महाराष्ट्र CM के समर्थन में उतरे सिंधिया, बोले- बाल ठाकरे की विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं एकनाथ शिंदे

Jyotiraditya Scindia on Eknath Shinde
21 Feb 2023
Jyotiraditya Scindia on Eknath Shinde: हाल में चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे गुट को असली शिवसेना के तौर पर मान्यता दे दी है. इसके बाद उन्हें शिवसेना के नाम के साथ-साथ शिवसेना का आधिकारिक निशान 'तीर कमान' भी शिंदे गुट को मिल गया है. इस मसले पर उद्धव ठाकरे ने सुप्रीम कोर्ट का भी रूख किया लेकिन वहां से भी उन्हें निराशा ही मिली. इसके बाद केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एकनाथ शिंदे का समर्थन करते हुए एक बड़ा बयान दिया है. सिंधिया ने कहा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे शिवसेना के संस्थापक दिवंगत बाल ठाकरे की विरासत को आगे बढ़ाएंगे और इसमें राज्य के लोग भी उनके साथ हैं. https://youtu.be/j5K6UoRXzpk केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने मीडिया के समक्ष बयान देते हुए कहा, 'शिंदे बालासाहेब ठाकरे की विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं. महाराष्ट्र की जनता उनके और वहां की भाजपा-शिवसेना सरकार के साथ है. डबल इंजन सरकारें (शिंदे और केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार) यह सुनिश्चित कर रही है कि एक बार फिर महाराष्ट्र का विकास हो.' यह भी पढ़ें: मुख्यमंत्री के बेटे ने दी मुझे जान से मारने की सुपारी- राउत के बयान पर बोला शिंदे गुट- कितना घटिया हथकंडा गौरतलब है कि पिछले साल जून में शिवसेना के पूर्व नेता एकनाथ शिंदे के विद्रोह के बाद उद्धव ठाकरे की नेतृत्व वाली महा विकास अघाड़ी सरकार गिर गई थी. इसके बाद शिवसेना के 42 विधायक और करीब 5 सांसद शिंदे गुट में शामिल हो गए. उद्धव के पास केवल 15 विधायक शेष रहे. अल्पमत में आने से शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस की महाविकास अघाड़ी सरकार गिर गई और बीजेपी के समर्थन से एकनाथ शिंदे ने महाराष्ट्र में सरकार बना ली. एकनाथ शिंदे को महाराष्ट्र का नया सीएम बनाया गया. इसके बाद शिंदे गुट ने असली शिवसेना पर भी दावा ठोक दिया जिस पर चुनाव आयोग ने फैसला सुनाते हुए मान्यता के साथ तीर कमान का निशान भी उन्हें दे दिया. अब शिंदे गुट शिवसेना के कार्यालयों पर भी दावा कर रहा है. यह भी पढ़ें: ‘तीर कमान’ जाने से चिंतित उद्धव को चाणक्य पवार ने दी ये सलाह, इंदिरा गांधी ने भी किया था सामना शिवराज की नई आबकारी नीति की प्रशंसा की सिंधिया ने इसके साथ ही मोदी सरकार में केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मध्य प्रदेश की नई आबकारी नीति का समर्थन किया और कहा कि शराब पर प्रतिबंध होना चाहिए ताकि शराब से होने वाले परेशानियों को दूर किया जा सके. सिंधिया ने कहा कि यह विशेषकर महिलाओं के हित में उठाया गया है. शराब एक ऐसी बीमारी है जो आदमी को पूरी तरह से खत्म कर देती है और इसलिए इसके इस्तेमाल पर रोक लगाना जरूरी है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है. वहीं स्थानीय मुद्दों पर बात करते हुए केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि ग्वालियर में विभिन्न परियोजनाएं चल रही हैं, जो अगले कुछ वर्षों में इस क्षेत्र में तेजी से विकास लाएगी.