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वोट नहीं दिए तो नेताजी ने घर-घर जाकर की नोट वसूली, 1 घंटे में वसूले 4 लाख, वीडियो वायरल, FIR दर्ज

14 जुलाई 2022
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वोट नहीं दिए तो नेताजी ने घर-घर जाकर की नोट वसूली, 1 घंटे में वसूले 4 लाख, वीडियो वायरल, FIR दर्ज

Politalks.News/MadhyaPradesh. चुनावों में नेताओं द्वारा नोट बांटने के किस्से तो आपने बहुत सुने होंगे, वहीं नोट बांटने के बाद भी नेताजी चुनाव हार गए, ऐसा भी आपने कई बार सुन रखा होगा. लेकिन मध्यप्रदेश के नीमच में एक शख्स जब नोट बांटने के बाद भी सरपंच का चुनाव हार गया तो वसूली अभियान पर निकल पड़ा, ऐसा किस्सा आप पहली बार सुनेंगे. चुनाव में हारे प्रत्याशी ने अपनी लिस्ट के जरिए एक घंटे के भीतर 4 लाख रुपये वापस भी वसूल कर लिये. हालांकि इस पूरे घटनाक्रम के जब वीडियो वायरल हुए तो नीमच की रामपुर थाना पुलिस ने हारे हुए प्रत्याशी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है. आपको … Read more

Politalks.News/MadhyaPradesh. चुनावों में नेताओं द्वारा नोट बांटने के किस्से तो आपने बहुत सुने होंगे, वहीं नोट बांटने के बाद भी नेताजी चुनाव हार गए, ऐसा भी आपने कई बार सुन रखा होगा. लेकिन मध्यप्रदेश के नीमच में एक शख्स जब नोट बांटने के बाद भी सरपंच का चुनाव हार गया तो वसूली अभियान पर निकल पड़ा, ऐसा किस्सा आप पहली बार सुनेंगे. चुनाव में हारे प्रत्याशी ने अपनी लिस्ट के जरिए एक घंटे के भीतर 4 लाख रुपये वापस भी वसूल कर लिये. हालांकि इस पूरे घटनाक्रम के जब वीडियो वायरल हुए तो नीमच की रामपुर थाना पुलिस ने हारे हुए प्रत्याशी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है.

आपको बता दें कि मध्य प्रदेश में तीन चरणों में पंचायत चुनाव हो रहे हैं. फाइनल नतीजे 20 जुलाई को आएंगे. ऐसे में नीमच जिले के मनासा विकासखंड के रामपुरा क्षेत्र के ग्राम देवरान में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के तहत 8 जुलाई को आखिरी चरण का मतदान हुआ था. इस मतदान में वीरेंद्र पाटीदार ने जीत हासिल की, जबकि राजू दायमा चुनाव हार गए. बता दें, सरपंच प्रत्याशी राजू दायमा ने कथित तौर पर ग्रामीणों को वोट के एवज में रुपए बांटे थे. अब जब नोट बांटने के बावजूद राजू दायमा चुनाव हार गया तो उसने ग्रामीणों से वसूली शुरू कर दी. राजू दायमा ने उन लोगों की सूची निकाली, जिन्हें उनके द्वारा राशि बांटी गई थी और निकल पड़े वसूली करने.

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अब नेताजी अपने क्षेत्र के घर घर में जा रहे हैं, वोट नहीं, नोट मांगने. नोट भी वही जो उन्होंने मतदाताओं को वोट देने के लिए दिए थे. जबकि सरपंच के लिए खड़े हुए प्रत्याशी राजू दायमा का पोस्टर बताता है कि वो योग्य शिक्षित, सेवाभावी, अनुभवी और युवा हैं. चश्मे का निशान था. अब देखिये ना पैसे बांटते वक्त पुलिस-प्रशासन का चश्मा उन्हें देख नहीं पाया. लेकिन वसूली का वीडियो जब प्रशासन के पास पहुंचा तो पुलिस को जरूर साफ साफ दिखाई देने लगा.

दरअसल हुआ यूं कि राजू दायमा अपने कुछ साथियों को लेकर उन लोगों के घर पहुंच गए जिन लोगों को रुपए दिए थे. इसके बाद मतदाताओं से रुपए वापस लिए गए. जिन लोगों ने पैसा देने में आनाकानी की, उन पर अपशब्दों का प्रयोग कर धमकी भी दी गई. इस बीच किसी ने इस वसूली के वीडियो वायरल कर दिए वो भी एक नहीं पूरे 4 वीडियो वायरल कर दिए. वीडियो वायरल होने के बाद नीमच कलेक्टर के निर्देश पर रामपुरा थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई है. रामपुरा थाना प्रभारी गजेंद्र सिंह के मुताबिक वीडियो वायरल होने के बाद सरपंच प्रत्याशी राजू दायमा और अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है. इसके अलावा वायरल वीडियो की भी जांच की जा रही है. पूरे मामले में जिन लोगों के वीडियो वायरल हुए हैं, उनके भी बयान लिए जा रहे हैं.

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आपको बता दें, इस मामले को लेकर जबरदस्त चर्चा यह है कि देवरान और आसपास के गांव में राजू दायमा ने 1 घंटे के भीतर मतदाताओं से 4 लाख वसूल कर लिए. जिन लोगों ने राशि खर्च कर दी थी उन्हें 1 सप्ताह के भीतर रुपए लौटाने के साथ अल्टीमेटम भी दिया गया है. वायरल वीडियो में यह भी दिख रहा है कि कुछ लोग वोट उन्ही को डालने की बात कह रहे हैं लेकिन परिणाम वितरित आने पर राजू दायमा रुपयों की मांग करते हुए सुनाई दे रहे हैं.

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