्यायालय में सुनवाई के दौरान जस्टिस संदेश ने अपनी पिछली सुनवाई में एसीबी को ‘भ्रष्टाचार का केंद्र’ बताते हुए उसकी जमकर खिंचाई की थी. जबकि बीते रोज सोमवार को खुली अदालत में न्यायमूर्ति संदेश ने कहा कि उन्हें एक साथी न्यायाधीश द्वारा सूचित किया गया था कि उनका तबादला किया जा सकता है, क्योंकि एसीबी के एडीजीपी उनकी टिप्पणी से खुश नहीं हैं. न्यायाधीश एचपी संदेश ने अपनी टिप्पणी में कहा कि, 'आपका एसीबी एडीजीपी एक शक्तिशाली व्यक्ति लगता है. मुझे मेरे साथी जज ने कहा था कि टिप्पणी के लिए मेरा तबादला किया जा सकता है. मैं आदेश में तबादले की धमकी को दर्ज करूंगा. ऐसी धमकी यह न्यायपालिका की स्वतंत्रता और अदालत के लिए खतरा है.' यह भी पढ़े: सपा की सदस्यता ग्रहण कर योगी सरकार पर भड़के अखिलेश, सलाह वाले बयान राजभर ने किया पलटवार मैं किसान का बेटा, खेत जोत लूंगा: कर्नाटक हाइकोर्ट के न्यायाधीश एचपी संदेश यहीं नहीं रुके बल्कि उन्होंने एसीबी और उसकी ओर से पेश हुए वकील की खिंचाई करते हुए कहा कि, 'उन्हें किसी पद के खोने का डर नहीं है. मैं किसी से नहीं डरता, मैं एक किसान का बेटा हूं और जमीन जोतने के लिए तैयार हूं. मैं किसी पार्टी या विचारधारा से नहीं बल्कि केवल संविधान से संबद्ध हूं. जज बनने के बाद मैंने कोई संपत्ति जमा नहीं की है, जो मैं किसी से डरूँ.' वहीं दूसरी ओर, इस मामले में देश भर से अलग-अलग लोगों की टिप्पणियां आने के साथ ही पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष और वायनाड सांसद राहुल गांधी ने भी सम्बंधित वीडियो शेयर करते हुए बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है. राहुल गांधी ने टिप्पणी करते हुए लिखा कि, 'कर्नाटक में बीजेपी की भ्रष्ट सरकार का पर्दाफाश करने के लिए हाई कोर्ट के एक जज को धमकी दी गई है. भाजपा द्वारा संस्था दर संस्था पर बुलडोजर चलाया जा रहा है. हम सभी को निडर होकर अपना कर्तव्य निभाने वालों के साथ खड़ा होना चाहिए.' https://twitter.com/RahulGandhi/status/1544260388056756225?s=20&t=kRHilZ29nKqa10lH1qQK_Q यह भी पढ़े:  हैदराबाद में मौज मस्ती काटकर अब कन्हैया के घर पहुंच रहे भाजपा नेताओं में नहीं बची संवेदना- डोटासरा राहुल गांधी द्वारा अपने ट्वीट के साथ शेयर किए गए वीडियो में जस्टिस एचपी संदेश द्वारा धमकी से सम्बंधित मसले पर बात करते ACB को भ्रष्टाचार का केंद्र बताया है. गौरतलब है कि सोमवार की सुनवाई के कुछ घंटे बाद ही कर्नाटक एसीबी ने कहा कि उसने आईएएस अधिकारी मंजूनाथ को गिरफ्तार कर लिया है. जबकि इससे पहले न्यायमूर्ति संदेश ने आरोपी नंबर दो चेतन का नियुक्ति रिकॉर्ड न जमा कराने के चलते एसीबी की आलोचना की थी.