गौरव वल्लभ ने खुलकर किया गहलोत का समर्थन तो थरूर को इस गलती के लिए लिया जमकर आड़े हाथ

एक तरफ कार्यकर्ताओं व जमीन से जुड़े हुए अशोक गहलोत हैं, जिन्हें 3 बार केंद्रीय मंत्री, 3 बार मुख्यमंत्री, 5 बार सांसद, 5 बार विधायक रहने का अनुभव है, जिन्होंने सीधी टक्कर में मोदी-शाह को पटखनी दी है, ऐसे 45 वर्ष का निष्कलंक राजनीतिक जीवन जीने वाले गहलोत का करूंगा समर्थन- गौरव वल्लभ

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गौरव वल्लभ ने खुलकर किया CM गहलोत का समर्थन
गौरव वल्लभ ने खुलकर किया CM गहलोत का समर्थन
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Politalks.News/CongressPresidentElection. कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए गुरुवार को अधिसूचना जारी हो गई. अधिसूचना जारी होने से एक दिन पहले बुधवार को, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पार्टी के वरिष्ठ नेता शशि थरूर के चुनावी समर में उतरने का स्पष्ट संकेत देने के बाद यह संभावना प्रबल हो गई है कि 22 साल बाद, देश की सबसे पुरानी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष का चयन चुनाव के जरिये चुना जाएगा. इसी बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राहुल गांधी को मनाने की अपनी आखिरी कोशिश भी करके देख ली, राहुल गांधी शुरू से अपने रुख पर कायम हैं कि पार्टी अध्यक्ष गांधी परिवार के बाहर का सदस्य होगा. अंततः यह तय है कि सीएम गहलोत अब 26 से 28 सितंबर के बीच में नामांकन दाखिल करेंगे. वहीं दूसरी शशि थरूर भी चुनावी तैयारियों में जुट गए हैं.

कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव में अशोक गहलोत और शशि थरूर के बीच मुकाबले की बढ़ती संभावना के बीच पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने गुरुवार को राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का खुलकर समर्थन किया. साथ ही, वल्लभ ने शशि थरूर को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि थरूर ने सोनिया गांधी के अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान उन्हें पत्र लिखकर उनके (वल्लभ) जैसे कार्यकर्ताओं को कष्ट पहुंचाया है और ऐसे में वह ‘निष्कलंक राजनीतिक जीवन’ वाले गहलोत का चयन करेंगे. गौरव वल्लभ ने बतौर कार्यकर्ता अपनी राय जाहिर करते हुए ट्वीट किया कि, ‘‘करोड़ों कार्यकर्ताओं की तरह मेरी भी पहली इच्छा तो यह है कि राहुल गांधी कांग्रेस और देश को अपना नेतृत्व दें.” वल्लभ ने लिखा, ‘लेकिन यदि राहुल गांधीजी अपने फ़ैसले पर तटस्थ हैं और सार्वजनिक चर्चा में जो दो नाम सामने आ रहे हैं, उसमें से किसी एक को चुनना हो तो दोनों में कोई तुलना ही नहीं हो सकती है.’

गौरव वल्लभ ने आगे कहा कि एक तरफ कार्यकर्ताओं व जमीन से जुड़े हुए अशोक गहलोत हैं, जिन्हें 3 बार केंद्रीय मंत्री, 3 बार मुख्यमंत्री, 5 बार सांसद, 5 बार विधायक रहने का अनुभव है, जिन्होंने सीधी टक्कर में मोदी-शाह को पटखनी दी है, जिनका 45 वर्ष का निष्कलंक राजनीतिक जीवन है. वहीं दूसरी तरफ़, शशि थरूर हैं,जिनका पिछले 8 सालों में पार्टी के लिए एक ही प्रमुख योगदान है कि उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को उस समय चिट्ठियां भेजीं जब वह अस्पताल में भर्ती थीं. इस कृत्य ने मेरे जैसे पार्टी के करोड़ों कार्यकर्ताओं को पीड़ा पहुंचाई. चयन बहुत सरल और स्पष्ट है.

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ऐसे में माना जा रहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव जीतने की राह शशि थरूर के लिए बहुत कठिन होने वाली है. इंडिया टुडे से बातचीत में लोकसभा में कांग्रेस के चीफ व्हिप के सुरेश ने कहा, ‘शशि थरूर को चुनाव नहीं लड़ना चाहिए. वह एक अंतरराष्ट्रीय व्यक्ति हैं.’ उन्होंने कहा, ‘यहां आम सहमति से उम्मीदवार चुना जाना चाहिए. हम अभी भी राहुल गांधी को कांग्रेस अध्यक्ष बनने के लिए अनुरोध कर रहे हैं.’ एक अन्य सांसद बेनी बेहनान ने कहा, ‘मुझे नहीं लगता शशि थरूर लड़ेंगे और वह पार्टी आलाकमान के निर्देशों को मानेंगे.’

आपको बता दें कि करीब एक दर्जन राज्यों में कांग्रेस इकाइयों ने भी राहुल के समर्थन में प्रस्ताव पास कर दिए हैं. इनमें पंजाब, गोवा, राजस्थान, छत्तीसगढ़, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, बिहार और जम्मू-कश्मीर का नाम शामिल है. वहीं, कई नेता भी खुलकर वायनाड सांसद को ही कप्तान की भूमिका में देखना चाहते हैं. मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कई बड़े नेता कह चुके हैं कि राहुल को अध्यक्ष पद संभालना चाहिए.

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गौरतलब है कि चुनाव लड़ने का संकेत दे चुके लोकसभा सदस्य शशि थरूर ने बुधवार को कांग्रेस के मुख्यालय में पहुंचकर पार्टी के केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण के प्रमुख मधुसूदन मिस्त्री से मुलाकात की और नामांकन की प्रक्रिया के बारे में जानकारी हासिल की. वहीं आपको बता दें किइन दोनों नामों के अलावा दिग्विजय सिंह और मनीष तिवारी सहित कुछ अन्य नेताओं के भी चुनावी मैदान में उतरने की संभावना को खारिज नहीं किया जा सकता.

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