गजेंद्र सिंह की इतनी हैसियत नहीं है कि वह राजस्थान के बारे में सच्चाई बता सकें- CM गहलोत का बड़ा वार

ashok gehlot on gajendra singh shekhawat
25 Mar 2023
Ashok Gehlot on Gajendra Singh Shekhwat: इस वक्त देशभर में राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की सदस्यता रद्द करने का मुद्दा छाया हुआ है. बता दें, मानहानि के एक मामले में गुजरात की कोर्ट ने राहुल गांधी को दो साल की सजा सुनाई है जिसके तुरंत बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने तत्काल राहुल गांधी की सदन सदस्यता को रद्द कर दिया. इस पर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बीजेपी के साथ साथ उनके नेताओं पर जमकर हमला बोला है. सीएम गहलोत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को तानाशाह बताते हुए पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा को भी घेरा. साथ ही साथ ERCP को लेकर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत पर बड़ा हमला करते हुए कहा कि उनकी इतनी हैसियत नहीं रही है कि वह राजस्थान के बारे में सच्चाई बता सकें, तो इनसे क्या उम्मीद कर सकते हैं. https://www.youtube.com/watch?v=uUZabz-oRpU भरतपुर में जॉब फेयर के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए सूबे के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ERCP को लेकर लोकसभा में मौजूद सभी 25 सांसदों की घेराबंदी की. सीएम गहलोत ने कहा , 'राजस्थान से 25 पार्लियामेंट के मेंबर हैं. वह ERCP को लेकर मोदी जी को कहने की हिम्मत नहीं कर सकते हैं. गजेंद्र सिंह सिंह शेखावत की इतनी हैसियत नहीं रही है कि वह राजस्थान के बारे में सच्चाई बता सकें, तो इनसे क्या उम्मीद कर सकते हैं? इनकी पार्टी में भी तानाशाही रवैया हो गया. कोई बोल नहीं पा रहे हैं, इसलिए हालात बड़े गंभीर हैं.' राहुल गांधी मामले में बीजेपी की हो रही निंदा राहुल गांधी मामले में सीएम गहलोत ने कहा कि राहुल गांधी ने जब टिप्पणी की तो यह एक पॉलिटिकल आरोप था. उसे कोर्ट में ले जाना ठीक नहीं है. मुझे ज्यूडिशियरी पर पूरा विश्वास है कि आने वाले समय में सही फैसला होगा. बीजेपी जिस प्रकार से मैसेज देने की कोशिश की है, उसमें यह कामयाब नहीं होंगे. गहलोत ने कहा कि मोदी जी और अमित शाह जी अभी बहुत घमंड में चल रहे हैं. मोदी नाम के लोग जो हैं, उन्हें लगता है कि प्रधानमंत्री हमारा आदमी है. हमें बचा लेगा. हमारा कौन क्या बिगाड़ लेगा. किसी की मोदी जी के सामने जाने की हिम्मत नहीं है. राहुल गांधी मामले को पूरा देश निंदा कर रहा है. पार्टी की ये क्यों मजाक उड़वा रहे हैं. यह भी पढ़ें: चाहे मुझे मारें, पीटें या डाल दे जेल में, मैं डरूंगा नहीं, गांधी कभी माफी नहीं मांगता… सीएम गहलोत ने कहा कि राहुल गांधी साहसी और हिम्मत वाले हैं. वहीं एक हैं जो मोदी से मुकाबला कर सकते हैं. वह अकेले मुकाबला कर रहे हैं. राहुल गांधी ने अकेले देशभर में लंबी यात्रा निकाली. महंगाई, बेरोजगारी, हिंसा, अमीर और गरीब की खाई चारों मुद्दे बहुत महत्वपूर्ण हैं, उस पर तो ध्यान जाता नहीं है मोदी और अमित शाह जी का. इनका ध्यान जाता है, बदला लेने पर. अपनी बात को जारी रखते हुए सीएम ने कहा कि राहुल गांधी ने जिस तरह का कमेंट किया है, इस तरह के पॉलिटिकल कमेंट तो चलते रहते हैं. हम तो 40-50 साल से देख रहे हैं. अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी ने तो इस तरह के पॉलिटिकल कमेंट जाने कितने ही किए होंगे, कोई सोच भी नहीं सकता. आज इलेक्शन कमीशन पर दबाव है. ईडी, इनकम टैक्स, CBI जैसी एजेंसियों की बड़ी क्रैडिबिलिटी हुआ करती थी. आज इनका जमकर दुरुपयोग हो रहा है. जब ऐसा माहौल बनता है, तो ऐसे फैसले होते हैं. हर फैसला प्रभावित होता है. वही माहौल बन गया है. संबित पात्रा और आरएसएस को लिया आड़े हाथ बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता द्वारा राहुल गांधी की तुलना मीर जाफर से किए जाने पर गहलोत ने उन्हें जमकर फटकार लगाई. गहलोत ने कहा, 'संबित पात्रा क्या भाषा का उपयोग करते हैं, किस निम्न स्तर पर जाते हैं, इतने घटिया स्तर के कमेंट करते हैं, वह बीजेपी का चेहरा हैं, बीजेपी हेडक्वार्टर में बैठकर राहुल गांधी को कहते हैं कि वह मीर जाफर हैं. इतिहास गवाह है कि मीर जाफर ने जो कारनामे किए थे, वह कारनामे RSS के लोगों ने और वीर सावरकर ने किए थे.' यह भी पढ़ें: राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता रद्द करने से साबित होता है कि कितनी डरी हुई है बीजेपी! सीएम गहलोत ने आगे कहा, 'जब देश आजादी की लड़ाई लड़ रहा था तो पंडित नेहरू, महात्मा गांधी जैसे बड़े-बड़े नेता जेल में बंद थे. उस दौरान वीर सावरकर भी जेल में बंद रहे. सावरकर ने कई बार लिखित में माफी मांगी. जब अग्रेजों के खिलाफ युद्ध चल रहा था, उस समय इन्होंने अंग्रेजों का साथ दिया. अंग्रेजों की पक्ष की सेना में लोगों को भर्ती करवाया. जब 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन की बात चल रही थी, तब RSS के एक भी व्यक्ति ने आजादी की लड़ाई में भाग नहीं लिया. इनको शर्म आनी चाहिए. मीर जाफर की भूमिका तो इन लोगों ने निभाई थी. 40 साल से नागपुर में RSS का हेड क्वार्टर है. उस पर कभी तिरंगा झंडा भी नहीं लगाया. अब जाकर लगाने लगे हैं.