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मेरी 100 जांच करवा लें लेकिन अपनी एक भी करा दें तो सामने आ जाएगा सच- मलिक के निशाने पर मोदी

07 अक्टूबर 2022
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मेरी 100 जांच करवा लें लेकिन अपनी एक भी करा दें तो सामने आ जाएगा सच- मलिक के निशाने पर मोदी

Politalks.News/UttarPradesh. अक्सर अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहने वाले मेघालय के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक का कार्यकाल खत्म हो चूका है. उनकी जगह पर मेघालय के गवर्नर के तौर पर अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल बीडी मिश्रा को मेघालय का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है. सेवानिवृति के बाद अपने पैतृक गांव हिसावदा पहुंचे सत्यपाल मलिक अब खुलकर बीजेपी के विरोध में बात करने लगे हैं. मलिक के पैतृक गांव में प्राथमिक विद्यालय में उनके सम्मान में कार्यक्रम रखा गया. जहां उन्होंने ग्रामीणों के साथ बैठकर खाना खाया. इसके बाद पत्रकारों से बात करते हुए सत्यपाल मलिक ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि, ‘सेवानिवृत होने के बाद भी मेरे खिलाफ … Read more

Politalks.News/UttarPradesh. अक्सर अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहने वाले मेघालय के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक का कार्यकाल खत्म हो चूका है. उनकी जगह पर मेघालय के गवर्नर के तौर पर अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल बीडी मिश्रा को मेघालय का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है. सेवानिवृति के बाद अपने पैतृक गांव हिसावदा पहुंचे सत्यपाल मलिक अब खुलकर बीजेपी के विरोध में बात करने लगे हैं. मलिक के पैतृक गांव में प्राथमिक विद्यालय में उनके सम्मान में कार्यक्रम रखा गया. जहां उन्होंने ग्रामीणों के साथ बैठकर खाना खाया. इसके बाद पत्रकारों से बात करते हुए सत्यपाल मलिक ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि, ‘सेवानिवृत होने के बाद भी मेरे खिलाफ जांच हो सकती है. लेकिन मैं यही कहूंगा कि मैं तो फ़कीर हूं, कुछ नहीं मिलेगा.’ वहीं सत्यपाल मलिक ने बड़ा एलान करते हुए राष्ट्रीय लोकदल के जयंत चौधरी और समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव को समर्थन देने की घोषणा कर दी.

सेवानिवृति के बाद अपने पैतृक गांव सत्यपाल मलिक बुधवार को अपने गांव हिसावदा पहुंचे. हिसावदा पहुंचने पर उनके समर्थकों एवं ग्रामीणों ने उनका स्वागत किया. सत्यपाल मलिक जब मेघालय के राज्यपाल थे तभी से वे बीजेपी के खिलाफ जमकर बयानबाजी करते आए हैं. उनके ये तेवर सेवानिवृति के बाद भी नहीं बदले हैं. सत्यपाल मलिक ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि, ‘मैं तो पहले से ही इस्तीफा लेकर घूम रहा था, लेकिन अब तो मैं और भी ज्यादा आजाद हो गया हूं. मुझ पर अब किसी की कोई रोकटोक नहीं है. अब मैं कुछ भी कर सकता हूं और अपनों के लिए जेल तक जा सकता हूं.’ मलिक ने आगे कहा कि, ‘मुझे यकीन है कि वे मुझ पर हमला करेंगे और सजा देने का प्रयास करेंगे, लेकिन कुछ बिगाड़ नहीं पाएंगे. सेवानिवृत होने के बाद भी मेरे खिलाफ जांच हो सकती है लेकिन मैं यही कहूंगा कि मैं तो फ़कीर हूं, मेरे पास कुछ नहीं मिलेगा.’

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सत्यपाल मलिक ने आगे कहा कि, ‘मैं उन्हें कहता हूं मेरी 100 जांच करवा ले लेकिन अपनी एक भी करा दें तो सच सामने आ जाएगा. मेरे खिलाफ कोई मुकदमा नहीं हो सकता है. मैं तो 5 कुर्ते लेकर गया था और उतने ही लेकर आ गया हूं.’ वहीं सत्यपाल मलिक ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि, ‘अब हम चौधरी चरण सिंह के पोते जयंत सिंह और मुलायम सिंह यादव के लड़के अखिलेश यादव की मदद करेंगे. मैं बिल्‍कुल नहीं चाहता कि 2024 में एनडीए और भाजपा की सरकार वापस आए. जेल जाना पड़ तो जेल जाऊंगा किसानों के लिए, न किसी पार्टी में जाऊंगा न चुनाव लडूंगा.’

सत्यपाल मलिक ने कहा कि, ‘हमें किसानों के मुद्दों को हल करने की जरूरत है. अकसर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री बकाया पर आश्वासन दे देते हैं, लेकिन उनका बकाया नहीं दिया जाता है.’ वहीं लखीमपुर घटना का जिक्र करते हुए सत्यपाल मलिक ने कहा कि, ‘इस तरह की घटनाएं मतलब रखती हैं. जिनके हाथ में हम इनको कर रहे हैं, वे बहुत घमंडी हैं. वो समझते हैं कि पॉलिटिकल पावर या एडमिनिस्ट्रेशन की पावर ही असली पावर है. ऐसे लोग अगर सरकार में हैं तो उन्हें हटा देना चाहिए. सरकार ने एमएसपी लागू करने और मुकदमें वापस लेने की बात कही थी. लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है. जब प्रधानमंत्री गुजरात में थे तो वे किसानों के लिए पूरी तरह से काम करते थे, तब मैं उनका समर्थक था लेकिन अब ना जाने क्या हुआ है.’

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वहीं भाजपा पर निशाना साधते हुए सत्यपाल मलिक ने कहा कि, ‘मैंने इन लोगों को भ्रष्टाचार दो मामले बताए थे, लेकिन कोई जांच नहीं हुई. मैंने इन्हें बताया था कि एक मंत्री फोन करता है और कहता है कि आपके यहां से बोल रहा है. उसके बारे में कहा गया कि हटाएंगे पर हटाया नहीं गया. इसी तरह मैंने गोवा में भ्रष्‍टाचार बताया, तो कहने लगे कि आपकी जानकारी गलत है. मैंने कहा कि मेरी जानकारी सही है. लेकिन उसे अभी भी वहीं रखे हुए हैं उसके बाद मुझे मेघालय भेज दिया. तो मैं इनके इस नारे में नहीं आता हूं कि ये भ्रष्‍टाचार के खिलाफ हैं.’ बता दें कि सत्यपाल मलिक अकसर बीजेपी सरकार के खिलाफ बीते लंबे वक्त से बोलते रहे हैं. कई मौकों पर उन्होंने किसानों के मुद्दों को लेकर सरकार पर निशाना साधा है.

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