राजस्थान के भरतपुर में बयाना के पूर्व विधायक एवं भाजपा नेता अंतर सिंह भड़ाना की हत्या के मामले में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है. सांसद हनुमान बेनीवाल ने इस घटना को राजस्थान में बिगड़ती कानून व्यवस्था और कथित जंगलराज का प्रमाण बताते हुए कहा कि भड़ाना पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया के करीबी माने जाते थे और उनके साथ हुई यह घटना बेहद दुखद एवं गंभीर है. इसके साथ ही बेनीवाल ने स्थानीय लोगों के हवाले से गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म पर लगाए जा रहे आरोपों का भी जिक्र किया और कहा कि यदि इन आरोपों में सच्चाई है, तो उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. उन्होंने सवाल उठाया कि जब विवाद की जानकारी पहले से पुलिस को थी और भरतपुर के पुलिस अधीक्षक ने भी मीडिया के सामने इसकी जानकारी होने की बात कही थी, तो समय रहते प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं की गई? बेनीवाल के मुताबिक, समय पर पुलिस कार्रवाई होती तो शायद भड़ाना की जान बच सकती थी.
पुलिस-प्रशासन पर सवाल, अमित शाह का ध्यान खींचा
वही सांसद हनुमान बेनीवाल ने राजस्थान की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश में आमजन के बीच असुरक्षा का माहौल है और शासन की नाकामी के चलते अफसरशाही हावी होती जा रही है. उन्होंने जयपुर ग्रामीण क्षेत्र के एक पुलिस थाने में आरएसएस के जिला प्रचारक के साथ कथित मारपीट और अमानवीय व्यवहार के मामले का भी उल्लेख किया. बेनीवाल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का ध्यान भड़ाना हत्याकांड की ओर आकर्षित करते हुए पूर्ववर्ती अशोक गहलोत सरकार के समय भाजपा नेताओं के फोन टैपिंग के आरोपों से जुड़े कुछ पुलिस अधिकारियों की मौजूदा भजनलाल सरकार में महत्वपूर्ण पदों पर तैनाती पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में पुलिस-प्रशासन की भूमिका और खुफिया तंत्र की कार्यप्रणाली की जांच होनी चाहिए, ताकि घटना से जुड़े सभी तथ्यों को सामने लाया जा सके.
बेढ़म को हटाने और CBI जांच की मांग
हनुमान बेनीवाल ने मांग की कि भरतपुर रेंज के आईजी और भरतपुर के पुलिस अधीक्षक को तत्काल पद से हटाया जाए. साथ ही उन्होंने गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म को पद से हटाकर उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की. बेनीवाल ने कहा कि हत्या के आरोपियों और मंत्री के बीच कथित करीबी संबंधों को लेकर स्थानीय लोगों की ओर से किए जा रहे दावों की भी स्वतंत्र जांच जरूरी है. इसी आधार पर उन्होंने पूरे हत्याकांड की जांच सीबीआई को सौंपने की मांग की. सांसद हनुमान बेनीवाल ने यह भी कहा कि दिवंगत पूर्व विधायक अंतर सिंह भड़ाना उनके अच्छे मित्र थे और उनके असामयिक निधन से उन्हें व्यक्तिगत रूप से गहरा दुख पहुंचा है. उन्होंने भड़ाना को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं.









